00:00कि जनता जब जाग जाता है ना जैसे एक कहावत है ना कि जनासन खाली को रख जनता आ रही
00:06है आपको खाली करना पड़ेगा
00:10लग राय की जैसा है जनतर मंतर में हुआ कि लोगों का होसला देखके सरकार को जुखना पड़ा
00:15वो सेंटर झुके तो स्टेट वाली तो झुकेगी हम लोग का ह। सरकार में व आएगा हिम मत तूटेगा सरकार
00:22का लेकिन हम लोग का तोड़ना है अ अर सब तो मिल
00:24के साथ मिल आना है और हम लोग जो डिमांड है वो खनीन होगा।
00:30जोगा जाब चुका है अब हमको इंसाब चाहिए, हमको इंसाब चाहिए
00:46यह बहुत बंदर क कलेंडर निकलता है जैसे हम लोग की चात्र का दिवाली निकल गया कलेंडर निकलना वाद हम
00:54लोग हलो साथ से खुश हो
00:56ही या केलेंडर सरकार हमुरे केलेंडर प्रकार में ही जाती है यह जैसे
01:10कट्रेंडर में और सभ्र crystals भाड़का नहीं है और खरकन पुलीड दो क्या करके रख़े拍
01:18कर अटांद लोग के साथ अग्रवाद नहीं होना चाहते स्थ आपके भीरोधी नहीं होना
01:22चाहते हैं हम आपके साथ है से अपका हर एक मुद्वन हम लोग पढ़ते हैं हम लोग क्या करेंगे आपका
01:27से पुरा गोज़ हो आए, हम कालीकोलोजी नहीं कर रहे है, कोई जैसशी में समय हों hell जूar जहां,
01:57जार्खन पुलिस यह सब जारी किया देखे लोगों को लुभानवित करते हैं तो इसमें सीट बेचने की क्या जरुवत है
02:14भाई आप बच्चों को बच्चों का सीट बेचके और नौकरी उन लोग खा जा रहे हैं तो अवसर की समानता
02:21कहां है
02:45तो अवसर की समानता कैसे है भाई एक आदमी जो है
02:51सो फिनस लाइन प्रेंट पर खड़ा है एक लैन है स्टार्टिंग लैन पर एक बंदा खड़ा है
02:55और दोनों में रेस होता है तो ब्लिटली है कि कौन जीतेगा
02:59जो जो फिनिस लाइन पर खड़ा है वो वीक्ति जीत जाएगा
03:03तो भाई ऐसे कैसे चलेगा और अगर हम अधिकार ना मांगे तो कौन मांगेगा
03:33अधिकार ना मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन
03:47मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो
03:53कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मांगे तो कौन मां�
04:03के लिफना पता आदिर साथ बस्तारी से बड़िए है को बस्तारी दो झालू है
04:33झाल फोसे पीज़ ए अज़ है अज़ हुआए भागी है
05:05झाल झाल झाल झाल झाल
05:35क्टाल झाल झाल झाल झाल.
05:45झाल झाल
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