Skip to playerSkip to main content
एक सुनसान रात में चलती ट्रेन में एक रहस्यमयी महिला दिखाई देती है… लेकिन उसकी असली पहचान क्या है? 😱
“Train Ka Bhoot” एक डरावनी और रहस्यमयी हिंदी हॉरर कहानी है, जिसमें ट्रेन के सफर के दौरान होने वाली खौफनाक घटनाएं आपको अंत तक बांधे रखेंगी।

अगर आपको Horror Stories, Bhoot Ki Kahani, Darawani Kahani, Ghost Stories और Hindi Horror Stories पसंद हैं, तो यह कहानी जरूर देखें।

Keywords:
train ka bhoot, train ka bhoot kahani, bhoot ki kahani, horror story in hindi, hindi horror story, darawani kahani, bhootiya train, ghost train story, train horror story, hindi ghost story, scary story in hindi, bhutiya kahani, horror kahani, darawni train ki kahani, real horror story, suspense horror story
#TrainKaBhoot #HorrorStory #BhootKiKahani #HindiHorrorStory #DarawaniKahani #GhostStory #BhootiyaTrain #HorrorKahani #ScaryStory #HindiStory

Category

🎈
Fun
Transcript
00:00Bheemee laize meiavaz
00:02Rath ke sameya chalati hoi train
00:05Andhera raastah
00:07Khiđki ke baahar bhaagte hoi peed
00:10Aur eek aeisì leardi
00:12Jisai bilkul bhi antaza nani thai
00:15Ki uuska aagla safr
00:16Uuski zindaki ka sabsa daravna safr bunne waala hai
00:20Uus raat train make aeisa raas chipa thai
00:23Jiska samband eek bhootiya novel se tha
00:27एक ऐसी किताब जिसे पढ़ने के बाद इनसान के अंदर कोई और ही मोजूद की जाग जाती थी
00:34और इस कहानी की शुर्मात होती है – नीता से
00:38नीता कॉलेज में पढ़ती थी
00:40उसकी परिक्षा खत्म हो चुकी थी
00:42और अब वो अपने गाउँ वापस जाना जाती थी
00:48सबस्क्राइब दो
00:49करीब दो महीने पहले ही टिकेट बुक कर दिया था
00:51लेकिन सफर का दिन आने तक उससा टिकेट वेटिंग लिस्ट में ही था
00:55अगले दिन सुभा उसकी ट्रेन थी
00:58इसलिए रात को नीता ने सफर के लिए कुछ खाने पीने का सामान खरीदा
01:02लेकिन इसके साथ उसने एक और चीज़ खरीदी
01:05एक नौवल
01:06उस नौवल का नाम था ट्रेन का भूत
01:09नीता को भूतिया कहानिया पढ़ने का बहुत शौक था
01:12वो अकसर अपने दोस्तों को आतमाओं और भूतों से जुड़ी अजीब अजीब बातें बताया करती थी
01:18इसी वज़े से कॉलेज के ज्यादा तर विद्यार्थी उससे दूरी बना कर रखते थे
01:23लेकिन नीता को अकेले रहना पसंद था
01:26इसलिए उसे किसी के बात करने या न करने से कोई खास फर्क नहीं पढ़ता था
01:30उसे बस अपनी किताबों की दुनिया पसंद थी
01:33और इस बार उसकी किताब की दुनिया शायद हकीकत बनने वाली थी
01:39अगली सुभा, मीता रेलवे स्टेशन पहुंची
01:42स्टेशन पर काफी भीड थी
01:43लोग अपने सामान के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे
01:47कुछ देर बाद ट्रेन प्लाटफॉर्म पर आकर रुकी
01:49मीता ने अपना टिकेट चेक किया
01:51लेकिन उसका टिकेट अभी भी वेटिंग में था
01:55मीता परिशान हो गई
01:56उसने सूचा कि शायद टिकेट चेकर से बात करने पर कोई सीट मिल जाए
02:00वो काफी देर तक टिकेट चेकर को ढूंती रही
02:02लेकिन उसे टिकेट चेकर कहीं दिखाई नहीं दिया
02:05I would like to wrap it up
02:12It was told that she was a good start
02:18She was a good start
02:23Train was a good start
02:28She was a good start
02:29But She couldn't work
02:31this
02:41This is the story of the story.
03:02Oh, my God.
03:3323 number का birth
03:34खाली होने वाला है
03:35सुभह तक उसमें कोई नहीं आएगा
03:38मैं उसी birth पर सोजाओंगी
03:40नीता की बात सुनकर
03:42टिकेट चेकर अचानक चुप हो गया
03:43उसके चहरे पर डर दिखाई देने लगा
03:46क्योंकि birth number 23 के बारे में
04:02सिर्फ बारा सो रुपे के लिए
04:04किसी की जान लेना अच्छी बात नहीं है
04:06नीता की बात सुनते ही
04:08टिकेट चेकर के चहरे का रंग उड़ गया
04:10उसने नीता की तरफ देखा
04:12लेकिन कुछ नहीं बोला
04:14वो जल्दी से वहां से आगे चला गया
04:17दरसल करीब 15 दिन पहले
04:19एक आदमी ट्रेन से गिर कर मर गया था
04:22और उस हादसे के समय
04:24टिकेट चेकर भी वही मौजूद था
04:26उस हादसे को लेकर
04:28उसके मन में पहले से ही डर था
04:30लेकिन सबसे बड़ी बात ये थी
04:32कि उस आदमी की मौच से जुड़ी
04:35एक ऐसी बात थी
04:37जिसके बारे में किसी को पता नहीं था
04:40उस आदमी ने टिकेट चेकर को
04:411200 रुपए दिये थे
04:43लेकिन इसके बाद वह प्लेन से मीचे गिर गया था
04:46वो सिर्फ एक हादसा था
04:48मेरा विश्वास करो
04:49मैंने कुछ नहीं किया
04:50लेकिन क्या सच में ऐसा था
04:52या फिर उस मौत की पीछे कोई और रास छेपा था
04:57टिकेट चेकर अपनी सीट पर जाकर बैठ गया
05:00वो अभी अपने विचारों में खोया ही था
05:02कि अचानक किसी के बैठने की आवाज आई
05:05सीट की हलकी चर्मराहट
05:07उसने बगल में देखा
05:09नीता उसके पास बैठी थी
05:12लेकिन अब नीता पहली जैसी नहीं लग रही थी
05:15उसके बाल विखरे हुए थे
05:17आँखों का काजल फैल चुका था
05:19उसका चेहरा बेहट डरावना दिखाई दे रहा था
05:22टिकेट चेकर उसे देखकर डर गया
Comments

Recommended