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  • 4 hours ago
पवित्र शहर पुरी शुक्रवार को 'जय जगन्नाथ' के नारों से भक्तिमय हो उठा. वह इसलिए क्योंकि महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने पवित्र निवास श्रीमंदिर के लिए बहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) के लिए तैयार हैं. बता दें कि, गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर तक भगवान जगन्नाथ की 'बहुड़ा यात्रा' (वापसी यात्रा) शुरू होने पर हजारों भक्त 'पहंडी' रस्म में हिस्सा लेते हैं. आज पवित्र शहर पुरी में बहुड़ा यात्रा की रस्में निभाई गईं. भगवान जगन्नाथ की 'बहुड़ा' रथयात्रा उत्सव आज औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जिसमें लाखों भक्तों ने भगवान बलभद्र के 'तलध्वज' के रथ को खींचा. गुंडिचा मंदिर में एक हफ्ते रहने के बाद भाई-बहन देवताओं की दिव्य घर वापसी देखने के लिए हजारों भक्त बड़दंडा (ग्रैंड रोड) पर आने लगे . वापसी यात्रा को एक धार्मिक जुलूस से कहीं ज्यादा माना जाता है. एक सेवक ने कहा, "रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ की श्रीमंदिर से उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक की यात्रा को दिखाती है. बहुड़ा यात्रा उनकी वापसी की निशानी है, जिसमें ऐसे रीति-रिवाज होते हैं जो हमारी सदियों पुरानी आस्था को दिखाते हैं."

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Transcript
00:04ओडिसा का पूरी जै जगनात के जै गोह से गूंज रहा है
00:10कड़ी सुरक्षा के बीच बहुडा यात्रा सुरू हुई
00:16पहडी रस्म को देखने के लिए देश विदे से आए लाखो भग जुटे हैं
00:23गुंडीचा मंदीर में एक हपते रहने के बाद महाप्रभु जगनात, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा स्री जगनात मंदीर वापसी कर
00:32रहे हैं
00:33जहाल मंजीरा और ढोल की ठाप के बीच मंदीर से एक एक करतीन देवताओं को रत पर सवार किया गया
01:03जिसके बाद भगवान जगनात, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रतों को
01:08मंत्रो और भक्ती संगीत के बीच रवाना किया गया
01:13इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए
01:17भीड को संभालने के लिए मल्टी लेयर सिक्योर्टी लगाई गई
01:46बहुडा यात्रा के बाद सुना बेस की रस्म होगी
01:49जिसमें भगवान जगनात, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को
01:53उनके रतों पर ही सोने के आभुस्नों से सजाया जाता है
01:57ये रत्यात्रा 27 जुलाई को खत्म होगा
02:00जब देवी देवता जगनात मंदिर में वापस लोटेंगे
02:03ब्यूरो रिपोर्ट ETV भारत
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