00:06मंदिर गई तो लोगों ने काफिर कह दिया और अब तेलकु आक्टरेस फारिया अब्दुल्ला ने रोते हुए इससा जवाब दिया
00:13है जिसने सब को सोचने पर मजबूर कर दिया
00:16फारिया ने कहा उनके पिता ने अपनी पसंद से इसलाम अपनाया था और तो कैसका मतलब ये है कि वो
00:21बागी धर्मों को समझ ये समा नहीं कर सकती आखिर मंदिर जाने पर फारिया को इतना ट्रोल क्यों किया गया
00:27और उन्होंने इससर क्या कहा क्या किया कि मामला इतना साधा च
00:43इससा लिया फारिया ने वहां मौझूद लोगों के साथ फेस्टिवल एंजॉई किया और डपू के धुन पर डांस किया उनका
00:49ये विडियो सोशल मीटिया पर काफी वाइरल हुआ लेकिन विडियो के वाइरल होते ही कुछ लोगों ने फारिया को ट्रोल
00:54करना शुरू कर दिय
00:55कुछ लोगों ने उनके मुसलिम परिवार से होने का जिकर करते हुए सवाल किया कि वो हिंदु त्योहार में क्यूँ
01:01पहुँँ
01:01गई क्यों शामिल हुई बात यहांस तक पहुंच गई कि लोगों ने उन्हें काफिरता कह दिया यानि एक फेस्टिवल में
01:07शामिल होना और मंदिर जाना कुछ लोगों को एतना नागवार गुज़रा कि उन्होंने फारिया को परसनल फेद पर सवाल उठाना
01:13शुरू कर दिया
01:14इसके बात फारिया ने चुप रहने के बजाए खुश सामने आकर जवाब देने का फैसला किया उन्होंने सोचल मीडिया पर
01:19एक एमोशनल वीडियो शेयर किया इस वीडियो में फारिया काफी परिशान और एमोशनल नजर आई फारिया ने अपने परिवार और
01:25अपने पित
01:42और रिलीजियन्स को करीब से देखना और समझना उनकी सोच का हिस्सरा है यानि फारिया के लिए किसी दूसरे धरम
01:48के फेस्टिवल में शामिल होना अपनी धरम को छोड़ना नहीं है उनका कहना है कि किसी संस्कृति या धरम को
01:54रिस्पेक्ट करने के लिए जरूरी नहीं कि आ�
02:10और संस्कृति को समझने का समान देने की अजादी होनी चाहिए वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो
02:16उनके मंदर जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं लेकिन यहां एक बास साफ है फारिया ने किसी धरम के
02:21खिलाफ कुछ नहीं का उन्होंने सिर्फ अपने अनु�
02:47आप बसावल आपसे हैं किसी दूसरी धरम के फेस्टिवल में शामिल होना गलत था या फिर इंसान को दूसरे धरम
02:54और कल्चर को समझने और सेलिपरिज़ करने की फ्रीडम होनी चाहिए आपकी राए हमें कॉमेंट में जरूर बताएं
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