Skip to playerSkip to main content
क्या आपने कभी ऐसा मंदिर देखा है, जो एक विशाल पत्थर के रथ की तरह बनाया गया हो? ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर भारत की उन ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है, जिसकी वास्तुकला और रहस्यमयी कहानियां आज भी लोगों को हैरान करती हैं।

13वीं शताब्दी में बने इस मंदिर को सूर्य देव के विशाल रथ के रूप में बनाया गया था। इसके 24 विशाल पत्थर के पहिए, सात घोड़े और दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी उस दौर की अद्भुत कला और तकनीकी समझ की कहानी बताते हैं। इस वीडियो में हम आपको कोणार्क सूर्य मंदिर के इतिहास और इसकी अनोखी वास्तुकला के बारे में बताएंगे।
#konark #konarksuntemple #suntemplekonark #suntemple #odisha #temple #templetour #templetourism #suryamandir #odishatourism #travel

Category

🗞
News
Transcript
00:03भारत में ऐसी कई आतियां से जगह हैं जो आज भी लोगों को अपनी सुन्दर्था और रहस्य से हरान कर
00:11देती है।
00:12ऐसी ही एक जगह है औरिसा का प्रसिद्ध कुनार्क सूर्य मंदर।
00:18ये केवल एक मंदर नहीं बलकि भारती अकला, विज्ञान और वास्तोकला का अजबद उधारर है।
00:27कुनार्क सूर्य मंदर का निर्मान तेरवी शताब्दी में पूर्वी जंगावंच के राजा नर्सिंगर प्रत्थम ने करवाया था।
00:36माना जाता है कि यह मंदर सूर्य देव को समर्पित था। इसकी कलपना सूर्य देव के एक विशाल रत के
00:45रूप में की गए थी, जिसे साथ घोडे खीचते हुए दिखाया गया है।
00:50इस मंदर की सबसे खाथ बात है इसके विशाल पत्थर के पहिये। मंदर में बने 24 पहिये केवल सजावट नहीं
01:01हैं बलकि इन्हें समयमापने के लिए भी इस्तमाल किया जाता था।
01:06इसकी नकाशी इतनी बाडिक है कि आज भी लोग इसे देख कर हरान रह जाते हैं। मंदर की दीवारों पर
01:16देवी देपताओं, नुरित्य, संगीत और दैनिक जीवन से जुड़ी कई कलाकृतियों बनाई गई है।
01:24ये मूर्थियां उस समय की कला और संस्कृति की कहाने बताती है। कई वर्षु तक ये मंदर समुद्रवे के नारे
01:34आने वाले यात्रियों के लिए एक पहचान की तरह था।
01:38इसकी भगवता देखकर विदेशी यात्री भी इनकी प्रशुशा करते थे।
01:44आज कुनार्क सूर्य मंदर युनेस्को की विर्ष्य धरोहर सूची में शामिल है। और हर साल हजारों पढ़ियतन यहां भारत की
01:54प्राचीन कला को देखने आते हैं।
01:58कुनार्ख सूर्य मंदिर हमें यह या दिलाता है कि भारत की प्राचीन संभिता कितनी सम्रिद और अद्भुत थी
02:07पत्तरों में लिखी ये कहानी आज भी पूरी दुनिया को भारत ये वास्तुकला की महानता दिखाती है
02:15लेकिन कुनार्ख सूर्य मंदिर की सबसे दिल्चस्प बाद सिर्फ इसकी भव्यता नहीं बनकी इसके पीछे चिपी सोच है
02:24मंदिर के पहियों की बनावट उसकी नकाशी और सूर्या की रोश्नी के साथ उसका सम्वंध देखकर लगता है कि उस
02:35दोर की शिर्पकारों को कला के साथ साथ समय और खगौल विज्ञान की भी गहरी समझ थी
02:43शायद यही वज़ा है कि साथ सो साल बाद कोनार्क सिर्फ एक इतिहासिक समारक नहीं बलकि आज भी दोगों के
02:53लिए एक रहस्य और शोद का विशय बना हुआ है
02:58अगर आपको ऐसी ही भारत की अंजान इतिहास और अद्बुर जगहों की कहाने पसंद है तो हमारे चैनल को जरूर
03:07सुपॉलो करें
Comments

Recommended