00:00मैं डॉक्टर मोन भागवजी का इसलिए भी मन से आदर करता हूँ कि उन्होंने उनके विचार जिस पश्टता से उन्होंने
00:14रखे उसनों जो बदलाव लाया है और देश के प्रती विशेशूप से जो बाइलेंस मैंट की जो लोग है उनको
00:23उन्होंने अपने और किजने का प
00:29विशे होगा चाहे वो यूगों के अंदोलन का विशे होगा चाहे देश के अलग समस्यों का हूँगा उसके उन्होंने अपनी
00:36पश्ट राय दिखते वे इसको आज देश पहवाव के अंदर लाने का प्रहास किया है ऐसा मैं मानता हूँ हमारे
00:45देश की सबसे बड़ी अगर
00:46शक्ति कुछ होगी और जो हमें प्राकुर्तिक संसर हमें मिली है वो है हमारे यूग उनकी आशा अकांग्श है उनकी
00:57भावना है उनके मन के विचार ये समझ लेना आज बहुत ज़रूरी है उनकी भाशा अलग है उनकी लिखावट अलग
01:06है और जो आज हम है जो 60 के उपर है
01:0970 के उपर है उनको उस भाशा को समझ लेना पड़ेगा यो जो जनरेशन ग्याप है इस ग्याप को कम
01:15करना पड़ेगा और विच्छे शुप से में आपको बताना चाहूंगा कि जो शिक्षा स्वास्त ये दो ऐसे विच्छ है आज
01:23हमारे देश के अंदर लाखों लाखों आ�
01:30परिशेद चलाती है जिला परिशेद चलाती है उन स्कूलों की हालत आज बहुत दैनी हालत है वहां पर जो विद्यारती
01:37है किस प्रकार से पढ़ते हम को जा कि देखना चाहिए हम एक तरफ विक्सित भारत का सपना देख रहे
01:46हैं और दूसरे तर वियूकों की वहां की जो �
01:51विवस्ता है तो इसले मैंने पार्लेमेंट के अंदर डॉक्टर साब एक बार ये बिल लाया था और मैंने कहा था
01:57कि जब तक जिस प्रकार से हमें अपना पूरा संपती का ब्योरा देना पड़ता है उसी प्रकार से अगर हम
02:05लोग एक बिल यहां पर लाया और कहें कि जो भी
02:07लोग प्रतिती है उनके बच्चों को उसी स्कूल में पढ़ना पड़ेगा जो हॉस्पिडल्स बने उस हॉस्पिडल में उनको इलाज करवाना
02:16पड़ेगा मैं दावे सक कहना चाहता हूँ इस संसत को कि ये हमारे सारे स्कूल्स हमारे सारे अस्पताल इनकी सारी
02:26के व्योवस
02:35होना चाहिए मुझे एक बात हमें विशेश रूप से बताना चाहता हुगा है कि हमारे परम्पुजे बावुजी सुतनता संग्राम सेना
02:47ने जवारला जी दर्डान एक बात हमको समझा के बता हिए और वो मुझे ने तो मेरे भाई राजयन को
02:54भी उन्होंने समझा कि बात बता
02:55चाहिए कि हमेशा हमें यूकों के प्रति और जावान रहना चाहिए उनके अंदर एकता बंदुभाव समस्ता की भवना निर्मान करनी
03:10चाहिए और अकबार के भी माध्यम से केवल खबरे देना ये आपका काम नहीं है तो खबरों के साथ के
03:17अंदर लोगों का जिवन कैसा आ
03:23आईगी और राष्ट का हमारा कैसा मद्बूत होंगा इन सारे विश्यों के तरह आपने ध्यान देना चाहिए ये हमारे बावुज
03:29हमें चामें बताते थे मुझे आज एक बात आपको जरूर बतानी चाहिए कि आज हमारा नाकपूर तेजी से बदल रहा
03:37है यहां पर विकास
03:39हो रहा है और विकास के सासरत में संसादनों का भी कापी अच्छे डंग से कार्य हो रहा है यहां
03:46पर इंडस्रीज आ रही है मगर इसके बावजूत भी जो यूकों के अंदर रोजगार के प्रतिक भावना है उस रोजगार
03:53के भावना का भी हमें बहुत धंबिरता से विचा
04:07चाहिए। میں अन्त में इतना ही कहना चाहूँगा आप आपको कि आज भारत की 30 हे 80 वा However के
04:17अधियासिक यात्रा में है आज हम सभी संक्रम इस मेर भी कि राश्त पर्थम करतर वे प्रथम सामाजी प्रथम सामाजीत
04:28प्रथम का मंतर अपने जीवन
04:30में आज से साथ करेंगे हम विक्सित समरुदा आत्म निर्बर और विश्व का नितूत करने वाले भारत का निर्मान करने
04:37में अपना सक्री योगदान देंगे
04:38और सभी धर्मों का सम्मान करते वे इस देश को आगे बढ़ाएंगे ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है
04:44फिर एक बार मैं आपको हमारे चुतनता जिवस की शुब कामना है देता हूँ
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