00:05नालंदा के मत्यपुर गाउं में किसान अपनी महनत और दूर द्रिष्टी से पुड़े बिहार के लिए मिसाल बन गया है
00:11मिदलेज कुमार ने पारंपरिक खेती को आधुनिक वेफसाई में बदलकर ना सिर्फ अपनी आर्थी किस्ति मजबूत की है बलकि गाउं
00:18के यूवाउं को भी रोजगार दे रहे हैं
00:21मेटरिक पास मिदलेज कुमार ने 16 साल पहले महस्तीन बिघगा जमीन पर बनासी अमरूद की खेती शुरू की थी
00:26आज उनके बास शार बिघगा में 1200 से जादा अमरूद के पेर हैं
00:31हर पेर 30 से 35 किलो फल देता है 20 रूपे कीलो की दर से बिखने वाला ये अमरूद बिहाज
00:36शरी बक्तियार पूर और पटना के मीठा पूर मंडी तक पहुंचता है
00:39मिदलेज बताते हैं कि शुरूद में 500 पौधे लगाने में 1.5 से 2 लाख का खर्च हुआ था
00:45लेकिन आज प्रती बिखा 2 से 2.5 लाख रूपे का सीजनल मुनाफ़ा हो रहा है
00:51कुल मिला कर अमरूद की खेती से उन्हें हर साल करीब 10 लाख रूपे की कमाई हो जाती है
00:55अमरूद के अलावा उनकी 10 बिखा जमीन पर मौसम के अनुसा सबजियां भी उगाई जाती है
01:01बाजार की मांग देखकर वो फसल चुनते है
01:04और उस समय उससे पहले पिताजी करते थे
01:07पिताजी के कीछी पिछी हम रहते थे जनकारी मिला
01:10तो 2001 से हम अपना भार पर आएं
01:132001 से साग सबजी हम करना शुरूर की है
01:16साग सबजी करते करते कुछ
01:19आगे के लिए थी बढ़ है
01:20अमरूद में बढ़ है
01:22अमरूद में बढ़ है
01:23तो यह भी कोई पुछते हैं कि अमरूद किसे डाइट लगा दिये
01:26foreign
01:56I don't know.
02:31I am a
02:32a
02:32a
02:32a
02:32a
02:34a
02:38a
02:44a
02:44Yes, it is a good thing.
02:47It is a good thing.
02:48What is it?
02:52What is it?
02:52No, no.
02:54We have to do it from the vegetables.
02:57What is it?
03:02What is it?
03:02It is a good thing.
03:04It is a good thing.
03:08What do you think?
03:10What do you think about it?
03:11You don't have anything.
03:13We are even just talking about it.
03:16We do not call this.
03:17We call this to the house.
03:19We have to make it.
03:23In the history?
03:25We had to make it.
03:27We used it to make it.
03:30We used it to make it when we were left.
03:33We used it to make it we used it.
03:33Where is it?
03:35Yes.
03:37It is for the very living room.
03:39No.
03:41How much time is it?
03:4340 rupees.
03:4540 rupees.
03:4540 rupees?
03:46Yes.
03:47Let's go to your house.
03:48Yes.
03:49Today, it's 95 rupees.
03:5295 rupees?
03:54Yes.
03:56Today, it's a safe price.
03:58I don't have a lot of money.
04:00No money.
04:00No money.
04:01What are you doing?
04:034 rupees.
04:044 rupees.
04:04What are you doing?
04:0850 rupees.
04:10college
04:11computer science
04:12final year
04:13.
04:14.
04:15.
04:15.
04:16.
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04:18.
04:34ुपिता के साथ किया जाए तो यह किसी भी सरकारी या प्राइवेट नौफरी से बेहतर परिणाम दे सकती है
04:41नालंदर से इडिवी भारत के लिए महमुद आलम की रिपोर्ट
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