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Chehallum 2026: चेहल्लुम के दिन कर्बला के शहीदों की शहादत को याद किया जाता है। इस दिन लोग दुआ, कुरआन की तिलावत, ज़ियारत और इबादत करते हैं। आइए जानते हैं इस दिन इबादत का क्या है तरीका

Chehlum 2026: On Chehlum, the martyrdom of the martyrs of Karbala is remembered. On this day, people offer prayers, recite the Quran, visit shrines, and worship. Let's learn about the rituals of worship on this day.


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00:04चेहलुम यानी अरबाइन इसलामी इतिहास की एक एहम तारीख है
00:08साल दोहजारशब्श में चेहलुम 4 अगस्त दोहजारशब्श मंगलवार को मनाया जा रहा है
00:13ये दिन 20 सफर 1448 हिज्री को आता है
00:16चेहलुम इमाम हुसैन इबन अली इबन अभी तालिब और कर्बला के शहीदों की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर
00:22मनाया जाता है
00:22इमाम हुसैन पेगंबर मुहमद इबन अब्दुल्ला सलिल्ला हुले वसल्लम के नवासे थे
00:27अलागी घटना इसलामी इतिहास में सबर और कुर्बानी इनसाफ और सचाई की मिसाल के तोर पर याद की जाती है
00:32इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दूआ
00:36कुरान के तिलावत, जियारत और अबादत करते हैं
00:39चहलुम के दिन अलग-अलग इसलामी परंपराओं के मताबिक अबादत के तरीकों में अंतर हो सकता है
00:43शिया इसलामी परंपरा में इस दिन खास तोर से जियारत अरबाईन, नमाज, दुआ और जिक्र का महतव बताया गया है
00:50इस दिन किये जाने वाले जो जरूरी अमल हैं वो इस तरह है
00:54जियारत अरबाईन पड़ना, पांच वखत के नमाज की पाबंदी करना, नाफिल नमाज अदा करना, कुराण शरीफ की तिलाوت करना, दुरूद
01:01और जिक्र करना, इमाम हुसआन और करबला की शहीदों के लिए दुआ करना, जरूरत मंदों की मदद करना
01:06जियारत अर्बाईन एक खास जियारत है जिसे चहलूम के दिन इमाम हुसेन की याद में पढ़ा जाता है
01:11शिया इसलामी सोर्सिस में इसे इमाम जाफर सादिक से सम्मदित बताया गया है
01:15इस जियारत में इमाम हुसेन की कुर्बानी उनके मकसद और सच्चाई और इनसाफ के रास्ते को याद किया जाता है।
01:22जियारत अरवाईन में इमाम हुसेन को सलाम पेच किया जाता है, करबला के शहीदों को याद किया जाता है, अल्ला
01:27से हक और सचाई के रास्ते पर चलने की दूआ की जाती है, इमाम हुसेन के आधर्शों पर कायम रहने
01:32का संग कल्प लिया जाता है, शिया इसलामी परंपरा मे
01:34चहलुम के दिन 21 रकत नमाज पढ़ने का खास महत्वा बताया गया है
01:38इसमें 17 रकत फर्ज नमाज, 34 रकत नफिल नमाज होती है
01:41ये 50 रकत नमाज पांच वक्त की फर्ज नमाज और नफिल अबादत को मिला कर पूरी की जाती है
01:47इसका मकसद अल्ला की अबादत करना और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करना है
01:50चहलुम के दिन सबसे पहले वजू करके पाकी हासिल करें नमाज के लिए साफ जगा पर खड़े होकर अल्ला की
01:56रज़ा के लिए नियत करें
01:57फर्ज नमाज नॉर्मल दिनों की तरह ही अदा की जाती है
02:00फर्ज की नमाज दो रकाद सुन्नत दो रकाद फर्ज
02:02जुहर की नमाज चार रकाद फर्ज
02:04असर की नमाज चार रकाद फर्ज
02:06मगर्ब की नमाज तीन रकाद फर्ज
02:07इशा की नमाज चार रकत फर्ज
02:09इन पांचों वक्त की नमाजों को मिलाकर
02:11सतरा रकत फर्ज पूरी होती है
02:13नफिल नमाज कैसे पढ़ें ये बिचारें
02:14नफिल नमाज अल्ला की रजा के लिए पढ़ी जाती है
02:28चहलम के दिन दूआ कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दूआ की जाती है।
02:58आई रब मुझे माफ फर्मा और मुझे पर रहम फर्मातू सबसे बहतर करने वाला है जैसी दुआएं भी पढ़ी जा
03:04सकती है
03:04चैलूम के दिन दुआ और अबादत से पहले दुरूद शरीफ पढ़ना अच्छा अमल मना जाता है
03:08पर याकिदत मन इस दिन तीन बार दुरूद शरीफ पढ़ते हैं लासे मख़वरत की दूआ करते हैं अमान और सलामती
03:13की दूआ मांगते हैं इसके लावा लाका जिकर और इस्तखफार भी किया जाता है
03:16चैलूम के दिन कुरान शरीफ की तिलावत की जाती है और उसका सवाब इमाम हुसेन और करबला के शहीदों को
03:21पहुँचाने की नियत की जाती है
03:23कई लोग इस दिन सुरह फातिया, सुरह यासीन और कुरान की आयतों की तिलावत करते हैं
03:27चैलूम के दिन पांच वक्त के नमाज की पाबंदी करें
03:30इसके साथ खुदा की ज्यादा से ज्यादा इबादत करें
03:32कर्बला के मैसेजिस को समझें
03:33किसी भी तरह के जगड़े और विवात से बचें
03:35ज़रुत मंदों की मदद करें
03:36दुआ और नेक कामों में वक्त बेताएं
03:39फिलाल इस वीडियो में तरह उमेद आपको यह जानकारी पसंद आई होगी
03:41वीडियो को लाइक करें शुर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न पूलें
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