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UPI Payment Charges: क्या 2000 से ऊपर UPI पेमेंट करने पर लगेगा MDR चार्ज? क्या है सच! | Oneindia Hindi

अगर आप भी Google Pay, PhonePe, Paytm से रोजाना UPI पेमेंट करते हैं, तो क्या अब आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा? जानिए केंद्र सरकार के कानून में प्रस्तावित बदलाव और MDR के इस नए विवाद की पूरी असलियत!

भारत में हर दिन करोड़ों लोग डिजिटल पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा 'Payment and Settlement Systems Act, 2007' में संशोधन करने की तैयारी की खबरें आई हैं, जिससे भविष्य में डिजिटल ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने का कानूनी रास्ता साफ हो सके। इस खबर के सामने आते ही यह चर्चा छिड़ गई है कि क्या 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट्स पर अब एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा?

असल में मामला MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट से जुड़ा है। वर्तमान में जीरो-MDR व्यवस्था के कारण दुकानदारों और ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाता। हालांकि, बैंकों और पेमेंट ऐप्स (Google Pay, PhonePe, Paytm) के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को देखते हुए सरकार बड़े कारोबारियों और हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर MDR का विकल्प खोलने पर विचार कर रही है।

राहत की बात यह है कि आम जनता के व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) पैसों के ट्रांसफर पर इस प्रस्ताव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। छोटे दुकानदारों को राहत देने और बड़े कारोबारियों के लिए शुल्क तय करने पर विचार चल रहा है। इस वीडियो में विस्तार से जानिए कि क्या आपके बैंक खाते से पैसे कटेंगे या यह नियम केवल बड़े दुकानदारों के लिए है।


With the Indian government mulling amendments to the Payment and Settlement Systems Act to potentially enable Merchant Discount Rate (MDR) on digital payments, concerns have surfaced regarding transaction fees on UPI apps like Google Pay, PhonePe, and Paytm. This explainer covers whether high-value UPI payments above 2,000 rupees will incur charges, how MDR impacts merchants versus everyday consumers, and NPCI's current stance.

#UPICharges #MDRCharges #GooglePay #PhonePe

~HT.178~PR.514~ED.276~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00सोची आप किसे दुकान पर गए, सामान लिया, QR कोड स्कैन किया और कुछ सेकेंड में पेमेंट हो गया
00:06ना कैश निकालने की जरूरत, ना कार्ड स्वाइब करने की और ना ही कोई अतरिक्त शुलक देने की चुनता
00:11लेकिन अब इसी UPI को लेकर एक सवाल तेजी से चर्चा में है
00:15कि आने वारे समय में UPI पेमिंट करने पर चार्ज देना पड़ सकता है
00:19अगर आप भी रोजाना, गूगल पे, फोन पे, पेटियम या किसी दूसरे UPI अप से भुगतान करते हैं
00:26ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:27मामला दरसल MDR, यानि की मर्चंट डिसकाउंट रेट से जुड़ा है
00:31और सरकार की और से कानून में ऐसा बदलाव करने के दिशा में कदम उठाया गया है
00:35जिससे भविश्य में ज़रूरत पढ़ने पर, डिजिटल पेमिंट पर MDR लगाने का कानूनी रास्ता खुल सके
00:41तो आखिर MDR क्या है
00:42सरकार ये बदलाव क्यों करना चाहती है
00:45क्या इसका सीधा असर आपकी बैयाखाते पर पड़ेगा
00:48क्या 2000 उपैसे ज्यादा के UPI पेमिंट पर चार्ज लगेगा
00:51और क्या छोटे दुकान दारों को भी इसका नुपसान होगा
00:54आए एक एक करके पूरी कहानी समझते है
00:57नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India हिंट
01:01सबसे पहले समझे UPI है क्या
01:03UPI यानि की Unified Payment Interface
01:06भारत का ऐसा Digital Payment System जिसके जरिये मोबाइल फोन से
01:10सीधे बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजी जा सकते हैं
01:14आप किसी दुकान पर QR Code स्कैन करते हैं
01:17UPI ID जालते हैं, मोबाइल नमबर के जरिये भुकतान करते हैं
01:21और कुछी सेकिंड में ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है
01:23आज UPI भारत के डिजिटल अर्थ वैवस्था की रीड बन चुका है
01:26सरकार के मताबिक जून 2026 तक UPI प्लैटफॉर्म पर करीब 55.49 करोड यूजर्स जुड़े हुए थे
01:33वितवर्ष 2025-2026 में UPI के जरिये करीब 24,162 करोड ट्रांजैक्शन हुए
01:40जिनके कुल वैल्यू लगभग 314 लाख करोड उपे रही
01:44यानि UPI अब सिर्फ बड़े शहरों की सुविधा नहीं है
01:47गाउं, छोटे कस्बों, किराना दुकानों, सबजी वालों, टैक्सी ड्राइवर्स से लेकर
01:51बड़े मॉल और ऑनलाइन शॉपिंग तर हर जगह QR कोड दिखाई देता है
01:55और यही वज़ा है कि UPI में किस से भी संभावित बदलाव की चर्चा सीधे करोडों लोगों से जूट जाती
02:01है
02:01तो सबी जाना चाहते होंगे कि यह MDR क्या होता है
02:03MDR का पूरा नाम है Merchant Discount Rate
02:06आसान भाष्णा में समझी है
02:08जब कोई व्यापारी डिजिटल माध्यम से पेमिंट स्विकार करता है
02:11तो उसे डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोसस करने वाले बैंक, पेमिंट सिस्टम या सम्बंधित कंपनियों की एक लागत होती है
02:18कॉस्टिंग
02:19MDR इस तरह का शुलक है जो आमतोर पर Merchant यानि की व्यापारी से लिया जाता है
02:24यानि MDR और ग्राहक से सीधे वसूले जाने वाले चार्ज को एक ही चीज समझना ये सही नहीं होगा
02:31अगर भविशे में सरकार UPI पर MDR की अनुमती देती है
02:35तो इसका मतलब ये जरूरी नहीं है कि आपके बैंग खाते से हर बार अलग-अलग पैसे काट लिया जाएंगे
02:42असल सवाल ये होगा कि MDR किस से लिया जाएगा, कितनी दर पर लिया जाएगा और किन ट्रांसेक्शन पर लागू
02:48होगा
02:49और फिलहाल यही तीनों बातें पूरी तेरह अंतिम नहीं हुई है अनकी फाइनल नहीं हुई है
02:53लेकिन सरकार बदलाव क्यों चाहती है? यही से पूरी कहानी दिल्चस्प हो जाती है
02:58UPI पर अभी 0 MDR वेवस्था है, इसका मतलब यह है कि व्यापारी से UPI पेमिंट स्विकार करने के बदले
03:04सावाने MDR नहीं लिया जाता है
03:06सरकार ने डिजिटल पेमिंट को बढ़ावा देने के लिए इस वेवस्था को अपनाया था
03:10लेकिन दूसरी तरफ UPI का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ चुका है कि बैंक, पेमिंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे डिजिटल
03:17पेमिंट एको सिस्टम के खर्च भी बढ़ रहे है
03:20यानि एक तरफ करोडो करोडो ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, दूसरी तरफ इस पूरे सिस्टम को चलाने की लागत भी है
03:26यही वज़ा है कि अब सरकार किस तर पर ये चर्चा तेज हुई है कि डिजिटल पेमिंट सिस्टम को लंबे
03:32समय तक आर्थी कुरूप से टिकाओ कैसे बनाया जाए
03:35रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार बड़े कारोबारियों के लिए MDR लागू करने के विकल पर विज़ार कर रही है
03:40कुछ प्रस्तावों में 2000 रुपे से अधिक के व्यापारी भुगतान और बड़े कारेबारियों को ध्यान में रखा गया है
03:47हलाकि अंतिम शुल्क और नियम अभी तैय नहीं हुए है इसलिए confused होने की जरूरत नहीं है
03:53तो सवाल एक और है क्या 2000 रुपे से ज्यादा UPI payment पर चार्ज लगेगा
03:57ये वही सवाल है जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है
04:00क्या अगर आपने 2500 रुपे या फिर 5000 रुपे का UPI payment किया तो आपसे चार्ज लिया जाएगा
04:06तो आपको बताते है कि फिलहाल ऐसा कोई अंतिम नियम लागू नहीं हुआ है
04:10कोई निर्ने नहीं हुआ है इस पर
04:112000 रुपे की सीमा से जुड़ी चर्चा इसलिए सामने आई है
04:15क्योंकि सरकार जिन संभावित मॉडल पर विचार कर रही है
04:18उनमें बड़े मूले के merchant transactions को शामिल करने की बात सामने आई
04:35है यहां एक बात बहुत महतुपोन है 2000 रुपे की सीमा अभी लागू नियम नहीं है
04:41इसलिए सोशल मीडिया पर अगर कोई यह दावा कर रहा है कि अब 2000 रुपे से उपर
04:46UPI करने पर निश्यत तोर पर चार्ज लगेगा तो उसे फिलहाल अंतिम सरकारी नियम नहीं माना जा सकता
04:52क्या आम आदमी को UPI इस्तिमाल करने के लिए पैसे देने होंगे यह भी एक बहुत बड़ा सवाल है और
04:58इसका जवाब फिलहाल है नहीं
04:59अगर आप अपने दोस्त को 500 रुपे भेजते हैं किसे रिश्तिदार को 5000 रुपे भेजते हैं या अफिर अपने बैंक
05:05खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रानसफर करते हैं तो इस प्रस्ताव का मतलब यह नहीं है बिल्कुल भी कि
05:10इन सभी ट्रांसेक्शन पर अपने आप
05:12चार्ज लग जाएगा
05:13संभावित MDR के चर्चा मुख्य रूप से
05:16मर्चंट यानि के दुकांदार या फिर कारोबारी
05:18द्वारत स्विकार किये जाने पर
05:19या फिर उस भुगतान से जुड़ी है
05:22यानि कि परसन टू परसन
05:24P2P और P2M को
05:25अलग अलग समझना बेहद
05:28जरूरी है इसमें कंट्यूज नहीं होना है
05:30फिर दुकांदार पर क्या आसर पड़ेगा
05:32माल लेज़े कोई बड़ा व्यापारी
05:34हर महीने करोड़ों रुपे का
05:35UPI कारोबार करता है अगर भविश्य में
05:37उस पर MDR लागू होता है तो
05:39डिजिटल पेमेंट्स विकार करने की
05:41उसकी लागत बढ़ सकती है
05:42अब व्यापारी के सामने दो रास्ते हो सकते हैं
05:44पहला वो खुद इस लागत को वहन करें
05:46और दूसरा वो किसी तरीके से
05:48इस अतिरिक्त लागत को अपने बिजनस खर्चे में
05:51शामिल करें लेकिन इसका मतलब ये नहीं है
05:54कि हर दुकानदार ग्राहक से अलग-अलग
05:56यूपिया चार्ज ले लिन लगेगा
05:58इस से जुड़े नियम सरकार की अंदिम नोटिफिकेशन में
06:01स्पष्ट हों चोटे दुकानदारों का क्या होगा
06:03ये सवाल भी बहुत महतोपूर है
06:05भारत में यूपिया की सबसे बड़ी ताकत यही है
06:08कि छोटे दुकानदार भी डिजिटल पेमेंट स्विकार कर सकते हैं
06:11चाय की दुकान हो, सबजी वाला हो, ओजो ड्राइवर हो, किराना स्टोर हो
06:15काउं की छोटी सी कोई भी टपरी
06:16इसलिए अगर MDR लगाया जाता है
06:19तो ये सवाल उठना स्वभाविक है
06:21क्या छोटे कारोबारियों पर भी इसका बोज पड़ेगा
06:24फिरहाल जिन प्रिस्तावों की चर्चा है
06:26उनमें बड़े मर्चंस को लक्ष बनाने
06:28और छूटे कारोबारियों को
06:29रहत देने की संभावना बताई जा रही है
06:32कुछ रिपोर्ट्स में 2000 उपैसे
06:33ज्यादा के ट्रांसेक्शन्स और बड़े कारोबारियों के लिए
06:360.5 पतिशत से
06:37कम MDR जैसे विकल्प की चर्चा तो हुई है
06:41लेकिन ये अभी
06:42अंतिम सरकारी फैसला नहीं
06:43जैसे के मैंने पहले भी बताया है
06:44ये भी बस डिसकॉशन में आया है
06:46सरकार कानून में बदलाव क्यों कर रही है
06:48अब आते हैं सबसे महतुपूर्ण हिस्थर पर
06:50सरकार Payment and Settlement System Act
06:532007 में संशोधन के जरिए
06:55भविष्य में Digital Payment पर
06:58शुल्क से जुड़े नियम बदाने की गुणजाईश तयार करना चाहती है
07:01अर्थात कानून में बदलाव का मतलब ये नहीं है
07:04कि उसी दिन से हर UPI Payment पर चार्ज लग जाएगा
07:07जैसे कि बहुत सारा Fake Views भी फैल रहा है
07:09उसके लिए आगे जो आने वाले नियम होंगे
07:12नोटिफिकेशन होंगे शुल्क के शर्ते तय करने होंगी
07:16और यही अंतर समझना जरूरी है
07:18कानून में रास्ता बनाना और चार्ज लागू करना
07:21दो बहुत अलग-अलग बाते हैं
07:23लेकिन सबसे जरूरी एक और सवाल है
07:25आखिर UPI इतना बड़ा कैस से बन गया
07:28तो इस बदलाव को समझने के लिए UPI की सफलता को भी समझना होगा
07:32UPI ने भारत में डिजिटल पेमिंट का तरीका ही बदल दिया
07:37पहले छोटे भुगतान के लिए लोग कैश पर ज्यादा निर्भर रहते थे
07:40लेकिन अब 10 रुपए की चाय से लेकर 1000 रुपए की खरीदारी तक QR कोड से भुगतान हो जाता है
07:46यानि कि अब स्कैन कीजिए UPI हो जाता है
08:15पहले भी UPI चार्ज को लेकर सफाई दे चुकी है
08:18उसका जवाब है हाँ
08:19अतीत में भी यानि की पास्ट में भी UPI पर चार्ज लगाने को लेकर कई तरह की अफ़ाए सामने आती
08:25रही है
08:25अप्रेल 2025 में ही पी आई बी ने सपर्ष्ट किया था कि 2000 रुपे से ज्यादा की UPI ट्रांसेक्शन पर
08:31जी एस्ट लगाने की खबरे गलत और भ्रामक थी
08:34उस समय सरकार ने कहा था कि UPI पर MDR नहीं लिया जा रहा था और इसलिए ऐसे ट्रांसेक्शन पर
08:40उससे जुड़ा GST भी लागू नहीं लेकिन अब 2026 में जो नई चर्चा सामने आई है वो अलग है
08:46ये सीधे सीधे कल से UPI पर चार्ज वाली खोशना नहीं है बलकि MDR को लेकर कानूनी और नीतिगत बदलाव
08:54के दिशा में सरकार की तयारी से जुड़ी है
08:57हालिया रिपोर्टों के मताविक सरकार अब बड़े मर्चंस से MDR लेने की संभावनाओं पर गंभीता से विचार कर रही है
09:04यानि कि अभी यह जो प्रॉसस है विचाराधीन है और यह फिर बड़े मर्चंस के लिए है आम हमारे और
09:09आपके जैसे आम ट्रांसाइशन के लिए नहीं है
09:11तो क्या UPI खत्म हो जाएगा या महंगा हो जाएगा ऐसे भी सवाल सरकुलेट हो रहे हैं
09:16ऐसा कहना बिल्कुल भी सही नहीं होगा UPI की सबसे बड़ी ताकत उसकी सरलता और कम लागत है अनिकी easy
09:22process है
09:23और सरकार के सामने चुनोती ये है कि एक तरफ UPI को आम जंदा के लिए आसान और सस्ता रखा
09:28जाए
09:29वहीं दूसरी तरफ बैंक और पेमिंट कमपनियों के लिए इसका आर्थिक मॉडल भी टिकाओ बना रहे है
09:34अगर भविश्य में MDR लागू होता है तो सबसे एहम बात होगी किस पर लगेगा, कितना लगेगा, किन transactions पर
09:40लगेगा, क्या छोटे वियापारियों को इससे बाहर रखा जाएगा
09:43इन सवालों का जवाब अंतिमनियमों से ही मिलेगा तो फिलहाल आम UPI user क्या करें
09:49सीधी बात समझे, अगर आप आज UPI से पेमिंट कर रहे हैं तो सर्फ इस ख़बर की वेज़े से ख़बराने
09:53के ज़रूरत नहीं है, जैसा कि मैं आपको पहले भी कई बार बता चुकी हूँ
09:56आप QR कोड स्कैन करके पेमिंट कर सकते हैं, UPI ID से पैसे भेज सकते हैं, मोबाइल नमबर से भुखतान
10:02कर सकते हैं और अपने परिचीतों को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं
10:06अभी ऐसा कोई सामाने नियम लागू नहीं हुआ है, जोसके तहत UPI users से अत्रिक्त शुल्क लिया जा रहा हूँ
10:13लेकिन भविश्य के लिए सरकार जो सकारूनी बदलाव पर काम कर रही है, उससे डिचिटल पैमिंट के शुल्क मॉडल में
10:20बदलाव की संभावना जरूर पैदा हुई है
10:22और यहीं वज़य है कि UPI users के लिए इस पूरी बहस को समझना जरूरी है
10:27यानि अभी UPI पैमिंट पर आम ग्रहक से कोई नया चार्ज नहीं लिया जा रहा है
10:31सरकार की ओर से ऐसा कोई अंतिम आदेश भी जारी नहीं हुआ है
10:35कि कल से ही आपको UPI पे चार्ज देना पड़ेगा या फिर UPI पैमिंट महंगा हो जाएगा
10:41इस खबर में इतना ही लेकिन सोशल मेडिया पर फैलती अपवाहों से बचे
10:45और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं
10:47ताकि उन तक भी राइट इन्फोमिशन पहुंच सके
10:50क्यों की राइट इन्फमिशन प्रफिट इन आप इन्प्वा अप्वाएं
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