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Vande Mataram Controversy: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रवादी गीत रहा है। लेकिन इसके इतिहास और धार्मिक संदर्भों को लेकर लंबे समय से बहस भी होती रही है। आखिर कुछ मुस्लिम और अन्य गैर-हिंदू समुदायों के लोग इसके कुछ हिस्सों पर आपत्ति क्यों जताते हैं? वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन में क्या अंतर है? और 2026 में इसकी 150वीं वर्षगांठ के बीच इस गीत को लेकर नया राजनीतिक विवाद क्यों खड़ा हुआ? चलिए बताते हैं.

Vande Mataram Controversy: Written by Bankim Chandra Chattopadhyay, Vande Mataram became one of the most powerful symbols of India’s freedom struggle. However, certain religious references in its later verses have also led to debates and objections from some members of Muslim and other non-Hindu communities.Why have some people objected to parts of Vande Mataram? What happened during the 1937 debate over the song? How is Vande Mataram different from India’s national anthem, Jana Gana Mana? And why has the song once again become a political controversy in 2026, amid celebrations marking its 150th anniversary?

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~ED.464~PR.114~HT.318~VG.HM~

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00:06क्या आप जानते हैं कि जिस वंदे मात्रम को आज भारत का रास्ट गीत कहा जाता है वो सिर्फ गीत
00:11नहीं था बलकि अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लडाई का एक बड़ा नारा बन गया था
00:16वंदे मात्रम सिर्फ दो शब्द नहीं बलकि भारत के सोतनतता आंदोलन की एक ऐसी आवाज है जिसने अंग्रेजी हुकूमत के
00:23खिलाफ लोगों में जोश भरा लेकिन आज डेड़ सो साल बाद यही गीत फिर एक बड़े विवाद का केंदर बन
00:30गया
00:30चली बताते हैं आपको इस वीडियो में कि वंदे मात्रम किसने लिखा क्या है इसका इतिहास और साथ ही बताएंगे
00:36क्यू होता है इस परविवाद सबसे पहले बात करते हैं वंदे मात्रम की इतिहास की
00:41अठारसो अन्ठावन में डिप्टी कलेक्टर बने बमकिन चंद शटरजी ने 1875 में ये गीत लिखा जिसे बंगाली और संस्कृत भाषा
00:50में लिखा गया था बाद में इसे उनके प्रसिद उपन्यास आनंद मठ में शामिल किया गया गीत में उलेखित प्रतीक
00:58और साथ करो�
00:59जनता का संदर्प ततकालिन संयुक्त बंगाल से था अरविंदो घोष ने इसे बंगाल का रास्टेगीत कहा और रविंद्रनाथ टैगोर ने
01:08इसकी धुन बनाई 1905 के बंगाल विभाजन के दोरान ये गीत स्वत्तंतरता संग्राम का एक सबसे बड़ा नारा बना 12
01:18साल अध
01:29महीं विवाद की बात करें तो 15 अगस 2026 को लाल के लिए पर सुतंतरता दिवस के मौके पर पहली
01:34बार अधिकारिक रूप से गाय गया लेकिन सुतंतरता दिवस के आसपास राजनितिक विवाद तब बढ़ा जब कॉंग्रेस के कारिकरम में
01:42बंदे मातरम के गायन को लेकर ब
01:58दूसरी तरफ कॉंग्रेस ने इन आरोपो को खारिश किया कॉंग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी ने गीत रुकवाने के
02:03लिए नहीं बलकि लंबे समय से खड़े मलिका अरजुन खड़के के लिए कुर्सी की विवस्ता करने का कहा था वहीं
02:09आपको बता दे कि ये बहुत �
02:21दो अंतरों को रास्टे गीत का दर्जा दिया इसलिए दोनों की सम्मिधानिक पहचान अलग है उमीद करते हो आपको जानकारी
02:28पसंद आई होगी फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना
02:32भूले
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