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पीएम मोदी का 'वाइब्रेंट विलेज' कार्यक्रम के प्रतिभागियों से संवाद, देखें क्या हुई बात
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00:04सर मैं आपके समक्स विक्सित वाइबरेज विलेज प्रोग्राम में जो अनुभव साजा किये वो आपके समक्स और मेरे साक्यों के
00:12समक्स रखना चाहूंगी
00:13कि सर सच कहूं तो मैंने कभी सोचा नहीं था कि चाड़ों और संबंदर से गिरे डियू से मैं एक
00:20दिन भारत के दूसरे कोने में बसे हिमाचल प्रडेश परवतों की बीच में किन्दोर डिस्टिक के सीमा वर्तिगाओ चांगो विलेज
00:28में जाओं
00:29निकित आप करती क्या है
00:43माई भारत में अपना रजिश्टेशन करवाया और उसके बाद से मुझे मालूम हुआ कि एक आपने जो बताया था उस
00:51प्रकार से विक्सी पार्विज विलेज प्रग्राम करके हैं जहां पर हम युवाओं को वहां पर जोड़ने का और कुछ सीखने
00:57का मोका दिया जा रहा ह
00:58है वह भी क्वीज के खाती है तो मैंने अपनी माई भारत प्लेटपॉम खोला उसके क्वीज दी और फिर मेरा
01:05सिलेक्शन हुआ
01:07अच्छा आपका किस गाउं में जाना हुआ और क्या क्या वबस्ता हुआ उसके पहले कोई ब्रिफिंग हुआ नहीं हुआ क्या
01:13क्या हुआ
01:15सर में यहां से रिकांग प्यों गई थी सर रिकांग प्यों में हमारा वहां पे सर बटीन दिन तक मेडिकल
01:21चेकप हुआ हमें ब्रिफिंग गिया कि हमें केसे जाना है कहां जाना है
01:25फिर सर वहां से हमारी यात्रा शुडू हुई धार चांगो नीचला की ओर सर और वहां पर जाके सर सच
01:33बताओ तो मैंने सोचा नहीं था कि मैं छोटे से ड्वीब से वहां सीमावर्टी गाहों तक पहुचूंगी सर लेकिन मुझे
01:40ये अवसर प्रदान हुआ है माय भारिप के म
01:54पहारों के बीच इलाकों में मुझे जाना जाने का अवसर मिला सर ये तो बहुत ही नया सफ़र था और
02:02मेरे लिए चुनोटी ओबरावी लेकिन सर जब में वहां गाव में पोची ना सर तो गाव वालों ने जिस प्रकार
02:09से मुझे हग करके स्वाधत किया है गले लगा के मैं
02:13एक तरीके से तो भूली रही थे कि मैं दीव से आई हूं वहां पे और सर मैं वहां पे
02:18महमान नहीं थी महां पे उनके पड़वार का एक हिस्सा बन चुकी थी उन्होंने तो सर मुझे अपनी बेती हिमार
02:24लिया था उसके बाद सर मैं ये कहना चाऊंगी कि मुझे गर्गों ह
02:29हमारे देश की बेटियों पे सर जो ऐसे कारेक्टरमों में निदर होके भाग ले रही है और यहां वहां के
02:35दूर दराज बसे हिमाले की बीच इलापों तक पहुंच रही है और वहां से नए अनुबहों के साथ वापस लोट
02:43रही है तो मैं कहना जाओंगी कि यह बडलाव सरको
02:46होगा नहीं लेकिन समाज की सोच का भी हुआ है और सर बेटियों के लिए अवसर बन रहे हैं और
02:54अवसरों पे भड़ोसा भी किया जा रहा है और यही हमारे देश की निदर बेटी है सर हमारे नए आने
03:01वाले भारत की खुबसूरत पहचान है निकिता जी आपको संभवत्व
03:06पता होगा कि हर दिवाली में अपने फोजी भाईयों से मिलने मैं बॉर्डर पर जाता हूँ यह संयोग है कि
03:20साल 2016 में मैं दिवाली पर बॉर्डर किनारे बसे चांगो ख्षित्र में ही गया था
03:33निकिता आप चांगो के जिन गाओं में गई क्या वहां महिला प्रधानों या जन प्रतिनिदियों से मिलने कावसर मिला
03:54प्रतिनिदियों से सब में मिली उनसे बातचीत की और जब में महिला प्रतान से सब बातचीत की तो पता चला
04:01सब मुझे
04:02कि वो घड़ भी संभाल लेती है कि खेकी भी संभाल लेती है वहां पर जोग भी कर लेती है
04:08और उसके दर मुझे खिंदी फिल्म को डायोग या दागया वो श्त्री है कुछ भी कर सकती है
04:17उन से जो बाते हुई आपको क्या कोई कठीनाईया भी बताती थी क्या या उनके जीवन की कुछ विशेष्टाएं हैं
04:26जो हमारी तरफ नहीं होती है ऐसा कुछ आपके ध्यान में आया क्या
04:32हाँ सब में जब यहां दिकांग पियों से चांगो के लिए सब गई तो मैंने तो अपनी तयारी कर रखी
04:37थी कि वहां पे मैं देखा था सब रिल्स में कि वहां पे नेट्वर्क्स नहीं होते वहां पे लाइट नहीं
04:44आती सब और जब मैं वहां पे निकली सब और मैंने जो �
04:49परव इतने उच्चे उच्चे परवत हो और धलान वाली जगह पे इतने पक्के राज्टे तब मैं सोच रही थी पिर
04:57मैंने वहां के लोगों से जाके बात थी उनसे पूछा कि यह कैसे है तो वह बोल रही थी कि
05:02पहले यह सब नहीं था पहले हमें बहुत तकलीप होटी थी ल
05:18यह भी बताया कि पहले हमारे घर पे पीने का पानी नहीं आता था लेकिन अब हमारे प्रदान मिंत्री जी
05:25की वज़र से आज जल जीवन मिशन के तहत हमारे घर पे पीने का पानी मिल रहा है साथी सब
05:32उन्होंने मुझे यह भी बताया कि आप लुग तो यहां पे लाइट न
05:48बदान मंतरी जी के वज़ा से आईश्योमान भारत के तहर हम सभी लोगों का स्वास्ताई पे भरोसा भी बड़ा है
05:55और हमारा जीवन आसान हुआ है
05:57सर एक बात बोलो मैं आपसे हां बताईए तर मैं कहना चाहूंगी कि पहली बार मैंने विकार कहां पर देखा
06:05बताया आपको मैंने विकार देखा वहां की माईड़ा है बुजर्गों और अब हसते खेलके बच्चों के हसके मुश्कराते चेहरों में
06:13सर और मैं घुट शोक्स हो
06:16अच्छा वो लोग आपको क्या सवाल पूछते थे जब आप उन से बात करते थे चोटी हाई के बच्चे होंगे
06:24आपकी बराबरी के होंगे कुछ महलाए माताए बहने होगी वो आपसे क्या जानना चाहती थी
06:31सर वह पूछ है कि आप लोग यहां तक कैसे आये आप कहा पे रहते हों यहां तक कैसे पहुछए
06:37अपको किसे पता चला कि सीवान्गाव यहां पे है ऐसे यह सब locker तो मैंने बोला उनको कि हमारे द्रिंद्र
06:45मोरी जी ने प्तरद्धान मंत्री जी माई भारेत स्थीम द국ोशन
06:52करवाया उसके बाद हमें ये प्रोग्राम में 20 कोंपिशन के द्वाड़ा आने का मोखा दिया गया हम तो पता भी
07:00नहीं था कि
07:00शीमा शेत्र में भी हुवारे गाओं है लेकिन आज प्रतान मंतरी जी के वज़र से हमें इस गाओं तक आने
07:07का मोखा मिला और देखने का मोखा मिला सब बताना चाहूंगी कि वो जो मुझे पूछ रहे थे ना क्या
07:12आप कहां पे रहते हैं तो मैं बता दिदी कि मेना जाद्रा
07:27तरसे गई थी तो हाँ सर उन्होंने में मैंने उनको बताया और छोटे-छोटे सर बच्चे में पूछ है दिदी
07:34आपका से हो कैसा दिखता है आपका गाम तो मैंने उसको बताया कि हमारे द्वीप पे चारों और समंदर है
07:42तो बोल रही थी सर मुझसे मुझे भी ले चलिए �
07:45ले ना दी तो मैंने बोला कोई बात दी मैं तुमको भी लेके चलूंगी कभी किसी दी अचाने के बाद
07:52उनसे संपर्ग रखा है है अब हास जब मैं आने के बाद ना वहां पर जूशने बड़े प्यार से मुझे
07:59रखता था ना चाकुन्त अला मैं और सुबास सर उसे माइ�
08:08तो आंठी फोन करके पुछती है कि बेटा पूंच गए सही है तब यह ठीक है खाना खालिया मैं तो
08:16अपने घर पे फोन लगाना बूल गई थी फिर एक दिन मेरे पापा ने फोन करके बताया कि निकिता हमको
08:23तो भूली गई हो लगता है मैंने बूला कि मुझे मैसूस ही नहीं
08:26अपने घर से दूर आई हूँ अच्छा निकिता जी आप पहले भी कहीं गई है से अकेले गुमने अपने तरब
08:35अपनी हिम्मत करके कहीं जाना हुआ ऐसा कभी हुआ पहले
08:40नहीं सर ये पहली बार पहली बार हुआ तो घर के लोगों को क्या लग रहा है
08:47यहां क्यों यहां से बाहर निकली नहीं अथा तब मेरे मातापिता ने मुझे पूछा था कि तुम केसे wha चाने
08:52वाले बार यही आत्रा करके निकली तब मुझे
08:57सब बच्पन में जो कविताय में सुनी थी भारत के बारे में वो आज मैंने बास्तवी करूप से भारत को
09:04महसूस करके जियाए सब और जब मैं सब वापस गढ़ पे आई ना तो मेरी मुझे पूछ रहे पता है
09:11अब को वो पूछ रहे है कि मैंने पूछा कि आप में आ गई अ�
09:17हमें बहुता है हमारे प्रदान मंत्री जी पर कि हमारी बच्चियों को और से और उपर तक लेके जाएगी वहां
09:25तक पहुंच पाई हूं कभी गाम वालों से वीडियो कांफरेंस कीजिए और आपके पूरे परिवार को बिठा कर गाम वालों
09:38से बात्चित कीजिए क्योंकि �
09:39आधकल तो वहां भी फोर्जी तो पहुंची चुका है जी जी सर सर में एक बार बूलो आपसे हां बोलिया
09:47आप तीसरी बार बोल रही हो
09:50सर ने बताना चाहूंगी कि सर हम जब साथ दिनों तक वहां पे रुके ना सर तो हम लोग अलग
09:56अलग एक्टिविटेस कर रहे थे और पहली बार जब हम सचता अभियान के लिए निकले लोगों के साथ तो हमने
10:02वहां पे कौन सा गीत गया है पता है सर साफ सुपाई करते करत
10:05हम गा रहे हैं नोजवान आओ रे नोजवान गाओ रे और सर ऐसा लग रहा था कि हम अपने घर
10:13में गिर गुन गुनाते हुए काम कर रहे हैं और सर उससे भी बड़ी बाल आपको बताओ ये की सर
10:20हम दूसरे दिन गए बच्चों के साथ खेल कुट करने के लिए सर हम बॉली �
10:36हम यूवओ शक्ति है शा हम जीतने वाले हईशा हम आली शक्ति है शा ये चूनके तो पूरे बोड़ी में
10:45रोमकर खाने हो रहे थे लग रहा था सर के जैसे में हमार आज dawको हमारे मेरा नीरभी वाले जो
10:52प्रोग्राम होने वाला है एटलिक्स में मैं सोच रही हुं सर कि यह
10:55यह नारे में उसको प्रोचाहित करने के लिए घर बेटे बेटे लगाओं।
11:00देखिए हमारे देश में सद्धियों से एक अच्छी परंपरा रही।
11:04सामुईक्ता की और सामुईक्ता के साथ गीत गाते गाते कामों को करना।
11:13और उस काम के साथ गीत भी बना देना।
11:19यह हमारे देश की बहुत बड़ी विशेशता रही है।
11:22सामुईक्ता से सकती आती थी और गीत गाने से तनाव मुक्त काम होता रहता था।
11:29आज़ा निक्यता जी आजकल सोलो ट्राविलिंग का बहुत ट्रेंड चल रहा है।
11:36सोलो ट्राविलिंग इजब वे अब डिस्कवरिंग दे वर्ल वाइल डिस्कवरिंग यॉर्सेल्फ एक तरीके से आप लोग भी सोलो गए थे
11:49मगर वापस आते हुए माय भारत ने सब को परिवार बना दिया होगा।
11:58आपने पूरी यात्रा अकेले ही की हैं। ये भारत की बेटियों के बढ़ते आत्म विश्वास का प्रतीक हैं।
12:08हमारी कोशिश है कि हमारा हर युवा, हर बेटी इसी भरोसे और आत्म विश्वास से आगे बढ़े।
12:20आए अब देखते हैं कौन हमारे साथ जूड रहा है।
12:26जी जी सर्थ धन्यवाद चैहिन, चैवारत बंडिवाद।
12:31भाद भाद धन्यवाद निकिता जी, अब मेरा अंवरोद है जालो, राजिस्थान से हमारे साथ जुड़े माई भारत वोलिंटियर,
12:38श्री सुनील कुमार केला जी से की भी अपना अनुभव मानने प्रधान मंत्री जी के साथ साज हा करें।
12:45सुनील जी नमस्ते, राम राम सा, राम राम, सुनील जी बताईए पहले अपने बारे में बताईए और फिर आपने कहां
12:59और किस गाउं का दोरा किया उसके विशे में जरा बताईए।
13:06सुनील रमेश कुमार केला राजिस सानरी गौरोशाली 31 माय भारत वलेंटियर हां।
13:12आपने मारे जड़ा किताई युवाने सीमावर्ती गाउं में जाननों, देखननों, उथाली चीजरो महसूस करननों अफसर दिनों।
13:25मैं आपको धन्यवाद देना चाता हूँ भारत के सारे युवाओं के तहते कि PM इंटरंशिप योजना के तहत आपके जो
13:34दूरस्थ गाउं में जो मेरे जैसे जरुरतमंद युवा हैं, उनके लिए एक बहुत बड़ी अपर्शनिटी उसमें निकली है।
13:41और साथ मैं हमें लाब मिला इस विक्सित वाइबरेंट विलेज़ प्रोग्राम का।
13:45मैं राइस्तान के एक सीमावर्ती गाउं से हिमाचल प्रदेश के धारचांगों उपरेला गाउं में गया था।
13:52जिन।
13:53ने आप पढ़ाई क्या करते हैं प्रवुति क्या करते हैं इसके साथ झूरने का आउसर कप से आया।
14:02इस कारकम के पहले कोई कारकम किया था क्या माय भारत में।
14:06अब इने प्रदारमंत्री जी इससे पहले मैं अपने यूथ पार्लियमेंट के इंदर जा चुका हूँ एक बार और इसका जो
14:15अफसर है मुझे माय भारत पोर्टल से मिला जब मैंने रेजिस्टेशन किया तो मेरे सीधे मेल आइडी और फोन पे
14:20मैसेज आया कि एक विक्सित व
14:34भारत को गहराई से समझें अजा सुनिल आप तो स्वयम ही स्रिमावर्ति गाउं से हैं ऐसे में अपने गाउं और
14:46जिस गाउं का अपने ब्रहमन किया वहां क्या समांत आये और विविदत आये विविनत आये क्या-क्या मैसूस किया आपने
14:56आदर निया प्रदान मंत्री जी �
14:59लोकेशन तो चाहे अलग हो सकती है लेकिन दौना जगह पे एक समान थी वह अपने देश के प्रती प्रेम
15:06का जजबा वहां के लोगों की बहदुरी जो हम राजिस्थान में देखते हैं दूसरी चीज वहां पे उन लोगों का
15:12जो अपना पन है जो डाउन टो अर्थ वहां क
15:27कि सीधे हिमाचल के जीरो डिग्री सेंटीग्रेड के अंदर गये हैं तो लगा कि लाइफ का सीन किसी ने बदल
15:33दिया हो लेकिन लोगों ने हमें ऐसा रखा कि हमें लगा ही नहीं कि हम अपने परिवार से शेकड़ा किलोमेटर
15:38दूर आये हुए हैं अज़ा आप जब वहां �
15:41तो वहां से अपने परिवार के साथ संपर करते थे जी मनी प्रदान मंत्री जी हमने लगबग समझे कि रोज
15:51का ही था हमारे जहां केंप लगा हुआ था वहां से घर पे वीडियो काल करके और घरवालों को बताते
15:56थे कि हमारे पास से जान होमस्टे में रुके थे उसके पी�
16:11जो जन अशुदी केंद्र हैं अस्पिताल है वहां का आमने बताया जो खेल मैदान थे जमाहां खेलने गए थे टूनामेट
16:17तो उसके बारे में अपने घर पे वीडियो काल से बताया वहां से अपने दोस्तों को फोटो फोटो बेजी थे
16:22क्या है रोज रगूलर फोटो बे�
16:36करके और क्विज कंपेडिशन जीत करके जो मेरा नंबर लगा है जो मुझे चाहिनित किया गया है वहां से उस
16:42माध्यम से मैं वहां पे पहुंचा हूं
16:44सुनिल जी कहते हैं कि ब्रह्मन से ब्रहम मिटते हैं
16:55मैं ये योजना चाहता हूँ कि भारत के मौडर विलोजों को लेकर
17:00आम तोर पर जो लोगों के मन में ब्रहम होते हैं
17:05आपको भी शाहिद जाने से पहले रहे होंगे
17:09आपको अगर कोई पूछे कि वहाँ जाने के बाद पहले के आपके सोच
17:13पहले के जो ब्रहम थे उस पर क्या क्या ब्रहम मीटे होंगे
17:19आदिर्णी प्रधान मंत्री जी जब हमारी ब्रीफिंग नहीं हुई थी
17:23तब तक हमें ऐसा लगा कि हम वहाँ जाएंगे तो रस्ते कैसे होंगे वहाँ पहुंचने के लिए
17:28वहाँ पे रहने के लिए जगा कैसी होगी खाना कैसा मिलेगा
17:33लाइट होगी या नहीं होगी हमारा फोन चालू होगा कर नहीं होगा
17:36यह सब चीज है बहुत सारी हमारे दिमाग में थी, क्योंकि ओनलाइन जितने भी हमने पुराने वीडियो देखे हैं, तो
17:42उसमें हमें ऐसा लगा कि वहाँ पे सुक्ष वीधा है, बाकी भारत से अलग है, क्योंकि मैं राजस्तान से रहता
17:48हूं और यह बड़ा स्टेट है, बड
18:02राजस्तान की सडका को टकर दे रही थी, और जिस ड्राइवर भाया के साथ हम गाड़ी में बैठके जा रहे
18:08थे, तो उन भाया ने हमें बताया, कि आप जिस गाड़ी में भी बैठके, गाने सुनते हुए मजे से जा
18:13रहे हो, यहाँ पे कुछ समय पहले तक खड़े ही थे, �
18:17बड़ी गाड़ियां आ जा नहीं सकती थी, और अब इतने शांदार हाईवे बन रहे हैं कि हमारे घर के बाहर
18:22ही सडक आ रही है, चूँकि हम तीन दिन बेस केम्प में रहे थे, और वहां से निकल करके, हमारी
18:26जो ब्रिफिंग होई और उसके बाद हम वहां से निकल करके, ज
18:44जैसे ही हमारी आग खुली उस बस में से गाड़ी में से, तो हमने देखा कि हमारी जो बस रुकी
18:49हुई है, वो जस्ट हमारे होमस्टे के बाहर ही रुकी है, तो वो कभी हमने विचार नहीं किया था, वहां
18:54के बजुर्द बताते हैं कि माननी प्रधाल मंत्री मोधी ची आपक
19:13के समय है, और एक बात तो मैं आप तो बता नहीं बुल गया माननी मोधी जी कि वहां पे
19:19हर जगा पे सॉलर प्लेट और लगी हुई है, जहां से वो लोग बिजली यूज करते हैं, हमारे राइस्तान में
19:27मैंने बहुत सारी सॉलर प्लेट और परवन चक्कियां देखी है, और
19:43पियाम सूरीगर योजना के तहत, यह सारी सूरीधा है, अब हर वहां पे आम जन को मिल रही है, अज़ा
19:50सुनिल जी, अभी पी उन लोगों से कोई संपर रखते हो और आकते ही भूल गए उन लोगों को, और
19:56वो आपको भी भूल गए, नहीं, नहीं, नहीं, जैसा पहले निक
20:11संबा से थे, हमेरपूर से थे, अलग-अलग कसोल से थे, तो उन सब से आज भी संपर्क बना हुआ
20:16है, और उनको मैं स्पेशली इन्विटेशन देखे आया हूं कि आप हमारे राजिस्तान में आईए, चूंकि आप भी सीमावर्दी क्षेत्रों
20:23में रह रह रहे हैं, और हमा
20:41जी, जड़े हुए है, अच्छा, जा सुनिल जी आप से बात करके लगाए, कि सिमावर्दी गाउं चाहे राजिस्तान का हो,
20:50कश्मीर का हो, हिमाचल का हो, या फिर दौर्दिश का, हर जगह का युआ, एक ही तरह से सोचता है,
21:01हमारे सिमावर्दी गाउं के लोग, भोगोलि
21:06तोर पर बले ही दूर दिखें, पर भावनात्मक तोर पर देश से बहुत ज़्यादा जुड़े हैं, इसी सोच के साथ
21:18हमें, सिमावर्दी गाउं को, देश का पहला गाउं बनाया, वरना आपने तो अनुभव किया होगा, आजादी के बाद तो उन्हें
21:33आखरी गाउं कहकर
21:35छोड़ दिया गया था, दोज who were lost in priority earlier, are now the first, आईए, अब देखते हैं, देश
21:47के किस हिस्से का उगिवा, हमसे जुड़ रहे हैं,
22:06नमस्का अलम गाउरोनी लेन ब्रताना मंत्री, गारू नापेर भविश्री, अंद्रपदेश्टोनी चित्तु जुला तरुपना, माय बारत एंद्रवी, एसु, एसु, हाँ भव्या
22:19गारू बताईए, पहले अपने बारे में बताईए, फिर किस गाउं में जाना हुआ, आ
22:30आने से पहले मन में कितनी दुविदाएं थी, क्या डर था, वो बताईए.
22:38Okay sir, I am the person who always learn beyond the academics and I am always curious to learn new
22:45things sir, that's how I connected with my Bharat and participated in every quizzes and I got selected in Vikasad
22:51Vibrant Village program, that was the greatest moment in my life and where I created so many memories and here
22:58while starting from my native place Shittu, there was some fear inside me like the lifestyle there was very
23:07very new and the climate, food, culture, tradition, whatever it is very new to us but after reaching Harshal Valley
23:15in Uttarkashti, the interaction with the people and the warm welcoming of the officials was completely changed in my perspective
23:22and we also interacted with ITVP officials also, so here we interacted with them and I saw their discipline, humility
23:32and dedication, commitment towards the nation which made me proud to be
23:37we are Indians here and here we just met a local people like in Harshal Valley, such cute and sweet
23:44people there, they welcomed with a lot of, they took care and shown love to us and they just gave
23:52me an aloo paratha which was very new to us and we just saw new type of foods there and
23:57we had different cultural activities also sir.
24:00at the same time and we had a convoy with some ITVP officials there where they took care of us
24:10and we stayed in one home stay in Mukwa where the birthplace of Ganga Ma, the interaction with them, people
24:16staying home that was very nice to us, it touched my heart sir, just in these seven days we felt
24:24like I am staying in my home only.
24:26अजल साधी भाणु बईबईमिए।
24:28वाव़वा गारो पिछले साल मार्च में ही मैं उत्रा खण के मुख्वा गाउं गया था
24:40और अब तो आप देखकर क्या ही हो सच मुझ में भूत एक खुबसूरत गाउं है ज़िए मैं जानना चाहता
24:49हूं क्या आप लोगों ने गाउं में अपनी उम्र के युवाओं के साथ मुलाकात की उनसे किस तरह की बात
24:59है उनकी क्या जिग्या साही थी क्या जानना चाहते थे
25:06अरुट प्रिद प्रिणार्प दिस क्यूंप धन्वाएं के बात एक प्रतिता प्रट प्रेफ एकल जानना चाहते जानना चाहते है य। पिधन
25:17कोई से अनसे घ्र्यास विए भीटावीज लेकि भीजू इंप प्रेंस्टर इस यूनिज। इस और स्वीजिट घ्लिए प्र
25:36आमभराद के समस्रें के बारोने राष और और्ट है राष औरु राष औरॉमीजक भी प्रटाए है और गार गडता है
25:48और खाह स्थार
26:05अजय को प्रीज़ टो प्रिड शॉट प्रिज प्रिम टोर्डाप जादू इसागा तान भीडिकति अन्सपर्णाम के टाओ प्रिब कर एंसे अंप
26:13लॉट्टे टान इंस्तर्राम में लॉटग सकना हुज अ ये तो प्रिम्साफ फ्रेंगा को फ्रिम ये घ्थार बढ़े स्ट
26:23गाहग विस्टे में और रङत हो बने यह लुड्य है
26:31क्ला सम्हBLन wh को से तो disc Canada
26:36विस्टे थे कि कना यह लगैंड यह संहेडकिन यह का यह बनियू
26:41ट् Erica को यह बना कि Äम हो रार्ट को सबस्टाा टाइ्स, अलिए ई Осब आब में बने को कि
26:51तो
26:53we had with youth and my friends also here.
26:57अंद्र में तो ठंड होती नहीं है, वहाँ तो ठंड बहुत होगी, तो ठंड में कैसे रहनना हो गया,
27:03it must be very cold there, और दूसरा, वहाँ सूरज बहुत जल्दी निकलता है, संराइज बहुत जल्दी होता है,
27:12तो कैसे मैनेज कर रही थिती अप?
27:15Yes sir, we are the people living in 30 to 40 degree of celsius, but here in Harshal Valley it
27:22was 5 degree celsius sir,
27:24we just feel, there was little bit fear inside me, how we gonna survive there, and after reaching there,
27:30but some of the like my birth officials give some kid dolls to like jacket, whatever it is, and there
27:37was the different type of clothes was there sir,
27:40to wear and, but it's not like, there is not that, not that much different, because there is some bedsheets
27:47and cloths which was made by Ulan,
27:50and we also visited some hand looming places where the Ulan crafts did happen, it was such a great thing
27:56and we just weird glouses, caps, socks,
27:59we just become like a one army man, like jacket full of green colored jacket and full of glouses and
28:07trekking shoes, whatever it is,
28:09it made us so warm sir.
28:26Yes sir, so here, we are the people, we feel sad for little things, but after, in this, after the
28:33seven days programming,
28:34here, we just visited different villages like Mukha, Dharali, Bhagori, we interacted with the people, they are so humble,
28:44and down to earth, and they just shown love, care, and with a smile, always they are smiling like that,
28:51and we visited Dharali also, where the landslide occurs, and I interacted with one of the people, like it was
28:58very hard to live here, right,
29:00how you are living, like it was happening landslide, was continuously happening, right, so how you are staying here, like
29:06that I asked it,
29:07they just answered me with a smile, it will happen, but if we, we will go from here, it was
29:14a native place of us,
29:16it was the birthplace of us, if we leave then, who will stay here, like that they answered, at that
29:22time I realized that,
29:23that, how people are so confident here, there are hardships, so many hardships are there, so many things are happening,
29:31but they are staying here, with lot of confidence, that the thing I learned from them, sir.
29:51Yes sir, the dance was very slow, last year we had cultural activities also, here we saw some of the
30:00cultural activities,
30:00the gadwali song they played, and some of nature, like they danced for that, it was like slow motion,
30:07first we felt like, why these people are just moving like that, after that we sing with rhythm, it was,
30:14feel like very good dance, in our state we had like, and I will say in Telugu, it was Natu,
30:22like full we will dance with full of Josh,
30:25and we just get tired, but there it was slow motion with a rhythm, sir, which felt like a meditation,
30:32and peaceful thing, we just felt like, we are like, we just went to dream, and we just sing like
30:38that only,
30:38there is no that much heart, and not like that, like that, and just we are like dreaming and seeing
30:44them,
30:44they are just dancing like with a slow motion, we just, we also are dancing with like that.
30:52अच्छिए बहावना आपसे बात करके यह भावना और ससक्त हुई है, कि मेरे देश के युवा के लिए,
31:00सबसे पहले देश है, तो बेए, यू हव अफ़ेल्ड, अफ़ेल्ड, देश्पीरीट अप एक भारत श्रेष्ट भारत, बिल इंस्पार अधर्स,
31:14अच्छी बात यह है, कि आपने खूब मौज मस्ति की,
31:20सही मैं आपकी रिल्स देखकर, तो आपके आंदर प्रदेश वाले दोस्तों,
31:29फूंगों में आ गए होंगे, ऐसे ही हमेसे प्रसंद्र है, बहुत बहुत बढ़ाई,
31:38चलो, अब और किसी से बात करते हैं, किसे बात करनी है?
32:08सहींतिका, अभी तक जीतने लोगों से मैंने बात की,
32:12मुझे लगता है, आप यंगेस्ट मन दिखती हो, सबसे छोटी हो आप,
32:20अच्छा सहींतिका, आपके विश्य में बताईए, और दूसरा, आप किस गाउं में गई,
32:29कैसे गई, कितना कठीन था महां पहुंचना,
32:38सबसे पहले मैं आपका धन्यवाद करूंगे,
32:41कि आपने माई भारत पोर्टल जैसे एक वन स्टॉप सेलूशन के बारे में सोचा,
32:47जिसने मेरे जैसे धाई कडोड युवाओं को मौका मिला,
32:50कि वो खुद भारत की अपने देश की आवाज बन सके,
32:54और इसी के अंतरगत, इस साल हुए विक्सित वाइपन विरेज प्रोग्राम 2026 के अंतरगत,
33:00मुझे मौका मिला बॉर्डर विलेज इसमें जाने का,
33:03और मुझे मौका मिला बहुत ही खूपसूरत मान विरेज में जाने का जो लद्दाक में है,
33:09सर, जीरो फीट से अचानक 17,000 फीट जाना मेरे लिए एक बहुत ही नया अनुभव था,
33:16और वहाँ की क्लाइमिट कंडिशन भी हमसे बहुत अलग और बहुत हाश थी,
33:20और हमें एक्लिमिटाइजेशन के लिए पाच दिन दिया गया था,
33:24और एक्लिमिटाइजेशन के पहले दिन में थोड़ी बिमार हो गई थी,
33:29परमाई भारत के टीम ने, जी सर, परमाई भारत के टीम ने और ITPP के जवानों ने मेरा बहुत ध्यान
33:35रखा,
33:35और इसी में से मैं एक छोटा दिल को छूजाने वाला इंसिडेंट शेर करना चाहूंगी,
33:40जब मैं बिमार हुई, मेरा ओक्सिजन लेवल ड्रॉप हो रहा था,
33:44एक्यूट माउंटिन सिकनिस के कारण,
33:45तब मुझे ITPP के हॉस्पिटल लेकर जाया गया, फिक बिटालियन से,
33:50तब सर्थ मैंने वहाँ डॉक्टर को, ITPP के डॉक्टर्स को कॉन्विजेशन करते हुए सुना,
33:55अपने ही जवानों से कि हम आपकी बाद में चकप करेंगे,
33:58कि पहले हमें इस बेटी को ठीक करना है, जो हमारी महमान बन कर आई है,
34:02इससे मुझे पता चला कि हमारे ITPP के जवान ना सिर्फ हमारी बॉर्डर की रक्षा करना जानते है,
34:09बल्कि उनके मन में, उनके देशवासियों के लिए भी कितना प्यार और कितना केर है,
34:15सैंतिका, आपने अंडमान निकोबार से, लद्दाग तक की यात्रा पूरी की,
34:23एक द्वीब से, सत्रा हजार फीट तक की यात्रा का अनुभव,
34:28एक प्रकार से, जमीन से, शीखर तक जाना,
34:35आपके लिए अंडमान का जीवन, वहाँ के लोगों की कठिनाईयां,
34:42ठंड का मौसम, बहुत पतली हवा,
34:50आपको कैसा लगा, क्या अनुभव लिया?
34:53सेर, मैंने लद्दाग में जाकर ये अनुभव किया कि मैं जहां रह रही हूँ,
34:59वहाँ डेली लाइट कितना आसान है,
35:01और लद्दाग जाकर मुझे ये महसूस हुआ कि वहाँ ऑक्सिजिन की कमी होती है लोग एर प्रेशर की वज़े से,
35:07और वहाँ जाकर मुझे ये महसूस हुआ कि वहाँ पर हर रोज अपने बॉड़ी को एडाप्ट कर पाना सर अपने
35:14आप में ही एक अचीवमेंट है.
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