00:03भारत में ऐसी कई आतियां से जगह हैं जो आज भी लोगों को अपनी सुन्दर्था और रहस्य से हरान कर
00:11देती है।
00:12ऐसी ही एक जगह है औरिसा का प्रसिद्ध कुनार्क सूर्य मंदर।
00:18ये केवल एक मंदर नहीं बलकि भारती अकला, विज्ञान और वास्तोकला का अजबद उधारर है।
00:27कुनार्क सूर्य मंदर का निर्मान तेरवी शताब्दी में पूर्वी जंगावंच के राजा नर्सिंगर प्रत्थम ने करवाया था।
00:36माना जाता है कि यह मंदर सूर्य देव को समर्पित था। इसकी कलपना सूर्य देव के एक विशाल रत के
00:45रूप में की गए थी, जिसे साथ घोडे खीचते हुए दिखाया गया है।
00:50इस मंदर की सबसे खाथ बात है इसके विशाल पत्थर के पहिये। मंदर में बने 24 पहिये केवल सजावट नहीं
01:01हैं बलकि इन्हें समयमापने के लिए भी इस्तमाल किया जाता था।
01:06इसकी नकाशी इतनी बाडिक है कि आज भी लोग इसे देख कर हरान रह जाते हैं। मंदर की दीवारों पर
01:16देवी देपताओं, नुरित्य, संगीत और दैनिक जीवन से जुड़ी कई कलाकृतियों बनाई गई है।
01:24ये मूर्थियां उस समय की कला और संस्कृति की कहाने बताती है। कई वर्षु तक ये मंदर समुद्रवे के नारे
01:34आने वाले यात्रियों के लिए एक पहचान की तरह था।
01:38इसकी भगवता देखकर विदेशी यात्री भी इनकी प्रशुशा करते थे।
01:44आज कुनार्क सूर्य मंदर युनेस्को की विर्ष्य धरोहर सूची में शामिल है। और हर साल हजारों पढ़ियतन यहां भारत की
01:54प्राचीन कला को देखने आते हैं।
01:58कुनार्ख सूर्य मंदिर हमें यह या दिलाता है कि भारत की प्राचीन संभिता कितनी सम्रिद और अद्भुत थी
02:07पत्तरों में लिखी ये कहानी आज भी पूरी दुनिया को भारत ये वास्तुकला की महानता दिखाती है
02:15लेकिन कुनार्ख सूर्य मंदिर की सबसे दिल्चस्प बाद सिर्फ इसकी भव्यता नहीं बनकी इसके पीछे चिपी सोच है
02:24मंदिर के पहियों की बनावट उसकी नकाशी और सूर्या की रोश्नी के साथ उसका सम्वंध देखकर लगता है कि उस
02:35दोर की शिर्पकारों को कला के साथ साथ समय और खगौल विज्ञान की भी गहरी समझ थी
02:43शायद यही वज़ा है कि साथ सो साल बाद कोनार्क सिर्फ एक इतिहासिक समारक नहीं बलकि आज भी दोगों के
02:53लिए एक रहस्य और शोद का विशय बना हुआ है
02:58अगर आपको ऐसी ही भारत की अंजान इतिहास और अद्बुर जगहों की कहाने पसंद है तो हमारे चैनल को जरूर
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