00:00पुत्र, कब तक दूसरों की जिन्दगी देखकर खुद को कम समझते रोगे?
00:05महादेव, चाहकर भी खुद को रोक नहीं पाता, जब अपने ही मुझसे आगे निकल जाते हैं, तब लगता है सायद
00:15में ही किसी लायक नहीं हूँ.
00:17पुत्र, किसी और की उचाई देखकर अपनी कीमत मत भूलो, मैंने तुम्हें एक अलग पहचान देकर भेजाए.
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