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  • 1 day ago
दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका अपनी परमाणु रणनीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन और रूस से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अब सिर्फ बड़े परमाणु हथियारों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर छोटे यानी टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल का विकल्प भी अपनाएगा। अगर ऐसा होता है, तो यह अमेरिकी परमाणु नीति में कई दशकों का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा।

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00:00दुनिया की सबसे बड़ी महशक्ती अमेरिका अपनी पर्माणू रणनीती में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।
00:07रिपोर्ट्स के मताबिक चीन और रूस से बड़ते तनाव के बीच अमेरिका अब सिर्फ बड़े पर्माणू हत्यारों पर निर्भर नहीं
00:14रहेगा।
00:37सामने किवल दो विकल्ब छोड़ती है। या तो बड़े रणनीती पर्माणू हत्यारों का अस्तमाल किया जाए। या फिर कोई जवाब
00:44ना दिया जाए।
00:45नई रणनीती का उदेश इन दोनों के बीच एक तीसना और अधिक व्यभारिक विकल्ब तयार करना है।
00:51नई नीती के तहट अमेरिका टेक्टिकल न्यूक्लियर हत्यारों को अपनी सैन्य रणनीती का एहम हिस्सा बना सकता है।
00:57ये ऐसे परमाणों हत्यार होते हैं जिनकी मारक शमता बड़े परमाणों बमों की तुलना में कम होती है।
01:03इन्हें पूरे शेहर को तभा करने के बजाए युद्ध शेत्र, सैन्य ठिकानों या सीमित लक्षों पर इस्तमाल करने के लिए
01:10बनाया जाता है।
01:11अगर किसी शेत्री युद्ध में अमेरिका के सैयोगी देशों पर खत्रा आता है तो इन हत्यारों का इस्तमाल दुश्मन के
01:17सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए क्या जा सकता है।
01:20पेंटागन का मानना है कि चीन और रूस की बरती सैन्ने ताकत को देखते हुए अमेरिका के पास ज्यादा लचीरे
01:26विकल्प होने चाहिए।
01:27उनका कहना है कि इससे विरोधी देशों को हमला करने से पहले ही रोक जा सकेगा और सहयोगी देशों की
01:33सुरक्षा भी मजबूत होगी।
01:34लेकिन इस नई रणनीती को लेकर कई रक्षा विशेशग्यों ने चिंता भी जताई है।
02:11इसे में अब सभी की नजर पेंटागन की नई नीती और वाशिंटन के अगले कदम पर टिकी है।
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