00:00एक तरफ हिजाब, दूसरी तरफ स्कूल उनिफॉर्म
00:03एक तरफ धार्मिक आस्ता का सवाल और दूसरी तरफ स्कूल के ड्रेस कोड का नियम
00:09लेकिन जब ये टकराफ प्रियागराज के स्कूल में हुआ तो मामला सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहा
00:15बलकि पहुँच गया है इलाबाद हाई कोड अब सवाल ये है कि क्या एक स्टूडन स्कूल की तैय उनिफॉर्म के
00:22साथ
00:22कि ज़ाब पहनने की अजाज़त मांग सकती है क्या रिलिजिस श्रीटम के नाम पर स्कूल के ड्रेस कोड में छूट
00:29मिल सकती है
00:30और सबसे बड़ा सवाल इलाबाद हाई कोड ने इस पूरे विवात पर क्या फैसला सुनाया
00:37मामला प्रयागराज के टेगोर पबलिक स्कूल का है जहां एक मुस्लिन स्टूडन्ट ने स्कूल युनिफॉर्म के साथ
00:43कि जवाब पहनने की अनुमाती को लेकर कोड का दरवाजा खट-खटाया
00:48स्टूडन्ट का कहना था कि वो क्लास 6 से क्लास 10 तक स्कूल में पढ़ चुकी है
00:52और उसी दोरान हैज काफ को पहनती रही है
00:55लेकिन क्लास 11 में आगे की पढ़ाई के दोरान स्कूल युनिफॉर्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया
01:01स्टूडन्ट ने स्कूल के प्रिस्क्राइब युनिफॉर्म के साथ हिजवाब पहनने की अनुमती मांगी
01:06जबकि स्कूल की तरफ से टेड्रेस कोट को पालन करने पर जोर दिया गया
01:11बात बढ़ी और मामला इलाबाद हाई कोट तक पहुँच गया है
01:15और अब इलाबाद हाई कोट ने मुस्लिम स्टूडन्ट की प्ली खारिच कर दी है
01:20मामले की सुनवाई जस्स जे जे मुनीर और जस्स इंद्रजीत शुकला की बैंचने की
01:50सब भी बच्चों को एक साथ एक ड्रेस में विद्याले में आने के लिए जो आई कोट का फैसला हो
01:56स्वागत देगे
01:57हिजाब पैढने से क्या ने इसकों में बच्चों की जो समानता है वो खत हो जाएगी
02:12कोट के सामने सिर्फ ये सवाल नहीं था कि स्टूडन हिजाब पहनना चाहती है या नहीं बलकि ये भी एक
02:19सवाल है कि क्या धार्मिक अधार पर स्कूल की निर्धारे
02:22ड्रेस कोट से अलग छूट का दावा किया जा सकता है कि नहीं स्टूडन की तरफ से हिजाब को धार्मिक
02:29अस्ता से जुड़े बताते होए
02:31Constitutional Protection का सवाल उठाया गया लेकिन कोट ने कहा कि इस मामले में स्टूडन प्रयापत अधार पेश नहीं कर
02:39सकी जिससे ये स्थापित हो सके कि हिजाब पहनना इसलाम की Essential Religious Practice है और इस अधार पर उसे
02:46स्कूल इनिफॉर्म से अलग छूट मिलनी चाहिए
02:49जो इलहाबाद हाइपोर्ट का फैसला आया है कि हिजाब इसलाम का जरूरी हिस्सा नहीं है मैं समझता हूं कि जो
02:58वकीर थे उस छात्रा की तरफ से
03:02हम की जो ड्रेस है उसकी मुखालफत नहीं कर रही बिलकिल हर जगां की जो ड्रेस हो उसको फालो करना
03:10चाहिए उसको पहनना चाहिए लेकिन अगर कोई छात्रा जो है
03:14वो हिजाब की अनुमती मांग रही है
03:16मैं समझता हूँ कि जो हमें समिधान में दिया है
03:19उसके तहट वो हमको अनुमती मिलना चाहिए भी उस चाहतरा को
03:23लेकिन एक बात बहुत ही गोर करने की है
03:25कि इलावा थाय कोट में जो यह सिंटेंस कहा है
03:28कि हिजाब इसलाम का हिस्सा नहीं है
03:31मैं यह समझता हूँ कि हिजाब के लिए
03:34पुरान करीम में वाज़े तोर के उपर लिखा है
03:37कि हिजाब औरत को करना चाहिए
03:39और इसलाम का यह एहम हिस्सा है
03:43यानि कोट ने इस मामले में हिजाब को लेकर
03:46कई धार्मिक दावे भी सीधे तोर पर स्विकार नहीं किये
03:50कोट ने स्कूल की उनिफॉर्म पॉलिसी पर भी गौर किया
03:54अदालत के मताबिक अगर स्कूल का ड्रेस कोट बॉन अफाइड और नॉन डिस्क्रिमिनेटरी है
03:59तो इंसिट्यूशन को अपने निरधारत उनिफॉर्मिर्स को लागू करने का अधिकार है
04:04दीकि सभी धर्मिया मजहब की अपनी परमपराएं होती हैं
04:09और उनके अपने कुछ नॉम्स होते हैं
04:12और उसका पालन करने के लिए वो बहुत जिद्ध करते हैं बहुत आगरह करते हैं लेकिन जो धार्मिक परंपराएं होते
04:20हैं वो अपने मंदीर में अपने घर में पालन किया जाना चाहिए सारवजनिक अस्थलों पे नहीं स्कूल में कॉलेज में
04:30या फिर पबलिक प्लेसेज �
04:31पे कोई धर्म विशेज के लोग बोलेंगे कि हमको ये खास तरह की परंपरा का पालन करना है वो कहीं
04:37ने कहीं जो एक सारवजनिक बिवस्था होती है जिसको हम पब्लिक और बोलते हैं उसके खिलाब जाता है तो इलाबाद
04:44हाई कोट का ये फैसला स्वागत योग्य है और म
04:59पहले कई वर्षों तक हेट्सकाफ पहन कर स्कूल आती रही है इसलिए उसे आगे भी हिजाब पहनने की अनुमती मांगी
05:06है लेकिन कोट ने मना किया है सिरफ इस बात पर की स्टूडन को पहले हिजाब पहननी देया गया इससे
05:13जरूरी नहीं किया जा सकता है कि स्कूल भवि
05:29एक महत्वपूर्ण कानूनी बात को समझना या जरूरी होता है कि इस फैसले को पूरे देश के स्कूल में हिजाब
05:36पर ब्लैंकिट बैन के तौर पर नहीं देखा जा सकता इलाबाद हाई कोट के ये फैसले खास स्टूडन्ट और स्कूल
05:44के सामने आए तथ्य और यूनिफ�
05:58आई में लिए अंतिम तोर पर ये वी तैकर दिया है कि हिजाब किसी भी परिस्तिती में एसेंश ड्येश प्रैक्टिस
06:14नहीं है
06:20और क्या इसके अधार पर स्कूल के ड्रेस कोट में छूट का अधिकार बनता है
06:26कोट ने इस मामली में स्टूडन्ट की प्ली को सुविकार नहीं किया और उसे भी रद कर दिया गया है
06:33मेकिन इस फैसले के साथ एक बड़ी पहस सामने लाई गई है
06:38कि रिलिजिस फ्रीडम और इंस्टिटूशनल रूल्स के बीच संतुलन आखिर कौन तै करेगा
06:43क्या स्कूल उनिफॉर्म सभी स्टूडन्ट के लिए एक जैसी होनी चाहिए
06:48क्या डिलिजिस प्रैक्टिस के आधार पर उनिफॉर्म में चूट दी जाए चाहिए
06:53और अगर कोई स्कूल पहले किसी स्टूडन्ट को ऐसी चूट देता रहा हो
06:58तो क्या बाद में वो अपने ड्रेस कोट को सकती से लाभू कर सकते हैं
07:03इलाबाद हाई कोट का ये फैसला इनी सवालों को एक बार फिर चर्चे के केंद्र में लेकर आया है
07:10तो प्रयागराज के एक स्कूल से शुरू हुआ हिजाब का विवाद एक एहम कोट वर्डिक तक बहुच चुका है
07:17स्टूडन की फ्ली कारिज हो चुकी है लेकिन हिजाब, रिलिजिस फ्रीडम और स्कूल इनिफॉर्म को लेकर बहस अभी बीजारी है
07:24इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है क्या स्कूल इनिफॉर्म के नियम सभी स्टूडन्स के लिए एक जैसे होने
07:31चाहिए
07:32रिलिजिस प्रैक्टिसेस के नाम पर क्या विविस्ता अलग होनी चाहिए
07:36अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बठाए
07:39ऐसे ही एहम ख़बरों के लिए और उनके पीछे जोड़ी पूरी कहानी के लिए देखते रहिए वानिजिया हिंदी
07:45मैं हूँ अशता आपसे फिर मिलूँगी एक बड़ी खबर के साथ