00:00है आप सबका मौन्सुक का भी कुछ लाब नजर आ रहा है और मौन्सुन सत्र भी प्राड़म हो रहा है
00:18मौन्सुन हो या मौन्सुन सत्र अगर दोनों प्रोग्टिव हो तो बहुत ही प्रोड़क्टिव होते हैं
00:36और दोनों को प्रोड़क्टिव होते हैं तो देश का कल्याण होता है जीव मात्र का कल्याण होता है
00:49और इसलिए हम यही प्रार्षना करते हैं कि मौनसुन भी प्रोड़क्टिव रहे
01:06साथियों पिछले एक महने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की है
01:19और देश वासी गर्वत से भर जाएं इस प्रकार की सिद्धियों का
01:29सिल्सिला चला है चाहे राष्ट्रिय हो अंतर राष्ट्रिय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो
01:41एक प्रकार से भारत के लिए गर्वत के पल रहे हैं पिछले वर्ष
01:53मौन्सून सत्र के ठीक पहले भारत की नागरीक इंट्रनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचा था
02:08और कल ही पर्षो पर्षो भारत का एक युवा स्टार्टप उसने बहुत बड़ी शिद्धी प्राप्त की है
02:26विश्व के कमी देश हैं जहां इस प्रकार से प्रावेट साहस हुए हैं और भारत की वावने अंत्रीक्ष में नई
02:41उडान भरी हैं
02:43बहुत बड़ी सफलता है और यह जो स्कायरूट स्टार्टप है उसमें जो नवजवान काम कर रहे हैं
02:54मुझे बताया गया उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है वो सिर्फ 28 साल है ऐसे नवजवानों ने
03:09यह काम करके दिखाया है मैं किसी 56 साल के नवजवान की बात नहीं कर रहा हूं मैं देश के
03:19यह स्टार्टप ने 28 के एवरेज वाले नवजवानों ने अंत्रीक्ष में भारत का जंडा गाड़ दिया है उनको तो बजाई
03:32है ही है
03:34लेकिन ऐसी बाते जो है जो भारत को आत्म विश्वात के भर देती है विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्व
03:47मान्य सर्व सिकृत बनता जाता है
03:51सात्यों ये संयोग नहीं ये एक संदेश है और बड़ा मजमूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की ख्रमता
04:04और उनकी आकांशा
04:09अंत्रिक जितनी असीम है इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रिणा नहीं दे सकता है
04:21सात्यों जो रिफॉर्म एक स्पेस पर सबार होकर के आज देश चल पड़ा है उसी का नतीजा है
04:32कि भारत के नवजवान इतना बाड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं
04:42साथियों पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ओईल रिफाइनरी देश को संबर्कित कही गई
04:55पिछले कुछ सब्ता पहले एक सेमिकंटरक्टर प्लांट यान तीसरा देश को संबर्कित किया गया
05:07अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्वें में बहुत कम देश ऐसे हैं
05:18कि जीन के पास यह सुविदा है लेकिन भारत ने जो हैड्रोजन ट्रेन देश वाज़ों को समर्कित की हैं
05:30हो वो सबसे ताकतवरे इंग वाली और सबसे लंबी है ये अपने आपमें भारत के वेज्ज्ञानिक भारत के इंजीनियर्स भारत
05:48के इन्वेटर्स भारत के उध्यमी
05:52भारत के स्रमीत यह जो लक्ष लेकर के देश के लिए जी रहें देश के लिए काम कर रहें उसी
06:00का परणाव है
06:03साथ हम भली भाती जानते हैं और पूरी दुनिया चिंती भी है
06:10लगातार कहीं कहीं युद्ध की स्थित्या बनती रही है
06:15पस्थिमेशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनरजी के लिए औरोपर डिपेंडेंट है
06:25उनके लिए यह पस्थिमेशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा
06:37पैट्रोल, डीजर, लपीजी, फटिलाइजर, केमिकल्ट अन्य हार विशे में
06:46अनेक बाधाय, अनेक संकट आए
06:50उसके बावजुद भी भारत 7.7% के ग्रोथ से
06:58दुनिया की मेजर इतोनमी में सब्चे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बन के रहा
07:06ये भारत के सामर से क्या परिच्चायक है
07:14भारत किस प्रगार्द उत्सा और उमंग के साथ नहीं उचाईयों को पार करना चाहता है
07:20उसके इसमें जलक है
07:23और ऐसे मैं जब ये मौनसून सत्र आरम हो रहा है
07:35देश ने स्पीड पकड़ ली है
07:39और स्पीरिट उस्पीड में नई उर्जा भर जड़ता है
07:51सकारात्मक स्पीरिट राष्ट के लक्षों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है
08:00हमारे सतन में बहुत अनुभवी सांसत भी है
08:04दल उनका कोई भी हो
08:06ति उनके पास एक लंबा अनुभव है
08:10ऐसे समय में उनके अनुभव की उनके ज्ञान की संसत को भी जरूरत है देश को भी जरूरत है
08:19और इसके लिए संसत का चलना
08:23सार्थक चर्चा होना
08:26मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल पर लेना
08:30यह मैं तो बता हूँ कि बहुत ही
08:34समय की मांग है
08:37एश्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है
08:40कि हम आगे बढ़े
08:44आज समय की मांग है
08:47कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए
08:52राष्ट्र भक्ति के लिए जी रहे
08:55आवाज को
08:56सदन में उचित म�ंच मिलता रहे
09:00वे अपने आवाज को बुलंद करें देश को दिशा दें और इसलिए मैं आशा करता हूं और मुझे पक्का विश्वात
09:10है जहां तत्य होते हैं जहां तर्क होते हैं वहां तुफान के लिए जगा नहीं होती है
09:23अगर तर्क मजबूद है तत्य मजबूद है तो सांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाये जा सकता है
09:34मैं आशा करता हूं तर्क और तत्य के साथ सदन की चर्चा को समुर्द किया जाए
09:45हर आवाज को अवसर मिले हर विचार को सम्मान मिले ये संसद की हमारी भूमी का है
09:58मैं सभी संसदों से बढ़ चड़ करके इस सदन में हिस्ता लेने के लिए निमत्रित करता हूं
10:05आज सुबह स्पीकर महोदाई जी ने भी सोशल मिडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपनी
10:19भाव को व्यक्त किया है
10:21मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद नमस्कार
10:35मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं
Comments