00:00नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है मैं हूँ मारिया शकील भारतिये रेलवे ने आज एक ग्रीन रेवल्यूशन यानि की हरित
00:07क्रांती की है
00:08भारत आज उन्चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जो हाइड्रूजन फ्यूल से ट्रेन चला सकते हैं
00:15आज भारत की पहली हाइड्रूजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन हरियाना के जिन से लॉंच हुई है इस फ्यूल की
00:22अपनी खासियत है तो चुनातियां भी है
00:24सवाल है कि हाइड्रूजन से चलने वाली ट्रेन भारत जैसे बड़े देश में के विशाल रेल्वे नेटवर्क के लिए कितनी
00:32कारगर साबित होगी
00:45कि कोजी है बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन पे उतारता है
01:04ये तस्वीरे हैं उस एतिहासिक उपलग्धी की जिसे भारत ने आज हासिल कर लिया है
01:12भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन चल सकती है
01:23प्रधानमंत्री मोधी ने आज हरियाना के जीन से सोरीपत तक एक ट्रेन लॉंच की इसकी खासियत ये है कि ये
01:30एक हाइड्रोजन ट्रेन
01:32ट्रेन हाइड्रोजन से कैसे चलती है? किन-किन देशों में ये ट्रेन चल रही है
01:49इन तमाम सवालों के जवाब आज हम आपको देंगे
01:52तो सबसे पहले ये समझिये कि ये दावा क्यों किया जा रहा है
01:55कि हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन चलाने में भारत ने आज मील का पत्थर स्थापिक कर दिया
02:01हाइडरोजन फ्यूल से ट्रेन चलाने वाला भारत दुनिया का पांचमा देश बन गया है
02:05इस से पहले जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका और चीन में ही हाइडरोजन ट्रेने चल रही है
02:11सबसे पहले 2018 में हाइडरोजन से ट्रेन जर्मनी ने चलाई थी
02:15अमेरिका में hydrogen fuel से सितंबर 2025 से commercial train चल रही है
02:20चीन में भी मई 2025 में पहली hydrogen fuel वाली train चली है
02:25जापान 2027 में अपनी पहली hydrogen hybrid train चलाएगा
02:30फ्रांस में भी 2027 में hydrogen fuel से commercial train चलेगा
02:38लेकिन भारत इन तमाम देशों से इसलिए आगे चला गया है
02:41क्योंकि इन देशों में अभी hydrogen train के सिर्फ 2 या 3 कोच ही
02:45जबकि भारत में आज जो पहली train चलाई है उसमें ही सीथे 10 कोच
02:52इन देशों में अभी ऐसी hydrogen train चल भी रही है
02:59वहाँ बहुत शुरुआती दौर में है
03:02लेकिन भारत की जो ये hydrogen train है उसके सामर्थे के बारे में
03:12सुनकर आपको भी गर्व होगा दुनिया की सबसे ताकतवर hydrogen train है
03:28स्कूल में सबने पढ़ा होगा कि hydrogen एक गैस होती है
03:31पानी भी hydrogen और oxygen से मिलकर बनता है
03:34यानि आसान शब्दों में पानी से इंधन बन रहा है
03:37लेकिन ये प्रक्रिया आसान नहीं है
03:39अब सवाल है कि hydrogen fuel, normal fuel से कैसे अलग होता है
03:48hydrogen fuel सामान ने इंधन, petrol, diesel या CNG से काफी अलग तरीके से काम करता है
03:53इसमें hydrogen gas को सीधे जला कर engine नहीं चलाय जाता
03:57बलकि fuel cell नाम की तक्नीक इस्तमाल होती है
04:00ये system hydrogen और हवा में मौझूद oxygen को मिला कर भिजली बनाता है
04:04फिर यही बिजली कार या ट्रेन की मोटर को चलाती है
04:07इस पूरी प्रक्रिया के बाइप्रोडक्ट है
04:10एनरजी और पानी की भाब
04:12न धुआ न कार्बन न कोई प्रदूशन
04:14यही वज़े है कि इसे clean fuel कहा जाता है
04:19hydrogen की technology को अगर साधरन भाशा में समझे
04:23पानी से hydrogen बनता है
04:26एलेक्ट्रोलिसिस के प्रोसेस के द्वारा
04:28यहां जींद में hydrogen बनाने का एक प्लांट लगाया गया है
04:32उस hydrogen से बती है
04:35और उस बिजली से ट्रेन चलती है
04:37कोई धुआ नहीं
04:39कोई पेट्रोल या डीजल की रिक्वार्मेंट नहीं
04:45एकदम साफ स्वच और सिरफ निकलता है पानी की बुन्दे
04:55ऐसा नहीं है कि hydrogen fuel के इस्तमाल से सिर्फ ट्रेन ही चल रही है
04:59इससे कार, बस या ट्रक भी चल सकता है
05:02यही वज़े है कि hydrogen भू भविश्य का इन्धन कहा जाता है
05:06इसी लिए अभी इस दिशा में बहुत काम किया जाना बागी है
05:09लेकिन इसके फाइदे तो सीधे तोर पर दिख रहे है
05:15hydrogen fuel का सबसे बड़ा फाइदा ये है कि इससे production बहुत कम होता है
05:18इसके अलाबा hydrogen कारों में fuel भरने में भी बहुत कम समय लगता है
05:23जहां electric कार को चार्ज होने में घंटों लग सकते हैं
05:26वही hydrogen कार कुछी मिनटों में full हो सकती है
05:29इसके साथ ही इसकी driving range भी जादा हो सकती है
05:32यही वजह है कि experts मानते हैं कि भविश्य में truck, bus और लंबी दूरी वाली गाडियों में hydrogen जादा
05:38useful साबित हो सकता है
05:41इसके लिए पानी से ही चलेगी और हवा में पानी ही छोड़ेगी इसलिए इसका नम नमू green रखा गया है
05:46इसमें H2O working करेगा जो H2 चलके इसकी battery charge करेगा
05:50oxygen बाहर चली जाएगी जो बाहर निकल जाएगी
05:53तो हम हवा से पानी ले रहे हैं और हवा में छोड़ रहे हैं तो हम तो कुछ यूज ही
05:56नहीं कर रहे हैं
05:57हवा से पानी ले रहे हैं और हवा में छोड़ रहे हैं अश्टू क्या है हवा है अश्टू हमने यूज
06:02कर लिए
06:06और यह पाइटरी चार्ज होंगे बैटरी से गाड़ी चल रही है तो बैटरी चार्ज करते हो आप इसके बैटरी चार्ज
06:17होगी और गाड़ी चलेगी इंजिन के अंदर क्या-क्या है
06:37लेकिन यहाँ यह जानना ज़रूरी है कि ऐसा बिलकुल नहीं है कि यह हाइटरोजन फ्यूल सस्ता पड़ता हो
06:42दूसरे फ्यूल की तुलना में हाइटरोजन फ्यूल को तयार करना अभी महगा है
06:48हाईडरोजन फ्यूल दूसरे इंधरों से महगा है
06:51ऐसा इसलिए क्योंकि अभी हाईडरोजन तयार करना, स्टोर करना और ट्रांसपोर्ट करना काफी महगा पड़ता है
06:57इसके लिए बड़े प्लांट, हाई प्रेशर टैंक और खास इंफ्रस्ट्रक्टर चाहिए
07:01इसी वजह से आज के समय में हाईडरोजन फ्यूल सी एंजी से महगा माना जाता है
07:06लेकिन विशेशक्यों का मानना है कि जैसे जैसे तक्नीक बहतर होगी और बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होगा, इसकी कीमत
07:12कम हो सकती है
07:13भारत की यह हाईडरोजन ट्रेन दुआ रही तो है ही, यह मेक इन इंडिया का भी एक बहुत सफल उदारन
07:26है
07:27इस हाईडरोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियस ने डिजाइन किया है, भारत की ही कमपनी ने इसको बनाया है
07:39साथ क्यों यह हाईडरोजन ट्रेन बागी ट्रेनों से बिलकुल अलग है
07:46इसके लिए पूरा सिस्टिम अलग चाहिए, पूरा इंफ्रास्टर अलग चाहिए
07:53यहाँ जिन्द में भी इसके लिए तमाम सारी व्यवस्ताएं बनाई गई है
08:01और साथियों आने वाले समय में यहाँ हाईडरोजन ट्रेन से जुड़ा और भी इंफ्रास्टर बनेगा
08:18यह बात सही है कि इस हाईडरोजन फ्यूवल से चलने वाली ट्रेन जिरो एमिशन करती है
08:25लेकिन जिन देशों ने इस टेकनीक का इस्तमाल किया वो अब किनारा क्यों कर रहे हैं
08:31इसकी वज़ा यह है कि यह बहुत महंगा है तो आने माले वक्त में भारत किन-किन रूट्स में इस
08:37ट्रेन को चलाएगा और अपने नेटवर्क कितना कवर करेगा
08:49हाइड्रोजन भले ही भविश्य का इन्हन कहा जा रहा हो लेकिन यह इतना महंगा पड़ता है कि बहुत से देश
08:55इससे किनारा भी कर रही है
08:56ये बात सही है कि इससे कोई प्रदूशन नहीं होता है, कोई कार्बन उत्सरजन नहीं होता है, लेकिन इससे बनाना,
09:02स्टोर करना और ढोना बहुत बड़ी चुनोगी है।
09:26बहुत छोटी धूरी के लिए ये ट्रेने चल रही है, और ऐसे में आज से ये भारत में भी शुरू
09:32हो गई, तो सवाल है कि आने वाले वक्त में क्या भारत और दूसरे रूट्स पर भी इन ट्रेनों को
09:37चलाएगा।
09:57अगर जीन्द सोनिपत रूट्स पर ये प्रयोग काम्याब रहा, तो फिर रेलवे दूसरे रूट्स पर भी इनका इस्तमाल कर सकता
10:03है।
10:03लेकिन अगर ये सफल नहीं रहा, महगा पड़ा, तो क्या भारत इस से दूरी बनाएगा।
10:17ये सवाल भी जरूर उखेगा।
10:21आज जिन्द से सोनिपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन चली है।
10:29अब ये सफर 90 किलोमिटर का है, लेकिन भविश में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाए है।
10:48हम इस पर रिसर्च करते रहेंगे, लागत कम कैसे हो इसका तरीकर ढूनते रहेंगे, एफिशन्सी कैसे बड़े इस पर काम
10:58करते रहेंगे, और बड़ी जाच परताल करते करते एक के बाद एक कदम उठाते जाएंगे।
11:08अभी तो फिलाल ये दावा है कि ये ट्रेन 110 किलोमेटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड सकती है।
11:13इसमें रोजाना 300 किलोग्राम हाइडरोजन की खपत है, जबकि 440 किलो हाइडरोजन स्टोरेज की ख्रमता है।
11:20इसमें अभी कुल 682 सीटे हैं, कुल 10 कोच हैं, जिनमें 2600 यात्री एक बार में यात्रा कर सकते हैं।
11:26एक बार फ्यूल भरने पर ये ट्रेन 356 किलोमेटर का सफर तै कर सकती है।
11:31ग्रीन रेल, यानि कि दुनिया की पहली नमो ग्रीन रेल जो जीन से लेकर सोनीपत तक चलने वाली है।
11:40और इसके ठीक बाहर यहां पर लिखा भी हुआ है एच्टू जीरो एमिशन यानि कि किसी भी तरह का कोई
11:48भी जो हानिकार पदार्त है, जो पॉलिशन क्रियेट कर सकता है।
11:52उसके बारे में कुछ भी आज वह यहां पर फिल्फूल पर नहीं होगा, क्योंकि यह पूरी की पूरी ट्रेन है,
11:58यह हाइड्रोजन पावर्ड है।
12:00जो ट्रेन है, वो आप देखिए कि कैसे इसके अंदर का जो है नदारा है, दरासल फिलाल यह पिसंदे ट्रेन
12:08के तोर पर इस्तमाल की जाएगी, यहां पर पंखे लगे होएं, यह ट्रेन एकदम नई कोच, नई नविली कोच जो
12:14है, वो बन कर तयार है, यहां पर सुरक्षा
12:16के इंतिजाम भी है, फायर सिलिंडर्स भी आपर लगाए गए है, साथ-साथ जो अलग-लग कोलों से, हरने के
12:25लग कोलों से जो लोग है, वो भी आपर आए हुए है।
12:46करने के बाद से रेलवे के पूरे नेटपक का इलेक्ट्रिफिकेशन कर दिया है, यानि 99% रूट पर अब ट्रेने
12:53बिजली से चलती है।
13:171935 से लेकर 2014 तक यहने करीम 90 साल में पूरे देश का जो रेल नेटवर्क था, उसका सिरफ 30%,
13:3330% एक तिहाई से भी कम रेल नेटवर्क का बिजली करन हो पाया था।
13:4370% छेत्रा डीजल से चलता था।
13:50और जिस गती से 90 साल में 30% काम हुआ, तो 100% होते होते, 300 साल लग जाते,
14:04200 और लगते।
14:07भारतिय बिजली करन रेलवे का शाद नहीं हो पाता।
14:14डीजल से ही रेल चलती, लेकिन बीते 12 वर्षों में बारत के करीब 99% निन्या नवे प्रतिशाद रेल नेटवर्क
14:30का बिजली करन हो चुका है।
14:36प्यूश मिश्रा जीन आज तक।
15:17प्यूश मिश्रा जीन आज तक।
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