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  • 6 weeks ago
2022-23 में जलाशयों, टैंक-तालाबों में मिलाकर 6.23 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध था, 2024-25 में ये 12.63 करोड़ क्यूबिक मीटर हुआ, नवीन उनियाल की रिपोर्ट

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Transcript
00:05उत्राखंड में जंगलों से जुड़ी एक एहम तस्वीर पहली बार सामने आई है
00:10वन महकमे ने जंगलों में मौझूद जल संसाधनों की उपलब्धता का डाटा जुटाया है
00:16इस डाटा से पहली बार ये पता चल पाया है कि जंगलों के भीतर मौझूद वाटर बॉड़ी में कितना पानी
00:23उपलब्ध है
00:24साथी जंगलों में पानी बढ़ाने के लिए चलाये जारे प्रोजेक्ट्स का असर कितना हुआ इसकी भी तस्वीर सामने आई है
00:32अजिए देखिए वाटर निए तो एइनिमल के लिए वाटर गया होगता है
00:36और जादवर को हम कैसे दे सकते हैं महिया करा सकते हैं
00:53तकि उनकी पोपुलेशन भी इंकरीज हो और उनकी जो नीड है पानी की वह रोज की रोज पुरी हो
00:59For this, there are some natural water sources that are available in the form of Nadi Nalo or Gadero
01:06There are some seasonal and perennial sources
01:09However, in addition to this, we can make water holes in the jungle
01:17In some areas where water water is high
01:23We tap them with gravity methods
01:26Like you take the example of Raja Ji
01:28Raja Ji has a very good work of water holes
01:34Where the water is high, where the water is high
01:37And then they put them with gravity and water holes
01:41This is a very good example
01:43This is all areas like National Park, Sanctuaries, Tiger Reserve
01:46This is a large area of water holes
01:48This is a very good area of water holes
01:53And the water holes are filled with water holes
01:59You can tap them with water holes
02:02If you don't have to fill it through the water holes
02:12You need to fill the water holes
02:16तो 2022-23 के मुकाबले 2024-25 में टैंक और तालाबों में उपलब्ध पानी करीब 6.35 करोड क्यूबिक मीटर
02:27बढ़ा है
02:28प्रतिशत के लिहाज से ये करीब 103 प्रतिशत की वृद्धी है
02:33यानि दो साल की अवधी में इन जल स्रोतों में उपलब्ध पानी लगभग दो गुने से अधिक हो गया
02:40दूसरी तरफ जलाशेयों में उपलब्ध पानी भी करीब 0.054 करोड क्यूबिक मीटर बढ़ा है
02:47प्रतिशत के लिहाज से जलाशेयों की उपलब्धता में करीब 154 प्रतिशत की वृद्धी हुई है
03:17में पानी रहता है जो वेल सूख जाते हैं इनका डिफिजेंशन किया जाता जिस वेल में पूरा बारा महीने जब
03:23बिलकुल पीग गर्मी पट्री होती है जब बिलकुल जब बुन के लिए जानवर तरफ जाता है तो उन वेल को
03:27इंटिफाई करके उन वेल सी कनेक्टिविट
03:58अबरा महीन पानी रह को अर उस से लगए जो थोड़ी हाईट में पर को यह जाते हैं जैसे लेन
04:05वोटर आज़ हो और वोटर बोड़ दीचार्ज हो तो इसवेल सी कहला है और अभी के रेजल तब बिलकुल एकर
04:13बीग क्यों अब चाहर रहन स्रेंशन को लिए एक तो आँश
04:19foreign
04:20foreign
04:20foreign
04:21foreign
04:22foreign
04:52जहां प्राकरतिक सुरोत मौसमी हैं, वहां इन सनरचनाओं में पानी का बने रहना वन्नीजियों की आवाजाही और उनके आवाज की
05:01स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
05:04ETV भारत के लिए देहरादून से नवीन उन्याल की रिपोर्ट

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