00:00बीदे दिनों दिल्ली में हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए पुलिस कर्मियों के परिजन सामने आए
00:06इस दौरान सामने आकर उन्होंने बीदे दिनों जहला, अनकहा, अनसुना दर्द बया किया
00:12इसी के साथ उनके इस दर्द में एक सवाल विछिपा था कि क्या पुलिस कर्मी होना गुना है, क्या पुलिस
00:20कर्मी के परिजन होना गुना है
00:21तो आए सुनते हैं पहले इस दौरान उन्होंने क्या कुछ दर्द बया किया
00:43माइ फादर वाज एक में प्रोटेस्ट साइट वाज अट दे फ्रॉंट लाइन एर दे बैर गेट्स जहां पर वहुत सारा
00:52क्राउट था
00:54मेरे बाबा जब भी रात में घर आते थे तो वह बोलते थे कि अब यह प्रोटेस्ट टूरें प्रोटेस्ट नहीं
01:00लग रहा है
01:00इसमें बहुत सारे अंटी-शोचल एलिमेंट चुड़ चुके हैं
01:05उसके अगले दीन ही पच्चेस तारिक को
01:08माइ फादर वस पॉल्ड वाज वाज प्रावडी मॉग
01:10और वस अलमोस लिंच्ट लिए दे स्टेज ऑफ जंतर मंतर
01:21इसमें अगले पापा के कलीक्स उन्हें घर लेके आए
01:30और उनकी उनिफॉर्म पूरी खून से लाल थी
01:34उन्हें ऐसे देखके हमें हमारे लिए बहुत पेनफुल था
01:37हमने जब उनसे पूछा कि बापा ही कैसे हुआ
01:40तो उन्होंने बताया कि बेटा कोई बात नहीं
01:44के टाइम पर छोटी मोटी छोटे लगती रहती हैं
01:47पर मनलब उनके सर पे चार टाक्या आया हुए थे जो कि छोटी
01:51मोटी छोट नहीं थी वो रात हमारे ले बहुत मुश्किल थी
01:57और जब मैंने शोचल मीडिया खोल के देखा तो शोचल मीडिया पे
02:01मेरे ही बापा को क्रिमिनल बता रहे थे और उसके अगले दिन
02:05ही जब मुझे पता चला कि जिन लोगों ने मेरे फादर पर अटाक्ट किया था
02:09वो लग सुप्रीम कोट जा रहा है अपना क्राइम वार्शॉक्ट करने और उनी के
02:13कि खिलाफ कंप्लेंट करने के लिए मुझे बहुत बुरा लगा और मुझे लगा कि मुझे भी जाना चाहिए अपने फादर
02:24के जिस्टिस के लिए
02:25और मुझे बाकी पुलिस पामिलीस का भी साथ मिला
02:29हम लोग सुप्रेम कोट गए हमने एड़ोकेट से रिक्वेस्ट करी
02:33और एड़ोकेट ने हमारी बात ओनरेबल सुप्रेम कोट के सामने रखी
02:39और हमें बरोसा दिलाया है कि हम भी हमारे भी इक्वल राइट्स है
02:46और हमें भी जस्टिस मिलेगा
02:48मेरे पती दिल्ली पुलिस पे एड़ोकेट साल की जोब करते हुए एड़ोकेट के पत्पर है
03:09जंपरनंतर के प्रोटेस्ट के दोरान उन्हें भी अपनी ड्यूटी दी गई थी
03:16प्रोटेस्ट को उन्हें भी पीसफुली कंड़क्ट कराना था
03:20वो अपनी ड्यूटी पूरी मस्करदी के साथ निभा रहे थे
03:24बीस जुलाई को
03:27वो जल्दी ही अपने घर से रोज की तरह अपना टिफिल लेकर जैसे जाते हैं
03:33उसी दरहते बीस जुलाई को भी वो जल्दी ही निकल गए
03:37और उन्होंने
03:39जब ग्यारा बजे के आसपास मेरी उनसे बाते हुई
03:42तो उन्होंने फोन पर बताया कि आज जंतर मंतर पर धीड़ कुछ जादा है
03:47और प्रोटेस्टर जो हैं वो संसब मार्स के लिए जा रहे हैं
03:53जो की वीडियो फिलिप में भी दिखाया गया है
03:59और उसके बाद मैंने पुलिस तर्मी की पत्नी होने के नाति सिर्फ यही कहा
04:04कि आप अपना ख्याल रखे
04:06फिर उसके बाद मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई
04:09और साम को साथ बज़े जब मैंने उनका फोन मिलाया
04:13और उनसे बात हुई तो वो एक होस्पिटल
04:16एलन जेपी होस्पिटल में एंडिर थी और अपना ट्रीटमेंट करा रहे थी
04:21उन्होंने कहा कि जो भीड है वो ज़्यादा उग्र हो गई थी
04:27और भीड के अंदर कुछ सरार्टी तत्वी सामिल हो गई थे
04:31जिन्होंने पुलिस फोर्स पर गमलों से जो भी उनके हाथ में चीज़े आ रही थी
04:38चपलों से जूटों से और पत्थरों से उन्हें पुलिस फोर्स को घायल कर दिया था
04:45जो कि एक वीडियो फिलिस में भी तिखाया जा रहा है
04:49और उसके बाद उनकी फॉन की बैटरी डैड होने की वज़े से मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई
04:55शाम को रात को जब वो ग्यारा साड़े ये सब सुनकर मैं बहुत ज़्यादा घबरा गई थी
05:04जब तक भी घर नहीं आए तो मेरी पृती करिया बहुत ही ज़्यादा मेरे लिए बहुत पेनपुल थी
05:13उसके बाद जब वो 11 बजी घर आये तो उन्होंने बताया कि छात्रों की प्रोटेस्ट में छात्रों के साथ-साथ
05:19कुछ सरार्ती तात्व और एसामाजिक तत्वी थे
05:22उन्होंने पुलिस फॉर्स पर बैरिकेडिंग की गई थी उसको तोड़ दिया और पुलिस फॉर्स का जपनों जूतों और पत्थरों से
05:35पुलिस फॉर्स पर हमला किया
05:40और मेरे पती को भी जो जूटी के दोरान हेलमेट दिया जाता है उनका हेलमेट भी पूरी तरह से तूट
05:48गया था और यदि कोई पत्थर का टुकड़ा हेलमेट तूटने के बाद उनके सर पर लगता तो साथ वो आज
05:56इस दुनिया में नहीं रहते
05:59ये सोचकर और ये उनके बताए जाने पर मैं इतनी जादा मतलब मेरी रूह पाप गई थी कि इसके बाद
06:08मेरा और मेरे परिवाल का क्या होता
06:12मैं अपनी संसद में बैठे हुए जो मेरे चुने हुए पिटिनी भी है मैं उनसे निवेदन करना चाहती हूँ
06:25कि हमारे जो पुलिस करनी है और उनके जो परिवार हैं उनके बारे में भी संसद में कुछ मतलब उनके
06:35राइट के बारे में या उनकी ड्यूटी पे जो उन पर हमले होते हैं उनके बारे में संग्यान लिया जाए
06:42मेरे पृतिनी दी इस चीज के लिए जो संसथ में चुने हुए है वो संग्याल ले
06:47और उनके मुद्दे भी उठाया जाए
06:50क्योंकि 20 तारीक के बाद से आज तक यही नेरेटिव चलाया जा रहा है
06:54कि जो छात्र थे, जो छात्रों का प्रोटेस्ट था
07:03उसको की पुलिस के दुआरा बरबरता से छात्रों को पीटा गया
07:08लेकिन ऐसा नहीं है
07:09ये अलग एक प्रोटेस्ट का एच हिस्सा दिखाया जा रहा है
07:14जबकि प्रोटेस्ट का दूसरा हिस्सा कुछ हो रही है
07:17और मैं अपने चुने हुए पृतिनी दियों से यही निवेदन करना चाहती हूँ
07:23कि वो अपने जो संसत की सुरक्षा में पुलिस कर्मी लगे रहते हैं
07:30और उस संसत की जो एक हमारे देश का सम्मान है
07:35मेरे देश का सम्मान है, उसकी सुरक्षा में जो पुलिस कर्मी हर समय लगे रहती हैं, उनके बारे में भी
07:46संसर में कुछ मुद्धे उठाए जाएगा
07:47मेरा नाम लक्षे सिंग बेश्ट है, मेरे पापा एसीपी है, जिनोंने हमने पूरे करियर में चार गारंटी हासिल करें, मेरे
07:56ग्रांट फादर बी एसेफ में थे, उन्होंने 1971 की जंग में लड़ाई करी थी, मेरे पापा भी जंतर मंतर के
08:05फ्रेंट लाइन से उनकी ड्यूटी
08:17जब मैंने फोटो देखी तो उनके हेड को शेफ कर रखा था और उनके हेड पर लाइक स्टिचेस लग रहे
08:24थे फोर, उसको देखके I was like really frustrated, बहुता डरा हुआ था, जब मेरे पापा घर आए, तो उन्होंने
08:34मुझे बताया कि जो स्टुरेंट्स की, जो प्रोटेस्टिंस न
08:46यूज कर रहे हैं, just to create chaos, and on 25th में, unprovoked, उन्होंने मेरे पापा उनकी टीम के उपर,
08:54पेल्टिंग स्टार्ट कर भी, उस ताइम मेरे पापा बिलकुल की prepared नहीं थे, वो अपने subordinates को brief कर रहे
09:00थे, and when the pelting started, मेरे पापा अपने senior officers को, like, एक safe place में seclude करने चले,
09:09but एक stone उनके head प
09:18मेरे husband, मैं नाम नहीं share करना चाहूँ, वो ACP है दिली पुलिस में, जब रात को देड़ दो बज़े
09:30वो मेरे घर वापस आए,
09:46झाल
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