00:19इस पाकस्तान ने भारत से अलग होकर अपनी किसमत बदलने और दुनिया में नई पहचान बनाने का सप्टा देखा था
00:26जुसकी तस्वीर बेहत चुनता जनक नजर आती है
00:30अर्थ वैवस्था पर दबाब, महंगाई, बेरोसकारी, राजनितिक अवस्थिरता और लगतार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों ने पाकस्तान के सामने कई गंभीर सवाल
00:38खड़े कर लिये हैं।
01:00इधर महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, खाने पीने की चीजों से लेकर बिजली और पिट्रोल तक
01:04बढ़ते कीमतों ने लोगों की मुश्किले बढ़ाई हैं लेकिन पाकस्तान की परेशान ने सिर्फ वैवस्था तक सिमित नहीं है।
01:46पाकस्तान के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
01:53और इसे बीच पाकस्तान की राजुनिती में सेना की बूमी का भी लगतार चोचा में रहती है।
01:59पाकस्तान के इतिहास में सेना का राजुतिक प्रभाव कोई नई बात तो नहीं है।
02:03कई बार चुनी हुई सरकारों और सेने प्रतिष्ठान के बीच जकराओं ने देश की लोग तांतरिक व्यवस्था को वहाँ पर
02:09कमजोर कर दिया है।
02:10आज भी पाकस्तान में सत्ता के वास्कवी केंद्र को लेकर भहस होती रहती है।
02:14सरकार और सेना के रिष्ठे, विपक्षपर कारवाई और राजनितिक संस्थाओं की सोतंतरता को लेकर लगतार सवाल उठते हैं।
02:22आर्थिक मोर्ची पर भी पाकस्तान के सामने बड़ी चुनौती है।
02:25विदेशी कर्ज, कम विदेशी मुद्रा भंडार और आई एम एफ जैस संस्थाओं पर निर्भरता ने सरकार की मुश्किले भी कई
02:32गुना बढ़ा दी है।
02:33पाकस्तान को अपनी अर्थिववस्ता संभालने के लिए लगतार कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ते हैं जिनका बोचाम जंता पर पड़ रहा
02:40है।
02:40लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पाकस्तान इस हाला तक पहुंचा कैसे।
02:46जानकारों के मुताबस इसके पीछे कई दश्रकों की आर्थिक कूपर बंधन, राट्प्रितिक और स्थीर्टा, कमजोर संस्थाय, आतंकवाद और सैनिहस्त सेप
02:54जैसी कई वजहें शामिल है।
02:57और सबसे बड़ी वजह तो ये भी है कि अपने देश को छोड़ कर, कैसे अपने पड़ोसी, उस भारत को
03:03कैसे परिशान किया जाए, इसके चुंता में राट-दिन डूबा रहता है पाकस्तान।
03:27हला तो और मुश्किल हो सकते हैं, हला कि पाकस्तान के पूरी तरह टूटने या उसके टुकड़े होने की भविशवानी
03:34करना अभी अतिश्योक्ती होगी।
03:35देश गंभीर संकटों से तो गुजर रहा है, मतलब इस बात सटेनाई नहीं किया जा सकता है।
03:40लेकिन उसके पास राजी संस्थाएं, सेना और उंतराश्टे संबंदों का एक बड़ा नेटवर्ग भी मौजूद है।
03:45इसलिए असली सवाल ये नहीं है कि पाकिस्तान बचेगा या नहीं।
04:16भारत से अलग होकर जिस पाकिस्तान ने एक मजबूत राश्ट बनने का सपना देखा था, आज उसके सामने बहुत बड़ी
04:22लड़ाई, किसी दूसरे देश से नहीं, बलकि अपरे अर्थववस्था, अपनी जाजनिती और अपने भीतर बढ़ते आउस अंतोश से है।
04:28कहते हैं तो जो जहसा करता है उसको वैसे ही फल मिलता है। तो जो बाकिस्तान भारत में जो चीज़े
04:34कर्वाने के लिए रात, दिन उसके लिए जागता है, आज उसका खामियाजा भुकतना पड़ रहा है, दूसरों के लिए बो
04:42रहा था, खुद काट रहा है।
04:43इस खबर में इतना ही अप्डेट्स के लिए देखते रहे हो वन इंडिया है
Comments