00:22मैंने तुमसे कहा था ना
00:24मुस्तक्बिल हमीशा वैसा नहीं होता जैसा तुम सूचते हो
00:29क्या मैं क्या मैं इस सब होने से रोक सकता हूँ
00:32क्या मैं लोगों को इस संजाम से बचा सकता हूँ
00:36अल्ला ताला कोई भी चीज बे माने या बे वज़ा नहीं कहता
00:40जो तुमने देखा वो सिर्फ एखाब नहीं था
00:43वो एक पैगाम था और उसने तुम्हें मुन्तखिब किया
00:46ताकि तुम उन्हें रास्ता दिखा सको
00:48मगर कैसे अगर मुझे सब कुछ नहीं मालूँ
00:52तो मैं लोगों की रहनुमाई कैसे करूँ
00:55जा ये तुम्हारी ख्वाहिश है
00:56हाँ, मैं ख्वाहिश करता हूँ के मेरे पास वो इल्म हो
00:59जो लोगों को सही रास्ते पर ले आए
01:02इसमें वो सारा इल्म है
01:18गुरान
01:18ये सिर्फ हकाइक या तालिमात नहीं
01:22ये हिकमत है
01:26आए
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