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  • 5 hours ago
 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रूप से पैलेट गन का इस्तेमाल किए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने शुक्रवार को कहा कि वह उन मीडिया रिपोर्टों की "जांच कर रही है", जिनमें दावा किया गया है कि दंगा नियंत्रण के लिए तैनात उसकी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया था.सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ईटीवी भारत को बताया कि यह मामला उनके काम करने के तौर-तरीकों से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि विभाग इस बात की जांच कर सकता है कि पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था या नहीं. यह विवाद तब शुरू हुआ जब जंतर-मंतर और उसके आस-पास के इलाकों में हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगे. संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों की कथित तौर पर पुलिस के साथ झड़प हो गई थी, जिसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई में 80 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है.

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Transcript
00:29KOKRU JUNDA PARTY
00:30इन दावों पर अब तक केंद्रिया रिजर्फ बल पुलिस यानि CRPF ने पुष्टी नहीं की है
00:35वहीं विपक्ष के नेता राहूल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए पीडित की चोटे दिखाई
00:42सरकार ने कहा है कि कोई पैलेट गान यूज नहीं हुई
01:04दूसरी और दिल्ली पुलिस ने भी पैलेट गन या रबर बुलिट के इस्तिमाल से साफ इनकार कर दिया है
01:10लेकिन अस्पतालों से सामने आई कुछ रिपोर्ट्स ने नए सवाल खड़े कर दिये हैं
01:15मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक प्रदर्शनकारी और एक पत्रकार समेत कम से कम दो लोगों को ऐसी चोटे आई
01:21हाला कि इन चोटों के कारणों की आधिकारिक पुष्टी अभी भी नहीं हुई है
01:26रिपोर्ट्स के मुताबिक एक प्रदर्शनकारी शेख इरशाद मनसूरी को कथद तौर पर पालेट जैसी चोटे आई
01:33इन ही घटनाओं के बाद स्वतंत्र जाच की मांग तेज हो गई
01:37इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं Rapid Action Force यानी RAF
01:41जो CRPF की दंगा नियंत्रण के लिए बनाई गई विशेश इकाई है
01:47RAF के पास आसू गैस, स्टन ग्रेनेड, प्लास्टिक बैटन और पैलिट गन जैसे घातक दंगा नियंत्रण उपकरण मौजूद होते हैं
01:56नियमों के मुताबिक इनका इस्तिमाल केवल विशेश परिस्थितियों में और तै प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है
02:03इस बीच मानवा धिकार कारे करताओ और कानूनी विशेशक्यों ने भी मामले पर सवाल उठाए हैं
02:09कुछ कानूनी विशेशक्यों का कहना है कि यदि निहत्ते प्रदर्शन कारियों पर धातू के बैलेट का इस्तिमाल हुआ है तो
02:16इसकी निश्पक्ष जाच होनी चाहिए
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