00:05एक बयान पाकिस्तान से आता है बात कम संख्या वाले हिंदू की होती है और फिर इंडिया में बैठी मशूर
00:12लेखा का उसका ऐसा जवाब देते हैं कि बात कौन्टूवर्सी तक पहुच जाती है
00:17मामला है पाकिस्तान के रास्पती आसिफ अली के एक बयान का जिसका जवाब अब जावेद अक्तर ने दिया है और
00:24इसके साथ ही एक निशाना भी सादा है
00:26दरसल पाकिस्तान के सोतंतरता दिवस के मौके पर एक प्रोग्राम में आसिफ ने हिंदू कॉमिनिटी को लेकर एक बात कही
00:33उन्होंने इंडिया और पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा कि दोनों देशों में हिंदू को लेकर सोच अलग है
00:40आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में करीब तीन से चार प्रतिशत हिंदु आबादी है और वो उन्हें बरदाश करते हैं
00:47इसी शब्द से विवाद खड़ा हो गया बयान सामने आने के बाद शूशल मेडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू
00:53कर दिये
00:53कि किसी देश के नागरिकों के लिए बरदाश शब्द कैसे इस्तुमाल किया जा सकता है और यहीं से एंट्री होती
01:00है जावेद अक्तर की जावेद अक्तर ने ट्वीटर यानि की एक्स पर आसिफ के बयान पर हमला किया और एक
01:06तीखा रियक्शन दिया उन्होंने आसिफ के प�
01:24इसके बाद जावेद ने उनकी पुराने निकनेम की तरफ इशारा करते हुए कहा कि शायद वो हमेशा से ही उन
01:30लोगों की प्रती इंसेंसिटिव रहे हैं जिनकी संख्या 10% से कम हो
01:35अब जावेद के इस जवाब के बाद शूशल मीडिया पर इकर डिबेट स्टाट हो जाते हैं कुछ लोग उनके स्टेटमेंट
01:41का सपोर्ट करते हैं तो कुछ लोग उने ही घेडना शुरू कर देते हैं इन सब के बीच एक यूजर्स
01:46जावेद से सवाल करता है कि क्या कभी उन
02:05में एक और इंटरस्टिंग चेप्टर है कि आखिर आसिफ को मिस्टर 10% क्यों कहा जाता है दरसल ये निकनेम
02:111980 के आखरी और 1990 के शुरूआत में उन पर लगे करप्शन एलिगेशन के बाद इंटरनेट पर वायरल हुआ था
02:18यानि कि लाइम लाइट में आया था आरोप था कि
02:21सरकारी प्रोजेक्ट में अप्रूवल दिलाने के नाम पर वो 10% कमिशन लिया करते थी हालकिन आरोप को उन्होंने उस
02:28वक्त खारिश कर दिया था साल 2007 में बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद उनको पहली बार पाकिस्तान का प्रेजिडेंट
02:35बनाया गया उन्होंने साल 2013
02:37तक इस गद्धी को समाला और फिर साल 2024 में दूसरी बार प्रेजिडेंट बने तो एक तरफ आसिफ का हिंदूों
02:44को लेकर बयान इंटरनेट पर वारल है तो दूसरी तरफ जावीद अक्तर का जो शार्प काउंटर है वो भी हेडलाइन्स
02:50में है
02:50सवाल ये है कि क्या कम संख्या वाले लोगों के लिए परदाश शब्द इस्तमाल करना ठीक है और क्या ये
02:57पॉलिटिकल लेंगवेच है या फिर जावीद अक्तर का जवाब है वो जरूरत से जादा परसनल था
03:02शूशल मीडिया पर फिलाल डिबेट चल रही है लेकिन इन सब के बीच आपका कैस्टरेंड है वो आप हमें कॉमेंट
03:07सेक्शन में जरूर बताईएगा
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