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यह वीडियो 14 जनवरी को दोपहर 1 बजे खंडगिरि, भुवनेश्वर में हुई बातचीत से लिया गया है।
विषयः तीर्थ अक्सर दूर या ऊँचाई पर क्यों बनाए जाते हैं? -जैन मंदिर (भाग-5)
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Transcript
00:00उचाई पर होना और मूर्तियों का हमेशा एक स्थिर हालत में दिखाया जाना वो एक ही बात है
00:08जो आप उचाई पर होते हो तो भी आप बस देखते हो
00:13अब जैसे वहाँ भगवान महावीर हैं तो बैठे हैं
00:19बैठने के क्या मतलब है कि कर्म चल रहा है और मैं उसका द्रश्टा हूँ
00:24तो उचाई भी वही संकेत देती है कि मैं उचाई उपर से मुझे सब दिखता है
00:31आप नीचे हैं तो नीचे सब नहीं दिखेगा उचे हैं उपर से सब दिखता है
00:34और मूर्तियों का ध्यान में आसन में इस्थिर होना भी वही संकेत देता है
00:42मैं बैठा हूँ और चो कि मैं इस्थिर हूँ तो इसलिए सारी अस्थिरता को मैं सपश्ट देख पा रहा हूँ
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