00:04चेहलुम यानी अरबाइन इसलामी इतिहास की एक एहम तारीख है
00:08साल दोहजारशब्श में चेहलुम 4 अगस्त दोहजारशब्श मंगलवार को मनाया जा रहा है
00:13ये दिन 20 सफर 1448 हिज्री को आता है
00:16चेहलुम इमाम हुसैन इबन अली इबन अभी तालिब और कर्बला के शहीदों की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर
00:22मनाया जाता है
00:22इमाम हुसैन पेगंबर मुहमद इबन अब्दुल्ला सलिल्ला हुले वसल्लम के नवासे थे
00:27अलागी घटना इसलामी इतिहास में सबर और कुर्बानी इनसाफ और सचाई की मिसाल के तोर पर याद की जाती है
00:32इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दूआ
00:36कुरान के तिलावत, जियारत और अबादत करते हैं
00:39चहलुम के दिन अलग-अलग इसलामी परंपराओं के मताबिक अबादत के तरीकों में अंतर हो सकता है
00:43शिया इसलामी परंपरा में इस दिन खास तोर से जियारत अरबाईन, नमाज, दुआ और जिक्र का महतव बताया गया है
00:50इस दिन किये जाने वाले जो जरूरी अमल हैं वो इस तरह है
00:54जियारत अरबाईन पड़ना, पांच वखत के नमाज की पाबंदी करना, नाफिल नमाज अदा करना, कुराण शरीफ की तिलाوت करना, दुरूद
01:01और जिक्र करना, इमाम हुसआन और करबला की शहीदों के लिए दुआ करना, जरूरत मंदों की मदद करना
01:06जियारत अर्बाईन एक खास जियारत है जिसे चहलूम के दिन इमाम हुसेन की याद में पढ़ा जाता है
01:11शिया इसलामी सोर्सिस में इसे इमाम जाफर सादिक से सम्मदित बताया गया है
01:15इस जियारत में इमाम हुसेन की कुर्बानी उनके मकसद और सच्चाई और इनसाफ के रास्ते को याद किया जाता है।
01:22जियारत अरवाईन में इमाम हुसेन को सलाम पेच किया जाता है, करबला के शहीदों को याद किया जाता है, अल्ला
01:27से हक और सचाई के रास्ते पर चलने की दूआ की जाती है, इमाम हुसेन के आधर्शों पर कायम रहने
01:32का संग कल्प लिया जाता है, शिया इसलामी परंपरा मे
01:34चहलुम के दिन 21 रकत नमाज पढ़ने का खास महत्वा बताया गया है
01:38इसमें 17 रकत फर्ज नमाज, 34 रकत नफिल नमाज होती है
01:41ये 50 रकत नमाज पांच वक्त की फर्ज नमाज और नफिल अबादत को मिला कर पूरी की जाती है
01:47इसका मकसद अल्ला की अबादत करना और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करना है
01:50चहलुम के दिन सबसे पहले वजू करके पाकी हासिल करें नमाज के लिए साफ जगा पर खड़े होकर अल्ला की
01:56रज़ा के लिए नियत करें
01:57फर्ज नमाज नॉर्मल दिनों की तरह ही अदा की जाती है
02:00फर्ज की नमाज दो रकाद सुन्नत दो रकाद फर्ज
02:02जुहर की नमाज चार रकाद फर्ज
02:04असर की नमाज चार रकाद फर्ज
02:06मगर्ब की नमाज तीन रकाद फर्ज
02:07इशा की नमाज चार रकत फर्ज
02:09इन पांचों वक्त की नमाजों को मिलाकर
02:11सतरा रकत फर्ज पूरी होती है
02:13नफिल नमाज कैसे पढ़ें ये बिचारें
02:14नफिल नमाज अल्ला की रजा के लिए पढ़ी जाती है
02:28चहलम के दिन दूआ कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दूआ की जाती है।
02:58आई रब मुझे माफ फर्मा और मुझे पर रहम फर्मातू सबसे बहतर करने वाला है जैसी दुआएं भी पढ़ी जा
03:04सकती है
03:04चैलूम के दिन दुआ और अबादत से पहले दुरूद शरीफ पढ़ना अच्छा अमल मना जाता है
03:08पर याकिदत मन इस दिन तीन बार दुरूद शरीफ पढ़ते हैं लासे मख़वरत की दूआ करते हैं अमान और सलामती
03:13की दूआ मांगते हैं इसके लावा लाका जिकर और इस्तखफार भी किया जाता है
03:16चैलूम के दिन कुरान शरीफ की तिलावत की जाती है और उसका सवाब इमाम हुसेन और करबला के शहीदों को
03:21पहुँचाने की नियत की जाती है
03:23कई लोग इस दिन सुरह फातिया, सुरह यासीन और कुरान की आयतों की तिलावत करते हैं
03:27चैलूम के दिन पांच वक्त के नमाज की पाबंदी करें
03:30इसके साथ खुदा की ज्यादा से ज्यादा इबादत करें
03:32कर्बला के मैसेजिस को समझें
03:33किसी भी तरह के जगड़े और विवात से बचें
03:35ज़रुत मंदों की मदद करें
03:36दुआ और नेक कामों में वक्त बेताएं
03:39फिलाल इस वीडियो में तरह उमेद आपको यह जानकारी पसंद आई होगी
03:41वीडियो को लाइक करें शुर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न पूलें
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