00:05पंजाब के करीब 7.5 लाग सरकारी करमचारी और पेंशनर्स अपनी लंबित महगाई भत्ते डिये और अन्या एरियर का इंतिसार
00:13कर रहे हैं
00:14मामला पंजाब एवँ हर्याना हाइकूर तक पहुंच चुका है और विपक्ष लगातार भगवन मान सरकार पर निशाना साथ रहा है
00:22लेकिन भगबत मान सरकार का साफ कहना है कि ये करमचारियों के अधिकारों से इनकार का मामला नहीं बलकि पंजाद
00:29के आर्थिक वसरिक्ता का एक बड़ा सवाल है
00:32सरकार का कहना है कि वे करमचारियों का डिये देने की जिम्मदारी से प्रीचे नहीं हट रही
00:37बलकि एक साथ 14,000 करोड रुपए की अधिकी देंदारी का भुक्तान करना रज्य के खजाने पर भारी बोच डाल
00:45रहा है
00:46अब यही वज़ा है कि सरकार ने हाई कोट में भी किस्तों में भुक्तान की अनुमती मांगे थी
00:51सरकार का दावा है कि उसे कैसा पंजाब विरासत में मिला जिस पर पहले से ही भारी कर्ज, लंबित देंदारियां
00:58और वर्षों की वित्या और व्यवस्था का बोच रहा है
01:02आज भी रज्य की आएका बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन और कर्ज के ब्याज के भुक्तान में खर्च हो जाता है
01:09इसके साथ सरकारों को स्कूलों, अस्पतालों, प्रिशी, बिजली, सबसीडी, सडकों, कानून, विवस्था और विकासकारियों पर भी बड़ा खर्च करना पड़ता
01:18है
01:22सरकार का सवाल है यदि एक ही बार में हजार उपरोड रुपए डिये के भुक्तान कि लिए जारी कर दिये
01:27जाएं
01:27तो क्या ये पैसा विकासकारियों से काटा जाए या पिर रच्य को नया कर्ज लेना पड़े
01:32सरकार का कहना है कि अधिक कर्ज लेना आज की समस्या का समधान तो कर देगा
01:37लेकिन आने वाली पीडियों पर और भी अधिक वित्या बूच डाला जा रहा है
01:42मान सरकार का ये भी तर्क है कि उसने केवल पुरानी देंदारियों को संभालने का काम नहीं किया
01:47बल्कि सरकारी भर्तियों, स्वास्थय, शिक्षा, मुफ्त बिजली, क्रिशी और बुन्यादी थाचे पर की बड़े स्तर पर निवीश किया है
01:56सरकार के अनुसार राज्य का खजाना केवल पुरानी देंदानियों का भुक्तान करने के लिए नहीं
02:01बल्कि वर्तवान और भविश्य के पंजाग के निर्माण के लिए भी इस्तेमाल होना चाहिए
02:06भले ही हाईपूर्ट सरकार की वित्या दलीलों से सहमत नहीं हुआ को
02:10लेकिन सरकार का मानना है कि वित्या प्रबंदन केवल अदालत के आदिश्यों से नहीं
02:15बल्कि राज्य की वास्तविक आर्थिक शमता को ध्यान में रखकर किया जाता है
02:20सरकार का कहना है कि लोगप्रिय फैसले लेना आसान होता है
02:24लिकिन जिम्मदार सरकार वही होती है जो हर फैसला राज्य की दीर्गकालिक वित्यास धर्ता को ध्यान में रखकर ले
02:30बगवन मान सरकार का साफ दावा है कि ये डिये ना देने का मामला नहीं बलकि इसे इस तरह से
02:36देने का मामला है
02:36कि ना करमचारियों के अधिकार प्रिभावित हो और ना ही पंजाब की अर्थ व्यवस्ता पर अतिरेक्ता संकट खड़ा हो
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