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भारत के Gen-Z क्यों सबसे अलग और खास? देखें ब्लैक & व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना उमकशप और ब्लाकर वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि भारत के जैन्जी दुनिया के तमाम देशों के जैन्जी के से जादा खास
00:10और अलग क्यूं है
00:11और क्या आप दुनिया के तमाम जैन्जी को भारत के जैन्जी युवाओं से सीखने की जरूरत है
00:17दिली में हुए आंदोलन को कुछ लोग इसे सिर्फ एक विरोध प्रदशन मार रहे है
00:20लेकिन सच यह है कि भारत के जैन्जी ने देश को शिक्षा सुधार का नया रास्ता दिखा दिया
00:2625 जुलाई को जब आंदोलन खत्म हुआ तब वहां रखे गए एक सजेशन बॉक्स में
00:32चाप्तरों ने 1800 से ज्यादा परचिया डाली
00:37इनमें किसी ने नौकरी नहीं मांगी
00:40किसी ने मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई
00:43परचियों में क्या-क्या लिखा था ये मैं आज अपने साथ लेकर आई हूँ
00:47और फिर आप समझेंगे कि आज हम ये क्यों कह रहे हैं
00:52रखने वाला पढ़ाई खत्म हो
00:54मेंटल हेल्थ पर ध्यान दिया जाए
00:56प्राइमरी स्कूल में सबसे ज़ादा निवेश हो
00:58सरकारी स्कूल इतने शांदार बने की किसी घरीब को महंगी
01:02कोचिंग ना लेनी पड़े
01:03ये बच्चे लिख कर गए है
01:04इस बीट सरकार लोगसभा में परीक्षा सुधार को लेकर
01:07संशोधन बिल पेश कर दिया
01:09जिसमें पेपर लीक या धानली में शामिल लोगों
01:12और संस्थाओं की सजा और जुर्माना बेहत कड़ा करने का प्रावधान
01:15साथी जाच और सुनवाई को लेकर भी
01:18समय सीमा तै की गई है
01:20लेकिन सवाल वही
01:21क्या सिर्फ कड़ी कानून से पेपर लीक रुख जाएंगे
01:24कानून डर पैदा कर सकता है
01:26भरोसा सिर्फ मजबूत
01:28सिस्टम और इंप्लिमेंटेशन कर सकता है
01:31शायद इसलिए सरकारने इंफोसेस के को फाउंडर
01:33नंदन निलेकणी की अगवाई में
01:35एक हाई लेवल टास्क पोस का गठन किया है
01:38जिसमें इसो के पूर्व चीफ
01:40डॉक्टर एस सोमनात
01:41पूर्व आईबी डिरेक्टर तापंडेका
01:44जैसे दिगज शामिल है
01:45इनका मकसद है परीक्षाओं को पूरी तरह
01:47लीक प्रूफ पनाना
01:49आज आपको ये भी बताएंगे कि संसद में
01:51धर्मेंद्र प्रदान जिन्दबाद के नारे
01:53आखिर क्यों लगे
01:55लेकिन आज ब्लाक इंवाईट की शिरुवात
01:57हम किसी खबर से नहीं
01:58बलकि एक सवाल से करेंगे
02:00एक ऐसा सवाल
02:02जो इस देश के करोडों घरों में
02:05पूछा जा रहा है
02:07सवाल यह है कि पेपर लीक के खिलाफ
02:09जन्तर मंतर पर जन्दी युवाओं का
02:11जो आंदोलन हुआ उससे देश को
02:12आखिर मिला क्या
02:13कुछ लोग कह रहे हैं कि इसमें जवाब देही ते हुई
02:17कि शिक्षा मंतरी को इस्तीफा देना पड़ा
02:18कुछ लोग कह रहे हैं कि
02:19अब सरकारे पेपर लीक को सिर्फ एक प्रशासनी घल्ती नहीं
02:22बलकि करोडों युवाओं के भविश्य पर हमला मान कर देखेंगी
02:26कुछ लोगों को उमीद है कि अब
02:28शिक्षा विवस्ता में बुन्यादी सुधारों की शुरुआत होगी
02:31कुछ लोग अब भी मानते हैं कि कुछ नहीं बदलेगा
02:34हर व्यक्ति इस आंदोलन को अपने अपने नजरिये से देख रहा है
02:38लेकिन आज हम आपको नेताओं की नहीं छात्रों की बात सुनाएंगे
02:42उन युवाओं की बात सुनाएंगे जिन्होंने सांदोलन को सिर्फ विरोध नहीं
02:47बलकि अपने भविश्य की लडाई माना
02:4925 जुलाई को जब अंदोलन समाप्त हुआ
02:51और लोग घर लोटने की तयारी कर रहे थे
02:54तब ही वहाँ एक सुझाव पेटी रखी गई
02:57युवाओं से कहा गया कि वह जाने से पहले सिर्फ एक बात लिख कर जाएं
03:02और ये बताएं कि वह भारत की शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलना चाहते है
03:08तो हमने सोचा कि ये जो बच्चों की लिखी वई बात है न
03:12वो क्या जाते हैं उनके मन की बात हम आपको बताएं
03:17फिर जो हुआ किसी सरकारी समिती की बैठक का हिस्सा नहीं था
03:21वो भारत के युवाओं के दिल की आवाज थी चात्र लाइन में लग गए
03:25किसी ने दो लाइन लिखी किसी ने पूरा पन्ना भर दिया
03:28कुछी घंटों में दावा है कि अठारा सो से जादा सुझाओ इस पेटी में जमा हो गए
03:33अब जरा सोचिए इन पर्चियों में किसी ने मंत्री बनने की इच्छा थोड़ी जटाई किसी ने नौकरी की गोहार नहीं
03:39लगाई
03:39जादातर बच्चे सिर्फ एक चीज़ मांगते हुए देखे एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था जो सब के लिए बराबर हो
03:51किसी ने लिखा परिक्षाओं में रटने वाले सवाल कम हो जिंदगी से जोड़े सवाल जादा हो किसी ने कहा क्लास्रूम
03:57में सिर्फ लेक्चर ना हो बलकि चर्चा भी हो ये मैं उनकी कुछ परचियां अपने साथ लेकर आई हूँ मैं
04:02भी दिखाऊंगी आपको बच्चों
04:03को इतिहास राजनीती विज्ञान और समाज को समझने का मौका मिले क्लास में चर्चा हो एक शात्र ने लिखा कि
04:13पढ़ाई के साथ साथ बच्चों के मेंटल हेल्थ उनकी मांसिक सेहत जो है उसका भी ध्यान रखा जाए किसे ने
04:21कहा कि देश के हर स्कूल की पढ़ाई का स्त
04:32जैसे विशों में सीटें बढ़ाई जाए ताकि देश को बहतर नीती निर्माता मिल सके किसी ने लिखा बच्चे की असली
04:39नीव प्राइमिरी स्कूल में पढ़ती है इसलिए सबसे ज़्यादा निवेश वही होना चाहिए ये बच्चों की हैंडराइटिंग में लिखे हु
05:02महेंगी कोचिंग खरीदने की जरूरत मजबूरी ना पड़े ये भी सुझाओ दिया गया कि सरकारी स्कूलों में भी AI टेकनोलोजी
05:10खेल आधुनिक शिक्षा उसी इस तरका मिले इसे बड़े बड़े प्राइवेट स्कूल में मिलता है और अगर भवश्य में फिर
05:16कभी पे
05:28पहले तो यही वाला है जिस सरकारी स्कूल में आम आदमी का बच्चा पढ़ता है उसमें सरकारी अधिकारी या मंत्री
05:36विधायक के बच्चे पढ़ें ये देखें ये जो पहला वाला हम आपको दिखा रहे हैं सुझाओ ये देखें तोड़ा सा
05:43आपको इस पे सटल करना प�
05:57कि भई किसी सरकारी स्कूल में आम आदमी का बच्चा पढ़ता है वही पर जो सरकारी अधिकारी है मंत्री है
06:04विधायक है उनके बच्चे पढ़ें अब ये वाला जो है समान शिक्षा का अधिकार मिले देखें यही बात हमें सबसे
06:13जधा हमारे दिल में उत्री क्यूंकि ज�
06:20जंकारी स्कूलों की भी तो ऐसी हालत हो कि वो प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से कंपीट कर पाएं
06:25वहां के बच्चे
06:28अब देखे ये वाले में लिखा है समान शिक्षा का अधिकार मिले और शिक्षा कम पैसों में हो अमीर हो
06:34या गरीब सभी को शिक्षा का अधिकार मिले
06:39इससे अच्छा संदेश क्या हो सकता है बच्चों की तरव से
06:43तोड़ी सी प्रिंटिंग में फेड़ेड है इसलिए आप पढ़ने ही पा रहे होंगे शायद स्क्रीन पर अब ये वाला देखिए
06:48ये कह रहा है
06:50Feedback for Education उन्होंने English में लिखा है
06:52Education system should start right from primary level because elementary stage shape the students
06:57तो ये अरुनाचर प्रदेश से एक बच्चे ने लिखा है कि elementary school से आप शिक्षा शुरू कीजिए और जो
07:04values है उनको मजबूत कीजिए
07:06एक बच्चे ने one nation, one education लिखा है
07:09ये सारे जो hint है ना, जादा तर बच्चों के
07:12वो सब इस बात पर इशारा कर रहे है कि बच्चों को क्या चाहिए
07:15बच्चों को चाहिए बराबरी
07:18एक जैसा समान, शिक्षा का अधिकार सारे बच्चों को मिले
07:21सामान शिक्षा के अफसर मिले
07:23सामान तरीके से उनको
07:25फीस फीस में जो उपर नीचे होता है
07:27उन सब पर उनका इशारा है
07:28एक दो और पढ़कर सुनाती हूँ
07:29क्योंकि अक्सर ये होता है
07:32ना कि भई ये क्या किया
07:34वहाँ अंदोलन किया, किये, निकल गए
07:35इस्तीफा लेकर
07:36लेकिन बच्चों ने अपनी बात भी कहिए
07:38सजेशन्स दी है
07:39फ्री एडुकेशन और इक्वल एडुकेशन तो एवर्रीवान
07:42ये वाला भी वही संदेश है
07:43अंग्रेजी में लिखा हुआ है
07:45लेकिन उनने लिखा है कि फ्री एन इक्वल
07:47वही जो अभी दिख रहा था स्क्रीन पर वही वाला है
07:49तो वह मेरे साथ दिखा दीजे
07:50फ्री एडुकेशन और इक्वल एडुकेशन फर एवर्रीवान
07:53पीपल उफ इंडिया नीद बेटर एडुकेशन
07:56बहतर शिक्षा चाहिए
07:58और नीद तो टीच
08:10इसके बाद वाला दिखाई
08:11वह बहुत दिल्चस्प है क्योंकि यह बात कर रहे है
08:13कि स्कूल में बहतर शिक्षा चाहिए
08:15और सिविक सेंस भी ताकि हम सब
08:18बहतर तरीके से हाँ यह वाला
08:19सिविक सेंस इन स्कूल
08:24तो यह सिविक सेंस की बाद भी वच्चे कर रहे है
08:28फीड़ाक में एक और एक
08:31लौ आना चाहिए
08:32अगर दोबारा पेपर लिख हुआ
08:34तो मिनिस्टर को रिजाइन करना ही होगा
08:36उसके लिए उसके उपर
08:38कोई आप्शन नहीं होगा
08:39कोई विकल्प नहीं होगा
08:41एडुकेशन बजट शुड भी इंक्रीज
08:43इस वेरी लो कंपेर्ड तू स्टूडन नंबर
08:45वो ये भी कह रहे है कि एडुकेशन बजट
08:47जो है उसको बढ़ाने की जरूरत है
08:49जितने बच्चे अभी है उनसे बहुत कम है
08:51तो कुल मिलाकर आप देखेंगे
08:54यहाँ पर भी ये वाला
08:55जो है वो यही कह रहे है कि
08:56आज हम सब साथ आए है
08:58वी नीड राडिकल रिफॉर्म्स
09:00बहुत मूल चूल परिवर्तन करने की
09:02जरूरत है और
09:04एक समान सुसाइटी के लिए
09:06रेजिगनेशन होना जरूरी है
09:08और जो स्पेंडिंग है
09:10पब्लिक स्पेंडिंग है
09:12एडुकेशन पर शिक्षा पर उसको
09:14बहुत बहुत बढ़ाने की जरूरत
09:16तो जाधा तर जो बच्चों की चिट्रिया
09:18इतनी सारे हैं बहुत सारे अठारा सौन
09:20उने दिये हैं जितना मुमकिन हो पाया हमने लिया
09:22पढ़कर आपको सुनाया
09:23क्योंकि जाधा तर बच्चे तीन बाते कह रहे है
09:26उनका कहना है कि समान शिक्षा का अधिकार हो
09:29बराबरी हो शिक्षा के क्षेतर में
09:31वो कह रहे है कि फीस कम हो
09:32और वान नेशन वान एडुकेशन की बात कर रहे हैं
09:35लिए ये बाते मायने रखते हैं और वो कहरें कि जवाबते ही तै हो
09:40spending जो खर्च है शिक्षा शेत्र का उसको बढ़ाना ज़रूरी है
09:44यानि इस आंदोलन के खत्म होने से पहले बच्चों ने सुझाओ दिये
09:47वही सुझाओ तो हमारी शिक्षा व्यवस्था को बदल सकते हैं
09:51इन सुझाओ में ये बच्चे सिर्फ परिक्षा की बात नहीं कर रहे थे
09:54ये बराबरी की बात कर रहे थे
09:56ये कह रहे थे कि देश में किसी बच्चे की मनजिल उसके पिता की जेप से तै नहीं होनी चाहिए।
10:01सोचे कितनी बड़ी बात है कि भई एक बच्चे के पिता तो फीस दे सकते हैं जितनी भी जादा फीस
10:09हो लेकिन एक बच्चे के पिता नहीं दे सकते हैं तो क्या उन दोनों बच्चों के सपने अलग होंगे उनकी
10:16मनजिल अलग होगी उसके सपने का आकार उसके गाउं उसके श
10:31देता लोकतंत्र बराबरी का मौका भी देता है और अगर एक बच्चा सिर्फ इसलिए पीछे रह जाता है क्योंकि उसके
10:37माता-पिता महंगी फीस नहीं दे सकते तो फिर सम्विधान का सावान अवसर वाला वादा अधूरा रह जाता है सोचे
10:44आजादी के बाद से अब तक हमा
11:01जाती है और जंतरमंतर पर लगाई गई ये सुझाव पेटी शायद किसी सरकारी दस्तावेस का हिस्सा ना बने लेकिन अगर
11:08केंद्र और राज्य सरकारे उसमें लिखी बातों को सचमुच पढ़ ले तो शायद आने वाले सालों में इस आंदोलन को
11:14सिर्फ शिक्षा मंतरी क
11:15इस्तीफे के लिए याद नहीं किया जाएगा उन बड़े बदलाओं के लिए याद किया जाएगा जो इन बच्चों ने मांग
11:21रखी है बलकि उस दिन के रूप में याद किया जाएगा जब भारत के युवाओं ने सरकार से सिर्फ जवाब
11:26नहीं मांगा उन्होंने भारत क
11:28शिक्षा का नया खाका लिख कर दे दिया
11:30और जिस दिन इस देश में
11:32किसी गरीब मजदूर का बच्चा
11:33किसी बड़े अधिकारी का बच्चा
11:35एक जैसी शिक्षा, एक जैसे अवसर
11:38एक जैसे सम्मान के साथ
11:39अपने सपनों की दौड शुरू करेगा
11:41उसी दिन हम सच मुझ कह पाएंगे
11:44कि भारत में शिक्षा सुवधा नहीं
11:46अधिकार है
11:47देखे
11:55शिक्षा विवस्ता में क्या बचलाब की जौरत है
11:57इस विशे पर अपना
11:59कीमती फीड़बैक जरूर देके जाएं
12:02यहां हमारा कीमती पीड़बैक बॉक सकता है
12:07जंतरमंतर के अंदोलन के दौरान
12:09आम लोगों की भाविदारी को बैता तोर पर समझने के लिए
12:12के वाईस ने फीड़बैक और सेजेशन में नितले गए
12:16जंतरमंतर और उसके आसपास की साइट से लिए
12:1915,000 से उपर लोगों ने आपनी भाविदारी में भाई
12:22इस देश में एक बड़ा हिस्सा पेपर लेकियानी की परिक्षा के लिखने से परिशान है
12:28और लोगों ने ये जायर किया कि इस देश में ना परिक्षा लिखे ना शिक्षा लिखे
12:32दूसरा सजेक्शन हमारे सामने आता है कि किस तरह पिछले दस सालों में
12:3794,000 से उपर सरकारी स्कूल बंद किये जाते हैं
12:40लोगों ने इस दाचा किया तो इन 94,000 स्कूलों को दुबारा बोला जाना चाहिए
12:45दुरस थालग में
12:56तो हमें लगा कि आज जब देश में शिक्षा व्यवस्ता को बदलने की इतनी बाते हो रही है
13:00तब ये शिक्षा व्यवस्ता बदली कैसे जाएगे
13:03वो जनतर मंतर पर आए इन बच्चों से बहतर कोई नहीं बता सकता
13:07क्योंकि वो स्कूल में जाते है
13:08फर्स्ट हैंड उनको वो अनुभव होता है
13:12अब जरा ये समझे उनकी पीड़ा हम समझ सकते हैं ना इससे
13:15क्योंकि वो स्कूल में जाते हैं वो सब कुछ देखते है
13:18अब वो जो कह रहे हैं उसको फैक्टर इन करना बहुत जरूरी है
13:22वहीं मोधी सरकार पेपर लीक के खिलाफ जो नया कानून लेकर आई है
13:25वो पुराने कानून से कितना अलग है
13:27कितना सकत है ये बताते हैं ये समझना चाहिए
13:30और इसलिए भी जरूरी है क्योंकि किसी भी कानून की असली ताकत
13:34सिर्फ उसके नाम में नहीं होती है
13:35बलकि इस बात में होती है कि अपरादी कितना डरता है
13:39इंप्लिमेंटेशन कितना होता है
13:41वो लागू कितना हो पाता है
13:42अगर कानून ऐसा हो कि अपरादी को लगे कि कुछ साल बाद
13:46जमानत मिल जाएगी मामला ठंदा पड़ जाएगा
13:48तो कानून का डर खत्म हो जाता है
13:51लेकिन अगर कानून ये संदेश दे
13:53कि अब बचना मुश्किल है नामुम्किन है
14:11संशोधित किया जा रहा है
14:12जादा सख्त रूप दिया जा रहा है
14:14जिसमें सजा बढ़ाया जा रहा है
14:16जर्माना बढ़ाया जा रहा है
14:17जाज को पहले से कहीं जादा कड़ा बनाया जा रहा है
14:19समय सीमा तै की जा रही है
14:21सबसे पहले सजा की बात करते है
14:23पहले अगर कोई व्यक्ती पेपर लीग कराता था या परीक्षा में धानली करता था तो उसे कम से कम 3
14:29साल अधिकतम 5 साल की सजा होती थी 10 लाख रूपे का जुर्माना लगाया जाता था
14:34लेकिन अब सरकार ने कम से कम सजा बढ़ा कर 5 साल और अधिक्तम सजा 10 साल कर दी है
14:39यानि अब दोशी को पहले से कहीं जादा लंबा समय जेल में बिताना पड़ेगा
14:43सिर्फ जेल ही नहीं जुर्माना भी 10 लाक रूपे से बढ़ा कर सीधे 50 लाक कर दिया गया है
14:50यानि अब पेपर लीग सिर्फ कानून तोड़ने का अपराध नहीं रहेगा
14:55बलकि आर्थिक रूप से अपराधियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी
14:58और अब बात उन कंपनियों की जो ये परिक्षाएं आयोचित करती है
15:03पहले अगर कोई परिक्षा आयोचित करने वाली कंपनी या सर्विस प्रोवाइडर पेपर लीक या धानली में शामिल पाय जाता
15:11तो उस पर एक करोड रुपे तक का जुर्माना लगाया जा सकता था
15:14परिक्षा कराने में सरकार का जो खर्च हुआ उसकी वसूली भी उसी कंपनी से की जा सकती थी
15:18और उस कंपनी पर चार साल तक किसी भी परिक्षा के संचालन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता था
15:38इसके अलावा अब जिम्यदारी सिर्फ कंपनी ही नहीं बलकि उसके बड़ी अधिकारियों की भी होगी
15:42अगर किसी कंपनी का डारेक्टर, CEO, वरिश प्रबंधन या कोई जिम्यदार अधिकारी पेपर लीक में शामिल पाया जाता है
15:48तो पहले उसके लिए कम से कम 3 साल और अधिक्तम 10 साल की सजा 1 करोड रुपे तक का
15:54जुर्माना प्रावधान होगा
15:56लेकिन अब नए बिल में कम से कम सजा 3 साल से बढ़ा कर 5 साल कर दी गई है
16:01और जुर्माना भी 1 करोड रुपे से बढ़ा कर 5 करोड रुपे किया गया है
16:18उसके अधिकारी संगटे तरीके से पेपर ली क्या परीक्षा में धानली करते हैं
16:23तो कम से कम पात साल अधिक्तंद साल की सजा होगी
16:28जुर्माना एक करोड रुपे का लगाय जाएगा
16:30लेकिन अब ऐसे मामलों में कम से कम साथ साल सजा होगी
16:33न्यूनितम 10 करोड रुपे का जुर्माना होगा ये देखिए
16:37संस्था के अधिकारी संगठित तरीके से दोशी पाए जाएं तो फिर देखिए क्या होगा
16:42माफिया की मिली भकत का हिस्सा अगर मिला साबित हुआ
16:46कानून अब कहीं जादा कठोर कारवाई करेगा जैसा कि आप स्क्रीन पर देख रहे हैं
16:50हलाकि इस बिल को सबसे महत पूर्ण बदलाओ सिर्फ सजा नहीं है
16:53इसकी सबसे बड़ी बात है कि समय सीमा ते की जा रही है
16:57क्योंकि हमारे देश में अक्सर ज्यादा तर लोगों की शिकायत यही होती है कि कानून तो बन जाते है
17:01लेकिन जाच और मुकदमा इतने लंबे चलते है कि लोगों का भरूसा खत्म हो जाता है
17:06इसलिए संशोधन बिल में जाच और ट्राइल समय सीमा ते दोलों की कर दी गई है
17:13अब पेपर लीग के मामलों में F.I.R. दर्ज होने के दो महीने के अंदर जाच पूरी करनी होगी
17:18जाज़ पूरी होने के बाद दो महीने के अंदर चाचीट अदालत में दाखिल करनी होगी
17:22चाचीट दाखिल होने के तीन महीने के अंदर अदालत को मुकदमे का ट्राइल पूरा करना होगा
17:27यानि कोशिश है कि पेपर लीग का मामला सालों तक अदालतों और पुलिस की फाइलों में धूलना खाए बलकि तैसी
17:32मामें उसका फैसला है
17:34कुल मिलाकर देखे तो इस बिल का संदेश साफ है पेपर लीग अब सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी नहीं माना जाएगा
17:39बलकि करोणों युवाओं के भविश्य के साथ संगटित अपराग और और सरकार का ये भी दावा है कि सजा बढ़ाने
17:47जुर्माना कई गुना करन
17:49कमपनीज और उनके अधिकारियों की व्यक्तिकत जवाब देही तेह करने और जहां चोट राइल की समय सीमात तेह करने में
17:55पेपर लीग पर लगाम लगेगी और इसी मकसद से आज प्रधान मंत्री कारयाले में केंद्री राज्य मंत्री डॉक्टर चितेंद्र सिंग
18:02ने लो
18:18कामे के कारर आज संसत के दोनों सद्नों की कारवाही को दो बार स्थगत किया गया बिल पर चर्चा नहीं
18:23हो पाई देखें
18:49जूब रजया नहीं चलेगा नहीं चलेगा नहीं चलेगा नहीं चलेगा
18:56Ajakshimamom 2, I rise to move, for leave to introduce the public examination bracket prevention of unfair means
19:07amendment bill 2026 to amend the
19:16जवाब दियाता है, पेरा आपसे आग रहा है, फ्रस्मिकाल चलाने में स्वयोग विदा करें।
19:42जवाब दो जवाब दो जवाब दो जवाब दो!
20:30इस बिल के पेश होने के बाद बहुत सारे लोगों का ये सवाल है कि क्या सिर्फ कानून सख्त करने
20:36से पेपर लीग रुख जाएगा
20:37या फिर इसके साथ पेपर लीग की पूरी व्यवस्ता में बदलाओ होने चाहिए क्योंकि कानून डर पैदा कर सकता है
20:43लेकिन भरोसा तभी लोटेगा जब हर छात्र को ये विश्वास होगा कि उसकी मेहनत का फैसला किसी लीख हुए पेपर
20:51से नहीं उसकी योग्यता से होगा
20:54ये बात हम इसले भी कह रहे हैं क्योंकि रेप के मामलों में हमारी सरकारों ने कई कड़े कानून बनाए
20:58लेकिन ये आकड़े बताते हैं कि कोई भी सखत कानून आज तक रेप के मामले को रोकने कम करने में
21:04सफल नहीं हुआ
21:04जब से कानून सख्थ हुए तब से रेप जैसे गंभीर अपराद के मामले और ज़्यादा बड़े है
21:09इसलिए आज हम यही कहेंगे कि पेपर लीग के मामलों में कानून के साथ पूरी व्यवस्था को रीसेट करना होगा
21:14और समाज में भी पेपर लीग के खिलाफ डर आना ज़रूरी है
21:19हलाकि केंद्र सरकार ने कहा है कि वो सिर्फ ये नहीं सोच रही है कि कानून को सख्थ बनाने से
21:24पेपर लीग रुख जाएंगे
21:25इसके लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है प्रधानवाजी मोधी ने परीक्षा सुधारों के लिए उच्छ सतरिया टास्क
21:31फोर्स का गठन किया है
21:32ये टास्क फोर्स चार बिंदों पर एक रोड मैप त्यार करेगी
21:37जिनमें पहला है टेक्नोलोजी इंटिग्रेशन यानी लीग प्रूफ परीक्षा के लिए आधुनिक समाधान खोचना
21:44दूसरा पेपर लीग के खलाफ शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सुझाओ देना
21:49तीसरा है डिजिटल सुरुक्षा यानी परीक्षा देने वाले छात्रों के वेरिफेकेशन प्रॉसस को अप्ग्रेट करना
21:55और चौथा बिंदू है परीक्षा विवस्ता में पात दर्शिता लाने के लिए सरकार को सुझाओ देना
22:01इसरा स्पोर्स के सामने सबसे बड़ी चुनाथी यही होगी कि वो नीट की परीक्षा को कम्प्यूटर आधारित बनाने के लिए
22:07क्या सिफारिश देगी
22:09ये इसलिए एहम है क्योंकि इसी साल देश के 20 लाग से जादा बच्चों ने नीट की परीक्षा दी
22:14ऐसे में इस परीक्षा को कराने के लिए इतने सारे कम्प्यूटर कहां से आएंगे
22:18इसके लिए एक परयाप्ट सेंटर कैसे बनेंगे और यह संशोधन भी कैसे जुटाई जो संसादन है
22:25वो कैसे जुटाई सरकार के सामने यह बहुत बड़ा चालेंज इस वक्त बना हुआ है और इस शिनौती का हल
22:29निकालने के लिए प्रधानवंत्री मोदी ने खुद यह ट्रास्पोस बनाई है सुने
22:34हमारी परिक्षा पद्धती विश्वस्त हो हमारी परिक्षा पद्धती ट्रांस्परेंट हो हमारी परिक्षा पद्धती में सबसे ज़्यादा अब टेक्नोलोजी का उप्योग
22:45हो इन सारी बातों को ध्यान बेखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलोजी एक्सपर्ट
22:51स्रिमान नंदन निलेकनी जी के नित्रुत्म में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निरेड़े किया है जो एक्जामेशन डिफॉर्म
23:00की तरफ फोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली परिक्षाओं के विश्वसलेता को सुनिस्चित करने का काम इसके रिपोर्ट
23:10क
23:10के आधार पर कर दिया जाएगा इस टास्क फोर्स का जिम्मा इन्फोसिस के को फांडर नंदन निलेकनी को सौपा गया
23:17है वहीं नंदन निलेकनी जिन पर कॉंग्रस की यूपीय सरकार ने भी काफी भरूसा दिखाया था आज अगर भारत के
23:25हर नागरे के पास आधार कार्ड
23:26है तो इसके मुख्य वास्तुकार नंदन निलेकनी ही है उस वक्क कॉंग्रस नंदन निलेकनी को राजनीती में भी लाना चाहती
23:33थी उसने 2014 के लोगसभा चुनाव में उन्हें बैंगलूरू दक्षन सीट से टिकेट भी दिया था लेकिन तब नंदन निलेकनी
23:39बीजेपी के
23:40अनंत कुमार से दो लाग से ज़्यादा बोटों से हार गए थे इसके बाद जब केंदर में नरेंदर मोदी की
23:45सरकार आई तब भी यूपिय की तरह मौजूदा सरकार ने नंदन निलेकनी पर काफी भरोसा दिखाया डिजिटल लेंदेन के लिए
23:52बनाए गए यूपी आई सि
24:08अब नंदन निलेकनी इसके कोट चेर्मिन बने दोजार पच्चिस में सुप्रीम कोट की AI कमिटी में भी उन्हें शामिल किया
24:14गया और दोजार पच्चिस में ही वो इंडिया एनरजी स्टाक टास्क फोस के मुख्य मेंट और भी बने यारी सरकार
24:23की कोशश यही है कि वो नं
24:37बी के पूर्फ डिरेक्टर तपंडेका, AIIT मदरास के मौजूदा डिरेक्टर वी काम कोटी शामिल है
24:44शिक्षा मंत्राले की पूर्फ सचिफ अनीता कर्वाल, पूर्फ कोईला सचिफ रहते हुए उर्जा संकट को टालने वाले अमरित लाल मीना
24:51को भी इस टास्क फोस में जगह दी गई है
24:54और सरकार का कहना है कि वो पेपर लीग को लेकर गंफीर है
24:58हलाकि यहां मलगातार आपको यह बता रहे है कि सखत कानून बनाने से या फास्ट ट्रैक कोट बनाने से सिर्फ
25:05पेपर लीग नहीं रुकेगा
25:07पेपर लीग रोकना जरूरी है इसके लिए हमारे सिस्टम को दुरूस होना होगा
25:11यह हम क्यों कह रहे है उसके लिए आप इस खबर को अब देखिए इस साल नीट का जो पेपर
25:15लीख हुआ था उसमें गिरफतार किये गए दो आरोपियों को आज दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक कोट में पेश किया
25:21गया
25:22यह देखिए वहाँ पर क्या हुआ है नाम है दिनेश बिवाल और दूसरे आरोपि का नाम है विकास बिवाल ठीक
25:31है तो अब देखिए क्या होता है आरोप है कि विकास बिवाल के पिता ने उसके लिए नीट का पेपर
25:38लीख कर आया था
25:40और बाद में उसके भाई दिनेश बिवाल ने इस पेपर को आगे बेचने की कोशिश लिए
25:45और ये दोनों राजस्थान से इसी साल गिरफतार हुए और आज फास्ट्राक में कोर्ट में इनकी जमानत पर सुनवाई होनी
25:52थे
25:53लेकिन क्या आप जानते हैं इस मामले की जाच कर रही सीबी आई की तरफ से कोई वकील फास्ट्राक कोर्ट
25:58में पेश ही नहीं हुआ
26:01और इसके कारण कोर्ट को सुनवाई की तारीक तीन अगस्ट के लिए बढ़ानी पड़ी ये इमानदारी है
26:08अब ये बात हम इसलिए पहले दिन से कह रहे हैं कि पेपर लीक मामलों में जल्द इनसाफ के लिए
26:13जाच एजिंसियों को अपना काम सही से करना हो
26:16अगर सीबी आई का वकीली पेश नहीं होगा तो फिर कैसे निप्टा रहा होगा केस का
26:21ज़्यादा विवस्ता नहीं बदली तो स्थिती में ज़्यादा बदलाओं नहीं आएगा
26:24और पेपर लीक के ये मामले सालों तक कोट में ऐसे ही चलते रहेंगे आरोपी बाहर जमानत पर घूमते रहेंगे
26:33खेट आज इन तस्वीरों को लेकर भी खूब विवाद हुआ है अब ये तस्वीरें आपको दिखाते हैं
26:38इस तीफे के बाद जब पहली बाद धर्मेंद्र प्रदान संसद भवन पहुँचे तब बीजेपी के संसदों ने उनका स्वागत किया
26:43और इस दौरान संसद परिसर में खड़े होकर धर्मेंद्र प्रदान जिन्दाबाद के नारे भी लगाए
26:47इनमें भी दर्वंगा से बीजेपी संसद गोपाल जी ठाकुर ने धर्मेंद्र प्रदान को शौल और मिथला पाग पहना कर सम्मानत
26:55किया
26:56और इसके बाद वो उन्हें संसद भवन के अंदर तक ले गए देखिए
27:07झाल साथा बाद एकुर मैंको जाए ने वे दर्वाए
27:19सरी स्तराग्ष, जाल स्तराग्ष!
27:26है है है है अ हो था सिर नहीं होने दे रहा है
27:43सर आपको लगता है कि इंपॉर्टन मेर्टूपोन अमेंग्मेंट्स है
27:46चात्रों के हिसमें है सर
27:48कि अभी ये लोग नहीं अभो कर रहे है
27:50सर हाउस अभी भी नहीं चलने दे रहे हैं सर आपका स्थीपा होगा
27:56पर इस वक्त एक खबर आ रही है आपको बता दे
28:10लेकिन अब सूतों के हवाले से खबर आ रही है कि चर्चा के बीच में
28:13अमिट्शा के बयान होने पर भी वो राजी है कि एक बार चर्चा की शुरुआत हो जाए
28:18उसके बाद पहले विपक्ष अमिट्शा के बयान से शुरुआत चाहता था
28:22वो चाहता था कि शुरू में ही उनका बयान हो लेकिन अब ऐसी खबर आ रही है कि विपक्ष हो
28:27सकता है कि बिल पर चर्चा की शिरुवात कर दे और फिर अगर बीच में अमित शाह का बयान होता
28:34है तो वो उसको भी स्वीकार लेंगे यानि विपक्ष के रुख में नर्मी आ सक
28:51के बयान पर विपक्ष के रुख में नर्मी आई
28:57तो हम आपको धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीरे दिखा रहे थे
29:00इन तस्वीरों को लेकर विपक्ष बीजेपी पर सवाल उठा रहा है
29:02और ये पूचा है कि धर्मेंद्र प्रधान का संसत पहुँचने पर ऐसा स्वागत क्यों हुआ
29:06उन्हें शौल, मिथला, पाग आखिर क्यों पहना आ गया
29:10इस पर दर्भंगा से बीजेपी के संसत गोपाल जी ठाकुर ने सफाई दी
29:13और ये कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE के पाठिकरम में मैथली भाषा को शामिल करने का फैसला लिया था
29:20पीम श्री विद्याले योजना के तेह दर्भंगा के कई स्कूलों को शामिल कराया
29:24दर्भंगा को उसका एम्स जैसा अस्पिताल और शेक्षिनिक संस्तान दिलाने में योगदान दिया
29:28इसलिए उन्होंने ये सम्मान दिया है
29:31लेकिन विपक्ष कह रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का ऐसा संमान
29:34जनतर मंतर पर आंदोलन करने वाले जैन जी युवाओं
29:37और पेपर लीग के बाद आत्महत्या करने वाले युवाओं का अपमान है
29:41और इसे युवा कभी नहीं बूलेगा
29:43आज ही ये खबर भी आई कि कॉंग्रस के राजसवा संसद जैराम रमेश ने जब संसद में धर्मेंद्र प्रधान से
29:50कहा
29:50कि ऐसा होता रहता है तो इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें ये जवाब दिया
29:54कि वो एक स्ट्रीट फाइटर है और एसी कमरों में बैटने वाले अक्टिविस्ट नहीं है
30:00अब इस पूरे घटनक्रा में एक सवाल ऐसा है जिस पर सबसे ज़्यादा बहस होनी चाहिए
30:05सवाल ये कि क्या धर्मेंद्र प्रधान का स्टीफा अड्मिशन अफ गिल्ड था यानि घल्ती स्वीकार करना था
30:11क्या फिर ये देश में आंदोलन से बने दबाव को सामाने करने के लिए लिए लिया गया राज़ितिक फैसला
30:19क्योंकि ये दोनों बाते काफी अलग हैं अगर कोई मंत्री के गल्ती स्वीकार करते हुए इस्तीफा देता है
30:23उसका मतलब होता है उसने अपने विवाग में हुई चूप की नैतिक जिम्यदारी स्वीकार की मान रहा है
30:27कि जो हुआ जवाब देही थी और इसलिए उसने इस्तीफा दिया लेकिन अगर ये इस्तीफा इसलिए है क्योंकि अंदोलन लगातार
30:34बड़ा हो रहा था राज़ितिक तनाव बढ़ रहा था सरकार नहीं चाहती थी ये मुद्दा और लंबा कीचे तो इसका
30:39मतलब बिलकुल
31:10अलग हो जाता है
31:11आगे वरते हो और आपको बताते हैं एक तरफ संसद में धर्वेंद्र प्रधान के स्वागत पर सवाल उठे तो दूसी
31:16तरफ कौक्रों जनता पार्टी ने आंदोलन खत्म होने के बाद जो जश मनाया उसके वीडियो को खूब वाइरल हो रहा
31:22है वो और बीजेपी का समर्�
31:23प्रधान करने वाले लोग इस जश्रन को नैतिक रूप से घलत बता रहे हैं इसे असली प्रधाशन कारी युवाओं के
31:29साथ विश्वास खात बता रहे हैं देखे इस सब के बीच दिल्ली पुलिस ने सभी सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म्स को ऐसे
31:35वीडियो और पोस्स हट
31:53प्रधान किसी भी रूप में कूल हो सकता है यह ऐसा विशह है जिस पर सब की राय अलग-अलग
31:59है लेकिन जिस बात पर काफी लोग सहमत देख रहे हैं वो बात सोशल मीडिया के अलगॉरिदम से जुड़ी है
32:04अलगॉरिदम सोशल मीडिया का वो सिस्टम है जो यह तैय करता
32:08है कि आपको कौन सा पोस्ट कौन सा विडियो कौन सा रील सबसे पहले दिखेगी मान लीजिए आपने इंस्साग्राम खोला
32:15वहां करोडों विडियो मौझूद है लेकिन आपको सिर्फ कुछी रील दिखाई जाती है तो यह फैसला कौन करता है अलगॉरिदम
32:22कैसे करता है व
32:36जही अलगॉरिदम इससे यह समझेगा कि ऐसे कॉंटेंट में आपकी जादा दिल्चस्पी है जो छोटे है सबसे बड़ी बात जिस
32:42तरह कि पोस्ट पर आप प्रतिक्रिया देते हैं उसे लाइक करते हैं उसे शेर करते हैं वैसी पोस्ट आपको जादा
32:49दिखाई जाती है ज
33:03जो लोग प्रतिशनकारियों पर पुलिस की कारवाई का विरोत कर रहे थे और आंदोलन के पक्ष में बनाए गए विडियोज
33:08को जादा देख रहे थे उन्हें सोशल मीडिया पर ऐसे ही विडियोज जादा दिखाई दे रहे थे जबकि जो लोग
33:14आंदोलन की आलोचना आं�
33:30में बड़ी भूमिका निभा रहा था और ये दोनों पक्ष आपको साथ ना दिखाकर वो
33:35content आपको सबसे जादा दिखा जाता है जिसे आप देख रहे हैं उसी से जोड़ा हुआ इस
33:42algorithm के खिलाफ दुनिया के कई देशों में आवाज उच चुकी है और इसे लोगों की
33:46निश्पक्षता पर असर डालने वाला बताया गया है लेकिन ये social
33:49media platform हर बार ये कहकर बच जाते हैं कि अगर लोगों को सभी तरह के
33:53videos देखने हैं तो वो अपने algorithm को reset कर सकते हैं लेकिन क्योंकि ये
33:58बात कई लोगों को पता नहीं होती इसके कारण ये algorithm किसी भी
34:02मुद्दे पर आपकी सोच को प्रभावित करता है और इस मामले में भी ऐसा ही
34:06होने का आरोप लग रहा है social media के algorithm को लेकर पिछले साल
34:11संसत के extending committee की report भी आई थी जिसके अध्यक्ष बीजेपी संसत निशिकान
34:15दूबे थे तब इस committee ने कहा था कि social media companies का पूरा
34:19business model engagement पर चलता है यानि लोग जितना ज्यादा समय इन
34:23companies के social media platforms पर बिताएंगे उतने ज्यादा विग्यापन
34:27दिखेंगे और इससे उनकी उतनी ज्यादा कमाई होगी इसी
34:31business model के कारण ये algorithm अक्सर ऐसे content को उपर ला सकता है
34:37जो जादा उतेजना पैदा करें घुसा डर पैदा करें आपको से पकड़ कर रखें विवाद बढ़ाएं और लोगों को बार
34:44बार वही
34:45चीज़ देखने पर मजबूर करें आपने भी देखा होगा बीते दुनों आप लगातार कई घंटों
34:49तक शायद reels देखे जा रहे हैं और आपको एहसास भी ने इसी में ये भी लेखा था कि इस
34:53algorithm और fake news से भी इसका गहरा संबंध है
34:57algorithm देखता है कि लोग किसी content पर ज़्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं
35:00इसलिए कई बार संसनी खेज या खलत जानकारी वाला content भी तेजी से फैल जाता है
35:04और दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस आंदोलन में भी ऐसा ही हुआ
35:08और इस algorithm के कारण ऐसे साड़े 400 social media accounts की पहचान हुई
35:13जो deep fake AI videos के जरिए आंदोलन को लेकर जूट फैला रहे थे
35:18और लोगों का ऐसा content देखने के लिए वो मजबूर कर रहे थे
35:22आज हम आपसे यही कहेंगे कि अगर आप social media पर ज़्यादा वक्त तक active रहते हैं
35:26तो अपना algorithm भी समझे और किसी भी खबर की पुष्टी के लिए उसे चार से पांच जगा पर जरूर
35:34देखें
35:42पर इसी पीच एक बार फिर एक बड़ी खबर आ रही है और इस बार बिहार से आ रही है
35:45और सवाल यही है कि जो आज दिन पर ये खबर आई की चात्रों पर FIR दर्ज हो रही है
35:52वो सभी वापस ली जाएंगी बिहार में चात्रों के खिलाफ जो FIR है बिहार में दर्ज सभी केस वापस लिए
35:59जाएंगे
36:0026 जुलाई शाम 6 बजे तक की FIR वापस ली जाएगी
36:04यह बड़ी खबर इस वक्त के हम आपको बता रहे है क्योंकि आज देखिये बिहार में
36:07AK-47 से फाइरिंग का जो विडियो आया उसको लेकर बहुत सारे सवाल उट रहे थे
36:14फिर आक्शन भी हुआ उस SIT मेंबर के खिलाफ
36:17वहीं दूसी तरफ इस पूरे मामले में कई छात्रों के खिलाफ FIR की बात आ रही थी
36:23और अब इसी से जोड़ी बड़ी खबर हम आपको बता रहे है जिसमें FIR वापस ली जाएगी
36:28सभी FIR जो 26 जुलाई को शाम 6 बजे तक दरज की गई है उस सभी की सभी वापस होगी
36:38खैर इस पूरे अंदोलन के एक और तस्वीर भी है जिस पर शायद अतनी चर्चा नहीं हो रही जितनी होनी
36:43चाहिए
36:43आज सिर्फ भारत में ही नहीं बलकि दुनिया के कई हिस्सों में इस अंदोलन को अलग नजर से देखा जा
36:48रहा है
36:49और इसकी सबसे बड़ी वज़ा ये है कि भारत के जैंजी युवाओं ने एक असली मुद्दा उठाया आखिर तक उस
36:54मुद्दे पर डटे रहे
36:55उनकी मांग ना सरकार बदलने की थी ना विवस्था को उकार पेकने की थी ना सिर्फ राजनतिक दल के पक्ष
37:00में या विपक्ष में खड़े होने की थी
37:02उनकी मांग साफ्ती पेपर लीग पर जवाब दे ही ते हो
37:05शिक्षा व्यवस्ता में सुधार हो
37:07लाखो छात्रों के भविश्य के साथ खिलवार करने वालों पर कार्णवाई हो
37:11यानि हमारे जन जी युवाओं का अंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्ता को सुधारने के लिए था
37:16और जब सरकार ने उनकी प्रमिक मांगों को सुईकार किया
37:19नए सुधारों की गोश्णा की शिक्षा मंत्री ने स्तीफा दिया
37:22तो आंदोलन भी समाप्त कर दिया और सारे बच्चे वापस चले गए यही भारत का अनुभव दुनिया के कई दूसे
37:28देशों से अलग दिखाई देता है
37:29क्योंकि पिछले कुछ सालों में दुनिया के कई देशों में जैन जी युवाओने बड़े बड़े आंदोलन किये
37:35इन आंदोलनों की शुरुआत भी किसी वास्तविक समस्या या मुद्दे से हुई थी
37:40कहीं बेरोजगारी का मुद्दा था कहीं आरक्षन का कहीं आर्थिक संकट का और कहीं भ्रष्टाचार का लेकिन समय के साथ
37:47कई जगा आंदोलन अपने मूल मुद्दे से ही भटक गए
37:50मूल मांगे पीछे चूट गई राजनेतिक टकराओ, हिंसा, आगजनी, सत्ता परिवर्तन, शासन परिवर्तन वो बहस केंदर में आ गई
37:59उधारन के तौर पर बांगलादेश में आंदोलन की शुरुआत सरकारी नौकरियों में आरक्षन विवस्ता को लेकर हुई थी
38:04लेकिन जब सरकार ने इस मुद्दे पर कदम उठाए, आंदोलन समाप्त नहीं हुआ, स्थिती लगातार बिगर्ती चली गई, हिंसा बढ़ी,
38:12अंत्ता राजनेतिक संकट इतना गहरा हो गया कि सत्ता परिवर्तन की नौबत आ गई
38:16इसी तरह नेपाल, श्रिलंका, पेरु जैसे देशों में भी कई छात्रों और युवा आंदोलन बाद में व्यापक राजनेतिक संघर्ष में
38:24बदल गए
38:26इन देशों की परिस्थितियां, राजनीती और घटना क्रम एक दूसरे से अलग थे, लेकिन एक समान बात ये रही कि
38:34कई मामनों में शुरुवाती मुद्दे पीछे चूट गए, पूरा अंदोलन ही किसी दूसी तिश्या में चला गया
38:41भारत में भी इस अंदोलन के दौरान कई तरह की आवाजी सुनाई दी, कई समूज उड़े, कई विचार सामने आए,
38:47कुछ विवाद हुए, लेकिन अगर पूरे अंदोलन को देखे तो उसका केंद्रे मुद्दा आखिर तक वही रहा, पेपर लीक, शिक्षा
38:54व्यवस्था
38:55चात्रों के भविश्य की सुरक्षा, और यही वज़ा है कि लाखों लोगों ने इस अंदोलन को सिर्व विरोध प्रदर्शन नहीं,
39:01बलकि मुद्दे पर टिके रहने वाले आंदोलन के रूप में देखा, जरा सोचिए, कुछ महीने पहले तक पेपर लीक की
39:07खबरे आती थ
39:09होती थी, फिर पूरे देश में दूसरे मुद्दे आ जाते थे और आगे बढ़ जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा
39:14नहीं हुआ, इस बार छात्रों ने इस मुद्दे को तब तक नहीं छोड़ा, जब तक पूरे देश में शिक्षा व्यवस्ता
39:20पर गंभीर बहत शुरू नहीं
39:21हो गई, आज हर घर में एक सवाल पूछा जा रहा है कि क्या हमारी शिक्षा जो परिक्षा है, वो
39:27व्यवस्ता सुरक्षित है, सिक्योर है, क्या महनत करने वाले छात्र को न्याय मिलेगा, क्या शिक्षा व्यवस्ता में सचमुच बदलाओ होगा,
39:35जिस विशय पर कभी सीमित
39:36चर्चा होती थी, वो आज देश में राष्ट्रे बहस बन चुका है, और यही किसी भी लोगतांत्रे का अंदोलन की
39:44सबसे बड़ी सफलता होती, यह जब वो सिर्फ नारे नहीं बदल बलकि राष्ट्रे प्राथमिक्ताएं बदल देता है, एक देश की
39:52प्रायोरिटीज, आ
40:06ना तो भारत के युवाओं की तरह उनके देश में अंदोलन हो सकता है, और ना ही भारत की सरकार
40:10की तरह वहाँ ऐसी समवेदन शीलता दिख सकती है, सुनिए
40:15और अब आपको बताएंगे कि सीजेपी के आंदोलन के बाद क्या एक और आंदोलन की तयारी हो रही है, पेट्रोल
40:20पंप्स पर E20 यानि 20 फीजदी एतनौल मिले पेट्रोल को लेकर देश में बहुत बढ़ी बहस चड़ी हुई है, कौक्रो
40:27जनता पार्टी के बाद अब सो�
40:41सारों लोग जुड रहे हैं, इस अकाउंट के जरीए मांग की जा रही है कि सरकार लोगों पर E20 फ्यूइल
40:46ना थोपे, पेट्रोल पंप्स पर 100 फीजदी शुद्ध पेट्रोल चुनने का विकल्प भी दिया जाए, इस मांग को लेकर सोशल
40:53मीडिया पर महौल तयार किया ज
41:08चक में इसका नाम अब तक तीन बार बदला जा चुका है, अब आरों प्लग रहे हैं कि देश के
41:12आम लोगों और गाडी बालिकों की जायस चिंताओं की यार में ये एक सिंडिकेट अजेंडा चला रहा है, सवाल ये
41:18भी है कि भारत की फ्यूइल पॉलिसी पर जंता के घुस
41:34चाहता है, वहीं दूसी तरफ सोशल मीडिया पर इस तरह का महौल सवाल खड़े कर रहा है, इस बीच के
41:40इंद्रमंत्यू इदेतन गटकरी ने एटवेंटी एथनॉल पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहे है, ब्रामक प्रचार और डीप
41:46फेक वीडियो के ख
42:04खलाफ कारवाई की जाए, पाकिस्तान के कबजे वाले कश्मीर में मासूमों का खून बहाने के बाद शाबाज और मुनीर चुनाव
42:16करवा रहे है, पाकिस्तान हर पात साल में दुनिया को दिखाने के लिए प्योके में एक फेक, एक नकली चुनाव
42:23करवाता है, और फिर ये
42:25जताने की कोशश करता है कि सब कुछ ठीक से चल रहा है पाकिस्तान सरकार विरोधी आंदोलन के बीच शाबाज
42:32सरकार ने 27 जुलाई को चुनाव कराने का एलान किया था लेकिन प्रदश्टों को देखते हुए वोटिंग को तीन चरणों
42:39में करवाने का फैसला लिया गया चु
42:45जाई को ही आगे 2 अगस को होगी फिर 10 अगस को वोटिंग होगी पीओके की कुल 53 में से
42:5145 सीटों पर चुनाव करवाय जाते हैं क्योंकि इनमें 8 सीटे आरक्षत होती है जो महिलाओं उलेमा बुद्ध जीवी विदेशी
42:58कश्मीरियों के लिए होती है चुनावी साल होने की �
43:01वज़े से सरकार विरोधी जो आंदोलन है वो कर रही जॉइंट आवामी अक्शन कमिटी ने अपनी मांगों की लिस्ट में
43:09एक राज़तिक मांग भी जोड़ दी है मांग यह थी कि प्योके की 12 शरणार्थी सीटों वाला हिस्साब पूरी तरह
43:15से खत्म कर दिया जाए जॉ�
43:29भारतिय कश्मीर से पाकिस्तान आकर बसे हैं पाकिस्तान इन 12 सीटों के जरिये जूट पहलाता है कि भारतिय कश्मीर के
43:36लोग परिशान है और वो पाकिस्तान में शरण लेते हैं पाकिस्तान की इसी साज़श को लेकर प्योके के लोग उसके
43:43खिलाफ खड़े हैं अंदोलनक
43:58शाबाज और भुटो की पार्टियां उठाती आई हैं शर्णार्ती सीटों के जर्ये पाकिस्तान सरकार और सेना प्योके के चुनाओं में
44:05ध्धानली कराती है ताकि वो अपने मन पसंद उमीदवार को सीधे प्योके विधान समा में फिट कर सके इसे प्योके
44:11पर राजनितिक �
44:12अंतर्ट बनाए रखने और प्रोपगांडा फैलाने में मदद मिलती है और यही वज़ा है कि प्योके में चुनाओं की चर्चा
44:18होते ही पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ एक बड़ा फिर से बड़ा अंदोलन खड़ा हो गया अंदोलन कारियों का
44:25मानना है कि शाबास सर
44:40दूकों के दम पर दबाया जा रहा है उस पर चुनाओी चादर बिच्छाई जा रही है ताकि जुल्म के निशानों
44:45को छिपाया जा सके है साल 2023 से ही प्योके के लोग पाकिस्तान सरकार और मुनीर की सेना के खिलाफ
44:54आंदोलन कर रहे हैं उनकी मांग बहुत साधारन रही है �
44:58रोटी, कपड़ा, मकान, बिजली, पानी, महंगाई जैसे मुद्दे पर सरक पर उतरते रहे हैं साल 2023 में आंदोलन कारियों द्वारा
45:06बनाई गई जॉइंट आवामी आक्शन कमिटी ने पाकिस्तान सरकार से मूलभूत जरूरतों को पूरा करने का दबाव डाला था लेकिन
45:13उनके आंदोलन को सेना के जर्य बंद दबाया गया, साल 2026 में चुनाओ से एन पहले ये आंदोलन एक बार
45:20फिर से उट खड़ा हुआ है और इस बार इस आंदोलन को खत्म करने के लिए पाकिस्तानी सेना ने आम
45:25नागरिकों पर गोलिया तक चलाई, जॉइंट आवामी आक्
45:40लग गए, पाकिस्तान सरकार, पाकिस्तान की सेना के खलाफ नारे बाजुशी शुरू हुई, लोग पाकिस्तान से आजादी की मांग करने
45:47लगे, आंदोलन को बढ़ता देख, पाकिस्तानी सेना ने वही किया, जिसके लिए वो जानी जाती है, गोलिया चला दी, उसने
46:08मास�
46:09वो ज्यादा हिंसक था क्योंकि ऐसा लग रहा था कि इस बार पाकिस्तानी सेना को अंदोलन कारियों को मारने के
46:14खुली चूट थी
46:15इसकी वज़ा ये थी कि इस साल पाकिस्तान सरकार को प्योके में दिखावटी चुनाओ करवाने थे
46:21और इसके लिए आंदोलन हर कीमत पर खत्म करवाना था
46:24हम आपको चुनाओ कि विरोध में हो रहा है आंदोलन की कुछ तस्मीरे दिखाते है
46:28P.O.K. में पाकिस्तान विरोधी आंधी किस तरह से बह रही है
46:31तो आज के लिए ब्लाक रॉइट में इतना ही अब आपसे अमारी अगली मुलाकात होगी
46:34कल रात 9 बजे तब तक आप खुश रहिए स्वस्त रहिए सुरक्षत रहिए और जमाना बदल गया है
46:40उपिनियन आज कल चाई के टपरी पर नहीं ट्रेंडिंग हैश्टाग देखकर बनते है
46:45नमस्कार
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