00:00वारासिम सफिड विल् Hilgum得h वो बेखा बक्षजे थे
00:03क्या वषण सबस्के बादली थे
00:07क्थल्शे कटी निन थे
00:10अगरा सही सा लेखा जाया है
00:12तो आँसके टारु से अखुलना करता होंगोंने तो वैक्ता है वारासिम सफिड विल्हूम תे
00:16तो बेका बच्चे थे, वो घगे सा पागी थे, ये बागी तो थेखना देशायद कड़ा है, ये भी परवानी को,
00:26कहने बसक्त क्या है, जो आजातों है, कि आजाती एक कंसर्ट फार को दो समझा, इतना आजाती दिन राई होई,
00:36उससे बड़ी जरूवत हुए आज की दिन में
00:40उनकेश जो भावना रही होगी, अकसी क्या भावना रही होगी, क्या हमने सोचा होगा, कि हमारा पर बाभी रिष्ट लेगा,
00:48क्या हम इस स्काम करते समय, करने सी कोड़ने केश आया कि में, इस सामचा एक केश है, शर्म आ
00:56रही थी मुझे, तब सोचा होगा, एक एक एक एक �
01:02शर्म आड़ाई की मुझे कि मैंने सब्सक्रट भोता दिवाब हूं आड़ा भी कुआ हूं।
01:06क्या बढ़ासिम के दवाली थे ? क्या तल्शे कटी भी थे ?
01:14अगर सही से देखा जाए तो आवास के ट्राइशन कुलना करता हूं। तो रगता है बढ़ासिम सब्सक्रट भी थे ?
01:22वो घगे साथ भागी थे ? यह भागी तो थे जना देखार चड़ाए ? घगी परवानी कुआ।
01:31कहने का सत्या है ? आप्सक्रट थे ? कि आलाकी यह एक न्चर्ट था ? जो भी समझा ? जितना
01:39आलाकी दिन दाई होई ? उससे बड़ी जरूत हुए आज की दिल में हैं
01:44कुं केश को करें राद के से वाणाई ही नए उगी की आमारीर योगी
01:48कि आमाँ सोचा होगा कि हमारे पर टा� melee कदेश और पक्रिशन पहले कर जाए है
01:56कर देशाह मैं थे क Princeton केश हमाने केश है жर्म आरिन रहे गूछे
02:00कर दो सोचा होगा एक एक एक्षियम बैठेगा उस क्यामत की साल से केस आएगा
02:06शर्म आड़ा की मुझे कि मैंने सब्सक्र भोता देगा हूं आड़ा भी करांगा
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