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  • 12 hours ago
इस मानसून में असम एक बार फिर बाढ़ की भयानक मार झेल रहा है. वहीं सरकारी डेटा से पता चलता है कि पिछले तीन सालों में राज्य में कितनी तबाही हुई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, पिछले तीन सालों में असम में जल आपदाओं की वजह से 231 लोगों की जान गई है, जबकि इसी दौरान 2.39 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खेती की जमीन को नुकसान हुआ है. रिपोर्टर को मिले डेटा से पता चलता है कि असम में बाढ़ का संकट बार-बार आता है. केंद्र की तरफ से ज़्यादा पैसे की मदद और आपदा कम करने की कोशिशों के बावजूद, बाढ़ से लोगों की जान जा रही है, खेती बर्बाद हो रही है. साथ ही साथ निर्माण ढांचों को नुकसान हो रहा है. इस साल राज्य के बड़े हिस्से एक बार फिर डूबे हुए हैं, हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खेती की जमीन का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है. ऐसा होने से, ब्रह्मपुत्र घाटी में हर साल आने वाली मानसून की बाढ़ को मैनेज करने की चुनौती और बढ़ गई है.

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Transcript
00:03इस साल भी असम में बाढ़ ने भयंग कर तबाही मचाई हैं लेकिन असम की ये बाढ़ नई नहीं है
00:10सरकारें आई और सरकारें गई लेकिन यहां के लोग बाढ़ की तरास्दी को हर साल झेलते रहे
00:16केंद्री ग्रहमंत्राले की डेटा के मताबिक इस जलाबदा से 3 साल में 231 लोगों की जान गई है
00:23जबकि 2,49,000 हेक्टेर से ज्यादा खेती को नुकसान हुआ
00:28इस साल भी असम का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया
00:32हजारों लोग बेघर हो गए हैं
00:35ब्रमपुत्र घाटी में हर साल आने वाली मानसून की बाहर को मैनेज करना चुनावती बन चुका है
00:41असम में 2023-2024 में 65 मौते हुई
00:44उसके बाद 2024-2025 में 128 मौते हुई
00:482025-26 में ये संख्या घटकर 38 रह गई
00:52और अभी की बाद में अब तक 95 लोगों की जान जा चुकी है
00:58आंकणों के मताबिक असम नौर्थिस्ट के सबसे ज्यादा बाद प्रभावित राज्यों में से एक है
01:03पिछले तीन साल में त्रिपूरा में बाद से 215 लोगों की मौत हुई
01:07सिक्किम में 107, मेगाले में 96, मिजोरम में 65, नागालेंड में 49, अरुणाचल प्रदेश में 40 और मनीपूर में 19
01:17मौते हुई है
01:18असम में पिछले तीन साल में बाद से सबसे ज्यादा फसलों को नुक्सान हुआ है
01:23तीन साल में यहां 249,000 हेक्टेर से ज्यादा खेती को नुक्सान हुआ
01:29वहीं सिक्किम में 81,000 हेक्टेर फसल का नुक्सान हुआ
01:33मिजोरम में 21,000 हेक्टेयर, नागा लेंड में 3,000 हेक्टेयर, मेगालाय में 1,000 हेक्टेयर, अरुनाचल प्रदेश में 17
01:42,000 हेक्टेयर और मनिपुर में 1,000 हेक्टेयर खेती पर असर पड़ा
01:48असम्मे बार से बड़े पैमाने पर तबाही के पीछे विशेशग्य इसकी अनोखी टोपोग्राफी और ब्रह्मुपुत्र नदी सिस्टम को जिम्मेदार मानते
01:57हैं
01:57असम्मे बार से होने वाले नुकसान को बहतर तयारी अलर्ट सिस्टम को मजबूत करके और जानमाल की सुरक्षा पर ध्यान
02:06दे कर कम किया जा सकता है
02:08योरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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