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The Hijab vs School Uniform debate has reached the Allahabad High Court, where the court has dismissed the plea of a Muslim student from a Prayagraj school seeking permission to wear a hijab with the prescribed uniform. The court observed that the petitioner could not establish hijab as an essential religious practice in the circumstances of the case and upheld the school's right to enforce its uniform policy.

What were the student's arguments? Why did the Allahabad High Court reject the plea? And what did the court say about Hijab, religious freedom and School Uniform?



Hijab Vs School Uniform का मामला अब Allahabad High Court पहुंचा, जहां Prayagraj के एक School की Muslim Student की Hijab पहनने की मांग वाली Plea खारिज कर दी गई। Student ने School Uniform के साथ Hijab पहनने की इजाजत मांगी थी। Court ने कहा कि मामले में Hijab को Essential Religious Practice साबित करने के लिए पर्याप्त आधार पेश नहीं किया गया और School के Uniform Rules को लागू करने के अधिकार को बरकरार रखा।

आखिर Muslim Student ने Court में क्या दलील दी? Allahabad High Court ने उसकी Plea क्यों खारिज की? Hijab, Religious Freedom और School Uniform को लेकर Court ने क्या कहा?


#Hijab #AllahabadHighCourt #MuslimStudent #SchoolUniform #Prayagraj

~HT.178~PR.540~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00एक तरफ हिजाब, दूसरी तरफ स्कूल उनिफॉर्म
00:03एक तरफ धार्मिक आस्ता का सवाल और दूसरी तरफ स्कूल के ड्रेस कोड का नियम
00:09लेकिन जब ये टकराफ प्रियागराज के स्कूल में हुआ तो मामला सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहा
00:15बलकि पहुँच गया है इलाबाद हाई कोड अब सवाल ये है कि क्या एक स्टूडन स्कूल की तैय उनिफॉर्म के
00:22साथ
00:22कि ज़ाब पहनने की अजाज़त मांग सकती है क्या रिलिजिस श्रीटम के नाम पर स्कूल के ड्रेस कोड में छूट
00:29मिल सकती है
00:30और सबसे बड़ा सवाल इलाबाद हाई कोड ने इस पूरे विवात पर क्या फैसला सुनाया
00:37मामला प्रयागराज के टेगोर पबलिक स्कूल का है जहां एक मुस्लिन स्टूडन्ट ने स्कूल युनिफॉर्म के साथ
00:43कि जवाब पहनने की अनुमाती को लेकर कोड का दरवाजा खट-खटाया
00:48स्टूडन्ट का कहना था कि वो क्लास 6 से क्लास 10 तक स्कूल में पढ़ चुकी है
00:52और उसी दोरान हैज काफ को पहनती रही है
00:55लेकिन क्लास 11 में आगे की पढ़ाई के दोरान स्कूल युनिफॉर्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया
01:01स्टूडन्ट ने स्कूल के प्रिस्क्राइब युनिफॉर्म के साथ हिजवाब पहनने की अनुमती मांगी
01:06जबकि स्कूल की तरफ से टेड्रेस कोट को पालन करने पर जोर दिया गया
01:11बात बढ़ी और मामला इलाबाद हाई कोट तक पहुँच गया है
01:15और अब इलाबाद हाई कोट ने मुस्लिम स्टूडन्ट की प्ली खारिच कर दी है
01:20मामले की सुनवाई जस्स जे जे मुनीर और जस्स इंद्रजीत शुकला की बैंचने की
01:50सब भी बच्चों को एक साथ एक ड्रेस में विद्याले में आने के लिए जो आई कोट का फैसला हो
01:56स्वागत देगे
01:57हिजाब पैढने से क्या ने इसकों में बच्चों की जो समानता है वो खत हो जाएगी
02:12कोट के सामने सिर्फ ये सवाल नहीं था कि स्टूडन हिजाब पहनना चाहती है या नहीं बलकि ये भी एक
02:19सवाल है कि क्या धार्मिक अधार पर स्कूल की निर्धारे
02:22ड्रेस कोट से अलग छूट का दावा किया जा सकता है कि नहीं स्टूडन की तरफ से हिजाब को धार्मिक
02:29अस्ता से जुड़े बताते होए
02:31Constitutional Protection का सवाल उठाया गया लेकिन कोट ने कहा कि इस मामले में स्टूडन प्रयापत अधार पेश नहीं कर
02:39सकी जिससे ये स्थापित हो सके कि हिजाब पहनना इसलाम की Essential Religious Practice है और इस अधार पर उसे
02:46स्कूल इनिफॉर्म से अलग छूट मिलनी चाहिए
02:49जो इलहाबाद हाइपोर्ट का फैसला आया है कि हिजाब इसलाम का जरूरी हिस्सा नहीं है मैं समझता हूं कि जो
02:58वकीर थे उस छात्रा की तरफ से
03:02हम की जो ड्रेस है उसकी मुखालफत नहीं कर रही बिलकिल हर जगां की जो ड्रेस हो उसको फालो करना
03:10चाहिए उसको पहनना चाहिए लेकिन अगर कोई छात्रा जो है
03:14वो हिजाब की अनुमती मांग रही है
03:16मैं समझता हूँ कि जो हमें समिधान में दिया है
03:19उसके तहट वो हमको अनुमती मिलना चाहिए भी उस चाहतरा को
03:23लेकिन एक बात बहुत ही गोर करने की है
03:25कि इलावा थाय कोट में जो यह सिंटेंस कहा है
03:28कि हिजाब इसलाम का हिस्सा नहीं है
03:31मैं यह समझता हूँ कि हिजाब के लिए
03:34पुरान करीम में वाज़े तोर के उपर लिखा है
03:37कि हिजाब औरत को करना चाहिए
03:39और इसलाम का यह एहम हिस्सा है
03:43यानि कोट ने इस मामले में हिजाब को लेकर
03:46कई धार्मिक दावे भी सीधे तोर पर स्विकार नहीं किये
03:50कोट ने स्कूल की उनिफॉर्म पॉलिसी पर भी गौर किया
03:54अदालत के मताबिक अगर स्कूल का ड्रेस कोट बॉन अफाइड और नॉन डिस्क्रिमिनेटरी है
03:59तो इंसिट्यूशन को अपने निरधारत उनिफॉर्मिर्स को लागू करने का अधिकार है
04:04दीकि सभी धर्मिया मजहब की अपनी परमपराएं होती हैं
04:09और उनके अपने कुछ नॉम्स होते हैं
04:12और उसका पालन करने के लिए वो बहुत जिद्ध करते हैं बहुत आगरह करते हैं लेकिन जो धार्मिक परंपराएं होते
04:20हैं वो अपने मंदीर में अपने घर में पालन किया जाना चाहिए सारवजनिक अस्थलों पे नहीं स्कूल में कॉलेज में
04:30या फिर पबलिक प्लेसेज �
04:31पे कोई धर्म विशेज के लोग बोलेंगे कि हमको ये खास तरह की परंपरा का पालन करना है वो कहीं
04:37ने कहीं जो एक सारवजनिक बिवस्था होती है जिसको हम पब्लिक और बोलते हैं उसके खिलाब जाता है तो इलाबाद
04:44हाई कोट का ये फैसला स्वागत योग्य है और म
04:59पहले कई वर्षों तक हेट्सकाफ पहन कर स्कूल आती रही है इसलिए उसे आगे भी हिजाब पहनने की अनुमती मांगी
05:06है लेकिन कोट ने मना किया है सिरफ इस बात पर की स्टूडन को पहले हिजाब पहननी देया गया इससे
05:13जरूरी नहीं किया जा सकता है कि स्कूल भवि
05:29एक महत्वपूर्ण कानूनी बात को समझना या जरूरी होता है कि इस फैसले को पूरे देश के स्कूल में हिजाब
05:36पर ब्लैंकिट बैन के तौर पर नहीं देखा जा सकता इलाबाद हाई कोट के ये फैसले खास स्टूडन्ट और स्कूल
05:44के सामने आए तथ्य और यूनिफ�
05:58आई में लिए अंतिम तोर पर ये वी तैकर दिया है कि हिजाब किसी भी परिस्तिती में एसेंश ड्येश प्रैक्टिस
06:14नहीं है
06:20और क्या इसके अधार पर स्कूल के ड्रेस कोट में छूट का अधिकार बनता है
06:26कोट ने इस मामली में स्टूडन्ट की प्ली को सुविकार नहीं किया और उसे भी रद कर दिया गया है
06:33मेकिन इस फैसले के साथ एक बड़ी पहस सामने लाई गई है
06:38कि रिलिजिस फ्रीडम और इंस्टिटूशनल रूल्स के बीच संतुलन आखिर कौन तै करेगा
06:43क्या स्कूल उनिफॉर्म सभी स्टूडन्ट के लिए एक जैसी होनी चाहिए
06:48क्या डिलिजिस प्रैक्टिस के आधार पर उनिफॉर्म में चूट दी जाए चाहिए
06:53और अगर कोई स्कूल पहले किसी स्टूडन्ट को ऐसी चूट देता रहा हो
06:58तो क्या बाद में वो अपने ड्रेस कोट को सकती से लाभू कर सकते हैं
07:03इलाबाद हाई कोट का ये फैसला इनी सवालों को एक बार फिर चर्चे के केंद्र में लेकर आया है
07:10तो प्रयागराज के एक स्कूल से शुरू हुआ हिजाब का विवाद एक एहम कोट वर्डिक तक बहुच चुका है
07:17स्टूडन की फ्ली कारिज हो चुकी है लेकिन हिजाब, रिलिजिस फ्रीडम और स्कूल इनिफॉर्म को लेकर बहस अभी बीजारी है
07:24इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है क्या स्कूल इनिफॉर्म के नियम सभी स्टूडन्स के लिए एक जैसे होने
07:31चाहिए
07:32रिलिजिस प्रैक्टिसेस के नाम पर क्या विविस्ता अलग होनी चाहिए
07:36अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बठाए
07:39ऐसे ही एहम ख़बरों के लिए और उनके पीछे जोड़ी पूरी कहानी के लिए देखते रहिए वानिजिया हिंदी
07:45मैं हूँ अशता आपसे फिर मिलूँगी एक बड़ी खबर के साथ

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