00:05उत्रकंड में अधिकारियों की कमी का रोना वन विभाग लंबे समय से रोता रहा है
00:10वन विकास निगम की बात करें तो यह राजी को करीब 300 करोड रुपे तक का राजसु दे रहा है
00:16लेकिन अफसरों के मामले में कंगाली का आलम यह है कि अब प्रमन निदेशक तक का पद अतरिक्त चार्ज पर
00:24चल रहा है
00:24GM से लेकर आरेम तक के पदों पर अधिकारी ही मौजूद नहीं है और अतरिक्त चार्ज वाले अफसर काम देख
00:32रहे है
00:34उत्राखन वनविकास निगम प्रदेश में महतपूर्ण निगमों में से एक है
00:37ऐसा इसलिए क्योंकि ये निगम राज्य को बड़ा राजस्व देता है
00:41इसके बावजूद इस निगम का ख्याल रखने के लिए अधिकारीयों की भारी कमी दिखाई दे रही है
00:46इस्तिती ये है कि इसके MD से लेकर RM, GM और DLM तक के जो पद है वो अत्रिक्त प्रभार
00:53के रूप में दिए गए है
00:55वनविकास निगम में प्रबंद निदेशक के तौर पर नीना ग्रेवाल काम देख रही थी
01:00लेकिन नई सूची आने के बाद उन्हें प्रमुक वन सनरक्षक वाइल लाइफ की जिम्मेदारी दे दी गई
01:06और वनविकास निगम में प्रबंद निदेशक की जिम्मेदारी उनके पास अत्रिक्त चार्ज के रूप में रखी गई
01:13वन मंत्री का कहना है कि विभाग के कामकाज पर इससे कोई असर नहीं पड़ रहा है
01:37यदि वन विकास निगम में जीम के पदों को देखें तो गड़वाल में जीम का चार्ज
01:42वन विभाग के मुख्य वन सनरक्षक गड़वाल और कुमाओं की जीम का चार्ज मुख्य वन सनरक्षक कुमाओं के पास है
01:49यह तब है जब अवैत खनन और तै पेड कटान से ज्यादा पेड़ों की कटाई के मामलों में
01:55CCF गड़वाल और CCF कुमाओं जोती अपीली अधिकारी हैं यानि ऐसे मामलों में निगम के खिलाप
02:03PD यानि रिकवरी आदेश जारी होने की अपील वही अधिकारी सुनते हैं जो खुद निगम में जीम के पदों पर
02:11हैं
02:13यहां बात केवल अत्रिक प्रभार की नहीं है बलकि इस बात को लेकर है कि निगम को अधिकारी देने में
02:19आखिरकार विभाग या सरकार इतनी कंजूसी क्यों कर रहा है
02:22यही नहीं सवाल इस बात को लेकर भी उठ रहे हैं कि आखिरकार गणवाल में मुख्यवन संरक्षक और कुमाओं में
02:29मुख्यवन संरक्षक कैसे बन विकास निगम में जीम पद पर बैठे हुए हैं
02:34देरादूंचे करवा परसंट परवीन सोनकों के साथ नवीन उनियाल, ETV भारत
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