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Kaanchli Hindi Romantic Full Movie Uncut Part 1
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00:23वक्त की ढलान पर हवा और धूप के किनारे
00:26इंसानों की एक बस्ती बसी थी जैता सर्थ
00:29आज देश में लोकतंतर की पुरजोर गोंच थी और सामन्ती योग पिछले जमाने किसी बात लगती थी
00:36फिर भी कहने को जैता सर के मालेक आज भी यहां के ठाकुर ही थे
00:42उनका वही ठाट वही उनकी बात
00:47ठाकुर साथ का वैसे तो नाम दुशन था पर जाने जाते थे अन्न दाता के नाम से
00:52यह अलग बात है कि अन्न के दाता आजकल खुद भाके कर रहे थे
00:56और अपने कुछ चुनिंदा गूली बानों के साथ मिलकर इस जरजर और नितांत अकेली हवेली की शोभा बढ़ानी की जद्दो
01:05जहत में लगे हुए थे
01:07गाड़ी जिंदिगी की धक्के से चल तो रही थे पर राग रंग और विलासिता से भरपूर अपने जवाने के दिनों
01:15पर इन्हें आज भी बड़ा नाच था
01:16तो बस जाकती आँखों से यादों की बरात संग लोहे के घायल गोड़े पर सवार होकर भूमा करते थे
01:26अपीद की अपनी कहानियों इस सब के बीच बस्ती मैं आज खुशियां किसनों की ब्याता का रूप धर के आधम
01:35की थी
01:35पूरे ठिकाने में खबर है कि साड़े तीन हाथ की देह में ऐसा रूप समाया तो समाया ही कैसे
01:45मानो कुदरत की बेजोड सुन्दरता ने कजरी की देह में शर्ण ली हो
01:55कजरी जस्यो बेजोड रूप बस्योई नाम नाम लेता ही मुमें पाणी पर जावे
02:07सच्छी
02:10मारो भरो सुन है तो मारो मन का बोल सुन
02:16थारोई नाम कुझे
02:21काई भी हो
02:31देख
02:34मन किस तरह धर्दर की जग्या घजरी बोल रहे है
02:41अरे तो हसरी
02:44मैं सच्छी क्या हूँ थारी सोगन
02:54चालिया वता
02:57कि मैं तो ने को सुक लागो
03:01अरे बोल
03:05मारो सुन मा को मन है
03:08तू तो मारो भरतार है
03:12अच्छा तुमारी या को भी है कि मैं थारो भरतार हूँ
03:16नाना तो बड़ी सी पकड़ी
03:23कि सर्या कि नारी की थोती
03:27घर्जा बंग रखी
03:30कसिदागरी सुरंगी जूती यार
03:34तुमारे बारे में बोल रही है यह मार कपड़ा के इसब के सागे तू इसे उब बाको जवान लागे हो
03:44गोना के बखत कि जीके बास्ते मैं हमेसा इधर्दी पर जनम लेती रहूंगी
04:11काचरी काचरी काचरी काचरी काचरी अंदाता
04:23तुने काचरी के बारे में सुना है कि सुन्यों है बहुत रूप की गुजरी है
04:29तु तही का साचा में ढलियो डील डॉल जागा चड़ियो जोबन लागे है जो अंग-अंग से मठो रीश्रियो है
04:44अंदाता की मुझ का बाल भोजा भोजा भोजा तुल जाता उल्जों के जाल भोजा भोजा भोजा
04:54तुने कुछ नई बात सुनी रे भोजा?
04:57हाँ सुनी ना हुज़ूर वो शास्री जी गुजर गए आपी कुमर के थे बड़ा अरे वो बात नहीं रे
05:04फिर? कोई दूसरी बात सुनी?
05:08अच्छा अच्छा हाँ हुज़ूर जो आपने सुनी है ना हुमेने सुनी नहीं है
05:16देखी है through my eyes नजरों से
05:20मैं जानता हूँ भोजा की नजरे कभी गलत नहीं हो सकती
05:26हुजूर हुजूर तो फिर जो सुनी है वो बिलकुल सहि है जोट एकदम जोट जोट जोट जोट?
05:40यह जुबान चाहे जितनी भी बख्वास करें लेकिन उसके रूप की तारीप नहीं कर सकती
05:48ब्यूटिफुल, अधुबहत, खरुवास के मेले में देखा था, लोगाईयों के बीच, मैलाउट, कंडा समझते हैं, कंडा, गोल गोबर, कंडों के
06:08बीच में ऐसा लग रहा थे, जैसे चान चमक रहा हूँ,
06:19बस उस दिन कजरी के खुबसूरती को देखके, एहसास हुआ कि हुजूर ने अब तक जितने भी औरतों के लिए
06:27हाथ पाउं मारे सब बेकार थे, मेरी चाकरी भी फुजूल थी हुजूर, सच, वेस्ट आफ टाइम, तो अब,
06:39अब, एक बात कहूँगा, वो और औरतों की तरह नहीं है कजरी, उसको काबू मिलाना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन हुजूर
06:48आप चिंता मत करें, आप तो खोद इतने बड़े योद्धा हैं, कितनों को पलड दिया आपने,
06:54हो जाएगा, अब तो एक ही इक्षा है, कि कजरी हुजूर के सेच चड़े, तब जाके मेरी चाकरी सफल हो,
07:02बस बस, बस कर, तुने ऐसी आग भड़काई है, ऐसी आग भड़काई है कि अब किसी दूसरे काम में मेरा
07:12मन नहीं लगने वाला, अब तो बस, तेरी आखों ही उ�
07:18सजे आखों हरे, अंदाता की मूछ का बाल भोजा भोजा भोजा भोजा, रखता दुनिया भर का हाल, भोजा भोजा भोजा.
07:28Ск Blaz.
07:30कोख लगी है क्या भंगरी?
07:32मुस्व से पूछ रहा है.
07:34चल्ला भी तो तुमी रहा है.
07:35अरे बटा चिल्ला मेरा हूँ, चिंता में तुझे पहली बार देख रहा हूँ, मदद करूँ कुछ, मदद, मदद, अन्दाता गाना,
07:44अटूट विस्वास हैं पर, भरोसा, भरोसा बिलकुल होगा, तु भरोसा की काविल ले, बोल हाँ, बस एक बार कजरी को
07:54अन्दाता के से�
08:05यह जो दिया ना, पाटनर, पर दिल से गहूं, दिल में ना, रड़क मस्ती है, पेन इन मैं हाट, पेन,
08:16अरे गाव की सारी ओटे तो खुश करने हैं तुझे ही लगी रहती है, ना, ना, कजरी आ लगए, ना,
08:22क्या लगए, बलाकी भी खूपत्रत हो, है तो प्रजा ना, रा
08:35दिख रहा है, अन्दाता की मूच का बाल, भोजा, भोजा, भोजा, सुल्जाता उल्जों के जाल, भोजा, भोजा, भोजा,
08:49कल रात अंदाता के दरबार में पांच बार अंदाता ने किस्णू किस्णू किस्णू किस्णू किया है
08:55साचे
08:57तो बढ़ दिमाग मुरा ही सोचेगा
09:00गुड न्यूज है टोटल गुड
09:02काई
09:03उनसे पर आप भादा किया होगा
09:06फाइदे की बात कर रहे तू
09:07अरे तू अन्दाता के special correspondent में हो जाएगा
09:11के special?
09:13रहन्दे रहन्दे ना समझेगा तू अंग्रेट जी है
09:15विशेश किरपा होगी
09:18साचे ही?
09:19साचे ही?
09:20अरे किस्णू फेर तो आपना भाग जा गया
09:22अरे इतना बड़ा बड़ा लोगा के साथ
09:24थारी उड़ बैठ होवेगी
09:26अरे बाग के साथ बाचीत होवेगी
09:28भाई कितो भलो है नी छोड़ो
09:31अरे मा मुझनों बिटो करा भाईरो
09:32अरे मा कहाँ? तू ही लिया
09:34नहीं बहुत बोल ले आएगी
09:35जाजा खान जाना लिया लिया बेटा जल्दी लिया जी दिए तो मारो तो काम वई जाए
09:41हो जाएगा हो गय संब्र अरे मारे भोजा बड़िया पंचम में भी शामिल हो जाओंगा क्यों मा?
09:49हाँ बेटा जो थारो बाप दे कर पायो वो तू कर लेगो अरे ले भाई
09:55हाँ हाँ हाँ जी तो मैं घर जाके खालूगा है भोजा क्या बोल रहा है जी भरके नहीं देखा पार्टनर
10:06है कभी-कभी ना रूप-सरूप दिखता नहीं है
10:11महसूस होता है मैंने उसे महसूस कर लिया अद्बद हुजूर की पुरानी अगली पिछली
10:25लाची कमली रूप-पती मदब सब पेकार दूल में मिला दिया सबको
10:37वैसे अंदाता के दिल में तुने आग तो लगा दिये भोजा आग आग लगा भी दिये भड़का भी दिये
10:45अब सूचना है ये मचान कब और कैसे बनाएं सही जा रहा है सोच
10:57पार्टनर अनिहारिन्यों की टोली
11:04रकोने जी की लुगाई भागी हां बार रिकल उपर देख ये तो मैं भूजा
11:13किसने का मैं गुंताड़े में लटका हूँ हूँ हुजूर
11:17अरे या तो थारी रग रख जाने है चल हट नी के और थारे बीच गए बरस के होयो मैं
11:22बताऊ के
11:23अरे मारे बाद छोड़ बरसु के बाद बताऊ अरे नो नो नो नो विकाउज अफ मी अपनी पोल पट्टी ना
11:30खोलो भाई गरबढ़ो जाएगी
11:35गेफ तेरे लिए तू रुपीज नाइंटी नाइन पैसे का है रख ले थैंकू थैंक्यू से काम नहीं चलेगा एक काम
11:44कर दो मेरा बस बोजा इमें थारो फाइदो होतो हो निकलतो हो निकलतो है तो मैं कर सका हां सब
11:51भगवान को परसाथ चड़े और पंडित भूका रह जाए गुट बैट अगली ऐसा नहीं होगा
12:09रूपा हां एक बात तो बताओ यह मरत लोग कई औरता कर लेवे हैं तो के औरता भी एक सुजादा
12:16मरत कर सके हैं
12:17मने के पतों मी से पूछ कजरी से लीको गोनो अबारी हुयो है मैं मैं के बताओं अरे जो तेरे
12:27मन मैं माने भी बता घर के घडा के पानी के सिवाए दूजी ठोर के पानी सु कुल्लो करनों भी
12:34पाप है
12:38ले इन अपन भरतार के सिवाद दूसरों कोई मरत नजरी ने आवा है दनियामा
12:42तो के बाकी का सारा मरत ना मरत है
12:48तो इस यो बाको जवान लागे है किसना किची के वास्ते मैं हमेशा ही धर्दी पर जनम लेती रहूँगी
12:59घर के घडा के पानी के सिवाए दूसरे ठोर के पानी सु कुल्लो करनों भी पाप है
13:08अरी वह बहुत भोली है जमाना की हवा उनके पास आई भी नहीं अबारताई
13:14अरे नहीं भोद उसे आ रहे वा इमके है कि काना ने पतो भी न चाले और नाका चना चबवा
13:20दे
13:20अरी कहावा तो सही बोल पड़ एक बात तो है भोजा कि मा की प्रेमा सरी को मगज नहीं है
13:27उनके पास
13:28क्या बोलती है
13:30पनीशी उल्टी खो प्रिसू मगज मारी करवा में ची तो महरो भी बहुत खबरावे है
13:37मगज मारी तो करनी पड़े इप्रेमा
13:44अन्यदाता की सेच चड़ो और आपनी जोली में एक कुण्य और डालो
13:48हुजूर उपे ही मेरबान होवे हैं जो बग के हिसाब की हो
13:52तो काई मा सब में सू कोई भी लायर नहीं जो हुजूर ने खुछ रख सके केवल कजरी
14:01हाँ मतलब एक तू ही तो है जी को रूप उजूर ने दिवानों कर सके हैं
14:06असी बिसर में मने ठीक नहीं लागे हैं
14:08इमें बेजर में कसी मारी लाडो यह तो बड़े इच्चत की बात है
14:13औरत की इज़त उके भरतार से होवे ना कि परायमट सागे गलबईया कर बासू
14:17दूद नहीं मेरे बासे तने सब धोलो ही दिखे हैं
14:20दुनिया मात काला कार नामा होवे भी है और मानक करनों भी पड़े हैं
14:25चत काली भेस को दूद धोड़ हो सके है तो फिर मैं काला की फिकर क्यों करूँ
14:29मारी जट उमारे घर में है बस
14:36भोजा मैं तो कोसिस कर था खारी कजी मां की कशी बात में नहीं आवे
14:43अब तो लागे है हंडिया को दई हंडिया मा और बिलोना के छाच बिलोना में हिरेवेगी
14:59वेलकम अन्दाता यह यह जगह देख लीजिए अरे अरे किष्णू अरे अन्दाता पदारे भाई डारेक साक्षात
15:16अरे पदारो अधारो छोड़ो बेटा आस तुमारी परिच्छा है अन्दाता खुझ मेंगे इन्दाता अन्दाता खुझ तोचू उलका खासंपा यह तो
15:32दिखना मता है
15:47अरे मा अरे मा मा क्या कर रहा है नहीं बहुत है अरे कजरे जातो अन्दातारे वाते जल पांद्रो परबंद
15:58कर ने ने ने किसनो नहीं रहने दे सब ठीक है
16:03सुना है तेरे पास कुछ अच्छे नसल की गाय है खुकम सब आप रही है आप रही किरपा बढ़ी रहा
16:10है यहीं माना होते खुब है बस तु दूद दही का इंतिजाम रखे रहा है खुकम मालूम है अन्दाता ने
16:17तुझे नौ रतनों में से शठा रतन रखने का फैसला किय
16:21अच्छे नम बना नाता ता तो यह आपी कल बोले थे लगा के हां हां किसनु तुभी खास आद्मी बन
16:29जाए है हवेली का आपरी मेरबानी हो कम महा तो आपरी प्रजहा हो कम आपरी किरपा बढ़ी रहे यहीं खुब
16:36है मनास्ते
16:46यह तुफान कहां से आजया है यहा यार गोपिलाल इतने दिनों बाद अनदाता ने डीजल भरवाय था अनदाता टेक्निकल प्रॉब्लम
16:56था
16:56अरे तू कुछ वहाँ ज्यादा नहीं बग गये अनदाता ने तुझे अपने नौरतों में शामिल करने का फैसला किया है
17:02अनदाता मुँपे संसती जी अचानक निकल गई अरे वो अकबर महान थे जो नौरतों को छेल सके यह तो जानता
17:10है हविली में एक दो नौकर पल जाए वही बहुत है आपकी दूआ से साल में एक दो चिकेन पीस
17:15मिल लियाता है वरना अनदाता बस डूं ठिंक सो मच मुझे �
17:20बता ना पस कुछी दिनों में कजरी आपको अपने पलकों पर बिठा लेगी बाकी युद्धा हुई आप
17:26पर तु कहता ठीक था भूजा ये कजरी है औरों से अलग है
17:36अब इस पर काबू पा गया तो ही अपने पुर्खों को मुझ दिखा पाऊंगा वरना लोटा बर्बानी खुब है डूब
17:45मरने के लिए
17:45हुजूर मरे आपके दुश्मन आप तो इत्ते बड़े योद्धा हो कितने को पलट दिया हैसी बाते शोबा नहीं देती आप
17:51चल चल गरम पानी का इंतिजाम कर वाब शुआगे गरम पानी का इंतिजाम कर बैटाप आएंगे फिर नहाएंगे
18:14किश्नू नहीं है क्या
18:20अरे क्या पूछ नहीं हो क्या आसपास ही होगो इंभी हाजावेगो
18:30किश्नू को मैंने भेजा है दूसरे गाओं आपकी खाते
18:36एक से बढ़कर एक गाय जमा है यहां किश्नू के बाड़े में
18:43तू भी तो कुछ लाई होगी गवने के बखत अपने घर से क्यों
18:56कजरी अरी कुछ बोल दे अधाता बात कर रहे हैं
19:04तेरे हस्बंड को बराबर में बिठा दिया है नोने तॉप वाट यह वांट यह कमली और वा जसोदा तो यह
19:13मारे पीर की
19:18कि बहुत जोरदार नसल है कि इतनी बार ब्याई है यह तेरी कमली और पूरो ध्यान में यह सुनाय नहीं
19:33दिया जरे जोर से बोल पूरो ध्यान नहीं अरे हमें तो लगता इसका खुद का ध्यान नहीं
19:39कि अभी अभी दूसरों कर ध्यान दे देते हैं इहर देखना कि इसनु आय तो कह देना अंदाता आयते साप
19:52छाथ आता ना रेत प्लड़की है अब बोलो पुर्षी मंगा दू चला भी
20:27कि के बात हैं मैंने आई रिगे हैं किसने इक बात तो बता
20:38कोई थारी सबसे प्यारी चीज जीनबा की कोसिस करे तो तू के करेगो जीनबा नी तूंगो
20:49अर कुई जोर जबरतसी करे तो थारे किसना के आगे घंडो भी जोर चलवा लो नी है पन या बत
21:02तो क्यों बुछ रही है
21:06पस थारे मन की टोले रही हूं ना कोई तो बात ज़रूर है बता क्या बात है
21:20क्या बात है काई भी आप मने ठाकुरारू मोजा का मनसूबा ठीक ने लागे है
21:34मतलब थारे से क्यों लागे हो जला तूद की गंद की बढ़ जावा के बात भी नी छूटे है तो
21:42भी ठाकुर के मेला मन की बास किसी आनिया दिमने
21:47थारो मतलब है उद्वनों की नेचर थार पे बुरी है हां
21:59कठे जा रहे हुए ठाकुर ने बताबा कि पराई लुगाई पर नेसर डालबक को के परिणाम होँए नहीं तू नी
22:07जावेगो
22:09क्यों नी जाओंगा उगाउ को ठाक रहे है और मैं छोटा लोगा मैं आज ये छोटा बड़को फेती मिटा दूंगा
22:16छोड मने किसना छोड किसना छोड किसना किसना रुक जाओ
22:37किसना जाओ
22:57झाल झाल
23:47झाल
24:10वाव
24:16दिख भुजा
24:18इस बार अगर चूक गए तो गए
24:21संजुक मौकर बार बार ऐसे हाथ नहीं आता
24:24ना आप तो इतने महानियोद्दाव कैसे चुकोगे आज तो कुछ हो गई
24:30कजरी
24:33किस लू नहीं है बाड़े में
24:35अरे तुझे बस बैलो की फिकर है ठाकुर साब की फिकर ही नहीं है
24:39इतने दुने से तलब रहे हैं कुछ कर दे करा दे
24:44कि महाल बना है बस अंदाता इन्योग्रेशन निवेश्चरी कजरी सुनतो देख
24:52मैं सच कहता हूं कि तेरे रूप की सुंदर था के बारे में जितना सुना था
24:58तो तु उससे भी बढ़कर सुंदर है
25:07अरे भोजा भोजा
25:11अरे ठाकुर साब गिरा दिया इसके मुश्किल बढ़ा इस लड़की ने भाई अरे उठो अंदाता ये सब उता ही रहता
25:18मितलब
25:19उठों उठों उठों उठों अब बजात और अच्छे रिष्टा निभावगे तो ऐसे ही दुन चाटनी पड़ेगी और क्या
25:27तु कहें तो इसा रांड के ना कान कटवा कर बक्ती सी तोड़वा दें आपकी मर्जी कर देते हैं लेकिन
25:34जब सब कटवाद होगे तो हुल्या कदर लियागा ना कोई मतलब नहीं रहगा ना मतलब
25:39हें कहों तो मैं बात करूं कि ए बात किसको बताया नो मानेगी बूब है मानेगी तो इसकी जाया भी
25:46है
25:51कि अरे नो नो नो नहीं मान जा गुज्टा टूब तूब भरी गुज्ट
26:02मैंने तुम्हें माफ किया, पर ये ठागुर साब की पगड़ उचालने वनी बात ना, किछो बताना नहीं, उली मैं एंड
26:10यू, ठीक है, बरी गुड, देखा, मान गई
26:54बांधी निगाहें जुका के जडोरी, व देखा, मान गई
26:58वो धी में से खुलती सी जाए
27:06सोई थी मन की हां मर्जी है
27:09अब तक उसे आज मन ये जगा है
27:19बादी निगाहें छुका के जो डूरी
27:21वो धी में से खुलती सी जाए
27:24सोई थी मन की हां मर्जी है अब तक उसे आज मन ये जगा है
27:30ये उड़ना चाहे उड़ना चाहे मन तितली की तरा
28:15गणी खुस नजर आए रही है काई बात है
28:19गुडखोपरा खिला तो एक बधाई की बात सणाओ चलहत एक बधाई दो बार सणावेगी आसा ठेरवा की खुस कबर तो
28:25तू पहला ही के चुकी है अत्रों ही बुलकी तू यह आपा दूसरी है तो गुडखोपरा की हाथों भर पहली
28:31अरे गुडखोपरा के है चोखा ला�
28:53विचार दोन्यों समझा को नी और इत्तों समूले के चल गया पाच्छा
29:00यह तो बहुत पूरो भी हो
29:05तो अरे मालेक नी मान मर्यादारो थोड़ो तो क्या अलगनों चातो इनने मान मर्यादे के कूंड सी बात है उबखद
29:11गुस्तो तो इसी वाए कि उना स्मेटा की गर्दे अपास बंद कर
29:15करें आसा था कि पूल भूलता था ने स्रम को नी यावे अवे अरे बंद आता तो असिय है चालता
29:21फिर तहीं छोटी बंटी चूल कर देवे
29:23यह तदे छोटी-मोठी चूल लागे है और कही कर जाता था तो
29:29अरे तु तो रो लागी वेंडी, अरे मैं तो तने यह हम जाई रहे हो, अरे रो मत, यह रो
29:39काम थोड़ी चाले, मत रो, अठे चल, अठे चल, अठे अरे रो रही है वेंडी तु, चुप जा, होण मारी
29:47वात अपे, बैठ आटे, देख, असी मुरगताँ व काम कोनी चाले, अर
29:55यह कदी बदल सके है कई, और पाणी में रही ने मगर मैं से बेर कर सका कदी, आपनी अकल
30:02और समझदारी के बल पे बखत कर जाई, यही खुब है, वैसी आपने घर पे मालिक री मेर गणी है,
30:10और भोजो तो आपने भाई जून है, है के नहीं, और यह घोरा मरा रोगो कई व
30:25कि गिरिश्ती चराणों कर तो टेड़ो और मुश्किल काम है, रे आतरी बढ़बढ के पाचे, अब तो समझाई होगी, मैं
30:35कहे रहे हूं, अकल आई के नहीं, अकल तो तेर सबेर आनी ही, थारोस यह रूप देखने, पत्थर को भी
30:44मन डोल जावे कजरी, थूरती रूबारी
30:47नवेती, तो कोई जन्जटी ने वेतो, रूप को रूप कोई चाबा सूनी होवे, इत थारे में हिम्मत नहीं, तो के
30:57मूँ बाढ़ लू आपनो, रूप रोत्रों घवन ठीक नहीं है कजरी, घर में सोड़ा नो खंजर वे, तो मने कामने
31:04पेठ में नहीं ठाले, गोबर था�
31:09यह से बीस ओरताला सको घर में, और अन्यताता रोहासर छोड़ने, कठे जाओंगो में, तो ठीक है, फिर तू हुकुम
31:18देदे, मैं दिन्दाहडे ठाकुर के साखे सो जाओंगे, रवेंडी मेन थने असी वात कदी के दी, जब थारे में जे
31:25वी, तो कर दी रोके से नहीं रो
31:39से कदी कोई सिकात नहीं करूंगी, अब तो भी कई भात लेने बेठगी, बेकार के जंजट पे बात्र, हाँ, एक
31:51हाँ बता, वा अपनी काबरेगाय हारी भी के नहीं हाँ, हाँ होग, बढ़िया काम्भियो, मने भूग लगरी, मा, अरे, खावारो
32:04कोई हैं के नहीं, मने भ�
32:14जनम के नाते छोड़ चली, नए नए बंधन जोड़ चली, चली मैं जाने कहां आके ली, अंजान नगरी आरे
32:40यहाँ मैं अपने छोड़ चली, वहाँ मैं सपने उड़ चली, चली मैं जाने कहां आके ली, अंजान नगरी आरे
33:03पराया देसे बेगाना, ढूंड रही मैं कोई पहचाना, घीड में भी मैं तो हूँ अके ली, अंजान नगरी आरे
33:31खुले जब रस्मों के धागे, भाव मेरे मन में कुछ जागे
33:40जिन्दगी लगने लगी सहे ली, अंजान नगरी आरे
33:55रिवाजों की रुत बेत गई, रीत की गागरी रेत गई, रह गई
34:05मैं बेजान अके ली, अंजान नगरी आरे
34:25मैं बेजान नगरी आरे
34:59को भी होगी हो, हां मारुमन ठीक निये
35:08हाए
35:08क्या हो गया अंट
35:10साय दूलती हो बेगी
35:23पुल्टी ये बारी वेड़ी
35:47मतलब है उदोला कि नचर थारे पे बुरी है कठे जारे हो है ठाको ने बदाबा कि पाराई लुगाई पे
35:53नचर डालबा को के परिना भोगे नहीं तु नी जावेगो क्यों नी जाओंगा उगा ठाक रहा और मैं छोटा लोगा
36:00मैं आज ये छोटा बड़को भेधी मिटादू
36:04थारे मालेक नी मान मरे जादर हो थोड़ो तो क्या लखनो चातो इमें मान मरे जादर के कुण सी बात
36:09है वोखत गुस्तो तो इजी वाए नी उना समेड़ा कि करने तो थारे किसना क्या आगी घंडो भी जोड चलवालो
36:28नी ए
36:30और यह अनदाता लोग जस्या है वस्याई रही और पाणी में रही ने मंगर में से बीर कर सका कदी
36:44अगर थारे पे मनें दूजोई को मानों किसमों एक घड़ी में हजार परसा की समत सागे यागे
36:57अड़ी पूजोट
37:12अड़ी पूजोट
37:27हुजोट सब खेरियत क्या खेरियत
37:36लगता है तेरी अकल को भी जंग लग गया है
37:40अरे अभी तक कोई बात क्यों नहीं जमी
37:45अब हुजोट वो कोई
37:48बेर नी मोली तो है नहीं कि कोई भी तोड़के खाले
37:51कोशिश तो कर रहा हूं ऐसी चीजे बड़ी मुश्किल से मिलती है
37:57और जब मिल जाती है न तो आनन्द आ जाता है आनन्द
38:05बड़ गौट प्रमिस हुजूर आविल टेक क्यार मरते दम तक
38:10यह तो मुझे पूरा भरोसा है
38:16कम बर्द बादूं
38:27तू अब भरोसे का कारिंदा नहीं रहा भूजा
38:32मैं यह खुद अन्दाता अपने भरोसे के नहीं रहे
38:35अन्दाता कैसे
38:38औरत के एक वार से व्योशी चादई वहाहों के अन्दाता बने गूम रहे
38:43बिंजरे में बैटके में कभी-कभी सोचता हूं भुजा कि जो जितना डरता था अन्दाता उसको उतना ही डराते थे
38:49लेकिन यह तो खुद ही डरे हुए
38:52डर गए ना
38:54दार गए ना
38:57दाट्स वाई
38:59समद रहा हो
39:00हवेली जाने का मनी नहीं करता है
39:02नो रिस्पेक्ट यार
39:05सच है
39:06अब ऐसी उमर बे तो नहीं रह गए तेरी
39:09और उपर चे एकल छड़ा
39:10अरे क्यों करेगा ऐसा काम
39:13बिलकुल
39:15और कजरी जैसी ओरत के लिए तो
39:19ना
39:23पार्टनर
39:25तू अभी उससे मिला नहीं है
39:27मतलब देखेगा न तो
39:29शीजा
39:32पीस ओफ आहा
39:34वो जाके
39:35दिल में उतर गई है
39:37सोच
39:38वो माखनिया सिंगा
39:41तेरे गले में बाहर डालके जूमे
39:43समझ रहा है कि नहीं
39:46ठीक कर रहा है
39:50वो
39:54वो माखनिया बाहर वाली बात
39:56फिरसे बोलना
39:59वो माखनिया सिंगा
40:01तरे गले में बाहर डालके जूमे
40:04पस
40:05पस पस पस पस
40:07पातनर पास
40:11पस
40:15कुछ लोगों की तकदीर
40:17सोते में भी काम करती है
40:22वो
40:24कौन भे
40:25पता नहीं सो रहा हूं
40:26मैं बिर्जू
40:28किष्णू का बाड़ा सो आई हूं
40:30तरे नहीं किष्णू की मा बुला रही है
40:33बाड़ा मैं एक घेंस का ब्यावन को बकत आगए
40:37तो वाट टू डू
40:40अरे क्या डू
40:42तू मत भूल तू अकेला गाओं में जो गाय भेस ब्या सकता है
40:46आखोल
40:48पातनर तू भी तो मत भूल की मैं सूने से किताब प्यार करता हूं
40:53अब सोते सोते तू भी यह मत भूल की भैस किष्णू के बाड़े की है
40:57कजरी से मिलने का सुने रहा हो सर आखोल
41:04कजरी
41:08क्या बोला दक अलात में मा खनिया बाहें बोला
41:11वो हो
41:13वो मा खनिया सिंगार
41:16तेरे गले में बाहे गाले जूमें
41:18सोच
41:22किष्णू की माने के बोलू
41:24क्या बोलतो सरी के बोलू मैं
41:30क्या बोलेगा
41:31बोल दे बेट
41:35कमिंगिन दवीक
41:44चलता हूं
41:51जलन के शिकार
41:52तू जलन के शिकार
42:10तू जलन के शिकार
42:11किया गुगरी लेया प्लीज
42:13अबार लाई
42:16जलन
42:17जलन
42:19मुव पास्त
42:20आगे आगे चल
42:21आगे
42:23जलन
42:24जलन
42:26जलन
42:35जलन
42:45जलन
42:47दिखा दे
42:49बचड़ी हुई है
42:51पेमिली मेंबर
42:54जलन
42:55जलन
42:58हाथ दोला दे
43:04किस्णू नजर नहीं आ रहा है कहा गया हुआ
43:06विरादरी के काम से उत्पूर गयो है परसों आ जावेगो
43:10अच्छा
43:10या तो सही बख़त पे सब काम होगे तो जान बजगी विचारी की नहीं तो तड़प तड़प के मरती गाय
43:16के तड़पने की फिकर है तुझे या इंसान तड़प पना है कोई फिकर ही नहीं
43:21कि इस दिन की बाद भूल गयों और उसी दिन से तो हिंमत बनी धुरप बन गी थी तू बस
43:27अब तो मरना तेरे ही हां तो होगा अब या तो तू तार दे यह मार दे
43:35तेरे सूरज के उजाले में तो भागे को भी जगए मिल जाती है तेरे रूप में यतंती सी JAMES हुआि
43:43पर्सु शाम झाले अत्ijnी हाज ऑज़
43:59करेंगी और इससे बढ़िया मुरत तो पंचांग में भी नहीं मिलेगा पंध मारी पंचांग में तीन दिना ताइ कोई मुरत
44:10में मारी है और आगे याप बचली विया बचली अब तो दूद्धाई की नदी बहेगी साचाई हा मन तो थारी
44:20हाथ को भरोसो हो रहे है चलो चलते
44:22अरे चालियों कठै मूँ तो मीठो कर जा अरे वो परसों कर लेंगे परसों तिक है परसों तो भलो है
44:35नी सुरू से ही अपना घर पे भली नजर रही कि हाँ अर हाँ बिर्जू कठै बाच्छी के पास हो
44:43बेगो अच्छ अरे बिर्जू यह कमली के गला में कडबन क्यों वा�
44:52कारियों वारान मुण मुण के आप रोई दूद पीवा ने आरी
45:21क्यों ग्रस्ती की बर्यादा निभाड़ों बुस्किल हो रहे है
45:25नहीं तो तो फिर जमाना के सामने ठाकुर को अपमान करबा वाली कच्री
45:31खुद आपना मूँ से भोजाने मिलन कुन्यों तो किसी यह दे आई
45:37कई सुड़ी बाता पिताव ना आयो तो के जद रूप रूप हो जाने मारे सागे देखेगो
45:41तो जरूर खुन उबल जावे को किसना को नहीं अगर भरतार की असल पहचान की चामन में ना होती तो
45:56पराय मट से यहा को बोल सपना में भी ना बोलती
46:16औरे क्या हुआ
46:19अंग्रेजी गड़ी के हिसाब से तो बखत मेरा अच्छा चल रहा है तू क्यूं हस रहा है इतनी रात गए
46:25तो भी तो बड़ा खुश है इतनी रात गए
46:27मेरी खुश की बज़ा वो दो तू अच्छी तरह जाता है
46:33कजरी कजरी आए पुशी बड़ा बस आज की रात काट लूँ तुझे तो मालूमी है दिन बताने में मैं माहिर
46:45हूँ
46:46फिर सारी तड़प मिटा दूँगा सारी तड़प
46:49यह तेरी भूल है कजरी मिल जाएगी तो तड़प कम होने की जगे और बढ़ जाएगी
46:55यही तो मैं चाहता हूँ पार्टनर
46:59आज थे कुए मिला ही नी
47:25किस नूँ जा बड़ा में जा अर्भीननी नलिया
47:30अरे आई जाई माई रोज तो आए है
47:32अरे पना आज बात दुज्जी है रे
47:34कह रही ही के पहली बिन आपना गाव का रंगडंग पतो निया
47:38एक ली जाबा में डर्भा लागी है
47:40जदि आपनो मन बस में वे तो कोई डर नी है मा
47:43वा सब तो ठीक है रे
47:46पर तू तो जा जा लिया विन थीक है जाओं
47:50मारी के दिन आ है
47:51कह जा गजे बात याओंग याओंग याओंग याओंग याओंग याओंग शार वाहा सिए बात वाहा दो टो है दो जावादी
48:19बकरी, मेरी बकरी, बकरी, मेरी कछरी, बकरी, आगे.
48:34अरे वाह! आजा!
48:38ठारो भाई, आरे हो ए? भाई, मारो? भाई, बारो? अरे यह बूतनी का कहाँ से आगया? अभी तो कुछ हुआ
48:45नहीं, यह आगया? क्या करें?
48:47छुपचा? तुम्ही छुपा दो.
49:05छुपा लो दिल में, अरे, तो कि आगे हो आगे हो आगे है?
49:17तो ही तो माने बोली. अच्छ! जादा बाता ना माना? भूसो खड़ले जाने है? बूल्जे मती.
49:22ले जावांगा भूसो, आण में कही है? क्यों नहीं लेवांगा भूसो?
49:29कुणे वाई अटे? कुणे अटे? यह तो मैं भूजा. भूजा? हाँ. तू अठे मारा बाडा में? हाँ.
49:42अरे यह घर तो डाकन भी छोड़े है भूजा? अरे डाकन की छोड़? सरकार के पार रिपोर्ट आई है. रिपोर्ट
49:49समस्ता है? मतलब?
49:51मतलब अंदाता की किसी ने कान भरे हैं कि तू अपने जानवरों को चारे में जौर मिला के खिला रहा
49:58है और तू खिला भी रहा है? मैं देख रहा हूँ. अब बता मैं क्या करें? बता.
50:05थारी सोगन भोजाब सरकारी काईदो कानन तो महने पतो को नी. अब मारी इज़त थारे हाथ में है भाई. अरे
50:14इज़त, थारी इज़त, मारी इज़त. अब अंदाता को क्या रिपोर्ट करें? अंदाता को भी आगे गवर्मेंट को रिपोर्ट करना पड़ता
50:21ही नहीं करना
50:22पदता है पता हाँ नहीं क्या खाक देख लिये तुम में लाम ही जाने राम जाने ने जाने पर तू
50:29तो जाने ही है तुब बचमय बड़बर मत कर आएगी यह उना भाई भाई गलाट समय दू रहे हो बड़वाई
50:35नहीं कर देती अरजा तो तु तु यह पोर और ऊठ़ेना आ
51:18आपना बाड़ा में देखके बिल्कुल भी अजीब कोणी लागया
51:21आपना अजीब का इये, र हो जो तो आपना दोस्त है, ही भाई जुए वो तो, हाह जो हम फैलारी
51:27बादा मत खोच, तो अज इसे बात मत होच, एश्या बार-े निबे चल कर चल दिए बाई रिए चल
51:38कम देखके दिए
51:54हुआ हुआ हुआ है
52:34हुआ है है है है है है है यह तुम्हें भोजा है है है हजबन किशनु को साथ ले आई
52:44नो वे ना तान्दा पिठा के दोलाई नहीं है
52:50आगे हुमारे पाच्छे कहीं शक्तों नहीं हो गया उसे लागे तो इसी हुई है आजकाल बाद बाद पर भेंगें
53:02आगे है
53:03सोस्तित है
53:04आगे आगे
53:04आहे
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