00:03अगर अब दारजलिंग जाने का प्लैन बना रहे हैं तो सब टॉइट्रे और टाइगर हिल के बारे में जानना काफी
00:09नहीं है
00:09क्योंकि दार्जलिंग में सही जगा से लेकर कितने दिन रहना है, कहां रहना है, कैसे पहुँचना है
00:17ये सबकी जानकारी आपकी पूरी यात्रा ही बदल देगी
00:20तो इस वीडियो में आपको मिलेगा दार्जलिंग का पूरा ट्रावल गाइड
00:24ताकि वहां पहुँचने के बाद आपको कुछ भी सोचने की जरुवत ना परे
00:28सबसे पहले बात करते हैं कि तार्जलिंग कब जाए
00:31अगर आपका मुख्य मकसद साफ मौसम में कंचन जंगा की खुबसूरत नजारे देखना है
00:37तो ऑक्टुबर से नवेंबर और मार्च से मैं का समय अच्छा माना जाता है
00:42इस दौरार मौसम सुहाबना रहता है और आस्मान साफ मिलने की संभाबना भी ज्यादा होती है
00:49अगर आपको थंड और कभी-कभी बर्फबारी पसंद है तो दिसेंबर से फेब्रोरी के बीच जा सकते है
00:56लेकिन इस समय तापमान काफी कम हो सकता है
00:59वही जुलाई से सितंबर तक बाड़िश होती है इसलिए पहारी रास्तों पर यात्रा थोड़ी मुश्किल हो सकती है
01:06अब सवाल है दार्जलिंग पहुँचे कैसे
01:09सबसे आसान तरीका है ट्रेन या फ्लाइट से नियू जलपाई गूरी यानि NJP पहुँचना
01:16वहां से दार्जलिंग सरप के रास्ते लगपक 3-4 घंटे में पहुचा जा सकता है
01:21हाला कि ट्राफिक और मौसम के हिसाब से समय बदल सकता है
01:26और अगर आपके पास समय है तो NJP से दार्जलिंग की मशूर टॉई ट्रेन का सफर भी कर सकते है
01:32ये यात्रा काफी धीमी है लेकिन रास्ते में पहारो और पुड़ाने रेलवी ट्रैक का अनुभव इसे खास बना देता है
01:42अब आते हैं सबसे जरूरी हिस्से पर दार्जलिंग में घूमना कहा है
01:46सबसे पहले जाए टाइगर हिल
01:49यहां से सूर्यदय के समय कंचन जंगा पर पढ़ने वाली सुनहेरी रोशनी देखने के लिए लोग सुभा बहुत जल्दी पहुँशते
01:58हैं
01:58लेकिन ध्यान रखें बादल होनी पर आपको मनचाहर निजारा नहीं मिल सकता
02:04इसके बाद आप घूम मनास्ट्री और घूम रेलवे स्टेशन जा सकते हैं
02:08घूम भारत के सबसे उचे रेलवे स्टेशन में से एक है
02:11और यहां दारजलिंग की पुरानी पहारी रेलवे की जलक मिलती है
02:16फिर जाए बातासिय अलूप
02:18यहां टॉइ ट्रेंग पहारों की चारों तरफ घूमते हुए एक सुद्र घेरा बनाती है
02:23साफ मौसम में यहां से पहारों का शानदार दुश्य भी दिखाए देता है
02:27अगर आपको दारजलिंग का इतिहास और स्थानिय संस्रूती समझनी है
02:31तो हिमालियन माउंटेनियरिंग इंस्टिट्यूट और पदमजा नाइडू हिमालियन जूलोजिकल पार्क को अपनी सूची में जरूर रखे
02:39दारजलिंग की पहचान सिर्फ पहारों से नहीं बलकि इसकी चाय से भी है
02:43किसी चाय बगान में अजाकर आप देख सकते हैं कि पहारी ढलानों पर चाय कैसे उगाई जाती है
02:51और चाहे तो स्थानिय चाय भी खरीच सकते हैं
02:54अब बात करते हैं दारजलिंग में कितने दिन रुकना चाहिए
02:57पहली बार जा रहे हैं तो तीन दिन और दो रात एक अच्छास विकल्प है
03:02पहले दिन आप शहर और आसपास की जगह देख सकते हैं
03:06दूसरे दिन टाइगर हिल, गूम, बातासिय लूप और बागी प्रमुक जगह कवर कर सकते हैं
03:13और तीसरे दिन जाई के बगान, स्थानिय बजार और आप अपनी पसंद की कोई भी अतिरिक्त जगह देख सकते हैं
03:21एक और जरूरी बात, दारजलिक में घूमने के लिए हर जगह टाक्सी करना जरूरी नहीं है
03:26मॉल रोड और आसपास की कई जगहें पैदल घूमने के लिए अच्छी है
03:30लेकिन दूर की जगहों के लिए स्थान या टाक्सी लेना ज्यादा सुविधा जनक रहेगा
03:36और हाँ पहारों में मौसब बहुत जल्दी बदल सकता है
03:39इसलिए गर्मियों में भी एक हलकी जैकेट और बारिश से बचने की चीज़ें जरूर रखे
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