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  • 7 weeks ago
बीते कुछ सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तराखंड में जाता हुआ मानसून ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. रिपोर्ट- नवीन उनियाल-

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Transcript
00:03उत्राखन में मानसून भले ही अपना आधा सपर पूरा कर चुका हो लेकिन टेंशन कम होने के बजाए बढ़ी है
00:11ये बात बारिश के बदलते पैटर्न और बीते कुछ सालों के आंकणों को देख कर कही जा रही है अगस्त
00:18के दो हपतों में जिस तरह से बारिश हुई है वो को
00:29सततर मीली मीटर बारिश हुई जो सामानी से करीब आठ फीजदी ज्यादा है बागेश्वर में सामानी से 158 चमोली में
00:3870 और हरिद्वार में 46 फीजदी ज्यादा बारिश हुई है जो टेंशन देने वाली है बीते कुछ सालों में रिकॉर्ड
00:46बताते हैं कि मांसून सीजन के �
00:48आखिर में कुछ जिलों में इस तरह की बारिश ज्यादा घा तक साबित होती है बारिश का यही बदलता पैटन
00:55इस साल भी देखने को मिल रहा है
01:37बीते साल दोहजार पच्चिस की कुछ घटनाओं पर भी नजर डालें तो धराली आपदा भी अगस्त महीने में ही आई
01:44थी
01:44उसी तरह देहरादून में सितंबर में आपदा आई थी अगस्त दोहजार चौबीस में टीहरी के घंसाली में बादल फटा था
01:51केदारनाथ पैदल मार्ग भी भारी बारिशे तबा हुआ था
01:552023 में अगस्त और सितंबर का महीना काफी चौनोती पूर्ण रहा था
02:00ये तमाम वो घटनाएं हैं जो बताती हैं कि मानसून के आखिर में बारिश का इपैटन पहाड के लिए ज़्यादा
02:08खतरनाक है
02:09हाला कि शासन प्रशासन इसके लिए पहले से ही अपने आपको तैयार रखने का दावा करते रहे हैं
02:30मानसून में बारिश के बदलते इस पैटन को भौईशी केक चेताउनी के तोर पर लिया जाना चाहिए
02:36यदि इस पर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाला समय काफी खतरनाक साबित होगा
02:43ETV भारत के लिए देहरादून से नवीन उन्याल की रिपोर्ट

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