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Sugar Price Hike: महंगी चीनी पर Modi सरकार का बयान... Ethanol नहीं, ये हैं बढ़ती कीमतों की वजह |

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है... सरकार ने साफ किया है कि चीनी के दाम बढ़ने के लिए इथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। सरकार के मुताबिक... घरेलू चीनी उत्पादन उम्मीद से कम रहना... त्योहारों से पहले मांग बढ़ना... मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान... वैश्विक बाजार में सप्लाई की कमी और कुछ जगहों पर जमाखोरी-सट्टेबाजी इसके प्रमुख कारण हैं। सरकार ने चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए स्टॉक लिमिट सख्त की है... साथ ही एक लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति भी दी है।

The Indian government has stepped up measures to control the sharp rise in sugar prices ahead of the festive season. The government has rejected claims that ethanol production is responsible for the current price surge. According to the government... lower-than-expected domestic sugar production... rising festive demand... weather-related crop damage... tighter global supplies and possible hoarding and speculation are among the key reasons behind the increase. Authorities have tightened stockholding limits for bulk sugar consumers and have also allowed duty-free imports of one million tonnes of raw sugar to improve domestic availability. The government says these steps are aimed at ensuring adequate supplies and preventing further price escalation during the festive season.

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Transcript
00:00चीनी के बढ़ते दाम पर मोधी सरकार का बढ़ा आक्शन
00:0470 रुपए के पार पहुँची चीनी
00:06सरकार ने बताया एथनॉल नहीं है वजह
00:09देश में इन दिनों चीनी की कीमतों ने आम आदमी की चिंता बगा दी है
00:13चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं
00:15और कुछ जगों पर खुद्रा कीमत करीब 70 रुपए किलो तक पहुँच गई है
00:19त्योहारी सीजन सिर पर है
00:20ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है
00:23चीनी की कीमतों को काबू में रखना और बाजार में पर्याप सप्लाई बनाए रखना
00:27इसी बीच केंज सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ा सपष्टी करन दिया है
00:32सरकार ने साफ कहा है कि मौजूदा महेंगाई के लिए एथनौल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है
00:38दरसल पिछले कुछ समय से ये सवाल उठ रहा था कि पेट्रोल में एथनौल ब्लेंडिंग के लिए चीनी उद्योग से
00:44जुड़े संसाधनों की इस्तिमाल की वजह से बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है
00:49और इसी कारण कीमिते बढ़ी हैं लेकिन सरकार ने इस दावे को खारज कर दिया है
00:53सरकार की मताबिक एथनौल बनाने के लिए इस्तिमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में करीब 12 फीस दी
01:00था
01:00जो 2025-26 में घटकर करीब 9 फीस दी रहे गया है
01:04इसके लावा देश में बनने वाले एथनौल का करीब 3-4 फाई हिस्सा अब अनाज खासकर मक्के से तयार होता
01:11है
01:11सरकार की मताबिक चीनी के दाम बढ़ने की सबसे बढ़ी वजहों में उम्मीद से कम घरीलू उतपादन शामिल है
01:17मौजूदा सीजन में चीनी उतपादन करीब 306 लाख टन रहने का अनुवान है
01:21जबकि गन्ना उतपादक राज्यों का शुरुवाती अनुमान करीब 343 लाख टन था
01:26यानि उतपादन का अनुमान पहले लगाए गए आंकड़े से काफी कम रह गया
01:30गन्ने की फसल पर मौसम की मार भी पड़ी है
01:33कई इलाकों में जादा बारिश, जल भराव और बीमारियों के कारण उतपादन प्रभावित हुआ है
01:38दूसरी तरफ त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है
01:40गड़ेश चतुर्थी से लेकर दशहरा और दीवाली तक मिठाईयों और मीठे उतपादों की मांग बढ़ती है
01:46ऐसे में चीनी की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है
01:48यही नहीं अंतराश्ट्रे बाजार में भी चीनी की सप्लाई को लेकर दबाव है
01:52सरकार ने वैश्विक स्तर पर सप्लाई की कमी और कुछ जगों पर जमाखोरी तथा सक्टे बाजी को भी कीमत बढ़ने
01:59की वजहों में शामिल किया है
02:00लिहाज़ा अब सरकार कीमतों को नियंतरित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है
02:04जहाँ पहले चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट लागो की गई इसके बड़े थोक खरीदारों के लिए स्टॉक रखने की
02:10सीमा और कम कर दी गई
02:12अब बड़ी उपभूगता है एक निश्चित अविदी से जादा चीनी का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे
02:17इसका मकसद जमाखोरी रोकना और बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना है
02:21सरकार ने इसके साथ एक और बड़ा कदम उठाया है
02:24एक लाख टन कची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनमती दी गई है
02:28सरकार को उमीद है कि इससे घरेलू बाजार में सपलाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा
02:33यानि सरकार की कोशिश अब दो मोर्चों पर है
02:35एक तरफ जमाखोरी पर सिकंजा और दूसरी तरफ बाजार में सपलाई बढ़ाने की कोशिश
02:40हलांकि आम उपभूगता के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि चीनी कब सस्ती होगी
02:45तो सरकार का कहना है कि ऑक्टूबर में नया पेराई सीजन शुरू होने तक
02:49घरेलों मांग को पूरा करने के लिए परियाप्त स्टॉक मौजूद है
02:52लेकिन त्योहारी मांग के कारण आने वाले हफते काफी एहम रहने वाले हैं
02:56फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ

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