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जंतर मंतर पर हुए सीजेपी प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस के घायल जवानों के परिजन सामने आए। उन्होंने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया। बताया कि किस तरह से प्रदर्शन में उनके घरवाले घायल हुए और उसके बाद जब वह घर पहुंचे तो परिवार का कैसा हाल था। इस बीच मीडिया को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया गया। यहां तक सोशल मीडिया पर हो रही टिप्पणियों का का भी जिक्र किया गया।
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Transcript
00:00बीदे दिनों दिल्ली में हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए पुलिस कर्मियों के परिजन सामने आए
00:06इस दौरान सामने आकर उन्होंने बीदे दिनों जहला, अनकहा, अनसुना दर्द बया किया
00:12इसी के साथ उनके इस दर्द में एक सवाल विछिपा था कि क्या पुलिस कर्मी होना गुना है, क्या पुलिस
00:20कर्मी के परिजन होना गुना है
00:21तो आए सुनते हैं पहले इस दौरान उन्होंने क्या कुछ दर्द बया किया
00:43माइ फादर वाज एक में प्रोटेस्ट साइट वाज अट दे फ्रॉंट लाइन एर दे बैर गेट्स जहां पर वहुत सारा
00:52क्राउट था
00:54मेरे बाबा जब भी रात में घर आते थे तो वह बोलते थे कि अब यह प्रोटेस्ट टूरें प्रोटेस्ट नहीं
01:00लग रहा है
01:00इसमें बहुत सारे अंटी-शोचल एलिमेंट चुड़ चुके हैं
01:05उसके अगले दीन ही पच्चेस तारिक को
01:08माइ फादर वस पॉल्ड वाज वाज प्रावडी मॉग
01:10और वस अलमोस लिंच्ट लिए दे स्टेज ऑफ जंतर मंतर
01:21इसमें अगले पापा के कलीक्स उन्हें घर लेके आए
01:30और उनकी उनिफॉर्म पूरी खून से लाल थी
01:34उन्हें ऐसे देखके हमें हमारे लिए बहुत पेनफुल था
01:37हमने जब उनसे पूछा कि बापा ही कैसे हुआ
01:40तो उन्होंने बताया कि बेटा कोई बात नहीं
01:44के टाइम पर छोटी मोटी छोटे लगती रहती हैं
01:47पर मनलब उनके सर पे चार टाक्या आया हुए थे जो कि छोटी
01:51मोटी छोट नहीं थी वो रात हमारे ले बहुत मुश्किल थी
01:57और जब मैंने शोचल मीडिया खोल के देखा तो शोचल मीडिया पे
02:01मेरे ही बापा को क्रिमिनल बता रहे थे और उसके अगले दिन
02:05ही जब मुझे पता चला कि जिन लोगों ने मेरे फादर पर अटाक्ट किया था
02:09वो लग सुप्रीम कोट जा रहा है अपना क्राइम वार्शॉक्ट करने और उनी के
02:13कि खिलाफ कंप्लेंट करने के लिए मुझे बहुत बुरा लगा और मुझे लगा कि मुझे भी जाना चाहिए अपने फादर
02:24के जिस्टिस के लिए
02:25और मुझे बाकी पुलिस पामिलीस का भी साथ मिला
02:29हम लोग सुप्रेम कोट गए हमने एड़ोकेट से रिक्वेस्ट करी
02:33और एड़ोकेट ने हमारी बात ओनरेबल सुप्रेम कोट के सामने रखी
02:39और हमें बरोसा दिलाया है कि हम भी हमारे भी इक्वल राइट्स है
02:46और हमें भी जस्टिस मिलेगा
02:48मेरे पती दिल्ली पुलिस पे एड़ोकेट साल की जोब करते हुए एड़ोकेट के पत्पर है
03:09जंपरनंतर के प्रोटेस्ट के दोरान उन्हें भी अपनी ड्यूटी दी गई थी
03:16प्रोटेस्ट को उन्हें भी पीसफुली कंड़क्ट कराना था
03:20वो अपनी ड्यूटी पूरी मस्करदी के साथ निभा रहे थे
03:24बीस जुलाई को
03:27वो जल्दी ही अपने घर से रोज की तरह अपना टिफिल लेकर जैसे जाते हैं
03:33उसी दरहते बीस जुलाई को भी वो जल्दी ही निकल गए
03:37और उन्होंने
03:39जब ग्यारा बजे के आसपास मेरी उनसे बाते हुई
03:42तो उन्होंने फोन पर बताया कि आज जंतर मंतर पर धीड़ कुछ जादा है
03:47और प्रोटेस्टर जो हैं वो संसब मार्स के लिए जा रहे हैं
03:53जो की वीडियो फिलिप में भी दिखाया गया है
03:59और उसके बाद मैंने पुलिस तर्मी की पत्नी होने के नाति सिर्फ यही कहा
04:04कि आप अपना ख्याल रखे
04:06फिर उसके बाद मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई
04:09और साम को साथ बज़े जब मैंने उनका फोन मिलाया
04:13और उनसे बात हुई तो वो एक होस्पिटल
04:16एलन जेपी होस्पिटल में एंडिर थी और अपना ट्रीटमेंट करा रहे थी
04:21उन्होंने कहा कि जो भीड है वो ज़्यादा उग्र हो गई थी
04:27और भीड के अंदर कुछ सरार्टी तत्वी सामिल हो गई थे
04:31जिन्होंने पुलिस फोर्स पर गमलों से जो भी उनके हाथ में चीज़े आ रही थी
04:38चपलों से जूटों से और पत्थरों से उन्हें पुलिस फोर्स को घायल कर दिया था
04:45जो कि एक वीडियो फिलिस में भी तिखाया जा रहा है
04:49और उसके बाद उनकी फॉन की बैटरी डैड होने की वज़े से मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई
04:55शाम को रात को जब वो ग्यारा साड़े ये सब सुनकर मैं बहुत ज़्यादा घबरा गई थी
05:04जब तक भी घर नहीं आए तो मेरी पृती करिया बहुत ही ज़्यादा मेरे लिए बहुत पेनपुल थी
05:13उसके बाद जब वो 11 बजी घर आये तो उन्होंने बताया कि छात्रों की प्रोटेस्ट में छात्रों के साथ-साथ
05:19कुछ सरार्ती तात्व और एसामाजिक तत्वी थे
05:22उन्होंने पुलिस फॉर्स पर बैरिकेडिंग की गई थी उसको तोड़ दिया और पुलिस फॉर्स का जपनों जूतों और पत्थरों से
05:35पुलिस फॉर्स पर हमला किया
05:40और मेरे पती को भी जो जूटी के दोरान हेलमेट दिया जाता है उनका हेलमेट भी पूरी तरह से तूट
05:48गया था और यदि कोई पत्थर का टुकड़ा हेलमेट तूटने के बाद उनके सर पर लगता तो साथ वो आज
05:56इस दुनिया में नहीं रहते
05:59ये सोचकर और ये उनके बताए जाने पर मैं इतनी जादा मतलब मेरी रूह पाप गई थी कि इसके बाद
06:08मेरा और मेरे परिवाल का क्या होता
06:12मैं अपनी संसद में बैठे हुए जो मेरे चुने हुए पिटिनी भी है मैं उनसे निवेदन करना चाहती हूँ
06:25कि हमारे जो पुलिस करनी है और उनके जो परिवार हैं उनके बारे में भी संसद में कुछ मतलब उनके
06:35राइट के बारे में या उनकी ड्यूटी पे जो उन पर हमले होते हैं उनके बारे में संग्यान लिया जाए
06:42मेरे पृतिनी दी इस चीज के लिए जो संसथ में चुने हुए है वो संग्याल ले
06:47और उनके मुद्दे भी उठाया जाए
06:50क्योंकि 20 तारीक के बाद से आज तक यही नेरेटिव चलाया जा रहा है
06:54कि जो छात्र थे, जो छात्रों का प्रोटेस्ट था
07:03उसको की पुलिस के दुआरा बरबरता से छात्रों को पीटा गया
07:08लेकिन ऐसा नहीं है
07:09ये अलग एक प्रोटेस्ट का एच हिस्सा दिखाया जा रहा है
07:14जबकि प्रोटेस्ट का दूसरा हिस्सा कुछ हो रही है
07:17और मैं अपने चुने हुए पृतिनी दियों से यही निवेदन करना चाहती हूँ
07:23कि वो अपने जो संसत की सुरक्षा में पुलिस कर्मी लगे रहते हैं
07:30और उस संसत की जो एक हमारे देश का सम्मान है
07:35मेरे देश का सम्मान है, उसकी सुरक्षा में जो पुलिस कर्मी हर समय लगे रहती हैं, उनके बारे में भी
07:46संसर में कुछ मुद्धे उठाए जाएगा
07:47मेरा नाम लक्षे सिंग बेश्ट है, मेरे पापा एसीपी है, जिनोंने हमने पूरे करियर में चार गारंटी हासिल करें, मेरे
07:56ग्रांट फादर बी एसेफ में थे, उन्होंने 1971 की जंग में लड़ाई करी थी, मेरे पापा भी जंतर मंतर के
08:05फ्रेंट लाइन से उनकी ड्यूटी
08:17जब मैंने फोटो देखी तो उनके हेड को शेफ कर रखा था और उनके हेड पर लाइक स्टिचेस लग रहे
08:24थे फोर, उसको देखके I was like really frustrated, बहुता डरा हुआ था, जब मेरे पापा घर आए, तो उन्होंने
08:34मुझे बताया कि जो स्टुरेंट्स की, जो प्रोटेस्टिंस न
08:46यूज कर रहे हैं, just to create chaos, and on 25th में, unprovoked, उन्होंने मेरे पापा उनकी टीम के उपर,
08:54पेल्टिंग स्टार्ट कर भी, उस ताइम मेरे पापा बिलकुल की prepared नहीं थे, वो अपने subordinates को brief कर रहे
09:00थे, and when the pelting started, मेरे पापा अपने senior officers को, like, एक safe place में seclude करने चले,
09:09but एक stone उनके head प
09:18मेरे husband, मैं नाम नहीं share करना चाहूँ, वो ACP है दिली पुलिस में, जब रात को देड़ दो बज़े
09:30वो मेरे घर वापस आए,
09:46झाल
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