00:00Yea, you know the great nature of Mahadev's 3 nature of the other we can understand
00:03which we will show, which is one of the great nature of this nature.
00:07However, the nature of the nature of the shivzhi.
00:16When the nature of the shivzhii who can sympathize with the Prophet,
00:20it has created this nature to choose.
00:23यह नेत्र केवल विनाश के लिए नहीं, बलकि ज्ञान और सत्य का भी स्रोत है, जो अंधकार को चीर देता
00:31है।
00:33प्रेता युग में, जब रावन ने अपनी मायावी शक्तियों से देवताओं को भ्रमित किया, तब भी शिवजी के इस नेत्र
00:40के तेज से कोई नहीं बच सका।
00:42यह नेत्र त्रिनेत्रधारी के रूप में शिवजी की पहचान है, जो तीनों लोकों के ग्याता है।
00:50जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वद किया, तब भी शिवजी के इस नेत्र का तेज अंतरनिहित था।
00:57यह नेत्र असुरों के लिए भय का प्रतीक है, क्योंकि यह सत्य को उजागर कर देता है और उनकी शक्तियों
01:05को निश्प्रभ कर देता है।
01:07शिवजी के तीसरे नेत्र के ऐसे ही अंगिनत रहस्यों को जानने के लिए अभी फालो करें।
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