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Sheikh Hasina Extradition Crisis: भारत और बांग्लादेश के संबंधों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर तनाव गहराता जा रहा है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री Tarique Rahman की संभावित भारत यात्रा पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। जानिए विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक रस्साकशी की पूरी रिपोर्ट।

बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट के बाद से ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार लगातार भारत से हसीना की वापसी यानी Extradition की मांग कर रही है। ढाका का कहना है कि जब तक प्रत्यर्पण प्रक्रिया और अनुकूल कूटनीतिक माहौल तैयार नहीं होता, तब तक Tarique Rahman के प्रस्तावित भारत दौरे पर आगे बढ़ना मुश्किल है।

दूसरी ओर, भारत के Ministry of External Affairs (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते "पारस्परिक हितों और पारस्परिकता" (Reciprocity) पर आधारित होने चाहिए। 2013 की द्विपक्षीय Extradition Treaty के तहत प्रत्यर्पण से जुड़े किसी भी फैसले के लिए कानूनी, मानवीय और कूटनीतिक पहलुओं की गहन समीक्षा अनिवार्य है। इस राजनीतिक खींचतान का असर सीमा सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।

About the Story:
Diplomatic tension between India and Bangladesh has escalated over Dhaka's demand for the extradition of former Prime Minister Sheikh Hasina. The issue has cast uncertainty over Bangladeshi Prime Minister Tarique Rahman's proposed visit to India for bilateral talks with PM Narendra Modi. India's Ministry of External Affairs emphasized that bilateral ties must be based on reciprocity and mutual interests while reviewing extradition requests under legal frameworks.

#SheikhHasina #TariqueRahman #IndiaBangladesh #PMModi

~PR.514~HT.408~ED.106~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00भारत और बागलादेश के रिष्टों में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है
00:03एक तरफ दोनों देश बाचीत के जरिये रिष्टों को सामाने करने की कोशिश कर रहे हैं
00:08दूसरी तरफ पुर्व प्रधानमंतरी शेक हसीना का प्रत्यरपन ऐसा मुद्दा बन गया है
00:13जिस पर धाका और नई दिल्ली के बीच मतभेद लगतार गहराते जा रहे हैं
00:17सबसे बड़ा सवाल इस वक्त बंग्लादेश की प्रधानमंतरी तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर है
00:22जाका की तरफ से संकेत दिये गए हैं कि अगर भारत यात्रा के लिए अनुकूल राजुनितिक और कूटुनितिक महाल नहीं
00:28बनता
00:29तो इस दोरे पर दुबारा विचार किया जा सकता है यानि कि इन रखली धमकी दिया जा रहा है कि
00:33वो भारत नहीं आएंगे
00:34यानि जिस यात्रा को दोनों देशों के बीच समवाद बहाल करने के दिशा में एहम कदम आना जा रहा था
00:40अब उसी पर शेक हसीना के प्रत्यारपण का साया पड़ता दिखाई दे रहा है
00:44क्या है पूरा मामला आई आपको विस्तार से बताते हैं नमस्कार
00:46मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:49दरसल 2024 में बांगलादेश में बड़े राजनितिक उथल पुथल के बाद शेक हसीना भारत आ गई थी
00:55इसके बाद बांगलादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और हसीना के खिलाब कई गंभीर कानोनी मामले दर्ज किये गए
01:00बांगलादेश की मौजूदा सरकार लगातार भारत से उनकी वापसी यानि की प्रत्यरपण की मांग करती रही है
01:06भारत के सामने चुनाओती ये है कि प्रत्यरपण का फैसला सिर्फ राजनितिक आधार पर नहीं लिया जा सकता
01:13भारत और बांगलादेश के वीच 2013 में प्रत्यरपण संधी हुई थी जिसमें 2016 में संशोधन भी किया गया
01:20इस संधी के तहट किसी भी प्रत्यरपण अनुरोध की कानोनी शर्तों और परिस्तितियों के जाँच जरूरी है
01:27मामला इसलिए भी सम्मेदंशील है क्योंकि हसीना के खिलाफ बांगलादेश में गंभीर आरोप हैं और उन्हें उनकी अनुपस्तिती में मौत
01:34की सजा सुनाये जाने की खबरे भी सामने आ चुकी है
01:37एसलिए भारत के लिए ये फैसला कानोनी के साथ-साथ मानविय और कूटनितिक पहलूँ से भी जुड़ा हुआ है
01:44अब सवाल है कि बांगलादेश शेक हसीना की वापसी पर इतना जोर क्यों दे रहा है
01:49इसका एक बड़ा कारण बांगलादेश की घरेलू राजनीती है
01:52हसीना और उनकी पार्टी अवामी ली को लेकर वहां राजनीतिक ध्रोवी करण बहत गहरा है
01:57मौजुदा सरकार के लिए हसीना की वापसी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा है
02:00अगर सरकार उनकी वापसी सुनिश्युत करती है तो इसे अपने समर्थकों के सामने बड़ी उपलब्धी के तौर पर पेश किया
02:07जा सकता है
02:08वहीं अगर भारत से उन्हें वापस लाने में सरकार असफल रहती है तो विपक्ष उस पर कमजोर विदेशनीती का आरोप
02:14लगा सकता है
02:15लेकिन इसका असर सिर्फ बांगलादेश की राजनीती तक सिमित नहीं रहेगा
02:18भारत और बांगलादेश के रिष्टे व्यापार, सीमा सुरक्षा, उर्जा, कनेक्टिविटी और जल संसाथनों से जुड़े हुए हैं
02:26दोनों देशों के बीच लंबी सीमाए हैं
02:29और भारत के पुर्वोतर राजियों के लिए भी बांगलादेश की भागौलिक स्तिथी बेहद महतोपुर्ण है
02:34इसी बीच बांगलादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते गतविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हो चुकी है
02:40लेकिन पाकिस्तान के साथ रिष्टे बढ़ाने का मतलब ये जरूरी नहीं कि बांगलादेश भारत से पूरी तेह दूरी बनाना चाहता
02:47हो
02:47आर्थिक और भगौलिक अस्तिविकताएं धाका को भारत के साथ संबंध बनाये रखने के लिए मजबूर करती है
02:54अब अगर भारत शेक हसीना को बांगलादेश भेश देता है तो वहां उनकी बापसी के बाद राजनितिक तनाव और कानून
03:00विवस्था की चुनोती दोनों ही बढ़ सकती है
03:02दूसरी तरफ अगर भारत प्रत्यरपन से इंकार करता है तो धाका में भारत विरोधी राजनितिक बयान बाजी और तेज हो
03:09सकती है
03:10यानि दोनों रास्तों में भारत के सामने जोखिम है इसी वज़े से तारिक रह्मान की संभावित भारत यात्रा बेहत महतोपूर्ण
03:17हो जाती है
03:18अगर यह यात्रा होती है तो दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा और छेत्रिय सहयोग जैसे मुद्दों पर बाचीत
03:25का रास्ता खुल सकता है
03:26लेकिन अगर ये यात्रा चलती है तो ये संकेत होगा कि शेक हसीना का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में
03:32और गहरा अवरोध बन चुका है
03:35पिलहाल सबसे एहम बात यही है कि भारत जल्दिबाजी में कोई फैसला लेने के बजाए कानूनी और कूटनीतिक पहलूओं को
03:42ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगा
03:44तो क्या तारिक रह्मान की भारत यात्रा शेक हसीना के प्रत्यरपड पर अटक सकती है
03:48क्या बांगलदेश भारत पर दबाब बनाने की कोशिश कर रहा है अगर था भारत ने हसीना को वापस भेचने से
03:54इनकार किया
03:55तो क्या दोनों देशों के रिश्ते और खराब होने वाले हैं
03:58इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों की कूट नितिक बाचीत से मिले गा लेकिन एक बात तो साफ है
04:04शेख हसीना का मुद्दा अब सिर्फ एक पूर्व प्रधान मंतरी के प्रत्यरपड का मामला नहीं रह गया है
04:09बलकि भारत बांगलादेश समबंधों की दिशा तै करने वाला बड़ा कूट नितिक मुद्दा बन चुका है
04:15बांगलादेश की प्रधान मंतरी तारीक रहमान के भारत दौरे को लेकर एक बार फिर सस्पेंस बहरा गया है
04:21भारत की तरद से साफ संकेत दिये जा रहे हैं कि नई दिल्ली बांगलादेशी प्रधान मंतरी के स्वागत के लिए
04:26तयार है
04:26लेकिन धाका अभी इस दौरे को लेकर अंतीम फैसला नहीं कर पाया है
04:31ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या तारीक रहमान सितंबर में भारत आएंगे और इस उधेर बून के पीछे
04:38की वजह क्या है
04:39नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
04:42भारत तारीकर रहमान को 12 और 13 सितंबर को नई-दिल्ली में होने वाले 18 बृक्स शिखर सम्मेलन में विशेश
04:49अतिthm के तौर पर शामिल होने का नियोता दिया है
04:52बंगलादेश ब्रिक्स का सदस्य नहीं है लेकिन भारत ने विशेश अतिति के तौर पर तारीक रहमान को आमंत्रत किया है
05:00भारत की तरफ से बंगलादेश मन्यूक्त अच्चायूक्त दिनेश उत्रिवेदी ने भी कहा है
05:05कि नई दिल्ली बंगलादेश के प्रधान मंतरी के भारत दोरे का बेसबरी से इंतजार कर रही है
05:10और उमीद है कि यात्रा जल्द होगी
05:13हलाकि उन्होंने ये भी साफ किया कि यात्रा का समय और फैसला प्रधानमंतरी तारिक रहमान के अधिकार शेतर में है
05:20यानि दिल्ली के तरफ से दरवाजा खोड़ा जा चुका है लेकिन अब गेंद धाका के पाले में है
05:25दरसल दोनों देशों के रिष्टे पचले कुछ समय से बेहत सम्मेदन शिल दोर से गुजर रहे हैं
05:30अगस 24 में बांगलादेश में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदूलन के बाद ततकालीन प्रधानमंतरी शेक हसीना सत्ता से बाहर
05:39हो गई थी और भारत आ गई थी
05:41उसके बाद भारत और बांगलादेश के रिष्टों में लगतार तनाव बना रहा
05:45अब बांगलादेश की नई सरकार शेक हसीना के प्रत्यारपण की मांग कर रही है
05:50नवंबर 2025 में बांगलादेश की एक विशेश ट्रिबुनल ने हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मानावता के खिलाफ अप्तराधु के
05:59मामले में मौत की सजा सुनाई थी
06:01हसीना इन आरोपों को राजनितिक रूप से प्रेरित बताती रही है
06:05यहीं मुद्धा भारत बंगलादेश संबंधों में सबसे समय दंशील वशय बना हुआ है
06:10नई दिल्ली का कहना है कि हसीना के प्रत्यरपन से जुडए अनुरोध की जांच भारत के लागू कानूनों और स्थापित
06:17कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है
06:20अब उधर हाल ही में दिल्ली में शेक हसीना की मीजिया से बाचीत ने भी दोनों देशों के बीच तनाव
06:25को बढ़ाया
06:26बंगलादेश ने इस कारेक्रम पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे वहां की भावनाय आहत हुई है
06:32हलागी भारत ने सपश्ट किया था कि उसकारेक्रम में भारत की कोई भूमी का नहीं थी और वो वहां बंगलादेश
06:39सरकार के बारे में कही गई बातों का समठन नहीं करता है
06:43इसके बावजूद दोनों देश रिष्टों को पूरी तरह पट्री से उतरने नहीं देना चाहते
06:48अब बंगलादेश के विदेश मंत्रीक हलीलूर रहमान ने भी माना कि दोनों देशों के वीच कुछ इरिटेशन यन की मतभेद
06:56है जिन्हें दूर करना जरूरी है
06:58उन्होंने कहा कि सरकार भारत की नियोतों की समिक्षा कर रही है और उचित समय पर फैसला लिया जाएगा
07:03यही भारत के उच्चा यूक्त दिनेश त्रिवेदी का बयान भी महत्रपूर हो जाता है
07:08उन्होंने कहा कि भारत और बंगलादेश दोनों संप्रभु देश हैं। दोनों सर्फ सीमा साजह नहीं करते बलकि एक साजह भविश्य
07:16और सपना भी साजह करते हैं। उनका जोर इस बात पर था कि मतभेद किसी भी रिष्टे का हिस्सा नहीं
07:23हो सकते हैं। लेकिन उनका समधा
07:25बाचीत के जरीय ही निकाला जा सकता है अब अगर तारीक रहमान भारत आते हैं तो ये उनकी प्रधान मुन्तरी
07:32बनने के बाद भारत की पहली आधिकारी क्या तरह होगी ऐसे में ये दौरा सिर्फ ब्रिक्स सम्मेलन तक सिमित नहीं
07:38रह सकता दोनों देशों के बीच वियापा
07:55क्या तारीक रहमान और भारतिय नित्रत्व के बीच सीधी बाचीत रिष्टों में जमी बर्त को पिगला सकती है फिलहाल तस्वीर
08:03पूरी तेह साफ नहीं है भारत ने निर्मंतरन दिया है दिल्ली स्वागत के लिए तयार है और भारतिय उच्चायुक्त जल्द
08:10यात्रा की
08:11उमीद जतातिके हैं लेकिन धाका अभी अंतिन फैसला करने की प्रक्रिया में है इसलिए अब निगाहे तारीक रहमान के अगले
08:18कदम पर है अगर वो सितंबर में दिल्ली पहुंचते हैं तो ये सिर्फ एक ब्रिक स्यात्रा नहीं बलकि भारत बंगलादेश
08:25रिष्टों में
08:25एक नए अध्याई की शुरुआत भी हो सकती है।
08:55हसीना की वापसी का एलान कई बड़े संकेत दे रहा है। 5 अगस्त 2024 को चात्र आंदोलन के हिंसक रूप
09:03लेने के बाद शेक हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा और वो भारत आ गई। इसके बाद बांगलादेश में अंतरिम
09:10व्यवस्था बनी और आवामी ल
09:16गिरफतार हुए, कई भूमिगत हो गए और कुछ देश छोड़ कर चले गए। लेकिन करीब दो साल बाद तस्वेर पूरी
09:23तरह शांत नजर नहीं आ रही है।
09:46सामने आने लगी। रिपोर्टों के मुताबिक जमालपुर, खुलना, राजशाही, पाबना, राजबाडी, जैसौर और कॉक्स बाजार समेत कही जिलों में आवामी
09:56लीग से जुड़े लोगों ने बंद पड़े पार्टी कारियालेओं को दोबारा खोलने की कोशिश की।
10:01कुछ जगहों पर पार्टी के जंडे लगाए गए और शेख मुझीबुर रह्मान तथा शेख हसीना की तस्वीरे भी दिखाए दी।
10:07हाला कि सरकार ने साफ किया कि इन कारियालेओं को खोलने के लिए कोई आधिकारिक अनुमती नहीं दी गई थी।
10:14यहीं से पहला बड़ा सवाल उठता है क्या ये सिर्फ स्थानिय कारेकरताओं की पहल है या आवामी लीग जमीन पर
10:20अपना संगठन फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
10:44अदालतों से जमानत भी मिली है। मैई 2026 में पूर्व पुलिस अधिकारी तन्वीर सलीम इम्मोन को जुलाई आंदोलन से जुड़े
10:52हत्या के मामले में जमानत मिली।
11:14हिस्सा है शेक हसीना की संभावित वापसी। जुलाई में रॉइटर्स से बातचीत में हसीना ने कहा था कि वो दिसंबर
11:212026 के आसपास अपने सीनियर आवामी लीग नेताओं के साथ भारत से बांगलादेश लोटना चाहती हैं और अदालत के सामने
11:29आत्म समर्पन करने के ल
11:42करिये भी उन्होंने दिसंबर में बांगलादेश लोटने की इच्छा दोहराई और आवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग
11:49की लेकिन धाका का रुख इसके बिलकुल उलट है।
12:12के आंदोलन के दोरान मानवता के खिलाफ अपराधूं के मामले में हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मौत की सजा
12:19सुनाई थी। हसीना इस फैसले और आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है। संयुक्त राश्ट्र के अनुसार दोहजार
12:27चौबीस के
12:28आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसा में करीब 1400 लोगों की जान गई थी। ऐसे में अगर शेक हसीना वास्तव
12:34में दिसंबर में बांगलादेश लोटती हैं तो ये सिर्फ एक पूर्व प्रधान मंत्री की घर वापसी नहीं होगी। ये नई
12:40सरकार, न्याय पालिका, आवा
12:57वापस आती हैं तो क्या वो जेल जाएंगी, अदालत का सामना करेंगी या उनकी वापसी बांगलादेश की राजनीती को फिर
13:04सिप पूरी तरह बदल देगी। आने वाले महीनों में इन सवालों के जवाब ही दक्षन एशिया की राजनीती की दिशा
13:11तै कर सकते हैं।

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