00:00Share Bazaar में अगर 1-2 दिन की गिरावट हो तो normal correction, सामाने correction माना जा सकता है
00:06लेकिन जब लगातार 7 कारोबारे दिनों तक Bazaar लाल रहे
00:10तो सवाल सिर्फ गिरावट का नहीं बलकि उसके पीछे चिपे बड़े संकेतों का होता है
00:1519 अगस को भारतिय बाजार में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है
00:19सेंसेक्स 400 अंकोस जादा तूट किया, निफ्टी 24,000 के बेहत करीब पहुँच किया
00:23बाजार में बिक्वाली इतनी ज्यादा थी कि मिट कैप और स्मॉल कैप शेयर भी दबाफ में आकर
00:29अब सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ एक नॉर्मल करेक्शन है
00:31या बाजार के सामने कोई बड़ा रस्का करके खड़ा हो किया है
00:35चलिए, 19 अगस को जो गिरावट हुई है और जो लगातार बाजार वॉलेटाइल है
00:41उतार चड़ाफ के बीच फसा हुआ है
00:43उसके पीचे की चार वजहों को समझने की कोशिश करते है
00:48चार बड़े ट्रिगर इसको समझने की कोशिश करते है
00:51भारतिय शेर बाजार पहले ही लगातार कई सत्रों की कमजोरी से गुजर रहा था
00:5618 अगस को वीकली एकसपाइरी के दिन
01:09इसके बाद 19 अगस को भी बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई
01:13और बिकवाली और ज्यादा तेस हो गई
01:15इंट्रेडे में सेंसेक्स 411 अंग से जादा तूटकर 76,823 के लिवल पर आया
01:21निफटी 127 अंग गिर करके 24,027 के लिवल तक पहुँच गया
01:25यानि बाजार में बायर्स की जगा सेलर्स का दबदबा साफ नजर आ रहा है
01:30बेकवाली साफ नजर आ रही है
01:31अब ये आकड़ा करीब साड़े 11 बज़े तक का है 19 अगस का जो हम आपको अभी बता रहे है
01:36बाजार की इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारेंड इस समय जियो पॉलिटिकल टेंशन बनकर सामने आई है
01:42अमेरिका और इरान के भी इस तनाफ फिर से बढ़ता जा रहा है
01:45अमेरिकी राश्पती डॉनल्ड ट्रम्प की तरफ सजारी किये गए
01:49एक नक्षे को लेकर भी विवाद बढ़ गया है जिसमें हॉर्मूस को लेकर अमेरिका का दावा दिखाया गया है
01:55दूसरी दरफ इरान ने बाचीत से इंकार करते हुए साफ कर दिया
01:58कि अगर बाचीत होगी तो उसकी शर्तों पर होगी
02:00अब इस पूरे सुनारियो ने पूरे घटनाग्रम ने निवेशिकों की चिंता बढ़ा दी
02:05क्योंकि हॉर्मूस शेत्र जो है वो दुनिया के लिए बहत महत्वपून ओयल सप्लाई रूट है
02:11यही तनाव अब क्रूड ओयल प्राइसेज में भी दिखाई दे रहा है
02:15ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे कारोबारी दिन चढ़ा और करीब बानबे डॉलर प्रती बैरल तक महुच गया
02:21कच्चे तेल की कीमतों में तेज उचाल भारत जैसी ओयल इंपोर्टिंग कांट्री के लिए एक चंता का विश्य बना हुआ
02:27है
02:27महंगा क्रूड सीधे तोर पर इंपोर्ट बिल बढ़ा सकता है और इससे इंफलेशन पर भी दबाव बन सकता है
02:33अब बाजार को डर है कि अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहा तो कंप्टियों की लागत बढ़ सकती है
02:39और उनकी प्रोफिटिबिलिटी पर उनके जो मुनाफे हैं उसके उपर असर पड़ेगा
02:43ऐसे महाल में इक्विटी मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर होना काफी नॉर्मल सी बात है
02:48दूसरे बड़े कारण पर आईए जो है ग्लोबल मारकेट की कमजोरी भारतिय बाजार अकेले नहीं गिर रहा है एशिया मारकेट्स
02:57में भी भारी बिक्वाली देखने को मिली है
02:59साउथ कोरिया का कॉसपी 5% से जादा तूटा है जापान का नेकैई के करीब कम 3% कमजोर हा
03:07पैच
03:07जापान का नेकैई 225 करीब 3% कमजोर है जबकि शांगाई कंपोज़ट 2% से जादा नीचे आ गया
03:15Taiwan Weighted में भी करीब 1.5% की गिरावट दिखाई दी
03:19जब दुनिया के important markets में risk of sentiment बनता है
03:23तो उसका असर भातिया बाजार पर भी पढ़ता ही है
03:26अब विदेशी निवेशक भी ऐसे समय में
03:28अपने portfolio से risk कम करने की कोशिश कर सकते हैं
03:31जो की दिखाई दे रहा है
03:32चलिए ये तो हो गई global factors की बात और Asia markets की बात
03:36लेकिन अब बात करते हैं थोड़ा domestic market pressure की
03:39बाजार में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयर ही नहीं टूटे हैं
03:42बलकि broader level पर कमजोरी दिखाई दी है
03:45Nifty mid cap 100 और Nifty small cap 100 में भी करीब आधा आधा फीसीदी की गिरावट थी
03:50खास तोर पर FMCG और heavyweight private banking stocks ने Nifty पर दबाव पनाया
03:55जब index के बड़े weight वाले share कमजोर होते हैं तो तो पूरे बाजार की दिशा पर उसका असर पर
04:00जाता है
04:00यही वज़ा है कि गिरावट सिर्फ एक तो sector तक limited नहीं रही है
04:04हाला कि लगादार साथ दिनों की गिरावट के बाद भी सवाल भी उठ रहा है
04:09कि क्या बाजार में आब bounce back के गुंजाइश बन रही है
04:12इसका जवाब पूरी तरह global triggers पर depend करेगा
04:15अगर अमेरिका इरान तिनाफ कम हो जाएगा और crude की कीमतों में रहात आएगी
04:20तो बाजार में कुछ recovery तो देखने को मिल सकती है
04:23लेकिन अगर geopolitical tension और oil prices दोनों उचे बने रहे
04:27तो investors का risk appetite कमजोर रहेगा और बाजार में volatility बनी रह सकती है
04:32एक और important बात ये कि 10 अगस्त के आसपास निफ्टी करीब 24,583 अंगों पर था
04:39जबकि 19 अगस के intraday low के मुकाबले ये करीब 556 अंग नीचे आ चुका था
04:45वहीं सेंसेक्स भी हाल के high level से यानि उचस्तरों से काफी ज़ादा फिसल गया है
04:51ऐसे में investors के लिए सिफ गिरते बाजार को देखकर panic से लिंग करना सही strategy नहीं हो सकती है
04:56बलकि अब earnings, valuation, crude, global market और geopolitical developments पर आपको नज़र रखनी बेहद जरूरी है
05:05ये वो factors हैं जो बाजार के आने वाले समय में direction को तै करेंगे
05:10तो गुल में लाकर के share market crash की मौजूदा कहानी सिर्फ एक वज़ा की नहीं है
05:15अमेरिका, इरान, तनाव, हॉर्मूस को लेकर बढ़ती चिंता, crude oil का बानबे डॉलर के करीब पहुँचना
05:21कमजो रेशिन markets और FMCG के साथ साथ private banking stocks में बिक्वाली
05:26इन सबी ने मिलकर बाजार का sentiment खराब किया है
05:30लगातार साथवे दिन गिरावट ने निवेशिकों को सतर किया है, cautious किया है
05:35लेकिन आगे का direction इस बात से तैह होगा कि global risk में कितनी जल्दी रहत मिलती है
05:40फिलाल बाजार का सबसे बड़ा सवाल या ही है कि क्या 24,000 के आसपास निफ्टी को support मिलेगा
05:46या crude और geopolitical tension बाजार के मुश्किले और बढ़ाएंगे
05:49यह सवाल आपके मन में भी होगा
05:51जवाब बाजार देगा, लेकिन हम सिर्फ सला दे सकते हैं
05:55बाजार volatile है, बिना किसी financial advisor की सला के निवेश ना करें
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