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Breaking News: Pakistan के गृहमंत्री का सनसनीखेज कबूलनामा - "हमारा पूरा सिस्टम ध्वस्त हो चुका है!" क्या भारत से अलग होकर बना पाकिस्तान अपनी ही अंदरूनी हिंसा, कंगाली और राजनीतिक टकराव के कारण तबाही की कगार पर खड़ा है?

जिस पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत से अलग होकर तरक्की और खुशहाली का सपना देखा था, आज वह अपने इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक और सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। देश में बढ़ती महंगाई, कंगाली, बेरोजगारी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पर अत्यधिक निर्भरता ने आम नागरिक की कमर तोड़ दी है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Interior Minister Mohsin Naqvi) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर सभी को चौंका दिया है कि देश का 70-80 साल पुराना प्रशासनिक व आर्थिक ढांचा पूरी तरह "कोलैप्स" (System Collapsed) हो चुका है।
The Express Tribune

पाकिस्तान के सामने चुनौती सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कर्ज की नहीं है, बल्कि देश के भीतर सुलगती अलगाववाद और आतंकवाद की आग भी है। बलूचिस्तान (Balochistan) और खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में सुरक्षाबलों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जबकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी सरकार और सेना के खिलाफ जनता का असंतोष चरम पर है। दशकों के सैन्य हस्तक्षेप, राजनीतिक अस्थिरता और विकास के बजाय रक्षा प्राथमिकताओं पर फिजूलखर्ची ने देश को आर्थिक बदहाली में धकेल दिया है।

पाकिस्तानी हुक्मरानों के सामने अब अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि पाकिस्तान के पास अपनी सेना, प्रशासनिक तंत्र और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नेटवर्क मौजूद है, लेकिन अगर नीतियां तुरंत नहीं बदली गईं तो गृहयुद्ध जैसी परिस्थितियां पूरे दक्षिण एशिया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए विनाशकारी साबित हो सकती हैं। जानिए पाकिस्तान के इस संकट का पूरा विश्लेषण और गृहमंत्री के बयान के पीछे की असली वजह।

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Transcript
00:19इस पाकस्तान ने भारत से अलग होकर अपनी किसमत बदलने और दुनिया में नई पहचान बनाने का सप्टा देखा था
00:26जुसकी तस्वीर बेहत चुनता जनक नजर आती है
00:30अर्थ वैवस्था पर दबाब, महंगाई, बेरोसकारी, राजनितिक अवस्थिरता और लगतार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों ने पाकस्तान के सामने कई गंभीर सवाल
00:38खड़े कर लिये हैं।
01:00इधर महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, खाने पीने की चीजों से लेकर बिजली और पिट्रोल तक
01:04बढ़ते कीमतों ने लोगों की मुश्किले बढ़ाई हैं लेकिन पाकस्तान की परेशान ने सिर्फ वैवस्था तक सिमित नहीं है।
01:46पाकस्तान के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
01:53और इसे बीच पाकस्तान की राजुनिती में सेना की बूमी का भी लगतार चोचा में रहती है।
01:59पाकस्तान के इतिहास में सेना का राजुतिक प्रभाव कोई नई बात तो नहीं है।
02:03कई बार चुनी हुई सरकारों और सेने प्रतिष्ठान के बीच जकराओं ने देश की लोग तांतरिक व्यवस्था को वहाँ पर
02:09कमजोर कर दिया है।
02:10आज भी पाकस्तान में सत्ता के वास्कवी केंद्र को लेकर भहस होती रहती है।
02:14सरकार और सेना के रिष्ठे, विपक्षपर कारवाई और राजनितिक संस्थाओं की सोतंतरता को लेकर लगतार सवाल उठते हैं।
02:22आर्थिक मोर्ची पर भी पाकस्तान के सामने बड़ी चुनौती है।
02:25विदेशी कर्ज, कम विदेशी मुद्रा भंडार और आई एम एफ जैस संस्थाओं पर निर्भरता ने सरकार की मुश्किले भी कई
02:32गुना बढ़ा दी है।
02:33पाकस्तान को अपनी अर्थिववस्ता संभालने के लिए लगतार कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ते हैं जिनका बोचाम जंता पर पड़ रहा
02:40है।
02:40लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पाकस्तान इस हाला तक पहुंचा कैसे।
02:46जानकारों के मुताबस इसके पीछे कई दश्रकों की आर्थिक कूपर बंधन, राट्प्रितिक और स्थीर्टा, कमजोर संस्थाय, आतंकवाद और सैनिहस्त सेप
02:54जैसी कई वजहें शामिल है।
02:57और सबसे बड़ी वजह तो ये भी है कि अपने देश को छोड़ कर, कैसे अपने पड़ोसी, उस भारत को
03:03कैसे परिशान किया जाए, इसके चुंता में राट-दिन डूबा रहता है पाकस्तान।
03:27हला तो और मुश्किल हो सकते हैं, हला कि पाकस्तान के पूरी तरह टूटने या उसके टुकड़े होने की भविशवानी
03:34करना अभी अतिश्योक्ती होगी।
03:35देश गंभीर संकटों से तो गुजर रहा है, मतलब इस बात सटेनाई नहीं किया जा सकता है।
03:40लेकिन उसके पास राजी संस्थाएं, सेना और उंतराश्टे संबंदों का एक बड़ा नेटवर्ग भी मौजूद है।
03:45इसलिए असली सवाल ये नहीं है कि पाकिस्तान बचेगा या नहीं।
04:16भारत से अलग होकर जिस पाकिस्तान ने एक मजबूत राश्ट बनने का सपना देखा था, आज उसके सामने बहुत बड़ी
04:22लड़ाई, किसी दूसरे देश से नहीं, बलकि अपरे अर्थववस्था, अपनी जाजनिती और अपने भीतर बढ़ते आउस अंतोश से है।
04:28कहते हैं तो जो जहसा करता है उसको वैसे ही फल मिलता है। तो जो बाकिस्तान भारत में जो चीज़े
04:34कर्वाने के लिए रात, दिन उसके लिए जागता है, आज उसका खामियाजा भुकतना पड़ रहा है, दूसरों के लिए बो
04:42रहा था, खुद काट रहा है।
04:43इस खबर में इतना ही अप्डेट्स के लिए देखते रहे हो वन इंडिया है
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