Skip to playerSkip to main content
  • 20 minutes ago
बिहार में आधे दर्जन ऐसे गांव हैं, जहां मानसून आते ही नई नवेली बहुएं अपने पति को छोड़कर मायके चली जाती हैं. मनीष की रिपोर्ट..

Category

🗞
News
Transcript
00:04बिहार के इस गाउं में सावन और भादो के महीने में परिवार बिखड जाते हैं
00:08नई नवेली बहुए और गर्वती महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने-पने माई के चली जाती हैं
00:15ऐसा करना इनका शौक नहीं बलकि वो मजबूरी है जिससे हर साल ये रूबरू होती हैं
00:20गटिहार से करीब 32 किलोमेटर दूर पश्ची मंगाल की सीमा से सटे प्रानपूर परखंड के आधे दरजन गाउं का यही
00:29हाल है
00:29बाड के दोरान का दर्द महिलाओं ने बया किया
01:07अब बाड की मतलब जो पानी रता है जब पानी खतम होता है तब हम लोग आते हैं
01:16नहीं बगल में अस्पताल है नहीं बगल में बजार है कि जो बजार करेंगे नहीं बगल में कोई चिज़ का
01:24सुभीदान है
01:25महाननदा नदी के किनारे बसे बस्ता इंगलिश लाल गंज समेट कई गाओं में जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता
01:33है महिलाएं पलायन करती है
01:35गाओं में पानी घुसते ही सारे रास्ते बंद हो जाते हैं और नाव ही एक मात्र सहारा होता है
01:43यहाँ पर तेक वर्स बार की समस्या है लोगों को तकलीव होती है कई बनजदिक में होस्पीटल है नहीं जिसके
01:53कारण महिलाएं लोग को जो गरवती महिलाएं हैं
02:22प्राहनपूर में मानसून हर साल सिर्फ पानी नहीं लाता
02:25बलकि कई परिवारों की भी महिनों की लंबी दूरी भी पैदा कर देता है
02:31यहाँ बहवों का अचानक माईके चले जाना कोई खुशी की परंपरा नहीं है
02:36बलकि यह बाड के खौफनाक डर से पैदा हुई एक ऐसी दर्दनाक विवश्चता है
02:42जिसका अंत अब सभी ग्रामेण इस्थाई सरकारी समाधान और सुरक्षित विकास के रूप में देखना चाहते हैं
02:51ETV भारत के लिए कटिहार से मनीश कुमार ठाकूर की रिपॉर्ट
Comments

Recommended