00:0426 days later, Sonam Vangchuk has ended his work.
00:08The priest of Narendt Moodi has ended his work before his work.
00:13The man says, he says, he does not work.
00:15However,равляj Yoghara says, in fact, he never broke his work.
00:21The state of Narendt Moodi has lost his work until he left his work.
00:26तो सवाल है अगर अंचन खत्म हो गया तो आंदोलन क्यों खत्म नहीं हुआ आखिर एक प्रवेश परिक्षा के विवाद
00:33देश की सबसे बड़ी राजनेतिक लड़ाई कैसे बन गया आईए इस पूरी कहानी को शुरू से समझते हैं
00:3920 जुलाई 2026 दिल्ली संसत की ओर बढ़ते हजारों शात्र सडकों पर पुलिस और प्रदर्शन कारियों के बीच धक्का मुक्की
00:48लाठी चार्ज आसु गैस के गोले और संसत के भीतर विपक्ष का जबरजस्त हंगामा
00:59एक तरफ शात्र केंद्रिय सिक्षा मंत्री धर्वेंद्र प्रदान के स्थीफे की मांग कर रहे थी तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार
01:05को घिरने में जुटा था
01:06लेकिन सवाल है आखिर एक परवेश परिक्षा का विवाद देश की सबसे बड़ी राजनितिक लड़ाई कैसे बन गया
01:12कैसे एक शात्र आंदोलन सडक से संसत तक पहुँच गया और आखिर क्यों पूरा विपक्ष अंदोलन के साथ खड़ा दिखाई
01:18दे रहा है
01:19कहानी शुरू होती है 3 माई 2026 से देश भर में नीट यूजी की परिक्षा आयजित हुई
01:24करीब 22 लाग से ज़्यादा शात्रों ने परिक्षा दी लेकिन परिक्षा खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर पेपर
01:31लीग होने के दावे सामने आने लगे
01:33शुरूआत में इसे अफवाह माना गया लेकिन विवाद इतना बड़ा कि 12 माई को आखिरकार परिक्षा रद करने का फैस्वा
01:39लिया गया
01:40लाखों शात्रों को दोबारा परिक्षा देनी पड़ी
01:42महीनों की तैयारी भविष्य की चिंता और मानसिक तनाव इन सब के बीच कई शात्रों की आत्महत्या के खबरों ने
01:49पूरे देश को जखजोड दिया
01:50शात्रों का गुस्सा बढ़ने लगा
02:07सोशल मीडिया पर इस बयान खुले कर तीखी फृतिकरियाएं शुरू हो गई
02:10इसी बीच अभीजीत दिपके ने कौक्रुच जंता पार्टी नाम से एक ऑनलाइन गंगात्मक मंच बनाने का फैसला किया
02:16इसका संदेश था हमें कुचलने की कोशिश करो लेकिन हम खत्म नहीं होंगे क्योंकि हम कौक्रुच हैं
02:23देखते ही देखते ये संदेश लाखो युवाओं तक पहुँच गया
02:26कुछी दिनों में इस मंच से लाखो लोग जुड़ गये
02:29अब तक सोशल मीडिया तक सीमित नाराजगी धीरे धीरे सडकों पर उतरने लगी
02:336 जून 2026 दिल्ली का जंतर मंतर यहीं से आंदोलन ने पहली बार राष्टी इस्तर पर अपनी ताकप दिखाए
02:40कोक्रो जंता पार्टी के आवाहन पर बड़ी संख्या में शात्र प्रदशन के लिए पहुँचे
02:45उनकी तीन प्रमुख मांगे थी
02:47पहली नीट पेपर लीक की स्वतलत रजांच
02:50दूसरी केंद्य सिक्षा मंत्री धर्मिंद्र प्रदान का स्थीफा
02:53तीसरी पूरी परिक्षा व्यवस्ता में व्यापक सुधान
02:55यहीं से ये आंदोलन सिर्फ परिक्षा तक सीमित नहीं रहा
02:59बलकि सिक्षा व्यवस्ता के खिलाफ बड़े अभिहान का रूप लेने लगा
03:03लेकिन आंदोलन का सबसे बड़ा मोड अभी आना बाकी था
03:0628 जून 2026
03:08फेमस सोशल एक्टिविस्ट सोनम वंग्चुक जंतरमंतर पहुँचे
03:12और उन्होंने कौक्रोज जंता पार्टे के आंदोलन को समर्थन देते हुए आमरन अंशन शुरू कर दिया
03:17उनकी भी तीन प्रमुक मांगे थी
03:19सिक्षा मंतरी का स्थीफा, नीट पेपर लीग की नयाईक जाच और सिक्षा व्यवस्ता में बूल भूत सुधार
03:25यही से आंदोलन की तस्वीर बदल गई
03:27अब ये सिर्फ शात्रों का आंदोलन नहीं रहा
03:29बुद्धी जीवी, समाजिक कारिकरता और आम नागरिक भी इससे जुड़ने लगे
03:33आंदोलन का दाइरा लगतार बढ़ता गया
03:3618 जुलाई 2026, संसद का मौनसून सत्र शुरू होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी थे
03:42उधर स्वनम वांग्चुक के अंशन का 21 दिन चल रहा था
03:45लगतार बिगरती सिहत के बावजूद उन्होंने अंशन खत्म करने से इंकार कर दिया
03:51इधर कौकरुच जंता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान कर दिया
03:55लेकिन संसद मार्च से ठीक पहले कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे आंदोलन को नया मोर दे दिया
04:0018 जुलाई की सुभर दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से सोनम वांग्चुक को हिरासत में लेकर सफदर जंग अस्पताल में
04:07भरती करा दिया
04:08अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपना अंचन जारी रखा
04:11यहीं से आंदोलन और देज हो गया
04:14पक्ष ने इसे सरकार की कारवाई बताया
04:16जबकि सरकार का कहना था कि विगरती तबियत को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी था
04:21सोनम वंग्चुप का अस्पताल पहुंचना पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ
04:26अब यह सिर्फ शात्रों का आंदोलन नहीं रहा बलकि राष्टिय राजनेती का बड़ा मुद्दा बन गया
04:3220 जुलाई 2026 दिल्ली संसद मार्च का दिन कौक्रोट जन्ता पार्टी के आवान पर हजारों शात्र संसद की और बढ़ने
04:40लगे
04:40उन्हें रोकने के लिए पहले से भारी पुलिस बल तैनात था
04:43जैसे जैसे भीड आगे बढ़ी वैसे वैसे तनाव बढ़ता गया
04:47कुछी देर में प्रदशनकारियों और पुलिस के वीज दहका मुक्षी शुरू होगे
04:51इस्तिती बिगडने पर पुलिस ने लाठी चार्च किया
04:54आसु गैस के गोले छोड़े और कई प्रदशनकारियों को हिरासत मे लिया
04:58इस जड़प में पुलिस कर्मियों समेत कई लोग घायल हुए।
05:01संसत से कुछ ही दूरी पर हो रही इस गटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खीच लिया।
05:06सड़क पर उठी आवाज अब संसत के दर्वाजे तक पहुँच चुकी थी।
05:10उधर संसत के भीतर भी यही मुद्दा गुजने लगा था।
05:14विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में सरकार को घेलना शुरू कर दिया।
05:17धर्मेंद्र प्रधान एक मध्यस्त हैं उन्हें इस्तिफा देना चाहिए।
05:21धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को ने पिटवाया। ग्रे मंत्री ने पिटवाया। ग्रे मंत्री को इस्तिफा देना चाहिए।
05:27वे प्रधान मंत्री को रिपोर्ट करते हैं इसलिए उन्हें भी इस्तिफा देना चाहिए।
05:49दर्मेंद्र प्रदान के स्तिफे की मांग दोराई गई, नीट पेपर लीक की स्वतन तरजांच की मांग उठी और शात्रों पर
05:55होई पुलिस का रवाई का मुद्धा भी जोडशोर से उठाया गया
05:57सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नौक जोंक हुए, कई बार कार्यवाही बादित हुए, एक शात्र आंदुलन अब पूरी तरह
06:04राजनेतिक संगर्श में बदल चुका था
06:0621 जुलाई 2026 आंदुलन ने एक और बड़ा मोड लिया, राहूल गांधी, प्रियंका गांधी और कॉंग्रेस के कई वरिष्ट नेता
06:14प्रधान मंतरी आवास के बाहर धरने पर बैठ गए
06:16राहूल गांधी को समझाने के लिए केंद्रिय मंतरी जीतिन सिंग भी पहुँचे, लेकिन जब बाच्चीत से बात नहीं बनी, तो
06:22पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिस की
06:24राहूल गांधी वहीं डटे रहे, काफी देर तक दोनों पक्षों को बीच तनाता नी चली, आखिरकार पुलिस ने राहूल गांधी
06:31को हिरासत में ले लिया, इस गट्टा ने विपक्ष के आंदोलन को और आक्रामक बना दिया
06:35इससे पहले राश्टिय जनतांत्रिक गटबंदन के संसदों की बैठक में, प्रधानमंत्री नरिंद मूदी ने कहा था कि पेपर लीग के
06:42दूश्यों के खलाफ सक्त कारवाई की जाएगी, लेकिन विपक्ष इससे संतुस नहीं हुआ, 22 जुलाई को विपक्ष संसद काले �
06:49जंडे पहन कर संसद पहुँचे, संसद भावन के बाहर विरोध प्रदशिन हुआ, वहीं सदन के भीतर भी जम कर हंगामा
06:55हुआ, विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने उनकी शर्तें स्विकार नहीं की, यहीं से संसद
07:01और सड़क दोनों जगे टकरा
07:17चन्नाई, मुंबई, बैंगलूरू, कॉलकाता, कई शहरों में शात्रों और युवाओं के विरोध प्रदशिन हुए, इस बीच प्रदानमंती नरिंद्र मोदी ने
07:26भरोसा दिलाया कि पेपर लीग के दोश्यों को कठोर सजा दिलाने के लिए, फास्ट रेक अदालतों का �
07:31लेकिन विपक्ष और कॉक्रुट जनता पार्टी ने इस भोषना को प्रयाप्त नहीं माना थे
07:36अगर नरिंद्र मोदी ये बात वाकई में मानते हैं तो सबसे पहले धर्मेंद्र प्रदान का इस्तिफाले लेगा
07:49अगर नरिंद्र मोदी धर्मेंद्र प्रदान का इस्तिफाले लेते हैं तो हमारा अंदोलन नरिंद्र मोदी के इस्तिफी के लिए भी होगा
07:54पक्ष अपनी चार मांगो पर अडा है
07:56संसद में इस मुद्दे पर विस्तरित चर्चा, रीट पेपली की स्वतंतर जाज, केंद्र शिक्ष मंत्री धर्मेंद्र प्रदान का इस्तिफा, प्रभावित
08:04शात्रो को मौवजा और सुरक्षा
08:05दूसरी और सरकार का कहना था कि परिक्षा विवस्ता में सुधार किये जाएंगे, दूशियों पर कारवाई होगी, लेकिन सिक्ष मंत्री
08:12को हटाने का कोई सवाल नहीं उठता
08:14उधर आंदोलन में कॉंग्रेस के खुल कर शामिल होने के बाद राजनितिक टकराव और तेज हो गया
08:19सरकार ने कॉंग्रेस पर शात्रो के आंदोलन का राजनितिक लाब उठाने का आरूप लगाया
08:24पही केंद्य सिक्ष मंत्री धर्मिंद प्रधान ने कॉक्रूट जन्ता पार्टी को दहशत गर्दो की बी टीम बताया
08:29इसके बाद दूनों बक्षों के बीच आरोप प्रतेरोप और तेज हो गया
08:33फिलाल एक तरफ शात्र संगठन और विपक्ष अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं
08:37तो दूसरी तफ सरकार अपनी रुख पर कायम है
08:40ऐसे में फिलाल इस टक्राव का कोई आसान समधान दिखाई नहीं देता
08:44लेकिन इस पूरे घटनक्रम ने कई बड़े सवाल जरूर खड़े कर दी है
08:47क्या ये सिर्फ एक परिक्षा का विवाद है
08:50या देश की सिक्षा विवस्ता पर उठता सबसे बड़ा सवाल
08:53क्या ये सिर्फ एक शात्रों का अंदोलन है
09:09झाल
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