00:00भारत और बागलादेश के रिष्टों में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है
00:03एक तरफ दोनों देश बाचीत के जरिये रिष्टों को सामाने करने की कोशिश कर रहे हैं
00:08दूसरी तरफ पुर्व प्रधानमंतरी शेक हसीना का प्रत्यरपन ऐसा मुद्दा बन गया है
00:13जिस पर धाका और नई दिल्ली के बीच मतभेद लगतार गहराते जा रहे हैं
00:17सबसे बड़ा सवाल इस वक्त बंग्लादेश की प्रधानमंतरी तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर है
00:22जाका की तरफ से संकेत दिये गए हैं कि अगर भारत यात्रा के लिए अनुकूल राजुनितिक और कूटुनितिक महाल नहीं
00:28बनता
00:29तो इस दोरे पर दुबारा विचार किया जा सकता है यानि कि इन रखली धमकी दिया जा रहा है कि
00:33वो भारत नहीं आएंगे
00:34यानि जिस यात्रा को दोनों देशों के बीच समवाद बहाल करने के दिशा में एहम कदम आना जा रहा था
00:40अब उसी पर शेक हसीना के प्रत्यारपण का साया पड़ता दिखाई दे रहा है
00:44क्या है पूरा मामला आई आपको विस्तार से बताते हैं नमस्कार
00:46मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:49दरसल 2024 में बांगलादेश में बड़े राजनितिक उथल पुथल के बाद शेक हसीना भारत आ गई थी
00:55इसके बाद बांगलादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और हसीना के खिलाब कई गंभीर कानोनी मामले दर्ज किये गए
01:00बांगलादेश की मौजूदा सरकार लगातार भारत से उनकी वापसी यानि की प्रत्यरपण की मांग करती रही है
01:06भारत के सामने चुनाओती ये है कि प्रत्यरपण का फैसला सिर्फ राजनितिक आधार पर नहीं लिया जा सकता
01:13भारत और बांगलादेश के वीच 2013 में प्रत्यरपण संधी हुई थी जिसमें 2016 में संशोधन भी किया गया
01:20इस संधी के तहट किसी भी प्रत्यरपण अनुरोध की कानोनी शर्तों और परिस्तितियों के जाँच जरूरी है
01:27मामला इसलिए भी सम्मेदंशील है क्योंकि हसीना के खिलाफ बांगलादेश में गंभीर आरोप हैं और उन्हें उनकी अनुपस्तिती में मौत
01:34की सजा सुनाये जाने की खबरे भी सामने आ चुकी है
01:37एसलिए भारत के लिए ये फैसला कानोनी के साथ-साथ मानविय और कूटनितिक पहलूँ से भी जुड़ा हुआ है
01:44अब सवाल है कि बांगलादेश शेक हसीना की वापसी पर इतना जोर क्यों दे रहा है
01:49इसका एक बड़ा कारण बांगलादेश की घरेलू राजनीती है
01:52हसीना और उनकी पार्टी अवामी ली को लेकर वहां राजनीतिक ध्रोवी करण बहत गहरा है
01:57मौजुदा सरकार के लिए हसीना की वापसी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा है
02:00अगर सरकार उनकी वापसी सुनिश्युत करती है तो इसे अपने समर्थकों के सामने बड़ी उपलब्धी के तौर पर पेश किया
02:07जा सकता है
02:08वहीं अगर भारत से उन्हें वापस लाने में सरकार असफल रहती है तो विपक्ष उस पर कमजोर विदेशनीती का आरोप
02:14लगा सकता है
02:15लेकिन इसका असर सिर्फ बांगलादेश की राजनीती तक सिमित नहीं रहेगा
02:18भारत और बांगलादेश के रिष्टे व्यापार, सीमा सुरक्षा, उर्जा, कनेक्टिविटी और जल संसाथनों से जुड़े हुए हैं
02:26दोनों देशों के बीच लंबी सीमाए हैं
02:29और भारत के पुर्वोतर राजियों के लिए भी बांगलादेश की भागौलिक स्तिथी बेहद महतोपुर्ण है
02:34इसी बीच बांगलादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते गतविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हो चुकी है
02:40लेकिन पाकिस्तान के साथ रिष्टे बढ़ाने का मतलब ये जरूरी नहीं कि बांगलादेश भारत से पूरी तेह दूरी बनाना चाहता
02:47हो
02:47आर्थिक और भगौलिक अस्तिविकताएं धाका को भारत के साथ संबंध बनाये रखने के लिए मजबूर करती है
02:54अब अगर भारत शेक हसीना को बांगलादेश भेश देता है तो वहां उनकी बापसी के बाद राजनितिक तनाव और कानून
03:00विवस्था की चुनोती दोनों ही बढ़ सकती है
03:02दूसरी तरफ अगर भारत प्रत्यरपन से इंकार करता है तो धाका में भारत विरोधी राजनितिक बयान बाजी और तेज हो
03:09सकती है
03:10यानि दोनों रास्तों में भारत के सामने जोखिम है इसी वज़े से तारिक रह्मान की संभावित भारत यात्रा बेहत महतोपूर्ण
03:17हो जाती है
03:18अगर यह यात्रा होती है तो दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा और छेत्रिय सहयोग जैसे मुद्दों पर बाचीत
03:25का रास्ता खुल सकता है
03:26लेकिन अगर ये यात्रा चलती है तो ये संकेत होगा कि शेक हसीना का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में
03:32और गहरा अवरोध बन चुका है
03:35पिलहाल सबसे एहम बात यही है कि भारत जल्दिबाजी में कोई फैसला लेने के बजाए कानूनी और कूटनीतिक पहलूओं को
03:42ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगा
03:44तो क्या तारिक रह्मान की भारत यात्रा शेक हसीना के प्रत्यरपड पर अटक सकती है
03:48क्या बांगलदेश भारत पर दबाब बनाने की कोशिश कर रहा है अगर था भारत ने हसीना को वापस भेचने से
03:54इनकार किया
03:55तो क्या दोनों देशों के रिश्ते और खराब होने वाले हैं
03:58इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों की कूट नितिक बाचीत से मिले गा लेकिन एक बात तो साफ है
04:04शेख हसीना का मुद्दा अब सिर्फ एक पूर्व प्रधान मंतरी के प्रत्यरपड का मामला नहीं रह गया है
04:09बलकि भारत बांगलादेश समबंधों की दिशा तै करने वाला बड़ा कूट नितिक मुद्दा बन चुका है
04:15बांगलादेश की प्रधान मंतरी तारीक रहमान के भारत दौरे को लेकर एक बार फिर सस्पेंस बहरा गया है
04:21भारत की तरद से साफ संकेत दिये जा रहे हैं कि नई दिल्ली बांगलादेशी प्रधान मंतरी के स्वागत के लिए
04:26तयार है
04:26लेकिन धाका अभी इस दौरे को लेकर अंतीम फैसला नहीं कर पाया है
04:31ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या तारीक रहमान सितंबर में भारत आएंगे और इस उधेर बून के पीछे
04:38की वजह क्या है
04:39नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
04:42भारत तारीकर रहमान को 12 और 13 सितंबर को नई-दिल्ली में होने वाले 18 बृक्स शिखर सम्मेलन में विशेश
04:49अतिthm के तौर पर शामिल होने का नियोता दिया है
04:52बंगलादेश ब्रिक्स का सदस्य नहीं है लेकिन भारत ने विशेश अतिति के तौर पर तारीक रहमान को आमंत्रत किया है
05:00भारत की तरफ से बंगलादेश मन्यूक्त अच्चायूक्त दिनेश उत्रिवेदी ने भी कहा है
05:05कि नई दिल्ली बंगलादेश के प्रधान मंतरी के भारत दोरे का बेसबरी से इंतजार कर रही है
05:10और उमीद है कि यात्रा जल्द होगी
05:13हलाकि उन्होंने ये भी साफ किया कि यात्रा का समय और फैसला प्रधानमंतरी तारिक रहमान के अधिकार शेतर में है
05:20यानि दिल्ली के तरफ से दरवाजा खोड़ा जा चुका है लेकिन अब गेंद धाका के पाले में है
05:25दरसल दोनों देशों के रिष्टे पचले कुछ समय से बेहत सम्मेदन शिल दोर से गुजर रहे हैं
05:30अगस 24 में बांगलादेश में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदूलन के बाद ततकालीन प्रधानमंतरी शेक हसीना सत्ता से बाहर
05:39हो गई थी और भारत आ गई थी
05:41उसके बाद भारत और बांगलादेश के रिष्टों में लगतार तनाव बना रहा
05:45अब बांगलादेश की नई सरकार शेक हसीना के प्रत्यारपण की मांग कर रही है
05:50नवंबर 2025 में बांगलादेश की एक विशेश ट्रिबुनल ने हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मानावता के खिलाफ अप्तराधु के
05:59मामले में मौत की सजा सुनाई थी
06:01हसीना इन आरोपों को राजनितिक रूप से प्रेरित बताती रही है
06:05यहीं मुद्धा भारत बंगलादेश संबंधों में सबसे समय दंशील वशय बना हुआ है
06:10नई दिल्ली का कहना है कि हसीना के प्रत्यरपन से जुडए अनुरोध की जांच भारत के लागू कानूनों और स्थापित
06:17कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है
06:20अब उधर हाल ही में दिल्ली में शेक हसीना की मीजिया से बाचीत ने भी दोनों देशों के बीच तनाव
06:25को बढ़ाया
06:26बंगलादेश ने इस कारेक्रम पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे वहां की भावनाय आहत हुई है
06:32हलागी भारत ने सपश्ट किया था कि उसकारेक्रम में भारत की कोई भूमी का नहीं थी और वो वहां बंगलादेश
06:39सरकार के बारे में कही गई बातों का समठन नहीं करता है
06:43इसके बावजूद दोनों देश रिष्टों को पूरी तरह पट्री से उतरने नहीं देना चाहते
06:48अब बंगलादेश के विदेश मंत्रीक हलीलूर रहमान ने भी माना कि दोनों देशों के वीच कुछ इरिटेशन यन की मतभेद
06:56है जिन्हें दूर करना जरूरी है
06:58उन्होंने कहा कि सरकार भारत की नियोतों की समिक्षा कर रही है और उचित समय पर फैसला लिया जाएगा
07:03यही भारत के उच्चा यूक्त दिनेश त्रिवेदी का बयान भी महत्रपूर हो जाता है
07:08उन्होंने कहा कि भारत और बंगलादेश दोनों संप्रभु देश हैं। दोनों सर्फ सीमा साजह नहीं करते बलकि एक साजह भविश्य
07:16और सपना भी साजह करते हैं। उनका जोर इस बात पर था कि मतभेद किसी भी रिष्टे का हिस्सा नहीं
07:23हो सकते हैं। लेकिन उनका समधा
07:25बाचीत के जरीय ही निकाला जा सकता है अब अगर तारीक रहमान भारत आते हैं तो ये उनकी प्रधान मुन्तरी
07:32बनने के बाद भारत की पहली आधिकारी क्या तरह होगी ऐसे में ये दौरा सिर्फ ब्रिक्स सम्मेलन तक सिमित नहीं
07:38रह सकता दोनों देशों के बीच वियापा
07:55क्या तारीक रहमान और भारतिय नित्रत्व के बीच सीधी बाचीत रिष्टों में जमी बर्त को पिगला सकती है फिलहाल तस्वीर
08:03पूरी तेह साफ नहीं है भारत ने निर्मंतरन दिया है दिल्ली स्वागत के लिए तयार है और भारतिय उच्चायुक्त जल्द
08:10यात्रा की
08:11उमीद जतातिके हैं लेकिन धाका अभी अंतिन फैसला करने की प्रक्रिया में है इसलिए अब निगाहे तारीक रहमान के अगले
08:18कदम पर है अगर वो सितंबर में दिल्ली पहुंचते हैं तो ये सिर्फ एक ब्रिक स्यात्रा नहीं बलकि भारत बंगलादेश
08:25रिष्टों में
08:25एक नए अध्याई की शुरुआत भी हो सकती है।
08:55हसीना की वापसी का एलान कई बड़े संकेत दे रहा है। 5 अगस्त 2024 को चात्र आंदोलन के हिंसक रूप
09:03लेने के बाद शेक हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा और वो भारत आ गई। इसके बाद बांगलादेश में अंतरिम
09:10व्यवस्था बनी और आवामी ल
09:16गिरफतार हुए, कई भूमिगत हो गए और कुछ देश छोड़ कर चले गए। लेकिन करीब दो साल बाद तस्वेर पूरी
09:23तरह शांत नजर नहीं आ रही है।
09:46सामने आने लगी। रिपोर्टों के मुताबिक जमालपुर, खुलना, राजशाही, पाबना, राजबाडी, जैसौर और कॉक्स बाजार समेत कही जिलों में आवामी
09:56लीग से जुड़े लोगों ने बंद पड़े पार्टी कारियालेओं को दोबारा खोलने की कोशिश की।
10:01कुछ जगहों पर पार्टी के जंडे लगाए गए और शेख मुझीबुर रह्मान तथा शेख हसीना की तस्वीरे भी दिखाए दी।
10:07हाला कि सरकार ने साफ किया कि इन कारियालेओं को खोलने के लिए कोई आधिकारिक अनुमती नहीं दी गई थी।
10:14यहीं से पहला बड़ा सवाल उठता है क्या ये सिर्फ स्थानिय कारेकरताओं की पहल है या आवामी लीग जमीन पर
10:20अपना संगठन फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
10:44अदालतों से जमानत भी मिली है। मैई 2026 में पूर्व पुलिस अधिकारी तन्वीर सलीम इम्मोन को जुलाई आंदोलन से जुड़े
10:52हत्या के मामले में जमानत मिली।
11:14हिस्सा है शेक हसीना की संभावित वापसी। जुलाई में रॉइटर्स से बातचीत में हसीना ने कहा था कि वो दिसंबर
11:212026 के आसपास अपने सीनियर आवामी लीग नेताओं के साथ भारत से बांगलादेश लोटना चाहती हैं और अदालत के सामने
11:29आत्म समर्पन करने के ल
11:42करिये भी उन्होंने दिसंबर में बांगलादेश लोटने की इच्छा दोहराई और आवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग
11:49की लेकिन धाका का रुख इसके बिलकुल उलट है।
12:12के आंदोलन के दोरान मानवता के खिलाफ अपराधूं के मामले में हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मौत की सजा
12:19सुनाई थी। हसीना इस फैसले और आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है। संयुक्त राश्ट्र के अनुसार दोहजार
12:27चौबीस के
12:28आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसा में करीब 1400 लोगों की जान गई थी। ऐसे में अगर शेक हसीना वास्तव
12:34में दिसंबर में बांगलादेश लोटती हैं तो ये सिर्फ एक पूर्व प्रधान मंत्री की घर वापसी नहीं होगी। ये नई
12:40सरकार, न्याय पालिका, आवा
12:57वापस आती हैं तो क्या वो जेल जाएंगी, अदालत का सामना करेंगी या उनकी वापसी बांगलादेश की राजनीती को फिर
13:04सिप पूरी तरह बदल देगी। आने वाले महीनों में इन सवालों के जवाब ही दक्षन एशिया की राजनीती की दिशा
13:11तै कर सकते हैं।