00:28ये मुद्दा कॉंग्रेस समाजादी पार्टी बीजेपी का नहीं है
00:29हाथ तोड़े, सर तोड़ा, उनके कपड़े फाड़े, या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप, अत्याज मौदे, हम बजबूरी में गए हैं
00:40प्रधामंदी के आवास पर, युवा, सरकार के खिलाफ है कि मंत्री को हटाए जाए, लिए क्या दवाब है सरकार के
00:47उपर,
00:48कि वो मंत्री को नहीं हटा पारे, जड़ लग रहा है सरकार को, और दर तक ड़र ना पहुंच गया
00:54हो कहीं, ऐसा तो नहीं है, पहला है स्तीफा हो, दूसरा नीट पर वहस हो, चर्चा हो, तीसरा छात नौजमानों
01:12के साथ जो बिवार हुआ है, अद्देश मोद है, आपको �
01:16अद्देश मोद है, अद्देश मोद है, ये मुद्दा कॉंग्रेस समाजादी पार्टी बीजेपी का नहीं है, ये मुद्दा ही हुआ हो,
01:23चात नौजमानों का है, आपने इनको बुल बादिया, इनको बुल बादिया, समझाता है कर लिया, आपने क्या, आपने क्या, आप
01:47यह युगाव चाहत्रों की नहीं सुनी जाएगे जो सड़कों प्याएंगे और जो सरकार ने बिवहार किया इस तीफा तो क्या
02:02है इस तीफा तो जब चाहेंगे तब मंत्री ले ले लेंगे
02:04सदन के बार ले लेंगे लेंगे सवाल यह जो छात्रों के साथ बिवार हुआ है उनके हाथ तोड़े सर तोड़ा
02:09उनके कपड़े फाड़े क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप अद्दैश मौदे हम बजबूरी में गए प्रधामंती के आवास पर अगर
02:20आप सुन
02:32लोगों के मत आगे हैं आप भी चर्चा जाते हैं ये भी चर्चा जाते हैं और सर्कार चर्चा करने को
02:42तयार है आप आए एसे गिलेरी में बेट कर चर्चा नहीं होगी चर्चा होगी
03:02आप अपनी सीट पर बेठें, कितनी देर करनी किस नियम के तरहत कर रहे हैं, आप बेठिए, सरकार ने कहा
03:09है कि खुले मन से कहा है, और सब का मता गया है, अब आपके आपस के विवाद को मैं
03:18सीट पर बेठ के निम्टा सकता, सदन की कारवाई दो बज़े तक ले इस्तिकित की
03:23जाती है, जो छात रिवाओं के साथ हुआ है, और सरकार डर करके बिवार कर रही है, या अपने मंत्रियों
03:31को इसलिए नहीं हटा पा रही है, या क्या वज़े है, हमें आपको सोचना चाहिए, क्या वज़े है, पूरा देश,
03:37पूरे नौजमान, उनके परिवार के लोग, य
03:45क्या दवाब है सरकार के उपर, कि वो मंत्री को नहीं हटा पा रहे हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि
03:50मंत्री के पास छुपे राज हों, अगर दवाब बनें, कहीं ऐसा दवाब बनें और अपनी जान बचाने के लिए कहीं
03:57वो राज न खुल जाएं, कई कारड ये तो नहीं है, आ�
04:13काले कपड़े का मतलब है विरोध करना और जो काले कपड़े पहन के आए काला विरोध का है दुख का
04:26भी रंग है सरकार सुनने वाली नहीं है डर लग रहा है सरकार को और दर तक डर ना पहुंच
04:36गया हो कही है ऐसा तो नहीं है
04:58का विरोध करो मतलब है
05:08का विरोध करो !
05:08का विरोध करो !
05:13ज़िता हो!
05:27पुनावार!
05:29कर्मावार!
05:30जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना
05:38जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी तना जाहिद, जरी
05:54तना जाहिद
05:59इस खेदोり फिसे हमने, त' सेमने!
06:01रेलो crê осв dinner, गिसे हमने
06:09र Champ coach, सेमने!!
06:16छ अ..
06:23हमने हमने उसे मने ख रेलो how !
06:49हमारी मांग, विपक्ष, विपक्ष, और चात नौजमानों की
06:56लगबग मांग एक है
06:59कि स्तीफा हो
07:00और उसके बाद बाचीत हो
07:02उनकी मांगे मानी जाए
07:04योवा च्छात नौजमान जो इतने दिनों से मांग कर रहे है
07:07पेपर लीक कोई एक
07:10परिश्या का सवाल लही है
07:11पेपर लीक
07:13डिर सो से जादे हुए है
07:14और यूपी में 20 से जादे हुए है
07:16तो सोचे कितना च्छात नौजमान हो
07:18उनका परिवार उससे परेशान है
07:19पीडित है, दुखी है
07:21और आप नौकी रोजगार नहीं दे रहे हैं
07:23आप लोगसभा के बहार आकर के
07:25बड़ी बड़ी बात करते हैं
07:26उबाओं की, चात्रों की, नई पीडि की
07:29विक्सित भारत की, अमरत काल की
07:30सधन के अंदर क्यों नहीं
07:33तो स्तीफा हो
07:34और उसके बाद बहस हो
07:36जहां तक बात जो आप जानना चाहते हैं
07:39ये
07:41सधन में सरकार के
07:42जवाब के बात विपक्ष क्या बोलता
07:45इसलिए समाजवादी पार्टी की भी
07:46बात आए, इसलिए मुझे खड़े हो करके
07:48कहना पड़ा कि समाजवादी पार्टी का ये पक्ष है
07:53को समझवाता होगे
07:54आपने ये का हो
07:55कोई मैंने
07:57जब आप एक दल को बुलवाएंगे
08:00और फिस सरकार को बुलवा देंगे
08:02और बिपक्ष किसी तीसे दल को नहीं बुलवाएंगे
08:05तो उसको मैं क्या समझूँगा
08:07सरकार के जवाब के बाद कौन क्या बोलता
08:09तो ये जिम्मेदारी हम सब की है
08:12कि जब हमारा सब का मुद्दा है
08:15इसमें किसी पार्टी का सवाल नहीं है
08:18कि ये समझा दी पार्टी बीजे पी है
08:20कॉंग्रेस है और कोई दल है
08:22इस सवाल छात नौजवानों को हम सब उठा रहे है
08:24जो छात नौजवान आ रहे हैं
08:26वो अपने अपनी मांगों को लेकर क्या रहे है
08:30ना कोई उनके इंज़ाम कर रहा है ना खाने का इंज़ाम ना आने का इंज़ाम
08:35तो अपने हाँ आ रहे हैं उन छात्रों की बात करना चाहते हैं
08:38और क्या बिवार की ऐसरकार ने उनके कपड़े फार दिये हाथ तोड़ दिये सर पे मारा
08:42कई लोग घाय लें कई लोग इलाज करने नहीं आए एडमिट थे हस्पताल में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और
08:47जब राहूल गांदी जी और हम और तमाम सांसर दौा गए क्या कपड़े नहीं फाड़े गए या कपड़े नहीं पकड़े
08:53गए ये बिवार पुलिस ने
09:10कपड़े नहीं पकड़े ये ट्रेनिंग कहां से दिए ये पुलिस को ट्रेनिंग कहां से दी गई है बड़ा मुद्द नमर
09:21एक स्टीफा नमबर चू जो बच्चिछात नौजमानों की मांगे हैं तीसरा जो उनके साथ ब्योहार हुआ है बच्चों के साथ
09:26नहीं अगर होग
09:39हैं जिसका दाना उसका गाना जिसका दाना उसका गाना ये अफसाना फसाना जाने कितने दिन से चल ला है इसलिए
09:47आप अपनी बात मुझे मत पहुचाओ जो बात मैंने कही वही सदर में कही और आफ रिकॉर्ड भी अगर आप
09:53सदर में जानकारी करना चाहें क्योंकि आप मे
10:08कि लड़ाई समाजवादी पाठी लड़ रही है कर रात को भी समाजवादी पाठी करता निताओं के साथ चुब वहाब हुआ
10:13हुआ हुआ हुआ है अगर रखने का मौका नहीं मिलेगा तो हम खड़े हो करके तो कहेंगे
10:24क्या आप सुननी पा रही हो या आपका केमरा रिकॉर्ड एपल फॉन लियो उसके बार रिकॉर्ड नहीं हो रहा है
10:29तुसरा नीट पर वहस हो चर्चा हो तीसरा छात नौजवानों के साथ जो बिवहार हुआ है
10:43कोई राजनतिक नहीं है आप देख लेना हम देख लेना कोई दवाब है जिसकी वह से मंत्री नहीं बदल जा
10:50रहे हैं हो सकता है कोई चुपा राज खुल जाए कोई चर्चा करें उसके बाद अगर क्यों चर्चा की ज़रूद
10:56है सरकार ने कुछ स्विकार किया कि नीट की प
11:11कि कलपों पर भी विचार करेंगे जिरोद के नहीं यह सदन की लीडर्स के बीच की बात है कि हम
11:17बात करके क्या राजसा निकाले हैं कि सदन में आपने कहा था कि इस्तिफा आगे पीचे हो सकता है पर
11:22नीट पर डिसकुशन होना चाहिए नई फिर अब गलत बात कह रहे हैं आ
11:38आम चाहत विवा नौजमान आया था उसके साथ जो बेवार हुआ पहले वह बात तो हो जाए राहूल गांदी जी
11:44के साथ जो बेवार हुआ है हमारे साथ हुआ हमारे साथ जो सांसत थे या कॉंग्रेस पार्टी के सांसत जो
11:49बेवार हुआ उसम ने देखा
11:51क्या पोजिसन के कई सारे लोग जा रहे हैं सुनम वांचन जी से अपील करने के मितामता अपुक अपटल क
11:55prostitleye
11:57मैंने अपील पहले भी की थी समाजा दी पाटी इस पक्ष में नहीं से नहीं रह में रहा कि भुकर्ताल
12:02कि जा ऐए dr.
12:05जिए कभी इस पक्ष में नी रहे भुकरताल की, जब मैंने पहली बार उन से बात की और अपील की,
12:11मैंने यही बैल की थी,
12:12कि आप भूग अरप्ताल में बैठिए सरकार से संगर्स करिए
12:16और ये सरकार तो ऐसी है कि आप बताओ मौसम है आम का
12:20आप बबूल के पेड़ पे आम मांग रहे हो
12:23बबूल के पेड़ पे आम मांग रहे हैं आप
12:25तो कैसे सरकार से क्या मांग कर रहे हैं
12:28आपको संगाज करना पड़ेगा लोगों के बीज जो हो रहा है वही ठीक है
Comments