00:06सोनीपत में रिष्टों की बदलती तस्वीर का एक भावुपल सामने आया
00:11यहां एक पिता को व्रद्धाश्रम के विस्तर से लेकर सौसहिया तक सिर्फ इंतजार ही इंतजार मिला
00:19यहां इंतजार उसकी बेटियों के दर्शन का था
00:23हाला की पिता के अंतिम दर्शन के लिए भी बेटिया नहीं पहुची यहां तक की अंतिम संसकार भी उन्होंने वीडियो
00:31कॉल पर ही देखा
00:32और महज 51 सो रुपए देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला जहाड़ा और विधी विधान से अंतिम संसकार करवाने तक को
00:41कह डाला
00:42आईए जानते हैं यहां भावुक कर देने वाला मामला क्या था और कहां पर ऐसा हुआ जहां बेटियों ने इस
00:50तरह से पिता का अंतिम संसकार कराया
01:02आपको बता दें कि शिव चरण राम रतन कुपता एक समय कपड़ा के बड़े व्यापारी थे
01:08वहाग तक्रीबं डेड़ साल पहले अपनी पतनी मीना गुपता के साथ सोनी पत के व्रधाश्रम में रहने आए
01:16उन्होंने अपनी तीन बेटियों को पढ़ाया लिखाया आतनिर्भर बनाया इन में से दो बेटियां अध्यापिका हैं
01:24उस समय पहले उनकी पत्नी मीना गुपता का भी निधन हो चुका था पत्नी की मौत के बाद शिवचरण प्रधाश्रम
01:31में ही रह रहे थे शिवचरण की बड़ी बेटी अनीता नेपाल में अध्यापिका है दूसरी बेटी निशा उतरप्रदेश के आजमगर
01:40में रहती है जब
01:54अंतिम संसकार की प्रक्रिया को देखा बड़ी बेटी ने ऑन-लाइन एक्याउंट्स और उपए भेशते हुए पिता का अंतिम संसकार
02:02विधी विधान से करने को कहा
02:30अधेलकायी एक्यावत भी अडिशा काने में पिताुल में और निश्दासित अंतिम और खिटास ऑने प्रक्रिया की ब्हुत भूंग है डाख
02:53हुआत।
03:15समाच के लोगों ने निभाई जिम्मेदारी
03:17वरद्धाश्रम संचालक के नुसार पहले बेटियों ने अस्थियां सुरक्षित रखने को कहा
03:24बाद में उन्होंने बताया कि उनके पास आने का समय नहीं है और आश्रम प्रबंधन ही गंगा में अस्थियां प्रवाहित
03:32कर दे
03:32अन्तिम संसकार पूरा होने के बाद बेटियों ने वीडियो कॉल पर पूरी प्रक्रिया देखी और अन्तिम संसकार के वीडियो को
03:40उन्हें भेजने का भी अनुरोद किया
03:42इसके बाद समाज के लोगों ने व्रद्धाश्रम प्रबंधन के साथ मिलकर शूचरण रामरतन गुपता का अंतिम संसकार कराया
04:27अन्तिम इक्षा भी हुई पूरी शूचरण ने जीवन रहते हुए नेतरदान का संकल्प लिया था
04:33उनके निधन के बाद समाज सेवियों ने उनकी यहा अंतिम इक्षा पूरी कराई वह भले ही इस दुनिया से विदा
04:42हो गए हो लेकिन उनकी आखें किसी और के जीवन में रोशनी बढ़ा रही है
04:48शूचरण गुपता की कहानी सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं बलकि समाज के लिए एक आईना है
04:55यह याद दिलाती है कि दौलत, सफलता और व्यस्ता से कहिं अधिक मुलिवान, माता-पिता का साथ, सम्मान और उनके
05:04प्रती हमारा करताव्य है
05:07फिल्हाल यहाद दिल को जखजोर देने वाली कहानी अप कैसे लगी, यहाँ हमें कमेंट शेक्शन के जरूर बताईए
05:15और समाज में किस तरह से बदलाव ला सकता है, इसको लेकर भी सुझाओती है
05:20तक कराना पड़ेगा हमें, या तो आप बीस तरीक से पहले आजो
05:24अच्छे तरीक से पहले तुझाओती है, मैं आपको बताती हुआ न, अच्छे तो होगे न, सारा गामाद, हाँ, बिल्कुल उक्षे
05:34होगे
05:41तो आप आलोगे जिब भोगा न, अभी तो संस्कार होगा है
06:04अच्छे तो होगे जिए भोगे याद, की तो होगे तो आपको बादाट होगे
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