00:00सोची आप किसे दुकान पर गए, सामान लिया, QR कोड स्कैन किया और कुछ सेकेंड में पेमेंट हो गया
00:06ना कैश निकालने की जरूरत, ना कार्ड स्वाइब करने की और ना ही कोई अतरिक्त शुलक देने की चुनता
00:11लेकिन अब इसी UPI को लेकर एक सवाल तेजी से चर्चा में है
00:15कि आने वारे समय में UPI पेमिंट करने पर चार्ज देना पड़ सकता है
00:19अगर आप भी रोजाना, गूगल पे, फोन पे, पेटियम या किसी दूसरे UPI अप से भुगतान करते हैं
00:26ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:27मामला दरसल MDR, यानि की मर्चंट डिसकाउंट रेट से जुड़ा है
00:31और सरकार की और से कानून में ऐसा बदलाव करने के दिशा में कदम उठाया गया है
00:35जिससे भविश्य में ज़रूरत पढ़ने पर, डिजिटल पेमिंट पर MDR लगाने का कानूनी रास्ता खुल सके
00:41तो आखिर MDR क्या है
00:42सरकार ये बदलाव क्यों करना चाहती है
00:45क्या इसका सीधा असर आपकी बैयाखाते पर पड़ेगा
00:48क्या 2000 उपैसे ज्यादा के UPI पेमिंट पर चार्ज लगेगा
00:51और क्या छोटे दुकान दारों को भी इसका नुपसान होगा
00:54आए एक एक करके पूरी कहानी समझते है
00:57नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India हिंट
01:01सबसे पहले समझे UPI है क्या
01:03UPI यानि की Unified Payment Interface
01:06भारत का ऐसा Digital Payment System जिसके जरिये मोबाइल फोन से
01:10सीधे बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजी जा सकते हैं
01:14आप किसी दुकान पर QR Code स्कैन करते हैं
01:17UPI ID जालते हैं, मोबाइल नमबर के जरिये भुकतान करते हैं
01:21और कुछी सेकिंड में ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है
01:23आज UPI भारत के डिजिटल अर्थ वैवस्था की रीड बन चुका है
01:26सरकार के मताबिक जून 2026 तक UPI प्लैटफॉर्म पर करीब 55.49 करोड यूजर्स जुड़े हुए थे
01:33वितवर्ष 2025-2026 में UPI के जरिये करीब 24,162 करोड ट्रांजैक्शन हुए
01:40जिनके कुल वैल्यू लगभग 314 लाख करोड उपे रही
01:44यानि UPI अब सिर्फ बड़े शहरों की सुविधा नहीं है
01:47गाउं, छोटे कस्बों, किराना दुकानों, सबजी वालों, टैक्सी ड्राइवर्स से लेकर
01:51बड़े मॉल और ऑनलाइन शॉपिंग तर हर जगह QR कोड दिखाई देता है
01:55और यही वज़ा है कि UPI में किस से भी संभावित बदलाव की चर्चा सीधे करोडों लोगों से जूट जाती
02:01है
02:01तो सबी जाना चाहते होंगे कि यह MDR क्या होता है
02:03MDR का पूरा नाम है Merchant Discount Rate
02:06आसान भाष्णा में समझी है
02:08जब कोई व्यापारी डिजिटल माध्यम से पेमिंट स्विकार करता है
02:11तो उसे डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोसस करने वाले बैंक, पेमिंट सिस्टम या सम्बंधित कंपनियों की एक लागत होती है
02:18कॉस्टिंग
02:19MDR इस तरह का शुलक है जो आमतोर पर Merchant यानि की व्यापारी से लिया जाता है
02:24यानि MDR और ग्राहक से सीधे वसूले जाने वाले चार्ज को एक ही चीज समझना ये सही नहीं होगा
02:31अगर भविशे में सरकार UPI पर MDR की अनुमती देती है
02:35तो इसका मतलब ये जरूरी नहीं है कि आपके बैंग खाते से हर बार अलग-अलग पैसे काट लिया जाएंगे
02:42असल सवाल ये होगा कि MDR किस से लिया जाएगा, कितनी दर पर लिया जाएगा और किन ट्रांसेक्शन पर लागू
02:48होगा
02:49और फिलहाल यही तीनों बातें पूरी तेरह अंतिम नहीं हुई है अनकी फाइनल नहीं हुई है
02:53लेकिन सरकार बदलाव क्यों चाहती है? यही से पूरी कहानी दिल्चस्प हो जाती है
02:58UPI पर अभी 0 MDR वेवस्था है, इसका मतलब यह है कि व्यापारी से UPI पेमिंट स्विकार करने के बदले
03:04सावाने MDR नहीं लिया जाता है
03:06सरकार ने डिजिटल पेमिंट को बढ़ावा देने के लिए इस वेवस्था को अपनाया था
03:10लेकिन दूसरी तरफ UPI का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ चुका है कि बैंक, पेमिंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे डिजिटल
03:17पेमिंट एको सिस्टम के खर्च भी बढ़ रहे है
03:20यानि एक तरफ करोडो करोडो ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, दूसरी तरफ इस पूरे सिस्टम को चलाने की लागत भी है
03:26यही वज़ा है कि अब सरकार किस तर पर ये चर्चा तेज हुई है कि डिजिटल पेमिंट सिस्टम को लंबे
03:32समय तक आर्थी कुरूप से टिकाओ कैसे बनाया जाए
03:35रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार बड़े कारोबारियों के लिए MDR लागू करने के विकल पर विज़ार कर रही है
03:40कुछ प्रस्तावों में 2000 रुपे से अधिक के व्यापारी भुगतान और बड़े कारेबारियों को ध्यान में रखा गया है
03:47हलाकि अंतिम शुल्क और नियम अभी तैय नहीं हुए है इसलिए confused होने की जरूरत नहीं है
03:53तो सवाल एक और है क्या 2000 रुपे से ज्यादा UPI payment पर चार्ज लगेगा
03:57ये वही सवाल है जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है
04:00क्या अगर आपने 2500 रुपे या फिर 5000 रुपे का UPI payment किया तो आपसे चार्ज लिया जाएगा
04:06तो आपको बताते है कि फिलहाल ऐसा कोई अंतिम नियम लागू नहीं हुआ है
04:10कोई निर्ने नहीं हुआ है इस पर
04:112000 रुपे की सीमा से जुड़ी चर्चा इसलिए सामने आई है
04:15क्योंकि सरकार जिन संभावित मॉडल पर विचार कर रही है
04:18उनमें बड़े मूले के merchant transactions को शामिल करने की बात सामने आई
04:35है यहां एक बात बहुत महतुपोन है 2000 रुपे की सीमा अभी लागू नियम नहीं है
04:41इसलिए सोशल मीडिया पर अगर कोई यह दावा कर रहा है कि अब 2000 रुपे से उपर
04:46UPI करने पर निश्यत तोर पर चार्ज लगेगा तो उसे फिलहाल अंतिम सरकारी नियम नहीं माना जा सकता
04:52क्या आम आदमी को UPI इस्तिमाल करने के लिए पैसे देने होंगे यह भी एक बहुत बड़ा सवाल है और
04:58इसका जवाब फिलहाल है नहीं
04:59अगर आप अपने दोस्त को 500 रुपे भेजते हैं किसे रिश्तिदार को 5000 रुपे भेजते हैं या अफिर अपने बैंक
05:05खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रानसफर करते हैं तो इस प्रस्ताव का मतलब यह नहीं है बिल्कुल भी कि
05:10इन सभी ट्रांसेक्शन पर अपने आप
05:12चार्ज लग जाएगा
05:13संभावित MDR के चर्चा मुख्य रूप से
05:16मर्चंट यानि के दुकांदार या फिर कारोबारी
05:18द्वारत स्विकार किये जाने पर
05:19या फिर उस भुगतान से जुड़ी है
05:22यानि कि परसन टू परसन
05:24P2P और P2M को
05:25अलग अलग समझना बेहद
05:28जरूरी है इसमें कंट्यूज नहीं होना है
05:30फिर दुकांदार पर क्या आसर पड़ेगा
05:32माल लेज़े कोई बड़ा व्यापारी
05:34हर महीने करोड़ों रुपे का
05:35UPI कारोबार करता है अगर भविश्य में
05:37उस पर MDR लागू होता है तो
05:39डिजिटल पेमेंट्स विकार करने की
05:41उसकी लागत बढ़ सकती है
05:42अब व्यापारी के सामने दो रास्ते हो सकते हैं
05:44पहला वो खुद इस लागत को वहन करें
05:46और दूसरा वो किसी तरीके से
05:48इस अतिरिक्त लागत को अपने बिजनस खर्चे में
05:51शामिल करें लेकिन इसका मतलब ये नहीं है
05:54कि हर दुकानदार ग्राहक से अलग-अलग
05:56यूपिया चार्ज ले लिन लगेगा
05:58इस से जुड़े नियम सरकार की अंदिम नोटिफिकेशन में
06:01स्पष्ट हों चोटे दुकानदारों का क्या होगा
06:03ये सवाल भी बहुत महतोपूर है
06:05भारत में यूपिया की सबसे बड़ी ताकत यही है
06:08कि छोटे दुकानदार भी डिजिटल पेमेंट स्विकार कर सकते हैं
06:11चाय की दुकान हो, सबजी वाला हो, ओजो ड्राइवर हो, किराना स्टोर हो
06:15काउं की छोटी सी कोई भी टपरी
06:16इसलिए अगर MDR लगाया जाता है
06:19तो ये सवाल उठना स्वभाविक है
06:21क्या छोटे कारोबारियों पर भी इसका बोज पड़ेगा
06:24फिरहाल जिन प्रिस्तावों की चर्चा है
06:26उनमें बड़े मर्चंस को लक्ष बनाने
06:28और छूटे कारोबारियों को
06:29रहत देने की संभावना बताई जा रही है
06:32कुछ रिपोर्ट्स में 2000 उपैसे
06:33ज्यादा के ट्रांसेक्शन्स और बड़े कारोबारियों के लिए
06:360.5 पतिशत से
06:37कम MDR जैसे विकल्प की चर्चा तो हुई है
06:41लेकिन ये अभी
06:42अंतिम सरकारी फैसला नहीं
06:43जैसे के मैंने पहले भी बताया है
06:44ये भी बस डिसकॉशन में आया है
06:46सरकार कानून में बदलाव क्यों कर रही है
06:48अब आते हैं सबसे महतुपूर्ण हिस्थर पर
06:50सरकार Payment and Settlement System Act
06:532007 में संशोधन के जरिए
06:55भविष्य में Digital Payment पर
06:58शुल्क से जुड़े नियम बदाने की गुणजाईश तयार करना चाहती है
07:01अर्थात कानून में बदलाव का मतलब ये नहीं है
07:04कि उसी दिन से हर UPI Payment पर चार्ज लग जाएगा
07:07जैसे कि बहुत सारा Fake Views भी फैल रहा है
07:09उसके लिए आगे जो आने वाले नियम होंगे
07:12नोटिफिकेशन होंगे शुल्क के शर्ते तय करने होंगी
07:16और यही अंतर समझना जरूरी है
07:18कानून में रास्ता बनाना और चार्ज लागू करना
07:21दो बहुत अलग-अलग बाते हैं
07:23लेकिन सबसे जरूरी एक और सवाल है
07:25आखिर UPI इतना बड़ा कैस से बन गया
07:28तो इस बदलाव को समझने के लिए UPI की सफलता को भी समझना होगा
07:32UPI ने भारत में डिजिटल पेमिंट का तरीका ही बदल दिया
07:37पहले छोटे भुगतान के लिए लोग कैश पर ज्यादा निर्भर रहते थे
07:40लेकिन अब 10 रुपए की चाय से लेकर 1000 रुपए की खरीदारी तक QR कोड से भुगतान हो जाता है
07:46यानि कि अब स्कैन कीजिए UPI हो जाता है
08:15पहले भी UPI चार्ज को लेकर सफाई दे चुकी है
08:18उसका जवाब है हाँ
08:19अतीत में भी यानि की पास्ट में भी UPI पर चार्ज लगाने को लेकर कई तरह की अफ़ाए सामने आती
08:25रही है
08:25अप्रेल 2025 में ही पी आई बी ने सपर्ष्ट किया था कि 2000 रुपे से ज्यादा की UPI ट्रांसेक्शन पर
08:31जी एस्ट लगाने की खबरे गलत और भ्रामक थी
08:34उस समय सरकार ने कहा था कि UPI पर MDR नहीं लिया जा रहा था और इसलिए ऐसे ट्रांसेक्शन पर
08:40उससे जुड़ा GST भी लागू नहीं लेकिन अब 2026 में जो नई चर्चा सामने आई है वो अलग है
08:46ये सीधे सीधे कल से UPI पर चार्ज वाली खोशना नहीं है बलकि MDR को लेकर कानूनी और नीतिगत बदलाव
08:54के दिशा में सरकार की तयारी से जुड़ी है
08:57हालिया रिपोर्टों के मताविक सरकार अब बड़े मर्चंस से MDR लेने की संभावनाओं पर गंभीता से विचार कर रही है
09:04यानि कि अभी यह जो प्रॉसस है विचाराधीन है और यह फिर बड़े मर्चंस के लिए है आम हमारे और
09:09आपके जैसे आम ट्रांसाइशन के लिए नहीं है
09:11तो क्या UPI खत्म हो जाएगा या महंगा हो जाएगा ऐसे भी सवाल सरकुलेट हो रहे हैं
09:16ऐसा कहना बिल्कुल भी सही नहीं होगा UPI की सबसे बड़ी ताकत उसकी सरलता और कम लागत है अनिकी easy
09:22process है
09:23और सरकार के सामने चुनोती ये है कि एक तरफ UPI को आम जंदा के लिए आसान और सस्ता रखा
09:28जाए
09:29वहीं दूसरी तरफ बैंक और पेमिंट कमपनियों के लिए इसका आर्थिक मॉडल भी टिकाओ बना रहे है
09:34अगर भविश्य में MDR लागू होता है तो सबसे एहम बात होगी किस पर लगेगा, कितना लगेगा, किन transactions पर
09:40लगेगा, क्या छोटे वियापारियों को इससे बाहर रखा जाएगा
09:43इन सवालों का जवाब अंतिमनियमों से ही मिलेगा तो फिलहाल आम UPI user क्या करें
09:49सीधी बात समझे, अगर आप आज UPI से पेमिंट कर रहे हैं तो सर्फ इस ख़बर की वेज़े से ख़बराने
09:53के ज़रूरत नहीं है, जैसा कि मैं आपको पहले भी कई बार बता चुकी हूँ
09:56आप QR कोड स्कैन करके पेमिंट कर सकते हैं, UPI ID से पैसे भेज सकते हैं, मोबाइल नमबर से भुखतान
10:02कर सकते हैं और अपने परिचीतों को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं
10:06अभी ऐसा कोई सामाने नियम लागू नहीं हुआ है, जोसके तहत UPI users से अत्रिक्त शुल्क लिया जा रहा हूँ
10:13लेकिन भविश्य के लिए सरकार जो सकारूनी बदलाव पर काम कर रही है, उससे डिचिटल पैमिंट के शुल्क मॉडल में
10:20बदलाव की संभावना जरूर पैदा हुई है
10:22और यहीं वज़य है कि UPI users के लिए इस पूरी बहस को समझना जरूरी है
10:27यानि अभी UPI पैमिंट पर आम ग्रहक से कोई नया चार्ज नहीं लिया जा रहा है
10:31सरकार की ओर से ऐसा कोई अंतिम आदेश भी जारी नहीं हुआ है
10:35कि कल से ही आपको UPI पे चार्ज देना पड़ेगा या फिर UPI पैमिंट महंगा हो जाएगा
10:41इस खबर में इतना ही लेकिन सोशल मेडिया पर फैलती अपवाहों से बचे
10:45और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं
10:47ताकि उन तक भी राइट इन्फोमिशन पहुंच सके
10:50क्यों की राइट इन्फमिशन प्रफिट इन आप इन्प्वा अप्वाएं
Comments