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  • 2 hours ago
अक्सर लोग सड़कों पर घायल और बीमार जानवरों को देखकर उन्हें उसी हालत में छोड़ देते हैं, लेकिन ओडिशा के भुवनेश्वर के रहने वाले ताराकांत बेहरा के साथ ऐसा नहीं है. उनकी सुबह की शुरुआत घायल गायों और बछड़ों के घावों पर दवा लगाने से होती है. उन्हें जब किसी घायल या बीमार जानवर की खबर मिलती है तो वो वहां पहुंच जाते हैं. उसे ना सिर्फ ठीक करने में जुट जाते हैंM बल्कि उसे घर लाते हैं और उसके लिए चारा-पानी की भी व्यवस्था करते हैं. वो पिछले 23 सालों से ऐसा करते आ रहे हैं. पिछले साल ओडिशा के गवर्नर ने सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया.  

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Transcript
00:00अक्सर लोग सडकों पर घायल और बिमार जानवरों को देखकर उन्हें उसी हालत में छोड़ देते हैं
00:10लेकिन उरीसा के भुनेश्वर के रहने वाले तारा कान बहरा के साथ ऐसा नहीं है
00:14उनकी सुबह की शुरवात घायल गायों और बच्छणों के घावों पर दवा लगाने से होती है
00:20उन्हें जब किसी घायल ये बिमार जानवर की खबर मिलती है तो वे वहाँ पहुंच जाते हैं
00:26They do not just clean it, but they do not clean it but they do not clean it and clean it and they do not clean it.
00:33The last 23 years of ADESA has been working on the government for the civil rights to the government.
00:45The government needs to be more a need for money.
00:49ताराकान बहरा भुनेश्वर की एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है
01:03उन्हें जितनी सेलरी मिलती है उसका करीब आधा हिस्सा पश्वों की इलाज और दाना पानी पर खर्च कर देते हैं
01:10घर में माता, पिता, पत्नी और एक बेटी भी है
01:12सभी को उनका काम अच्छा लगता है, लिहाजा सभी उनका सहीयोग भी करते हैं
01:17जब कभी फोन की घंटी बसती है, वो घर से निकल जाता है
01:26जानवरों की हमले के डर से मैं उसे रोकती हूँ, लेकिन वो रुकता नहीं है
01:31वो गाउं के वच्चों की मदद लेता है
01:34बात साल 2003 की है, जब तारा कान दस्वी में पढ़ते थे
01:39उन्होंने अपने घर के पास एक बीमार सांड को देखा
01:42अपने दोस्तों की मदद से उन्होंने उसे ठीक किया
01:45उसी समय उनके मन में गायों की सेवा का ख्याल आया
01:49जब बीमार गायों की बात आती है तो वो ना दिन देखते हैं और ना रात
01:53हर वक्त उसकी सेवा के लिए तयार रहते हैं
01:56सिर्फ गाय ही क्यों? कुट्ता, बंदर, चिडियों और दूसरे जानवरों की भी सेवा करते हैं
02:02जब भी ज़रूरत परती हैं ताराकांत की मदद करते हैं
02:11हम गायों के लिए एक सर्विस सेंटर खोलने की कोशिश कर रहे हैं
02:14जहां बिमार गायों की सेवा हो सकते हैं
02:16शहरी करण की वज़े से गायों की खाने के लिए घास भी कम परती जा रही है
02:22गायों के चड़ने के लिए जगा भी नहीं है
02:24ऐसे में ताराकांतिस इलाके में एक चारा गाह भी बनना चाते हैं
02:29ETV भारत के लिए Odisha के भूनेश्वर से भावानी शंकरदास की रिपोर्ट
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