00:02करनाटक में वोटेलिस्ट की मेगा स्क्रियूटिनी जारी है।
00:3024 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।
00:33इसके बाद नाम जोडने, हटाने या किसी जानकारी में सुधार के लिए 23 सितंबर तक क्लेम और अबजेक्शन दाखिल किये
00:41जा सकेंगे।
00:42और तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट सामने आएगी।
00:48करनाटक की मौजूदा वोटर लिस्ट में 5,54,32,314 वोटर्स जर्ज हैं।
00:57इन में से करीब 1,9,83,000 वोटर्स यानी 19,81 फीसदी ASDDO केटेगरी में पाए गए हैं।
01:09ASDDO यानी Absent, Shifted, Duplicate, Dead और Other Category यानी ऐसे नाम जो या तो सम्मंधित पते पर नहीं मिले,
01:20दूसरी जगा शिफ्ट हो चुके हैं, डुबलिकेट हैं या मतदाता की मौत हो चुकी हैं।
01:25सबसे ज़ादा चौकाने वाला आकड़ा बेंगलूरू अर्बन से आया है। यहां 17,74,000 से ज़ादा ASDDO केस मिले हैं,
01:36यानी Pre-SIR वोटर्स के मुकाबले करीब 44 फीसदी नाम इस केटेगरी में पाए गए हैं।
01:43और BBMP South में तो ये आकड़ा 50 फीसदी से भी ज़ादा है।
02:13अब सवाल कि SIR की जरूरत क्यों पड़ी। चुनावायों का मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना, डुपलिकेट और गलत प्रविष्टियों
02:22की पहचान करना और ये सुनिशित करना हैं कि हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में रहे। लेकिन इसी
02:30प्रक्रिया क
02:30को लेकर राजनितिक घमसान तेज हो गया है।
03:00जाने के बाद SIR सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रहे गई है। अब इसकी हर एक एंट्री, हर एक नाम और
03:08हर एक आपत्ती राजनितिक नजरों के केंद्र में हैं। क्योंकि वोटर लिस्ट में एक नाम सिर्फ एक आकड़ा नहीं होता।
03:16वही नाम चुनाओ के दिन �
03:18लोक तंत्र की सबसे बड़ी ताकत बनता है।
Comments