00:00एक हीरे का सौधागर जिसने दुनिया जीती, फिर एक दिन वही आदमी भारत से गायब हो गया।
00:06एंटवर्प से ट्रेनिंग लेकर मुंबई लोटा एक नौजवान सपना था।
00:11दुनिया का बड़ा ज्वेलर बनना। उसका ब्रैंड लगजरी का नाम बन गया।
00:16हॉलिवुड से बॉलिवुड तक सितारे उसके डायमंड पहनते थे।
00:20रेड कार्पेट, सेलिब्रिटीज और फोर्ब्स की लिस्ट। उसका नाम हर जगा चमक रहा था।
00:26लेकिन इस चमक के पीछे बैंक फाइनेंसिंग का एक ऐसा जाल बन रहा था।
00:31जो जल्द ही फटने वाला था। जगे थी मुंबई की ब्रैडी हाउस प्रांच, पंजाब नेशनल बैंक।
00:38यहीं से खुलने वाला था असली राज। बैंक के अंदर एक अधिकारी था, गोकुलनाथ शेट्टी।
00:44उसकी एकसेस ने फ्रॉड का दर्वाजा खोल दिया। स्विफ्ट पर लेटर्स ओफ अंडर्टेकिंग जारी होते रहे।
00:51लेकिन उनकी एंट्री बैंक के कोर सिस्टम में नहीं जा रही थी। यह एलो यू विदेशी बैंकों को गारंटी देते
00:57थे और उनके भरोसे फंड मिलता गया।
01:00एक गारंटी खत्म होने से पहले दूसरी। पुराने दायत्वों को नए फंड से संभाला जाता रहा।
01:18इतने बड़े ट्रांजैक्शन बैंक के सिस्टम में पकड़े क्यों नहीं गए। और्डिट में कंट्रोल की कमिया सामने आई। लेकिन तब
01:25तक ये गड़बडी बहुत आगे बढ़ चुकी थी। तब सामने आया कि पुरानी गारंटीयों का सही रिकॉर्ड ही नहीं था।
01:3116 जनवरी 2018 को एक और एलो यू की मांग ने पुराने राज को उजागर कर दिया। बैंक के रिकॉर्ड
01:40में ऐसी किसी सुविधा का निशान ही नहीं था। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। नीरव मोदी और उसके
01:47परिवार के कुछ सदस्य भारत छोड़ चुके थे। भा
02:00क्रोडों के लेन देन जाश के दायरे में आये। जाँच आगे बढ़ी तो क्रोडों की समपत्यां, कम्पनियों के दस्तावेज और
02:07बैंग हातों की परते सामने आने लगी। जाँच में सामने आया कि ये सिर्फ एक बैंक की गलती नहीं थी।
02:13इसके पीछे कई कम्पनिया,
02:15लेन देन और सिस्टम की कमजोरियां जुड़ी थी
02:18CPI और ED की जांच आगे बढ़ी
02:22और इस मामले ने पूरे देश में
02:24बैंकिंग सिस्टम की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिये
02:27लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई
02:30जांच, समपत्तियों की तलाश
02:32और कानूनी कार्रवाई आगे भी चलती रही
02:34अब नीरव मोदी सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं था
02:37वह भारत का वांटेड आर्थिक भगोडा था
02:40उसकी तलाश लंदन तक पहुँची
02:42मार्च 2019 में ब्रिटिश अधिकारियों ने उसे गिरफतार कर लिया
02:47भारत ने एक्स्ट्राडिशन मांगा
02:49लेकिन लंदन की अदालतों में शुरू हुई एक लंबी कानूनी लड़ाई
02:53साल बीट गए
02:54बेल एप्लिकेशन, अपील और कानूनी चुनौतियां चलती रही
02:59लेकिन भारत वापसी अब तक नहीं हुई
03:02इधर भारत में उसकी कई एसेट्स और लगजरी प्रॉपर्टीज रिकवरी प्रोसीडिंग्स का हिस्सा बन गई
03:07यूके की अदालतों ने एक्स्ट्राडिशन का रास्ता साफ किया
03:12लेकिन एक और लीगल चैलेंज अभी बाकी था
03:152026 में European Court of Human Rights के सामने भी उसे राहत नहीं मिली
03:20अब एक्स्ट्राडिशन के रास्ते में लीगल प्रोसेस के आखिरी कदम बाकी है
03:25भारत में ट्राइल का इंतजार है
03:27ये सिर्फ एक घोटाले की कहानी नहीं है
03:30ये याद दिलाता है कि सिस्टम की छोटी सी कमजोरी भी
03:34हजारो करोड का नुकसान कर सकती है
03:36इस कहानी की सबसे बड़ी सीख है
03:38मजबूत कंट्रोल, पारदर्शिता और जवाब देही के बिना
03:43कोई भी वित्तिय सिस्टम सुरक्षित नहीं रह सकता
03:46घोटाले खत्म हो जाते हैं
03:49लेकिन सतरकता कभी खत्म नहीं होनी चाहिए
03:52क्योंकि किसी भी सिस्टम की असली ताकत है
03:55धोखा धड़ी को होने से पहले रोकना
03:57एक डायमंड एमपायर, एक बैंकिंग लूप होल
04:01और 13,000 करोड से बड़ा सवाल
04:05सिस्टम इतने साल तक सोता क्यों रहा?
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