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  • 6 hours ago
'फ्रेंड मोदी' से 50% टैरिफ तक: ट्रंप और भारत के रिश्तों में क्यों आई कड़वाहट? देखें कूटनीति

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00:04नबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सईद दंसारी स्वागत है आपका कूटनीती
00:09कूटनीती मैं आज बात डानल्ड टरम्प नरेंद्र मोदी भारत अमेरिका के रिष्टों में आए
00:16उस बड़े मोड की जिसने सोशल मीडिया से लेकर कूटनीती गल्यारू तक में हलचल मचा आपको याद होगा भारत के
00:23एक बड़े वर्ग में टरम्प को लेकर घजब का अच्छा रहा करता था
00:27जुलाई 2024 में जब टरम्प पर जानलेवा हमला हुआ तो दिल्ली में हिंदू सेना ने टरम्प के सलामती के लिए
00:33पूजा हवन तक किया था
00:34चुनाफ जीतने के बात खुद टरम्प ने पि-म मोदी को सार्फदिनी ग्रूप से अपना अच्छा दोस्त कहा था
00:40टरम्प का राश्टरवाद टरम्प के कड़क चवी पि-म मोदी के साथ उनकी केमिस्ट्री लोगों को हमारे लोगों को खुब
00:46भाया करती थी
00:47लेकिन आज वही टरम्प तरशासन उनके वरिष्टादिकारी भारती यूजर्स किसी थे निशाने पर ले तो सवाल ये है कि जो
00:54टरम्प कभी भारत के सबसे चहेते नेता थे
00:57उनके और भारत के बीच अचानक ये करवाहट कैसे आ गई
01:01इस तनाव की शुरुआत हुई टरम्प के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो के बयान से नवारो ने भारत पर बेहत तीके
01:09हमले किये
01:09उन्होंने भारत को टारिफ का महराजा कहा और आरूप लगाया कि भारत सस्का रूसी तेल खरीद कर पुतिन के युद्ध
01:16का खर्चा उठा रहा है
01:17नवारो ने तो इस युद्ध को सीधे मूदी का युद्ध तक कह डाला और इसके बाद सोशल मीडिया पर भारती
01:22यूजर्स ने नवारो की क्लास लगा दी
01:24जिसे नवारो ने मीडिया के सामने फायर बॉम्बिंग यानि कि इंटरनेट हमला करा दिया लेकिन बात सिर्फ बयानों तक नहीं
01:30रुगी
01:30टरम्प प्रशासन ने रूसी तेल का हवाल अज़ देकर भारती सामानों पर 25 प्रतिश्चत का अतरिक पैनल्टी टैरिफ ठोक दिया
01:39इससे हमारे भारती सामानों पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिश्चत हो गया
01:43भारत ने इसे पूरी तरह से अन्याए पूर गयर वाजिब बताया
01:49भारतियों का घुस्सा सिर्फ नवारो या टैरिस पर नहीं था
01:51असल घुस्सा इस बात को लेकर था कि वाशिंटन एक बार फिर से भारत को अपने आर्थिक निर्ने पर उपदेश
01:57दे रहा था
02:00भारत का पक्ष एकदम साफ मजबूत था वदेश मंतरे जैशंकर ने अमेरिका के दोरे रविये को बेनकाब करते हुए याद
02:07दिला दिया था कि चीन और खुद योरोप के देश भारत से कहीं अधिक रूसी औरजा खरीद रहे हैं
02:13पर उंगली सिर्फ हम पर क्यों उठाई जा रही है जैशंकर ने ये भी याद दिला दिया था कि जब
02:19पश्चिमी देशों की प्रतिबंधों के बाद बाजार में तेल की कमी हुई थी
02:22तब खुद अमेरिका ने भारत को वैस्ट्रिक बाजार को संभालने के लिए तेल खरीदने का सुझाव दिया था रूस से
02:28जब स्टीफन मिलर और स्कॉट बैसिंट जैसी टरम्प के सलाकारों ने भारत पर मुनाफ़ा खुरी का रूप लगा दिया था
02:35तो पूर्व विदेश सचेव हमारे कवल सिबल ने से सरा सर ढूंग बताया था और सवाल उठाया था
02:42ये अमेरिकी कमपनिया जब मुनाफ़ा कमाएं तो ठीक लेकिन हम यानि कि भारत करें तो खलत क्यों ऐसा क्यों
02:49तेल मंतरी हरदीप सिंग्पुरी ने साफ तब किया था कि भारत की तेल खरीद ने दुनिया में तेल के दामों
02:56को बेखाबू होने से बचाया है
02:58और यहां सबसे बड़ा विरोधाभा सामने आया जिस राष्टवाद और स्ट्रॉंग छवी के कारण भारतिय टरंप के फैन बने थे
03:07आज वही भारतिय टरंप की नीतियों के सामने दीवार बनकर खड़े होने
03:14अमेरिका फर्स्ट का नारा तब तक तो भारतियों को बहुत अच्छा लगता था जब तक वो चीन के खलाफ थी
03:20लेकिन जब उसी अमेरिका फर्स्ट में भारेस से ये मांग की
03:24कि वो अमेरिका के भू राजनितिक हितों को अपने राश्ट्रे हितों से उपर रखे
03:28तो भारतियों का सब्र जवाब देगा
03:31सर्वे एक दो नहीं कई सारे हैं और ये बताते हैं कि भारत में टरम्प का भरूसा
03:3552 प्रतिशत से घटकर 49 प्रतिशत पर आया है
03:38लूग टरम्प के राजनितिक टेवर और प्रतान बंतरी निरेंद्र मोदी के साथ
03:42उनके वेक्तिगत संबंधों का सम्मान आज भी करते हैं
03:45लेकिन जब बाद देश के स्वाभिमान और आर्थिक हितों के आती है
03:49तो कोई भी भारतिय दबाव परदाश्ट नहीं करता है
03:53और हर भारतिय वहाँ पर टरम्प को दरके नार कर देता है
03:58टरम्प का अमेरिका फर्स्ट भारत को भाता था पहले
04:02लेकिन जब भारतियों को वाशिंटन अमेरिका फर्स्ट के नाम पर
04:07इंडिया सेकेंड की नीती थोपने लगा
04:09तो टरम्प के फैन क्लब का हर भारतिय अलग होने लगा
04:14और ये तै था
04:16क्योंकि हमारे लिए ट्रम्प मोदी की दोस्ती नहीं देश पहले हूट नीते में आज के लिए वसितना है आप प्लीज
04:24अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रहें आज तक
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