00:06क्या आप जानते हैं कि जिस वंदे मात्रम को आज भारत का रास्ट गीत कहा जाता है वो सिर्फ गीत
00:11नहीं था बलकि अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लडाई का एक बड़ा नारा बन गया था
00:16वंदे मात्रम सिर्फ दो शब्द नहीं बलकि भारत के सोतनतता आंदोलन की एक ऐसी आवाज है जिसने अंग्रेजी हुकूमत के
00:23खिलाफ लोगों में जोश भरा लेकिन आज डेड़ सो साल बाद यही गीत फिर एक बड़े विवाद का केंदर बन
00:30गया
00:30चली बताते हैं आपको इस वीडियो में कि वंदे मात्रम किसने लिखा क्या है इसका इतिहास और साथ ही बताएंगे
00:36क्यू होता है इस परविवाद सबसे पहले बात करते हैं वंदे मात्रम की इतिहास की
00:41अठारसो अन्ठावन में डिप्टी कलेक्टर बने बमकिन चंद शटरजी ने 1875 में ये गीत लिखा जिसे बंगाली और संस्कृत भाषा
00:50में लिखा गया था बाद में इसे उनके प्रसिद उपन्यास आनंद मठ में शामिल किया गया गीत में उलेखित प्रतीक
00:58और साथ करो�
00:59जनता का संदर्प ततकालिन संयुक्त बंगाल से था अरविंदो घोष ने इसे बंगाल का रास्टेगीत कहा और रविंद्रनाथ टैगोर ने
01:08इसकी धुन बनाई 1905 के बंगाल विभाजन के दोरान ये गीत स्वत्तंतरता संग्राम का एक सबसे बड़ा नारा बना 12
01:18साल अध
01:29महीं विवाद की बात करें तो 15 अगस 2026 को लाल के लिए पर सुतंतरता दिवस के मौके पर पहली
01:34बार अधिकारिक रूप से गाय गया लेकिन सुतंतरता दिवस के आसपास राजनितिक विवाद तब बढ़ा जब कॉंग्रेस के कारिकरम में
01:42बंदे मातरम के गायन को लेकर ब
01:58दूसरी तरफ कॉंग्रेस ने इन आरोपो को खारिश किया कॉंग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी ने गीत रुकवाने के
02:03लिए नहीं बलकि लंबे समय से खड़े मलिका अरजुन खड़के के लिए कुर्सी की विवस्ता करने का कहा था वहीं
02:09आपको बता दे कि ये बहुत �
02:21दो अंतरों को रास्टे गीत का दर्जा दिया इसलिए दोनों की सम्मिधानिक पहचान अलग है उमीद करते हो आपको जानकारी
02:28पसंद आई होगी फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना
02:32भूले
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