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थाने से 18 पहियों वाला ट्रक कैसे चुरा ले गए चोर? देखें वारदात
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00:05नवस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:08अमोमन चोर उनी चीजों को चुराते या चुरा कर अपने साथ ले जाते जो नजर ना है
00:15लेकिन बिहार में चोरों ने चोरी की दुनिया के सारे उसूल नियम ही तोड डाले है
00:20वो ऐसी ऐसी चीजों को चुरा रहे जिने चुरा कर अपने साथ ले जाना किसी करिश्मे से कम नहीं
00:27ट्रेन इंजन, मोबाईल टावर और पुल के बाद अब बिहार में चोर ने
00:33अठारा पहियों वाला एक लंबा चोड़ा ट्रक थाने से ही चुरा लिया
00:46क्या ट्रेन, क्या इंजन, क्या पुल, क्या सडक, क्या टावर कुछ भी तो नहीं बचा जो चोरों को चुरोंती दे
00:56के इसे चुरा कर दिखाओ
00:57ले देकर अठारा चक्कों वाला एक लंबा चोड़ा ट्रक बचा था, वो भी जब्द करने के बाद केस प्रोपटी के
01:05तौर पर थाने के अंदर खड़ा था, चोरों ने इस चुनोती को भी मनजूर किया, और थाने के अंदर से
01:11पूरा का पूरा ट्रक ही चुरा ले गए
01:14यानि सचमुच घजब बिहार में कुछ भी हो सकता है, चोर कुछ भी चुरा सकते हैं, याद होगा आपको
01:22अभी कुछ वक्त पहले ही इसी बिहार से एक पूरा का पूरा मुबाईल टावर ही चोर चुरा ले गए थे
01:30हाला कि उस चोरी की कहानी खुल चुकी है, वो कहानी आगे बताओंगा
01:34पहले बिहार में हुए इस सबसे ताजा ताजा चोरी की कहानी जान लीजिए
01:39ये बिहार के मुंगे जिले का मुफसिल थाना है
01:42और इसी थाने के बाहर जबत गाड़ियों वाहनों को रखने के लिए
01:46हर थाने की तरह ये खुला माल खाना है
01:51बात तीन जुलाई की है, एक चेकिंग के दोरान 18 चकों वाला एक टरक
01:56BR-10GD-5005 को नियम तोडने के जुर्म में
02:01खनन विभाग ने पकड़ा और टरक मालिक पर 11,18,600 रुपे का जुर्मान अठोग दिया
02:08बाद में जबत टरक को इसी मुफसिल थाने में लाकर पार कर दिया गया
02:13करीब महीना बीद गया, इस बीच खनन विभाग ने एक और टरक को जबत गया
02:18जबती के बाद उसे भी लेकर इसी थाने में पहुँचे
02:21यही वो दूसरा टरक है जिसे जबत किया गया था
02:24लेकिन खनन विभाग के अधिकारी थाने पहुँचने के बाद अचानक पाते है
02:29कि जिस 18 पईयों वाले टरक को 3 जुलाई को यहां लाकर उन्होंने लोकल पुलिस को सौपा
02:35वो है ही नहीं
02:37पहले तो खनन विभाग के अधिकारीयों के होश उड़े फिर थाने के अफसर हो
02:41अब को ये बताने को तैयार ही नहीं था
02:44कि इतना भारी भर कम ट्रक थाने से कोई कैसे चुरा सकता है
02:51उन्होंने गाड़ी को जग्त किया था 3 जुलाई को और मुफसिल थाना को सुपूर्ट किया था
02:56उसके बाद अभी पता चली है कि वहां वहां पे नहीं है
02:59तो इसके आलोग में FIR दर्ज की गई है
03:03और इसके जाज की जा रही है
03:06उस पे 11,18,600 फाइन किया था
03:10खरन विभाग की टीम ने इसी जगह उस ट्रक को
03:14BR 10 GD 5005 को ठीक इसी जगह पर आकर लगाया था
03:19जहां पर इस वक्त BR 01 GR 1234 खड़ी है
03:25उस समय 5005 गाली जो है वो यहां पे खड़ी थी
03:29और खनन विभाग की टीम ने जो है एक मुफसिल थाने के
03:34PTC है धनंजय कुमार उनको वो रिसीव कराया था
03:39हलाकि गाली कभ यहां से गायब हो गई ना तो पुलिस को पता है
03:43ना ही खनन विभाग को पता है
03:47मुफसिल थाने के पुलिस वालों के पास
03:49इस ट्रक्चोरी को लेकर कोई जवाब नहीं था लियादा मामला मुंगेर के
03:54SP पहुचा पहले तो SP भी हैरान हुए फिर उसी हैरानी में कहा कि ट्रक्चोरों का पता लगा रहे हैं
04:01जांच हो रही है
04:03के महीने में सुषणा प्राप थुए थि कर गाड़ी पकड़ाई है माइनग डपार्बट की दोरा जुलाइके महीने
04:32के द्वारा इस चीज में बताया गया है कि उनको नॉलिज नहीं थी इस चीज की तो यह गंभीर मामला
04:37है कि थाना से अगर कोई वहान गायव होता है तो उसमें हम लोग सीरियस हो करके इसमें कारवाई करेंगे
04:43इसमें जाच के लिए हमने टीम गठित की है
04:45लिए टीयसी हैड़ कोर्टर की नितृती तुमें तीन दिन के अंदर वह जाच कंप्लीट करके हमको देंगे इसमें जिसकी भी
04:50सहबागीता संलिपता होगा करवे की जाएगे
04:55अब जाहिर एक पूरा का पूरा ट्रक ठाने के अंदर से चुरा ले जाना
04:59न बच्चों का खेल है और न ट्रक चला पाना बच्चों के बस की बात
05:04ट्रक छोड़ी खाली ट्रक के अठारा पहियों को ही निकाल कर ले जाना मामूली बात नहीं
05:09अब जाहिर है ट्रक चोरना कंधों पर उठा कर ले गए होंगे
05:13नकल पुर्जे खोल कर किष्टों में ले गए होंगे
05:16ट्रक को स्टार्ट क्या होगा इंजिन की आवाज आई होगी
05:19ट्रक को आगे पीछे क्या होगा फिर थाने से बाहर निकला होगा
05:23अब ये तो हो नहीं सकता कि ये सब कुछ हो और थाने में मौजूद एक भी पुलिस वाले को
05:29इसकी भनक तक न लगी यानि मामला कहीं न कहीं थाने से ही जुड़ा है
05:37अब ट्रक जब मिले तब मिले पर इसी बिहार में कुछ वक्त पहले एक और अजूबा हुआ था जब चोर
05:43पूरा का पूरा एक मोबाईल टावर ही चुरा ले गए थे
05:50मतलब दिमाग घूंग जाए सर चकरा जाए य�قीन पर ही य�قीन नहूँ यार कोई पूरा टावर कैसे चुरा सकता है
05:57और चुरा भी ले तो ले के कैसे जा सकता है हमें छोड़िए खुद पुलिस को भी शायद अब तक
06:04यकीन नहीं हुआ है क्यों कोई टावर चुरा सकता है
06:07तो फिर किस मन से पुलिस एफायार लिखे इतने पढ़े लिखे इस पी सहब भी सामने शिकायत होने और पीछे
06:15लापता हो चुके टावर को अपनी आखों से देखने के बाद भी ये मानने को तयार भी नहीं है क्यों
06:21कोई टावर भी चुरा सकता है
06:23इसलिए जब हमारे रिपोर्टर ने मोबाइल टावर चुरी की बात पर उनसे सवाल किया तो सुनिए पहले वो क्या जवाब
06:30देते हैं
06:55पर कमपनी लिखित में शिकायत दे रही है कि उनका टावर चोरी हो गया है
06:59यह रही वो शिकायत इसमें साफ लिखा है कि मोबाइल टावर जो 40 मीटर उंचा है और जिसके साथ साथ
07:0715 किलो वाट का जनरेटर और साथ में कुछ अन्य उपकरन अग्यात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिया गया अब जैसे
07:15हमारे रिपोर्टर ने इस पी साहब से पू�
07:34अब कंपनी की शिकायत और लुट चुकी इस लुटी पिटी जमीन की तस्वीर पर यकीन तो करना ही होगा कि
07:42मोबाइल टावर चोरी हो चुका है पर यह कैसे हुआ कब हुआ किस ने किया और इतना बड़ा और इतना
07:48भारी भर कम चोरी का आईडिया आखिर आया कहा से
07:52मतलब पूरे के पूरे टावर को चुरा लेने का मतलब है कई दिनों का काम किष्टों में काम बड़ी बड़ी
07:59गाडियों में चोरी का माल उठा कर ले जाने का काम और यह सारा काम खुले आप और वो भी
08:05दिन की रोशनी में करना है
08:07फिर तावर चुराने वाले चोरों में ऐसा जिग्रा आया कहां से? क्यों जिस जमीन पर ये मोबाइल तावर लगा है
08:14उसके मालिक को इसका पता नहीं चला? क्यों आसपडोस के लोगों को इसे लेकर कोई शक नहीं हुआ? गालियों में
08:21भरभर कर तावर लुटता रहा और क्यो
08:23पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी पूरा का पूरा टावर चोर हजम कर गये टावर वाली कमपनी को इसकी
08:31जानकारी क्यों नहीं लगी? तो चलिए अब आप कुछ सिल्सिलवार दग्रेट मुबाइल टावर हाइस्ट यानि चोरी की कहानी सुनाता हूं
08:44बात 16 साल पुरानी है 2010 की जीटियल इंफ्राइस्ट्रक्चर लिमिटेड कमपनी ने बकसर जिले के डुमराओ इलाके में एक मुबाइल
08:54टावर लगाया था
08:55ये मुबाइल टावर इलाके के हरेनात यादफ की जमीन पर लगा था इस मुबाइल टावर को लगाने का मकसद वही
09:02था जो हर मुबाइल टावर का होता है आजपास के इलाके को बहतर कनेक्टिविटी से जोड़ रहेनात को उनकी जमीन
09:10पर मुबाइल टावर लगाने के लि
09:27पर कोई जवाब नहीं आया।
09:30तोरी का जनकारी नहीं है।
09:33लेकिन उसका एग्रीमेंट दूएजार वाईसे में खतम हो गया।
09:37हम उसको लिगल नोटिस दिया।
09:41दो-तिन लिगल नोटिस दिया।
09:44उसका बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं।
09:47उसका जनकारी पिछले कुछ सालों से जो टावर बन था उसे फिर से चालू करने के लिए मौके पर पहुचते
10:05हैं।
10:05पर मौके पर जाते हैं कमपनी के अधिकारी के पाउं तले से जमीन खिसक जाती है।
10:11क्योंकि जिस जमीन पर 40 लाग का 132 फीट उचा टावर खाड़ा था।
10:16उस जमीन पर टावर के नाम पर टावर के सिर्फ चार पाउं बचे थे।
10:21चबूत्रे की शके पहले तो खुद कमपनी के अधिकारियों को समझ नहीं आया।
10:29क्यों वो करें क्या।
10:31दिल दिमाग मान ही नहीं रहा था।
10:33क्यों कोई टावर भी चुरा सकता है।
10:35उन्हें लगा हो सकता है कि वो किसी गलत जगे पर टावर को ढूंड रहें।
10:39लेकिन जब आसपास चारों तरफ आसमान में नजरें उठाएं।
10:43तो दूर दूर तक कोई दूसरा टावर दिखा ही नहीं।
10:47बड़ी मुश्किल से यकीन आया।
10:49फिर भी बेयकीनी के साथ एक शिकायत लेकर ठाने पहुची।
10:53नहीं इससे पहले कंपनी के इन अधिकारियों ने कभी ऐसी शिकायत लिखी थी।
10:57और नहीं कभी इससे पहले खुद पुलिस वालों ने चोरी की ऐसी शिकायत पड़ी थी।
11:04खैर अब मामले की जाच शुरू हुई।
11:06मुबाइल टावर चोरी होने की खबर डुमराओं से बाहर निकल कर सोशल मीडिया के जरिये पहले बिहार और फिर पूरे
11:14देश और दुनिया तक पहुच ले।
11:16जो भी सुन रहा था, हैरान बात में हो रहा था, हस पहले रहा था, मतलब सच में ऐसा हो
11:23सकता है।
11:23पर टावर चोरी तो हुआ था, लहाजा पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी, सबसे पहले तो ये जानना था कि
11:30टावर चोरी हुआ कैसे।
11:32तो शुरवाती जांच में जो आधी कच्ची आधी पत्ती जानकारी सामने आई, वो कुछीयों थी।
11:37जनरेटर को छोड़ दें, तो सवाल ये कि चोर टावर चोंचुराएगे।
11:42तो अंदासा हुआ कि इतना लंबा टावर जिसमें 10,000 कीलो से ज्यादा लोहा था।
11:48मतलब लोहा बेच करें, लाखों कमाया जा सकता है।
11:51पर 132 फीट उचे टावर को काटने और तोड़ने के लिए जिगरे के साथ-साथ मशीने और आउजार भी चाहिए।
11:59फिर लोहे को बटोर कर ले जाने के लिए बड़ी-बड़ी गारियां भी चाहिए।
12:03और उससे भी जरूरी ये कि जब टावर कट रहा हो तो लोगों को शक भी ना हो।
12:09तो चोरों ने इन सारी बातों का ध्यान रखा।
12:11जो थोड़े बहुत गवाह सामने आये।
12:14कैमरे पर नहीं, पुलिस के।
12:15उनके हिसाब से इस पूरे टावर को चुराने में, चोरों ने तीन दिन का वक लिया।
12:21इन तीन दिनों में चोर त्माम आवजारों और गैस कटर मशीनों के साथ यहां आए।
12:26किष्टों में टावर को छोटा करते हैं।
12:29और पिर काटे गए टाअर को छोटे छोटे लोहे को गाड़ी में रखकर निकल लेते.
12:34पिर अगले दिन वापस आने के लूए
12:3710,000 किलो लोहा ले जाने के लिए जाहिर है, कई गाड़ियां चाहिए होंगी,
12:42यह फिर बड़ी गाड़ियां चाहिए होंगी.
12:44लेकिन इस मोबाईल टावर तक जाने वाला जो इकलोता रास्ता है उसको देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है
12:51कि यहां तक कोई बड़ी गारी यानि ट्रक या ट्रैक्टर आही नहीं सकता
12:55छोटी गारीयां जरूर आ सकती है
12:57तो क्या चोरों ने छोटी गारीयों में भर भर कर तावर को समेटा
13:04वैसे डुमराओ पुलिस को हम दो केस स्टडी दे सकते हैं
13:07शायद उस केस स्टडी से वो इस मोबाईल टावर की चोरी का कोई सुराग ढून निकाले
13:12इत्तफाक से ये दोनों केस स्टडी बिहार के ही पटना की है
13:172022 में पटना के गरदनी बाग इलाके में एक रोज जी टी पिल हैथवे लिमिटेट कमपनी के नाम पर
13:23कुछ लोग ललन सिंग के घर पहुंचते हैं
13:26असल में ललन सिंग की छट पर इस कमपनी का मोबाईल टावर लगा था
13:3050 मीटर उचा टावर
13:32कमपनी के अधिकारियों के भेश में आये चोरों ने ललन सिंग से कहा कि कमपनी घाटे में चल रही है
13:38इसलिए वो इस टावर को बंद कर रहे हैं
13:41इसके बाद पूरे तीन दिन तक उन लोगों ने टावर को किष्टों में काटा और अपने साथ ले गए
13:46जब कनेक्टिविटी की शिकायते आनी शुरू ही तब कमपनी के असली लोग ललन सिंग के घर पहुंचे
13:53और देखा कि टावर ही गायब है तब इस चोरी का खुलासा हुआ
13:57इसी तरह पटना में एरसल मॉबाइल कमपनी का एक टावर भी कमपनी का मुलाजिम बनकर चोरों ने एक घर की
14:04छट से उड़ा लिया था
14:06वैसे खाली मॉबाइल टावर की चोरी पर ही आप क्यों हैरान हो रहे हैं
14:11ये वो बिहार है जहां एक बार चोरों ने रोहतास जिले में लोहे और स्टील का एक पूरा पुल ही
14:17चुरा लिया था
14:18इतना ही नहीं इसी बिहार के बराउनी इलाके में नवंबर 2022 में भारतिय रेल का डीजल का एक पूरा इंजन
14:26ही चोर चुरा कर ले गया है
14:28असल में एक डीजल इंजन मरम्मत के लिए बराउनी के रेलवे याड में आया था
14:33चोरों ने जिस जगह ये इंजन याड में खड़ी थी
14:36वहां तक एक सुरंग बनाई
14:37फिर उसी सुरंग के रास्ते कई दिनों तक
14:40इंजन के कलपुर्जे काटते निकालते रहे
14:43और बोरियों में भर भर कर एक गोदाम में रखते रहे
14:46कई दिनों बाद जब डीजल इंजन के नाम पर सिर्फ धाचा बचा
14:51तब रेली स्टाफ की नजर पड़ी
14:53बरॉनी पुलिस में डीजल इंजन की चोरी की रिपोर्ट लिखाई गई
14:56तब कहीं जाकर मामला सामने आया
14:59तब पुलिस ने जाच के बाद उसी सुरंग के रास्ते उस गोदाम का पता लगाया
15:04ज्यादातर माल तो बाजार में बिक चुका था
15:06फिर भी कई बोरियों में डीजल इंजन का इंजन और उसके कई कलपुर्जे बरामत हुए
15:13अब आप ही बताईए मनी हाइस्ट जैसी कहानिया बड़ी यह हमारे बिहार के चोर बड़े
15:19मतलब जिसके चोरी होने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता
15:24यह उसे तक चुरा ले जाते हैं वाकई कमा ले
15:28वैसे बात में इस टावर चोरी का खुलासा हो गया
15:31पता चला कि जिस शक्स की जमीन पर यह टावर लगा था
15:35और जिसे मुबाइल कमपनी किराया दे दी थी
15:38उसने किराया देना बन कर दिया
15:40तो भाई ने पूरा टावर ही किष्टों में चुरा कर बेच दिया
15:44बकसर से पुषपेंद्र पांडे के साथ गोविंद कुमार मुंगेईर आज तक
15:54बिहार के बाद अब बिहार के पडोस यूपी में चलते हैं
15:57यहां तो और भी घजब की चोरी हुई
15:59यूपी के एक ठाने के मालखाने में करीब एक करोड़ रुपए के जेवर रखे थे
16:05बकॉल पुलिस वाले जेवर भीग गए इसलिए उसे धूप में सुखाने उन्होंने उसे चछत पर रख दिया
16:12बाद में बंदर आये और सारा जेवर अपने साथ ले गे
16:18ये उत्तर प्रदेश के लखीमपूर खेरी डिस्ट्रिक्ट में मौजूद थाना कोतवाली सदर है
16:26और ये इसी पुलिस स्टेशन की चछत है
16:31एक दिन पुलिस वाले इसी चछत पर एक करोड़ रुपए के सोने के जेवर धूप में सुखाने उन्होंने
16:38जी हम एक करोड़ के सोने के जेवर थाने की चछत पर धूप में सुखाया जा रहा है
16:44फिर तभी चछत पर बंदर आया और एक करोड़ रुपए का सारा जेवर अपने साथ ले गए
16:54अब ये सुनकर हसियेगा बत नए ये समझेगा कि हम आपको कोई चुटगुला सुना रहे हैं
17:00एक करोड़ रुपए का माल ले जाने वाले उन बंदरों के नाम माफ दीजेगा बंदरों के नाम तो रोते ही
17:07नहीं
17:09तो बंदरों का जिकर बाकाइदा इसी थाने के कमप्लेइन लेटर से लेकर अदालत के दस्तावेस तक में शामिल है
17:18वैसे जिन लोगों को ज्यादा हसी आ रही है उन्हें बता दो कि हमारे इसी देश में कई थानों के
17:24माल खानों में
17:25इस से पहले बंदर गांजा, अफी, हशीश के साथ साथ कैरिट के कैरिट शराप भी पी चुके है
17:35अब चुकी मामला बंदरों का है, और बंदर बोलते तो हैं नहीं बंदर गहने पहनते हैं
17:43तो फिर एक करोड का गहना, ये क्यों और कैसे लेगे?
17:46ये यकीन दिलाने के लिए सबसे पहले आपको यूपी पुलिस के इसी थाना कोटवाली में दर्ज ये तहरीर दिखाता है
17:54ताकि आप थोड़ा सीर्यस हो जाए
17:56बाकाइदा इस तहरीर पर थाना कोटवाली सदर की महर्मी लगी
18:00इस तहरीर सिर्फ काम की चीज़ें पढ़ लेगी
18:07आईजी जोन महोदय के मौाइने के दौरान सभी चार जाल पी-एम पोट ली
18:13श्रीमान एसेचो महोदय के आदेश अनुसार जोकीदारों दौारा कोटवाली की जटबर खुले में रख दी दे थी
18:20जो पानी से भीग कर सभी पोट यांसर ली एवं बंदनों दौरा खुर्द बुर्द कर दी गए
18:27अगर कोटवाली सदर ठाने में दर्ज इस तहरीर यानि इस कानूनी दस्तावेश पर भी आपको भरोसा नहीं
18:34तो चली यूपे पुलिस की तरफ से जारे इस प्रिस नोट को ही पढ़वा देता हूँ
18:4117 जून को जारे इस प्रिस नोट में लिखा है कि कुर्दिका के शवसे प्राब कपणों वा गहनों की एक
18:48पी-म पोटली मालखाने में जमा कराई गई थी
18:51उस पी-म पोटली का प्रभाद ततकालीन हेट महर्रिर चंद्रिका परशाद के पास था दुर्भा के वश हेट महर्रिर चंद्रिका
18:59परशाद की 2009 में मौत हो गए
19:03उनके बाद नियुक्त रहे हेट महर्रिर रामबक्ष पाल का भी निधन हो गए
19:07इसके बाद तैनात हुए हिट मुहर ने संजय सिंग को इस पीम पोटली का चार्ज ही नहीं मिला
19:15अब इन सारे सबूतों और दस्तावेज के बाद चलिए आपको लखीम पूर खिरी की अदालत के जच सहब के फैसले
19:23का दस्तावेज भी दिखाते हैं
19:24और पढ़ाते भी ये नियाले सत्र नियाधीश लखीम पूर खिरी की ओर्डर की कौपी देखिए इसमें क्या लिखा गया
19:35जेवरात सोने के कहे गए हैं जिनके भीग कर खराब होने का कोई प्रश्म ही नहीं उठता
19:40ऐसा लगता है कि ततकालीन डियाईजी द्वारा थाने के मालखाने में जमा उन पीम पोटली को जिनमें ऐसी वस्तुएं थी
19:48जो भीग कर नष्ट होने की प्रकृती रखती थी को सुखाने का निर्देश दिया गया था
19:53लेकिन कोई आम आदमी भी कीमती सोने के सामान को छट पर सुखाने नहीं ले जाएगा बिना निगरानी के सोना
19:59छोड़ दिये जाना यकीन लायक नहीं है
20:01साफ है कि थाने से संबंधित पुलिस वालों ने पीम पोटली में सील बंद कीमती सामान को खुद ही उप्योग
20:08कर लिया
20:08और जिम्मेदारी से बचने के लिए जीडी में फर्जी रिपोर्ट लिख दी गई
20:13कोट के इस आदेश में आगे लिखा है कि जिम्मेदार पुलिस वालों का पता लगा कर उनके खिलाफ आपराधिक और
20:19विवागिय कारवाई की जाए
20:20साथ ही उन्हीं जिम्मेदार पुलिस वालों से इसकी भरपाई कराई जाए
20:27तो उमीदे बंदरों की एक करोड की सोना चोरी के बारे में कानून के रखवालों के इन दस्तावेजों को देखने
20:34के बार अब आप थोड़े गंभीर हो चुके हों
20:37तो चली अब उसी गंभीरता से पूरी कहानी सुन लीजे
20:41यह मुदित कुमार अगरवाल है
20:432007 में ठीक दिपावली के दिन इनकी पत्नी आभारानी ने खुदकुशी कर ली थी
20:51आभारानी के घरवालों के शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मुदित अगरवाल को गिरफतार कर ली
20:57अब चुकि इस सिलसले में ठाना कोतवाली सदर में एफायार दर्ज हो चुकी थी
21:02लहाज आभा के पोस्ट मौटम के बाद उनके कपड़े और जेवर जो उन्होंने उस वक्त पहने हुए थे
21:07उन्हें केस प्रोपटी के तौर पुलिस ने अपने कब्से में लेकर इसी थाने के माल खाने में रख दिया
21:15चुकि आभा ने दिवाली के दिन खुदकुशी की थी इसलिए उस रोज उन्होंने नए कपड़ों के साथ साथ तमान सोने
21:22के कहने पहन रख दे थे
21:25असल में आभा का मुकद्बा लंबा चला
21:28सत्रह साल बाद दोहजार जोबीस में अदालत ने मुदित कुमार अगरवाल को आभा की खुदकुशी के मामले में बरी कर
21:35दिया
21:36कोट के इस फैसले के बाद ही मुदित ने थाना कोतवाली सदर में एक अरजी दे कर अपनी बीवी के
21:42गहनों को वापस देने की मांगी
21:44तब पहली बाद मुदित कुमार ये सुनकर चौँक उठे कि माल खाने में रखा करीब एक करोड का जेवर थाने
21:51से बंदर ले
21:53इस अजीब और गरीब जवाब से हरान मुदित तफसीर है अदालत पहुँचके
22:01करमार तो ये कि जब कोट ने मुदित की शिकायत पर पुलिस से जवाब मांगा तो पुलिस ने बंदरों वाली
22:07कहानी कोट के सामने भी रख दे
22:11पर बंदरों की कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती बंदरों के नाम पर पुलिस वालों को बचाने के लिए यूपी
22:19पुलिस एक और खेल खेलती है
22:21चुकि मामला पुराना था तो वो एक करोड के सोने की चोरी का सारा ठीक रा
22:26दो ऐसे पुलिस वालों के मत्थे मार देती है जो इस दुनिया में है ही ने
22:31पर यहां भी पुलिस से गल्टी कर जाती है
22:33पहले यूपी पुलिस के इस प्रिस नोट को देखी
22:36इसमें लिखा है कि उस पी-एम पुर्टली की जिम्मेदारी जिन ततकालीन महरिर
22:41यानि मालखाने के इंचार्ज चंद्रिका परशाद को सौपी गई थी
22:45उनकी 2009 में मौत हो गई
22:47उनके बाद तैनात किया गया हेड महरिर रामबक्ष पाल का भी निधन हो चुका है
22:53जबकि कोर्ट और्डर की जो कौपी है उसमें उसी यूपी पुलिस ने उस वक्त तैनात रहे
22:58हेड महरिर के तोर पर मोले राम और मेवया राम का नाम लिखा है
23:03और ये दोनों जिन्दा है यानि यूपी पुलिस बंदरों के साथ-साथ मुर्दों से भी खेल रही है
23:10वैसे मजाक से हटकी ये तो सच है कि इस थाने में और थाने के आसपास काफी बंदर है
23:16थाने की दिवारों और च्छत पर भी इनका आना जाना अलगा रहता है
23:20मगर ये बात हजम नहीं होती है कि कोई सोने को सुखाने के लिए
23:24वो भी एक करोड के सोने को च्छत पर यूँ ही कैसे डाल सकता है
23:30सोना पानी में खराब होने वाली चीज नहीं हाँ
23:33जिस पोटली में सोना रखा हुआ था अगर वो गीला हो चुका था
23:38तो उस कपड़े को धूब पे सुखाने की बात समझ में आती
23:41बाकी आप सब भी समझधार बस एक नुक्ते का ही तो फर्क है
23:45माल खाना में और माल खाने में
23:49अभी शेक वर्बा लखीम पूर खिरी आज तक
23:54तो वारदात में फ्लाल इतना ही
23:56मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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