00:04गया की धर्थी पर माउंटेन मैन बाबा दश्रत मांजी की विरासत आज भी जन्दा है
00:10अतरी प्रखंड के कछरा गाउं में दो दोस्तों ने अपनी छैनी हतोडी से एक ऐसा अजूबा किया है
00:16जोसे दुनिया देखकर दंग है उन्होंने एक विशाल चटान को तराश कर मश्रूम पहाड बना दिया है
00:27करीब 15 साल पहले शौकी राजवनशी और विनोध मांजी को इस मजबूत पत्थर को तोड़ने का काम मिला था
00:33पत्थर तस से मस नहीं हुआ तो दोनों दोस्तों ने इससे तोडने के बज़ाए अमर बनाने की ठानी
00:39अपनी रोज की मस्दूरी से वक्त निकाल कर दोनों ने इसे खुबसूरत मश्रूम का आकार दे दिया
00:46इस नहीं है कर दो दोनों दोनों बनाए है कितना समय लगा हुआ
01:04समय से बहुत लग गया है आद़धा साल तो भीत बहुत उसी मुआ गाइब नगा था एक पर चटान बड़ा
01:12था
01:31Kari Tapasya के बीच 10 साल पहले
01:34Shaukira Jewanši की अचानक मौद हो गई
01:36विनोध अकेले रह गई
01:38लेकिन उन्होंने अपने जिगरी दोस्त की यादों को इस पत्थर में हमेशा के लिए अमर कर दिया
01:43बौध सर्किट मार्ग परस्थित ये जगहे आज देश विदेश के परेटकों के लिए पसंदीदा सेल्फी पॉइंट है
01:51बनाये पहले नमर दज साल पहले उसके बाद सवखी राजबंसी मर गए तो फिर हम लोग उसमें थोड़ा मिलाव ज़ार
02:00करके नहीं
02:00बढ़िया खूर्टी इसको हम लोग किये यहां पर बहुत सा लोग घूमने आते हैं यहां से आगे मान के चलिए
02:08दस किलो मीटर पंदर किलो मीटर दसरत मान जी का है
02:12गहला और घाटी ओहां से फिर इधर राजगीर सब लोग जाते हैं इसको बोलता है साठ सू कचाहरा समझे हैं
02:20यह काफी एकदम यहां पर जो भी परियतक आते हैं बहुत यहां पर सीन अपना बगेरा इस सब लेते हैं
02:28भूमते हैं यह पराकिर्टिक जो है जख्ये मस्रूम �
02:32देशा ही दिख रहा है समझे हैं यही से यहां पर ज्यादा कर सक परियतक लोग कहां होता है बर्गत
02:39की च्छाओं तलेबने इस अद्भुत कलाकृती को देखने रोजाना शाम भारी भीड उमरती है आज पूरा कचेरा गाउं अपने दो
02:47मस्दूरों के सुनर पर कर्फ कर र
02:56रही है कि इसके लिए मांग करेंगे कि यहां पर कुछ ऐसा बनाईए बहुत बढ़ियां जगा है राजीर पहाडी है
03:14मस्रूम का रुप में जो दिखा रहे हैं बहुत बढ़ियां है सुन्दर है अच्छा लगता है सब परियाटक लोग कूपते
03:22हैं देखते हैं और यहां से
03:25वांग यहां से ने वृबांए लिए जाता है नाम से जाना जाता है मस्रूम का नाम से जाना जाता है
03:37जिसे लगता है बहुत बनाया गया थे जदेख सकते हैं है
03:49all people are to leave
03:51now here are many people
03:54so
03:57pthr pere gai ye khani
03:59srifik hunar ki nahi
04:00doh dostaun ki atoot muhafbat
04:03aur kubhi na tootnay walay waade ki hai
04:05shoki bhali hiy
04:07is dunya mi nahi hai
04:08lekin vinod ki chenini se taraša gaya
04:10ye mushroom pahar
04:11gawa hi dhe raha hai ki
04:13jab tek ye chattan rehe ga
04:14unki amar dosta ki ya khubbsourad saaya
04:17This is the heart of the heart of the Red includes the stars of the Reds and the Reds.
Comments