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पीएम मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को संस्थान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने 'परम प्रज्ञा' का भी उद्घाटन किया। यह AI-पावर्ड सुपरकंप्यूटिंग सुविधा है, जिसका मकसद भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और अत्याधुनिक रिसर्च को बढ़ावा देना है।
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Transcript
00:03साथियों मैं लाइब की कुछ प्रैक्टिकल बाते भी आप से शेयर करना चाहता हूँ
00:10केंपस का जीवन और केंपस के बाहर का जीवन इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है
00:27आएटी की परिक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिन्दगी की परिक्षा में सब कुछ आउट आप सिलेबस होता है
00:46आप याग करिए
00:49केंपस लाइट बहुत
00:51सारे फंडे क्लियर होते थे
00:57क्या पढ़ना है
01:01कौन सा एसाइन्मेंट पूरा करना है
01:04कौन सी परिक्षा देनी है
01:07साब पहने से तय होता था
01:11लेकिन जिन्दगी कुछ अलग तरह से चलती है
01:18वहाँ न कोई तय कोर्ष होता है
01:21न कोई क्वेस्टिन पेपर होता है
01:26कई बार तो ये भी कोई नहीं बताता
01:30कि असली समाल क्या था
01:35वो सवाल भी आपको खुद पहचानना पड़ता है
01:44मैंने आईटी के अनेक अलमनाई की यात्रा को देखा है
01:51उनकी सक्सेस का कारण
01:53सिर्फ ये नहीं था
01:56कि उन्होंने सही जबाब दिये
01:59उनकी सक्सेस का कारण ये था
02:04कि उन्होंने वो सवाल पहचाने
02:09जिने दुनिया ने सवाल मानना ही छोड़ दिया था
02:19उन्होंने उन समस्याओं का समाधान खोचा
02:24जिनके साथ बाग की लोग समझोते कर चुके थे
02:36आड़िसलिये लाइफ में क्यूरियोसिटी बनाए रखिये
02:42अपनी लर्निंग इंस्टिंक को ज़ाए रखिये
02:47जगाए रखिये
02:49चेतना बनाए रखिये
02:52जो बाते बीना सोचे समझे स्विकार कर ली जाती है
02:58जरा उन्हें पर रखिये
03:01उन पर सवाल उठाईए
03:05लेकिन सिर्फ सवाल पुछका मत रुकिये
03:09उनका समाधान खोजने का
03:13साहस भी रखिये
03:16यही सोच
03:19आपकी अलग पहचान बनाएगे
03:25साथियों आप सब जानते हैं
03:30हर पीडी के सामने
03:32उस टाइम पिरिड की अपनी चुनोतियां होती है
03:38और हर पीडी का अपना एक
03:42राश्ट्रियत दाइत्व भी होता है
03:46हमारे देश ने
03:49गुलामी का वो समय भी देखा है
03:52जब उस पीडी के सामने
03:56सिर्फ एक ही लक्ष था
04:00भारत की आजादी
04:04उसके लिए उन्होंने
04:06सक्रिफाइज किया
04:10लंबा स्ट्रगल किया
04:12आज हम
04:15स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं
04:19इसके पीछे
04:20उस पीडी का तप
04:23त्याग और बलिदान है
04:27और सात्यों आज के इस दोर में
04:31हमारे सामने चुनोतियां भी अलग है
04:34और इसलिए हमारे दाइत्व भी अलग है
04:38अपने जीमन के अगले
04:42तीस पैंतिस साल में
04:45आप जो कुछ भी करेंगे
04:50वो विक्सीद भारत की हमारी यात्रा को प्रभावित करेंगा
04:56इसलिए
04:58आपके हर निर्णे का अधार ये भी होना चाहिए
05:02कि इसे देश को क्या फाइदा होगा
05:07इसे देश की कौन सी जरुरत पूरी होगी
05:10आज भारत
05:13एकोनामिक सेल्फ रिलाइस
05:18टेक्नोलोजिकल सेल्फ रिलाइस
05:21इंडिस्ट्रियल सेल्फ रिलाइस
05:24ऐसे हर सेक्टर में
05:27आत्म निर्भर बननेर के लिए काम कर रहा है
05:34यही विख्षिद भारती मजबूत नीव का सबूत है
05:41इस मजबूत नीव पर
05:46आपको एक भव्य सुन्दर विख्षिद भारत का निर्मान करना है
05:53साथियों
05:54विख्षिद भारत की स्यात्रा में
05:59आपकी भूमी का बहुत बड़ी है
06:03देश का युवाज जितना ससकत होगा
06:06उतना ही देश ससकत होगा
06:10इसी सोच के साथ
06:13हमने कई ऐसे सेक्टर्स ओपन किये हैं
06:18जहां युवाओं के लिए
06:21एंट्री ही एक तरह से बंद हुआ करती थी
06:27सरकार की आधुनिक नीतियों की वज़त से
06:32आधेश में युवाओं के लिए
06:35नए नए सेक्टर्स भी बन रहे हैं
06:40साथियों
06:40पिछली बार जब मैं
06:44आपके सीनियर्स के कॉन्वोकेशन से
06:48वर्चुली जुडने का मुझे उसर मेरा था
06:51तब मैंने युवाओं के लिए
06:55स्पेस सेक्टर में हो रहे हैं
06:56रिफॉर्म्स की चर्चा की थी
07:00तब तक इस सेक्टर में
07:03लगभग
07:05पूरा काम
07:07सरकार ही करती थी
07:09लेकिन आज
07:12वही स्पेस सेक्टर
07:16हजारों युवाओं के लिए
07:18नए आउसरों का
07:21आकास बन चुका है
07:24आज हमारे वहाओं
07:27अपने लॉंच वहीकल से बना रहे हैं
07:31रोकेट लॉंच कर रहे हैं
07:34और ऐसी उपलब्द्य हासिल कर रहे हैं
07:38जो दुनिया के
07:39गिने चुने देशी ही हासिल कर पाए हैं
07:44मुझे विस्वा से
07:46आज कहीं न कहीं
07:50देश का कोई वाँ इंजिनियर
07:54गर्ब से कह रहा है
07:58फस्ट इन माइ ब्लॉड लाइन
08:00तो बिल आ रोकेट
08:19झाल
08:20झाल
08:21झाल
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