00:00सावरकर को लेकर राहुल गांधी की टिपणी पर उनके खिलाब जो क्रिमिनल डिफिमेशन केस दाखिल किया गया पुने में क्या
00:06वह उल्टा दाउं पड़ गया है
00:08क्योंकि जिस तरह से इस केस की सुनवाई में सावरकर के वे पहलू वे किताबें उनका जिक्र पब्लिक डोमेन में
00:15आ रहा है जिससे भार्टु जनता पार्टी ही नहीं राश्टी स्वेम सेवक संग आरेसेस के हाथ पैर फूल रहे हैं
00:23उससे ऐसा लगता है कि सावरकर के पोते
00:26सत्य की सावरकर ने जो क्रिमिनल केस दاخिल किया उससे उल्टा दाउफ पर रहा है इसी केस की सुनवाई के
00:34दौरान पहले सत्य की सावरकर को मानना पड़ा कि सावरकर के रगड घिस करके अंग्रेजों से माफी मांगी थी जो
00:44लगातार विपक्ष कहता रहा है और जो एक त�
00:56से सनातन धर्म तमाम धार्मिक विश्वास और खुद भगवान की मौजूदगी एक्जिस्टेंस ऑफ गौड को चैलेंज किया था इस किताब
01:06के कुछ अंश जब कॉंग्रेस के नेता के वकील ने पढ़े तब सत्यकी सावरकर को कहना पड़ा हां यह किताब
01:15मेरे दादा की है �
01:17यहां जिस किताब का जिक्र है वह किताब है सावरकर साइन्स ओरियंटेड एसेज और इसमें जो टेक्स है वह आप
01:25खुद पढ़ें तो आपको लगेगा कि उस समय भी सावरकर के दिमाग में सिर्फ भगवान भगवान के एक्जिस्टेंस को लेकर
01:33ही नहीं जिस तरह का कर्म
01:35कांड किया जाता है उसे लेकर कितने सवाल थे यहां सावरकर खुद कहते हैं अपनी किताब में लिखा हुआ है
01:42कि अगर आप यह सोचते हैं कि आप भगवान से कोई मांगेंगे
01:47एक मुण पॉस कीज़ा
01:49इस किताब में सावर करने लिखा था
01:52कि जो लोग यह सोचते हैं कि भगवान मेरा भला करेंगे
01:55और अगर भला किया
01:56तो मैं अपने हां सत्नरायन की पूजा करूँगा
02:00यह निहाएक बेवकुफाना सोच है
02:02ऐसा कुछ नहीं होता
02:04वह एक कदम और आगे बढ़ते हैं इस किताब में
02:06और खिलजी के आक्रमण
02:08और उसका किस तरह से कनेक्शन है
02:11और किस तरह से भगवान रक्षा के लिए नहीं आए
02:14इन सब का जिक्र खुछ सावर करने इस किताब में कर रखा है
02:17और तो और ब्रामण क्या खाते थे
02:20क्या खाते हैं इसका जिक्र भी है आज की तारीक में
02:24अगर सावर कर यह किताब लिख रहे होते तो उनकी जगा कहा होती
02:27आप सोचे लेकिन फिलहाल एक बात ता है
02:30कि यह जो क्रिमिनल डिफिमेशन का केस
02:332023 में राहुल गांधी के लंदन में दिये गए भाशन के बाद दाकिल किया गया
02:38उससे सावर करके वे तमाम पहलू पब्लिक में आ गए है
02:41एविडिन्स के साथ आ गए हैं जिन पर खुल कर बात करना
02:45कम से कम बीजेपी और संग के लिए तो कत्ताई संभव नहीं है
Comments