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जवानों का जज्बा भी, बंदूक का ट्रिगर भी... युद्ध के लिए कितनी बदली भारतीय सेना? देखें वंदे मातरम्
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00:00बंदे मातरम
00:12वो खून का हो किस मतलब का
00:19जिसमें उबाल का नाम नहीं
00:24भारत माता कीजे
00:30देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का जदबा ही देश किशेना को मजबूत बनाता है
00:36वो खून कहो किस मतलब का
00:40आ सके देश के काम नहीं
00:47वंदे मातरम
00:51मातरम
00:55वंदे मातरम
01:04पिछले युद्धों से मिले अनभवों से हमारी रणनीती और तक्लीके में लगातार बदला हो रहा है
01:14जो हमारी बहरती है सेना में अभी इस्तेमाल हो रहे हैं उससे जुद्ध प्रणालनी में जो गती है और अफिक्ट
01:20है दोनों में बदलावा गया है
01:25यह कॉम्बैट विपन ट्रेनिंग सिमुलेटर है जो रियलिस्टिक ट्रेनिंग को सिमुलेट करता है
01:35यहां पर हमने बेसी ड्रोन फ्लाइं के लिए हमने यहां पर दो परकार का उप्स्टिकल कोर्स मना रहा हुआ है
01:42एक सैनिक को देश के प्रती मर मिमिटने की भावना सास्त नेत्र और फाइटिंग स्प्रिट उसके सबसे बड़े हतियार है
01:50वंदे मातरम
02:28आपको आप को आए वियर बत्म करा एंगे आज वारत की प्राइब से लावी की उप्सेंग्य कर दो
02:41तक हमारे इंवंटरी सोच व्हारे पैदल सैनिक कंगा नहीं आते हैं तब तक हुआ
02:50पूरी नहीं हो सकती
03:05रण भूमी का एक शाश्वत नियम है
03:08युद्ध चाहे मिसाइलों से शुरू हो या आस्मान से गिरते बमों से
03:12अंतिम विजय का तिरंगा हमेशा वही सैनिक गारता है जिसके कदम जमीन पर पड़ते हैं
03:45जिसने हर दौर में अपने पराक्रम से इतिहास के पन्नू को सुख़ा है
03:49वर्निम बनाया है जान की बाजी लगा दी है पर देश की सीमाओं पर आज नहीं आने दी है
04:00देश की रक्षा के लिए कर्तव्य समान और सिर्वोज बल्दान देने की भावना और अपने आप में एक अलग पहचान
04:09देता है
04:20लेकिन 21 सदी का युद्धिक्षेत्र पूरी तरह बदल चुका है
04:24आज की जंग केवल बारूद और गोलियों की नहीं रही बल्कि तकनीक, नेटवर्क, आर्टिफिशल इंटेलिजन्स और डेटा ड्रिवन वार्फेर की
04:33बन चुकी है
04:42New Generation Weapons and Equipments जो हमारी भारती है सेना में अभी इस्तेमाल हो रहे हैं
04:47उससे जुद्ध प्रणालनी में जो गती है और अफिक्ट है दोनों में बदलावा आगया है
04:59वंदे मातरम के चौदवे सीजन में हम आपको दिखाएंगे कि हमारी सेना भविश्य के युद्ध के लिए खुद को किस
05:06तरह तैयार कर रही है
05:11आज का भारतिय सेनिक केवल अपनी पारंपरिक वीर्ता पर निर्भर नहीं है बलकि आधूनिक तकनीकों घातक हतियारों और डिजिटल संचार
05:21प्रणाली से पूरी तरह लैस है
05:38भारतिय थल सेना ने अपनी पारंपरिक रणनीतियों को भावी युद्ध की जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह रीडिजाइन किया है
05:46अब हमारे पैदल सेनिक केवल सेनिक नहीं बलकि एक पूरा कॉमबाट नेटवर्क है
05:52ये पराकरम और आधुनिक्ता का एक ऐसा बेजोड संगम है
05:56जिसने भारत की इंफेंट्री को दुनिया की सबसे खूखार और मारक पैदल सेना में तबदिल कर दिया
06:08हम आपको देश के हर मोर्चे पर तैनात सेनिकों के हाथों को मजबूत करते हतियार
06:14और शक्तिशाली बनाते प्रशिक्षन से रूबरू कराएंगे
06:18और इसे एक सूत्र में पिरोने के लिए हम पहुचे देश की सबसे पुरानी राइफल रेजिमेंट राजपुताना राइफल्स में
06:27क्योंकि जब हम इस रेजिमेंट के 1775 से 2026 का सफर दिखाएंगे
06:33तो तीन सदियों के फासले में सशक्त भारतिय सेनिकों की जलक आप खुद बहुद देख पाएंगे
06:49युद्ध के मैदान में जब एक भारतिय सेनिक उतरता है तो उसकी मारक शमता ही जीत और हार के उस
06:55अंतर को तै करती है
06:57आज भारतिय सेना का एक जवान केवल एक बंदूक धारी जवान नहीं है बलकि वो अपने आप में एक पूरी
07:06की पूरी युद्ध प्रणाली है
07:08जहा तक हथियारों का सवाल है भारतिय इंफेंट्री के एक सेनिक के पास आज अत्या धूनिक हथियार मौजूद है
07:27युद्ध में विजय हासल करने के लिए जवानों के जजबे के साथ साथ उनकी उंगलियों के नीचे मौजूद ट्रिगर की
07:33ताकत भी मायने रखती है
07:36भारत ने अपनी इंफेंट्री को आधूलिक तक्नीक से लैस करने के साथ साथ उसके हथियारों के पूरे बेड़े का काया
07:43कल्प कर दिया
07:51भारतिय सेना ने दुनिया की सबसे घातक असॉल्ट राइफल्स और सपोर्ट वेपन्स को अपनी पंकियों में शामिल कर लिया
07:59आज हमारे जवानों के हाथों में सिग सॉयर से लेके AK-203 असॉल्ट राइफल्स सुशोभित है
08:10AK-203 ये एक इंडिजिनिस वेपन है जो भारत में ही इसका मैनिफेक्टरिंग हो रहा है
08:16ये भी एक लॉंग रेंज वेपन है जो काफी कारगर साबित होता है
08:226 और 7.62 mm 6 और ये भी लंबी दूरी का हतियार है काफी एक्यूरेट और काफी प्रभावसाली है
08:30जो हमने पिछले
08:31विभिन एक्साइजों में हमने इसका आंकलन किया है तो ये भी काफी बढ़िया हतियार शामिल हुआ है
08:37इसका नाम है येके 203 असल ट्राइपल ये पहले सेना के अंदर एके फोटिशून का इस्तमल किया जाता था अभी
08:45इसका लेटेस्ट वर्जन एके 203 को सेना के अंदर समिल किया गया है
08:51कि एक फोट्रिशोन के बनिस्पत इसका रिकॉइल कम और एक्रिशी जादा होने के कारण हम लंबे रेंग पर निकलने वाले
08:59टार्गेट को बरबाद कर सकते इसके साथ ब्यास पास में जीन आते हैं उससे हम लड़ाई में ज्यादा अमनिशन क्यारी
09:06कर सकते हैं और इसका फाय
09:20AK-203 Assault Rifles भारत में स्वदेशी रूप से निर्वित हैं ये रूस के सहयोग से बन रही है भारतिय
09:29जवानों को Close Quarter Battle या नियामने सामने की लड़ाई में अचूप बढ़त दिला रही है
09:36AK-203 अपनी अनुकूलता, अटूट मजबूती और सटीक मारक्षमता के लिए जानी जाती है जो उत्तरपूर्व के घने जंगलों से
09:46लेकर लड़ाख के बरफीले मैदानों तक हर परिस्थिती में बिना रुके फायर कर सकती है
09:59इसके अलावा भारतिये सेना, फ्रन्ट लाइन ट्रूप्स, स्पेशल फॉसेज, घातक प्लाटून के लिए उनकी जरूरतों के हिसाब की राइफले इस्तमाल
10:07करती है
10:08अब जो LMG इस्तमाल में है उसका रेट ओफ फायर पहले के मुकाबले कहीं अधिक है
10:16नगेव LMG जो कि एक लाइट मशीन गन है ये लंबी दूरी का हत्यार है और काफी कारगर और एक्कुरेट
10:22वेपन साबित होता है युद्ध प्रणानी में
10:28साथ ही जो नाइट विजिन और थर्मल वेपन साइट से वो बेहत कारगर है
10:37ये एक स्पोटोस्कोप है आप लोगों ने बाइनोकुलर के बारे में सुना होगा जिसमें संत्री कंटिनूसली बाइनोकुलर से देखते वे
10:44सर्वलेंस करता है
10:44दिन के समय सर्वलेंस करने के लिए एक संत्री को continuously इसके उपर खड़े रहने के जुरूरत नहीं है
10:50संत्री बंकर के अंदर हो सकता है बाहर बर्फ गिर रही है एकदम harsh weather है और temperature बिल्कुल low
10:55है
10:56इसको हम बाहर लगा सकते है उपन के अंदर किसी चुपाव वाले इलाके के अंदर संत्री टैब के साहरे बंकर
11:02में बैठके पूरी surveillance कर सकता है
11:04और दुश्मन की एक-एक activity को notice कर सकता है
11:09इसके अलावा snipers के क्षेत्र में भी भारतिय सेना ने एक बड़ी चलांग लगाई
11:15नए उक करणू ने भारतिय सेना की counter sniping शमता को कई गुना बढ़ा दिया है
11:21जिससे मीलों दूर छिपा दुश्मन भी अब सुरक्षित नहीं है
11:34सिर्फ व्यक्तिकत हथियार ही नहीं बलकि infantry को support देने वाले हथियारों को भी पूरी तरीके से अपग्रेड किया गया
11:42है
11:47यह एक स्नैपर है इसका नाम है 8.6 mm साको स्नैपर आपल अभी इसके अंदर क्या है कि इसके
11:53अंदर बाइपड की सुविदा दी गई है
11:54इसके अलवा इसके अंदर बोल्ट एक्षन है जिसके वज़े से क्या है इसके अंदर पुरजों की मोमेट नहीं होती जिसके
12:01वज़े से क्या है इसके अंदर एकुरिशी ज्यादा मिलती है
12:04दुसरी बात है इसके अंदर पिकातनी रेल की सुविधा दी गए है जिसके वज़े से दीन के समय जिस प्रकाशा
12:10हम साइट लगा के फायर करते हैं
12:12उसी इसाफ से क्या है इसके अंदर नाट के समय भी हम टे आई साइड लगा के उसको हम फायर
12:16के अंदर सामिल कर सकते हैं
12:18जिसके वज़से दिन और रात के समय हम इसका इस्तिमाल कर सकते हैं
12:24नए जमानी के ये हत्यार साफ संदेश देते हैं
12:28कि भारत ने अपनी पैदल सेना को इतना लीथल और घातक बना दिया है
12:33कि अब दुश्मन के पास बच निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा
12:44Infantry यानि पैदल सेना को Queen of the Battlefield बाना जाता है
12:49Queen क्यों? क्योंकि जिस तरीके से chess के खेल में जो रानी होती है
12:54वो चुस, शक्तिशाली, निरणाय चाले चल सकती है
12:59उसी तरीके से होती है Infantry
13:02अब भारतिया Infantry को लेकर, उनके बल को लेकर, उनकी ताकत को लेकर किसी तरह का संशे नहीं
13:09लेकिन युद्ध के बदले स्वरूप में किस तरीके से ये खुद को ढाल चुके हैं
13:15वो भी अपने आप में अनुखा है
13:21हथियार चाहे कितने भी आधूने क्यूं नहों, उनकी असली ताकत इस बात पर निर्भर करती है
13:26कि उन्हें इस्तेमाल करने वाले हाथ कितने प्रशिक्षित में
13:29आधुनिक समय के युद्धब केवल मैदानों या पहाडों तक सीमत नहीं है
13:34बल्कि ये जंग अब शेहरों की तंग गलियों, मूची इमारतों और साइबर स्पेस तक फैल चुकी है
13:43इसी को ध्यान में रखते हुए भारतिय सेना ने अपनी इंफेंट्री के प्रशिक्षण में भी कई बदलाव किये हैं
13:49अब पारंपरिक शारीरिक अभ्यास के साथ साथ जवानों को
13:53simulated environment, augmented reality और hybrid warfare drills का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा
14:01तकनीक के साथ एक सबसे बड़ी चीज ये होती है कि वो बहुत तेजी से बदलती है
14:05और तेजी से बदलती हुए तकनीक के लिए आपको प्रशिक्षिद भी उतनी ही तेजी से होना है
14:10तो इस तरह से जब drones होते हैं तो ऐसा नहीं है कि आप केवल सामानिय रूप से जो लोग
14:17इस्तमाल करते हैं
14:17यानि कि एक क्यामरे के रूप में इस्तमाल नहीं होता है बलकि आज के युद्ध में ये एक हतियार के
14:24रूप में इस्तमाल होता है
14:26अब अगर हम उन sophisticated drones को देखें उन sophisticated technology को देखें तो वो उतनी ही महगी technology भी
14:34है महँगी तकनीक भी है
14:36और अगर आप सीधे फिल्ड में जाकर उसका इस्तमाल करने लगते हैं तो उसका सीधा मतलब हो जाता है कि
14:44cost effective नहीं रह जाता
14:47है कि आप इस तरह के simulators पे training ले और खास कर जब हम attack
14:51drones की बात करते हैं तो वो single use होते हैं तो एक सैनिक इस
14:59कुरसी पर बैठ कर एक simulator पर इस तरह की training लेकर उस असली
15:05युद्ध भूमी के लिए तैयार हो जाता है वर्च्वल रियालिटी हैद्सेट पहन कर ये सैनिक
15:18इस कमरे में होते हुए भी एक operation का अनुभव हासिल कर रहे हैं
15:31असली गोलियों के बिना ही वास्तवे की युद्ध जैसा अभ्यास कर रहे हैं
15:45आज की training सैनिकों की मानसिक और तक्नीकी क्षमता को निखारने पर केंद्रित है
15:50जवानों को दुश्मन के digital और electronic हमलों को समझने
15:54अपने संचार चैनलों को सुरक्षित रखने
15:57और युद्ध के दौरान मिलने वाले बड़े डेटा में से काम की जानकारी तुरंक चुनने का प्रिशिक्षन दिया जाता है
16:06कि बविश्य के युद्धा को फिजीकल रूप से फिट नहीं बल्कि मांसिक रूप से स्वास्थ और तक्निकी रूप से सक्षम
16:13होना भी जरूरी है उसको आधिनिक बेटरल फिल्ड में ड्रॉन्स, सेंसर और कम्म्यूकेशन सिस्टम का इस्तमाल करना आना जरूरी है
16:25भारतिय सेना का ये नया ट्रेइनिंग मॉडल ये सुनिश्चित करता है कि हमारा सैनिक, मांसिक, शारीरिक और रणनीतिक रूप से
16:33हर तरह के आधुनिक युद्ध को जीतने के लिए हमेशा तैयार रहे
16:42आधुनिक युद्ध भूमी का एक फलसफा है जो पहले देखेगा वो जीतेगा और इसी को आत्मसाद करते हुए भारतिय सेना
16:52ने ड्रोन को अपनी ट्रेनिंग में, अपने ऑपरेशन्स में पूरी तरीके से शामिल किया है
17:00आपको हमने बैटल उब्स्टिकल कोर्स तो कई बार दिखाया जहां पर सेनिक अलग अलग तरह के अवरोध से गुजरते हुए
17:07आगे बढ़ते हैं
17:08लेकिन ये अपने आप में अनूठा एक ड्रोन अब्स्टिकल कोर्स है, यानि कोई भी बीवार, कोई भी छत, कोई भी
17:16इलाका भारतिय सेनिकों को इन ड्रोन्स को आगे बढ़ाने से रोक नहीं सकता, आज के युद्ध में ये बहुत निर्णायक
17:25है
17:33भारतिय सेना की छोटी इंफेंट्री टुकडियों से लेकर बड़ी बटालियनों तक हर स्तर पर ड्रोन्स का इस्तेमाल अब सामान्य हो
17:41चुका है
17:42इसने हमारे सेनिकों को बियॉंड विज्वल रेंज यानि आखों से न दिखने वाले इलाकों में भी पूरी तरह हावी होने
17:48की ताकत दी है
17:53कि अद्युक्त ब्रोन और अप्स्टिकल गवर्ट मतलब होता है यहां पर हमने बेसीग अपने दो परकार का ओप्स्टिकल कोर्स मना
17:58रहे हुआ है
18:00के यहां पे छार आपस्टीकल जैसे कि सबसे पहले रूप टॉप से झाटर्ण इस ओप
18:18और फैस्वे हमारे इंटरमीडियर ड्रोन उपस्टिकल हैं जिसलिए में पास हैं लोबीटन
18:39इंफेंट्री जवान अब अपनी हथेली, जेब या चोटे बैग में आ सकने वाले
18:44माइक्रो और नानो ड्रोन्स का इस्तमाल भी करते हैं
19:03यहां बहुत ही हलका और लो नाइस रिद्यूस करता है और यहां इतना चोटा है कि हम इसको छोटी सी
19:10छोटी जगा में बेजाके सर्वलेंस कर सकते हैं
19:16यह तक्नीक सैनिक को बिना अपनी जान जोखिम में डाले, किसी भी जगे छिपे दुश्मन की सही संख्या, उसके पास
19:24मौजूद हथियारों और उसकी लोकेशन की लाइव विडियो हासल करने की सुविधा देता है
19:32भारतिय सेना तबारा इस्तिमाल किये जा रहे जोट्स किसी भी मौसम में और शून्य से नीचे के तापमान में भी
19:39लगातार निगरानी कर सकते हैं
19:43यह एक हमारा सर्विलिंस डोन है, जिसकी डे और नाइट कैपबिलिटी है
19:46यह आत्मिन रिवर भारत मेकेन इंडिया के तहद बनाया गया है
19:50और इस डोन ने हमें आप सिंदूर में काफी हद तक में हल्प की है
19:55ताकि हम अपने टागेक्स और अपने दुश्मनों को अपने तनभूत कर सके
20:02इंफिंट्री के ड्रोन्स सिर्फ निगरानी तक सीमत नहीं है, वो हमला करने में भी सक्षम है
20:07भारतिय सेना ने कामिकाजी ड्रोन्स को भी अपनी इंफिंट्री का हिस्सा बनाया है
20:11ये लॉट्रिंग म्यूनिशन हवा में लंबे समय तक मंड़ा सकते हैं और जैसी ही दुश्मन का कोई टैंक, बंकर या
20:18गाड़ी दिखता है
20:19ये मिसाईल की तरह सीधे उससे टकरा कर उसे नश्ट कर सकते हैं
20:27इस तकनीक ने भारतिय इंफिंट्री को दुश्मन पर दूर से ही सटीक और विनाशकारी हमला करने की वो शक्ती दे
20:35दी हैं
20:35जिसने पारंपरिक पैदल युद्ध के तौर तरीकों को बदल कर रख दिया
20:42ये एक वर्टिकल टेक ओफ और लांडिंग ड्रोन है जो कि एक्स्ट्रीम परिस्थितियों में बहुत कारगर है
20:48एक्स्ट्रीम परिस्थितिया यानि पहाडी क्षेत्र, हाई अल्टिट्यूड जहाँ पर तापमान बहुत अधिक ठंडा हो सकता है
20:56वहाँ भी ये ड्रोन सरवोच शमता पर काम करते हैं
21:02हमारी बारती सेनव में पिछले कुछ सालों से बिन बिन परकार के ड्रोनों को बड़ी संख्या में शामिल किया गया
21:07है
21:09जी जो सब ड्रोन हैं मेड इन इन इंडिया है सभी
21:13समभी हमारे बारती कमणी द्वारा बनाए गए है
21:25जैसे जे ड्रोन है इसमें दो परकार के पेलोड लगे हुए
21:33डे पेलोड और नाइट थर्मर पेलोड
21:35डे पेलोड की 20 गुना तक की जूमिंग केपरसिटी है
21:38जिससे हम दुश्मन की एक्टीबीटी पर नज़े रख सकते हैं
21:41और अपने ए और की रिस्मोंसिबिल एरिया कोई निगरानी कर सकते हैं
21:49ऑपरेशन सिंदूर के दोरान भारत के ड्रोन्स ने दुश्मन के क्षेत्र में विद्वन्स किया था
21:56और दुश्मन के इरादों को भाब कर अपने क्षेत्र की रक्षा भी की थी
22:06जितना जरूरी है एक मशीन के आधुनी की करण को देखना उतना ही जरूरी है मशीन के पीछे के उस
22:11व्यक्ति के शौरे को पहचानना
22:13एक ब्रेक के लिए रुक रहे हैं देखते रहिए वंदे मातरम
22:28इतिहास गवा है और वर्तमान में चल रहे युद्ध गवा है किम बिसाइले आसमान से वार कर सकती है
22:35टैंक जमीन को थर रा सकते हैं लेकिन जब तक एक इन्फेंट्री का जवान जमीन पर अपने देश का जंडा
22:42नहीं गाड़ता है
22:43तब तक एक युद्ध का निर्णय नहीं आता है यह सही है कि इन्फेंट्री मतलब पैदल सेना यानि कि पैदल
22:50चलने वाली सेना लेकिन आज के युद्ध में तेजी की भी ज़रूरत है और इसी लिए क्रांतिकारी बदलाव हमारी इन्फेंट्री
22:59के वेहिकल्स यानि उनके
23:29वानू में भी किये गए है
23:34जो सेना दुश्मन के हमला करने से पहले या उसके जवाब में जितनी तेजी से अपनी सेना को सही जगे
23:41पर तैनाद कर सकती है जीत उसी की होती
23:52भारती इन्फेंट्री ने अपनी मुबिलिटी अपनी गती शीलता को कई गुना बढ़ाने के लिए अध्या धूनिक वाहनू का अभेद्य बेड़ा
24:00तैयार किया
24:07कि आजकल इंडियन आर्मी का फोकस है क्योंकि यह टेरेन काफी हार्श है और ट्रेचरस है तो नए न्यू जेनरेशन
24:14एक्विप्मेंट इंड़करने पर काफी फोकस है जैसे कि आप देख सकते हैं यह क्यो और एफ वेकल है यह स्पेशल
24:20परपोस वेकल है जोगी माइन प्र
24:30प्रडेक्शन मिलता है और यह आड़ की पीछे फिर सपोर्ट लेते हुए निकलते हैं और अपनी कारवाई करते हैं अगई
24:35कि मतलब यह चलता फिरता बंकर के तौर पर में से देख सकते हैं बिल्कुल
24:43सीमा पर सूपर हाई अल्टिट्यूड वाले इलाकों में तेजी से पहुँचने के लिए सेना ने ओल टिरेन वीकल्स और विशेश
24:51लाइफ स्पेशलिस्ट वीकल्स को बड़ी संख्या में तैनात किया है
24:57सेनिकों को दुर्गम पहाड़ूं पर भारी भरकम वजन उठाकर पैदल लंबी दूरी तैन न करनी पड़े इसके लिए भी कई
25:04तरह के बदलाव किये जा रहे हैं जैसे ये रोबोटिक म्यून्स
25:17आज हमारी इंफेंट्री मेकनाइज मोबिलिटी के एक नई युग में प्रवेश कर चुकी है जहां अत्या धुनिक इंफेंट्री कॉम्बाट वीकल्स
25:25स्वदेशी रूप से विक्सित किये गए हैं ये वहाँ नदियों दल दल बरफीले मैदानों को बिना किसी रुकावट
25:31कर सकते हैं ये एक इंफेंट्री वेजिकल है जिसमें लडाइन के दौरान इफेंट्री है अपने कुरू तीन क्रू के आलावास
25:43साथ की स्टिक जो की लडाइन में नीचे उतर के दुशमन के बंकरों पे अटैक करते हैं या उसल्द करते
25:51हैं उनको अंदर बिठाय जाता है �
25:53आप देख सकते हैं कि लाइनाप हो रखा है, इस BMP की खाश्यूशित यह है कि यह एक तो हल्की
26:00है, 14 टन की है, और यहाँ पहाडी इलाकों में पासस में आराम से उपर जा सकती है, उसके अलावा
26:07इसमें टैंकों को बरबाद करने के लिए ATGM दिया गया है.
26:12सब इस वीकल के बारे में बताएं क्यूंकि जाधातर समय तो यहाँ पर श्नो रहता है पूरे इलाके में यह
26:19में यह Polaris 550, यह Polaris Company जे बना हुआ है, यह सेना में इसलिए दिया गया है कि मोबिलिटी
26:27पढ़ाने के लिए, जहाँ पर फॉर वील वीकल जहा नहीं पाता है, वहाँ
26:32पर यह ले जाके हम आराम से टूप्स को एक जगा से दूसरे जगा आसनी से ले जा सकते हैं,
26:37अच्छा, मतलब पूरा बर्फ रहती है तो उसमें बहुत जी और स्टार्टिंग में जो माइनस डिग्री है उसमें भी आसनी
26:43से इसलिए जो एवियाशन का फ्यूल इसमें रालत
27:01के पूरी उर्जा और पूरे घोला बारूद के साथ सीधे युद्ध के क्षेत्र में पहुंच सकते हैं, भारतिय इंफेंट्री की
27:14ये सूपर फास्ट मोबिलिटी सुनिश्चत करती है कि देश की सीमाओं पर किसी भी आपात स्थिती में हमारी प्रतिक्रिया, तुरंत,
27:24खा
27:34अर्थिय सेना का स्वन्डे में इतिहास रहा है, हमने कठिन से कठिन पर स्थितियों में युद्ध लड़े हैं, जीते हैं,
27:41लेकिन बदलते समय के साथ पारंपरिक रणनीतियां काफी नहीं होती हैं, और तब जन्म लेती हैं, वो विशेश रणनीतियां और
27:50वो खास दस्ते
27:52जिनके सामने दुश्मन धर्रा उटता है।
28:22इन्फेंट्री और एलीट पैरा स्पेशल फोर्सेज के बीच के अंतर को पाटती हैं।
28:30नाम है भैरव। और नाम के अनुसार ही, ये बटालियन दुश्मन के मन में भय पैदा करने और उसका सर्वजणाश
28:38करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
28:42भगवान शिव का शक्तिशाली और उप्र रूप हैं भैरव। काल के स्वामी, अधर्म के संहारक और उनी से प्रेरित हैं।
28:50भैरव के ये योद्धा।
28:56क्रिटिकल रिक्वार्मेंट थी और एस पर देकेड ऑफ मोडनाइजेशन जिसके अंदर के बहुत ही क्रिटिकल गैप, ऑपरेशनल गैप को ब्रिज
29:03किया जा रहा है जो की पैरा-स-फ और नॉमल इंफेंट्री बटालिन के बीच में स्तित रहेगी।
29:10टास्क के मुताबिक इसका अकार नॉमल इंफेंट्री बटालिन से छोटा रखा गया है बट इनके पास काफी जादा निव जोर्नेशन
29:18वेपन्स और एक्यूपमेंट दिया गया है जिससे कि हम एफेक्टिव ऑपरेशन और टार्गेट एरिया पे डिस्त्रक्शन कर सकते है
29:35इन सैनिकों को कमांडो ट्रेनिंग हासिल होती है इन्हें अत्याधूनिक उपकरणों में दक्षता हासिल है ये ड्रोन्स के इस्तमाल में
29:42पारंगत है इनका गठन सबसे कठेन इलाकों में तैनाती के लिए है भैरो बटालियन तकनीकी रूप से सम्रिद्ध है इन्हें
29:51मल्ट
29:57हर सैनिक को ड्रोन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग है ये नाइट ऑपरेशन्स में खास महारत रखते है भारतिय सेना में
30:13फिलहाल बहरो की 15 बटालियन रेज की गई है लेकिन जरूरत को देखते हुए इस संख्या को 25 तक बढ़ाने
30:19की योजना है
30:33इस योनिट में चुने गए जवानों को बहुत ही कठेन शारीरिक, मानसिक और तक्नीकी प्रशिक्षण से गुजरना होता है
30:46यह सेनिक न केवल hand-to-hand combat और surgical operations में माहिर होते हैं बल्कि यह electronic warfare, cyber
30:52operations और advanced drone piloting में भी expert होते हैं
30:57यह force भारतिय सेना के उस नए विचार का प्रतीक है जहां युद्ध केवल सैनिकों की संख्या से नहीं बल्कि
31:04तक्नीकी श्रेश्रिता, गति और अचूप प्रहार से जीता जाता है
31:18एक शक्तिशाली देश को होता है वो अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों के कद्रों का सहारा नहीं लेता हम बात
31:25आप में भट्ता की कर रहे हैं नेकिन इंड्या की कर रहे हैं
31:28भारतिये इंफेंट्री के खाया कल्प को हम देखें उसके मून में भारतिये खट्टा भी रहे हैं
31:34आपने देखा इन सैनिकों को शूटिंग रेंज पर फाइरिंग में यही दक्षता दिखाते हुए लेकिन उपकी में इस मेड इंडिया
31:44इंड्या की कर रहे हैं
31:57आज हमारे सैनिकों द्वारा इस्तमाल किये जाने वाले बखतरबन, आमर, नाइट विजिन गॉगल्स, आधूनिक संचार उकरण, ड्रोन्स और असॉल्ट राइफल्स
32:06का एक बड़ा हिस्सा भारत अपने रक्षा उद्योग, DRDO और प्राइवेट डिफेंस स्टार्टप्स
32:12द्वारा बना रहा है, मेक इन इंडिया की इस मुहिम ने भारतिय सेना को न केवल आधूनिक बनाया है, बलकि
32:20इसे रणनी तिक रूप से अधिक स्वायत और आत्म विश्वासी भी बनाया है, भारत की मेक इन इंडिया मुहिम में
32:27केवल सरकारी कंपनिया नहीं है, बलकि प्
32:42मैं सबसे पहले आज ये पूछना चाहती हूं कि जब हम आत्मिरभरता देखते हैं इतने सालों से बहुत चीज़ों के
32:52हिसाब से हम आत्मिरभर होते जा रहे हैं
33:14यहां तक कि प्राइबेट सेक्टर का सवाल है यह बहुती महतव पून सवाल है क्यूंकि
33:20कि 2001 में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री हुई इस सेत्र में जब प्रदानमंत्री वाजपई जी प्राइवेट सेक्टर के लिए और
33:31देखा जाये तो यह जरनी 25 साल में काफी दूर तक आई है और स्पेशली पिछले 12 साल में जब
33:37से मोधी जी ने इसको एक मेक इन इंडिया
33:40के प्रूप में पुष करना शुरू किया और आत्मनिरबरता की इंपॉर्टेंस समझनी शुरू करी तो बहुत आगे तक हम पहुच
33:47गए फ्रॉम दप्रस्पेक्टिव कि जो प्रॉडक्स अब बनते हैं वो रियली में इंडिजेनेस प्रॉडक्स कई शेत्रों में इस डि�
34:07अगर हम लोग टेकनोलोजी कहीं बहार से लेकर यहां पर उत्पादन कर रहे हैं तो वो इंडियन प्रॉडक्ट नहीं कहलाएगा
34:12तो जो इनोवेशन का रोल है वो एक बहुत उभर कर आया है और जितने भी प्रॉडक्ट हम सेंटल में
34:18बनाते हैं वो सारे के सारे हिंदुस्
34:26वो ही असली तरीके से देखा जा तो हिंदुस्तानी प्रॉडक्ट कहलाएगा खासकर पिछले दिर साल में उप्रेशन सिंदूर के बाद
34:33तो पूरे दुनिया हमारे प्रॉडक्स की चर्चा कर रही है क्योंकि जो कॉलिटी का डेमोंस्टेशन उस ताइम पे इंडियन प्र�
34:53का टागेट है कि वो हन्रेड परसेंट मेड इंडिया हो और इसके लिए बहुत मुश्किल है मतलब एफर्ट को हैट्स
34:59ओफ की हमारे युवा आपके जैसे युवा बिजनसमेन वो सब किस तरीके से लग कर यह कर रहे हैं पर
35:05एवियोनिक्स में अगर मैं उस हन्रेड परसें�
35:07इंडिया की बात करूं तो वो कब तक अचीवबल है हम लोग अलरडी 70-80% पर खेल रहे हैं
35:13और ज्यादा तर प्रोड़क्ट अब उसको इंडिया नहीं बोला जाता है कुछ पार्ट बाहर से अमेरिका भी खरीदता है तो
35:19ऐसा नहीं है कि वो इंडिया नहीं बोला जाता और
35:37है उनमें फेलियर की गुंजाईश है ही नहीं देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है अगर एक फेलियर होगा तो
35:43पूरे देश की सुरक्षा पर सवाल हो जाते हैं इमानदारी से अगर मैं कहूं कि आप इंटरनाशनली इनको कंपेर कीजिए
35:50तो आप कहां पर देखिए ज
36:06और वो प्रड़क्ट यूएस आर्मी में यूज होगा वो अब इंडिया में भी हम बात कर रहे हैं और उसके
36:09कई और कंट्री में भी इंपोर्टेंस है तो हमारे जो अब इवाल्व हो गए हैं सिस्टम्स कि जो कॉलिटी निकल
36:16कर आएगी वो ग्लोबल कॉलिटी निकल रहे ह
36:18हनीवेल को हम बहुत प्रड़क्ट देते हैं उनके साथ जब काम करते हैं बेस्ट कंपनियों के साथ जब हिंदुस्तानी कंपनिया
36:23जोड़ती है वो एक बेस्ट प्रैक्टिस लेकर आती हैं देश में जो इनुवेटर्स हैं जो उद्यमी हैं क्योंकि स्पतंत्रा दिवस
36:31का म
36:46हैं इनुवेटर्स जो यंग इनुवेटर्स हैं जिन्हें लगता है हमारे पास ब्रिलियंट आइडियाज उनके पास भी मोका होता है आप
36:51तक पहुच पाने की बिलकुल बहुत सारी कंपनिया जुड़िया मारा हमेरे साथ परियास रा है कि यो सप्लाइचेन में हम
36:57लोग कं
36:59का अटिट्यूड बहुत जरूरी है यह जो इंडस्ट्री है इसमें सबर के साथ काम करना पड़ता है जस्टेशन पीरियड लंबे
37:06है मेरा एक मैसेज यह है जो इस इंडस्ट्री को देख रहे हैं जो जुड़ना चाहते हैं जो जुड़े भी
37:12हुए हो भी इस बात को रोज �
37:17इस वर्चू बिकॉस इसमें टाइम लगता है आपको पेशेंटली ड्वलप करना इसमें कोई ऐसा नहीं है आज आप गुसे दो
37:24साल बट आपका टनोवर आजाएगा और अगर आपको देश के प्रस्पेक्टिव से लेकर चलें कि भई आप लॉंग टम गेम
37:30खेल रहे हैं औ
37:31उसका परपस कितना बड़ा है उस परपस के साथ अगर आप जुड़ते हैं तो पेशेंट्स जब आप घुसो टाइम लगेगा
37:38सबर रखो पर टेक्नोलोजी ऐसी बनाओ जो विदेश को विदेश में लेकर जाए और हमारे जंडे को बहुती बहुत सारी
37:46कंट्री में फेरा ह
37:47जब एक सैनिक एक ट्रेनिंग कर रहा होता है तो वो युद्ध के लिए ट्रेन हो रहा है लेकिन इस
37:54कोशिश के साथ की शांती बनी रहे कुछ वैसा ही इस इंडिस्ट्री का काम है और आज स्वतंतरता दिवस के
38:02मौके पर आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा लेकिन दे
38:15सेना का आधूनिक और स्वयदेशी रूपांतरण केवल एक सैनिय सुधार नहीं बलकि भारत के एक वैश्मिक महाशक्ति बनने का स्पष्ट
38:25प्रती के
38:25अजय को वीर्ता परंपरा और आधूनिक तकनीक का ये अधूत क्रवेणी भारत माता के हर उस सपूत को अभेत्य बनाता
38:36है जो सीमा पर मुस्तेर अभी त्यार है जो सब्सक्राइब
38:52तकनीक चाहे कितनी ही बदल जाए
38:53आर्टिफिशल इंटेलिजेंस चाहे रियल इंटेलिजेंस पर भारी पड़ जाए
38:59लेकिन विपरीत परिस्थितियों में सीना तान कर खड़े रहने का जजबा
39:04किसी मशीन से नहीं मल सकता वो धड़कता है केवल एक भार की असेनिक के दिल में
39:11अभी के लिए इतना ही अभी शेक सिंग, क्यामर परसन सेयद मोसन और हितेश कुमार के साथ
39:16मुझे दीजिये इजाज़त वंदे मातरम
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