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Moscow Drone Attack: Ukraine ने Russia के इतने अंदर हमला क्यों किया? क्या है असली रणनीति? | Oneindia Hindi

मॉस्को के पास कोलेडिनो में रूस के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब में भीषण आग लग गई है। जानिए क्यों यूक्रेन अब सीधे रूस के आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है।

रूस की राजधानी मॉस्को का पोडॉल्स्क क्षेत्र 16 अगस्त की रात धमाकों और आग की लपटों से दहल उठा। यूक्रेन की ओर से किए गए एक बड़े ड्रोन हमले के बाद रूसी ई-कॉमर्स दिग्गज 'Wildberries' के 2 लाख वर्ग मीटर से भी बड़े लॉजिस्टिक्स कॉम्प्लेक्स (Koledino) में भीषण आग लग गई। हालांकि रूसी एयर डिफेंस ने दर्जनों ड्रोन मार गिराने का दावा किया, लेकिन इस रणनीतिक हमले ने रूस की आंतरिक सुरक्षा और सप्लाई चेन पर गहरा प्रभाव डाला है।

सवाल यह उठ रहा है कि क्या यूक्रेन सिर्फ नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना चाहता है या इन विशाल गोदामों का इस्तेमाल सैन्य आपूर्ति (Dual-use items) के लिए हो रहा था? इस हमले का सबसे बड़ा रणनीतिक पहलू यह है कि ड्रोन युद्ध अब फ्रंटलाइन से निकलकर रूस के दूर-दराज के व्यापारिक और इंफ्रास्ट्रक्चर हब तक पहुंच चुका है।


A massive overnight Ukrainian drone attack struck the Moscow region, causing a devastating fire at a major Wildberries logistics warehouse in Koledino near Podolsk. This video analyzes the economic impact, Russia's air defense challenges, and Ukraine's shifting drone strategy deep inside Russian territory.


#MoscowDroneAttack #RussiaUkraineWar #BreakingNews #Putin

~PR.514~GR.122~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:12रूस की राजधानी मॉस्को के आसपास की रात अचानक आग और धुएं से भर गई।
00:17यूक्रेन की और से ड्रोन के बड़े हमले का दावा किया गया और इस हमले के बीच मॉस्को क्षेत्र के
00:23पॉडोल्स्क के पास कोले डिनों में रूस के बड़े लॉजिस्टिक्स कॉम्पलेक्स में भीशन आग लग गई।
00:29सवाल सिर्फ ये नहीं है कि आग कैसे लगी बलकि ये भी है कि यूक्रेनी ड्रोन अब रूस के इतने
00:35अंदर तक पहुच कर कमर्शल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को क्यों निशाना बना रहे हैं।
00:40ये हमला 16 अगस्त की रात हुआ। रूसी अधिकारियों के मुताबिक मॉस्को क्शेत्र की तरफ करीब 600 ड्रोन आने की
00:47सूचना मिली थी जिन में से लगभग 201 ड्रोन को एर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट करने का दावा किया।
00:54हलाकि इंदावों के बावजूद कुछ ड्रोन अपने संभावित लक्षों तक पहुचने में काम्याब हुए और कोलडिनों में वाइल्ड बेरीज के
01:01विशाल लॉजिस्टिक्स कॉम्पलेक्स में आग लग गई। ये कोई छोटा गोदाम नहीं है। रिपोर्टों के मुत
01:20को संचालित किया जाता है। हमले के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाया गया। उपलब्द रिपोर्टों
01:28के मुताबिक इस घटना में वेरहाउस के कर्मचारियों के घायल होने की सूचना नहीं थी। कम्पनी की ओर से भी
01:47
01:47लगने का मतलब केवल एक इमारत का नुकसान नहीं होता। यहां रखे हजारों या लाखों उत्पाद, स्टोरिज सिस्टम, पैकेजिंग सुविधाएं
01:55और डिलिवरी नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर सेलर्स से लेकर कंजूमर्स तक पहुच सकता है। अ
02:14ऐसी सुविधाओं पर सवाल उठाएं हैं। बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में सिर्फ सामान्य उपभोगता सामान ही नहीं, बलकि कुछ डियोल यूज
02:21यानि ऐसी वस्तुएं भी पहुच सकती हैं, जिनका इस्तिमाल नागरेक और सैन्य दोनों उद्देशों के ल
02:42बला मान लेना जल्दबाजी होगी। लेकिन एक बड़ा पैटर्न जरूर दिखाई देता है।
03:12तो रूस को अपने Air Defense Network को ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैलाना पड़ता है। यही इस हमले का सबसे
03:18बड़ा रणनीतिक संदेश है।
03:20मौस्को से दूर युद्ध का मोर्चा भले ही जमीन पर हो लेकिन ड्रोन की पहुँचने रूस के अंदर के शहरों
03:26और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी युद्ध के दाइरे में ला दिया है।
03:30और अगर ऐसे हमले लगातार बढ़ते हैं तो सवाल सिर्फ ये नहीं होगा कि कौन सा वेरहाउस जल रहा है।
03:36सवाल ये होगा कि रूस अपने विशालक्षेत्र की सुरक्षा के लिए कितने एर डिफेंस सिस्टम तैनात कर पाएगा और यूक्रेन
03:43कितनी दूर तक अपनी ड्रोन क्षमता पहुँचा सकता है।
03:46यानि इस युद्ध में फ्रंट लाइन बदल रही है और अब आस्मान के रास्ते रूस के अंदर तक पहुँचता ड्रोन
03:53युद्ध इसका सबसे बड़ा उदाहरन बनता जा रहा है।
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