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धर्म के आधार पर बनने वाले PAK के लोग आजादी क्यों मांग रहे? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार में हूँ श्वेता सिंग ब्लाक और वाइट में आपका स्वागत है।
00:04आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि धर्म के आधार पर बनने वाले पाकिस्तान के लोग अब आजादी क्यों मांग रहें।
00:10हैरान करने वाली बात ये है कि आज पाकिस्तान के टुकडे टुकडे होने की मांग करने वाले वहाँ के अल्प
00:16संख्यक नहीं, बल्के मुसल्मान हैं, जहे वो बलूचेस्तान हो, खैवर पखतुनवा हो या फिर पीऊ जेके.
00:22एक तरफ पाकिस्तान जहां चार हिस्सों में बटने की कगार पर खड़ा है
00:27वहीं दूसरी तरफ वहां की जनता आटे के लिए तरस रही है
00:31इसके बाद आपको बताएंगे कि आखर ट्रम्प इरान में पुल पावर ग्रेड रेल की पटरी को निशाना क्यूं बना रहा
00:38है
00:52जो अमेरिका दूसरों को ग्यान दे रहा था
00:55अब वहीं पिछले पाँच दिनों से इरान के पावर ग्रेड पुल और उर्जा धाचों पर लगातार बंबर सा रहा है
01:04जो नियम दुनिया के लिए है क्या वो अमेरिका पर लागू नहीं होता
01:09इसके बाद आपको बताएंगे कि कैसे भारत में ग्रीन एकॉनमी को ग्रीन सिगनल दिखा दिया गया है
01:14कार तक के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर रहने वाला भारत आज अपनी पहली हाइडरुजिन ट्रेन खुद बना चुका है
01:22जर्मनी की 742 करोड की ट्रेन के मुकाबले भारत ने केवल 112 करोड रुपे में ये स्वदेशी ट्रेन तयार कर
01:30ली है
01:31और आज PM मुदी ने इसे हरी ज़ंडी दिखा दी
01:34आखर मैं आपको क्रिकेट वोल्ल कप के नए फॉर्माट के बारे में बताएंगे
01:38जिसने खेल का पूरा समिकरण बदल दिया है
01:40आज इस बात का विशलिशन करेंगे कि क्या ज्यादा कमाई
01:44और भारत पाकिस्तान के बीच ज्यादा से ज्यादा मैच कराने के लिए
01:48ICC ने वन डे वोल्ल कप और T20 वोल्ल कप का फॉर्माट बदला
01:53लेकिन आज हम ब्लाक और वाइट के शुरुआत एक तारीख से करना चाहते है
01:56क्योंकि कहा जाता है कि इतिहास की सबसे बड़ी गवाही
02:00किताबे नहीं तारीखें देती
02:03ये तारीख 23 मार्च 1940
02:06जब लाहॉर के मिंटो पार्क में मुहम्मद अली जिन्नाह ने
02:10आल इंडिया मुस्लिम लीग का सबसे बड़ा अधिवेशन आयूजित किया था
02:15इसी अधिवेशन में लाहॉर प्रस्ताव पारित हुआ
02:18जिसके बाद पाकिस्तान रेजिलूशन के नाम से जाना गया
02:22पहली बार टू नेशन थियोरी को लोगों के सामने रखा गया
02:26जिसका उदेश्य था भारत की भूमी को हिंदू और मुसल्मानों में विभाजत करना
02:30और साल 1947 में ऐसा हुआ भी
02:34लेकिन क्या आप जानते हैं इस तारीक को हम आज क्यूं याद दिला रहे हैं
02:38इसलिए याद दिला रहे हैं क्योंकि जिस पाकिस्तान का जन धर्म के आधार पर हुआ
02:43और जिस विभाजन को तब ये कहकर पेश किया गया
02:47कि मुसल्मानों के लिए अलग देश ही स्थाई समाधान है
02:51आज लगभगा आठ दश्ञक बाद उसी पाकिस्तान में विभाजन की मांगे उट रही है
02:57और ये विभाजन मांगने वाले वहां के अलप संख्यक हंडून नहीं है
03:02इनमे बलूचिस्तान के मुसल्मान हैं इनमे खैबर पखतुन्वा के मुसल्मान हैं
03:07और इनमें पाकिस्तान के अवैद कबजे वाले जम्मू कश्मीर के मुसल्मान है।
03:12स्थिती ये है कि पाकिस्तान अब उस संकट में जाता हुआ दिख रहा है जिसकी भविश्यवानी कुछ सालों पहले हो
03:19गए थी।
03:20ये भविश्यवानी करने वाले अमेरिका का एक ग्लोबल थिंक टैंक था जिसका नाम है कानेजी इंडाउन्मेंट फॉर इंटरनाशनल पीस।
03:28इस थिंक टैंक ने अपनी रपोर्ट में बताया था कि पाकिस्तान चाहे जितनी कोशिश कर ले लेकिन मौजूदा हालात ऐसे
03:35हैं कि पाकिस्तान आने वाले भविश्य में चार हिस्सों में बढ़ सकता है।
03:40इन में पाकिस्तान का जो खैबर पक्तुनवा प्रांथ है वहाँ पक्तुन समुदाइस के लोग ज्यादा रहते हैं जो खुद को
03:47अफगानिस्तान का हिस्सा मानते हैं।
03:49और हो सकता है कि पाकिस्तान का ये प्रांत अफगानिस्तान में मिल जाए या पश्टूनिस्तान नाम का एक अलग देश
03:55बन जाए
03:56पिछले एक साल में तहरी के तालिबान पाकिस्तान ने पश्टूनिस्तान देश बनाने की मांग को लेकर कई हमले किये
04:03और यहां पाकिस्तान की सेना अब भी बहुत बड़े संघर्ष का सामना कर रही है
04:08दूसरा है बलूचस्तान प्रांथ जहां कई दशकों से आजादी के लिए आंदोलन चल रहा है
04:13और बलूचस्तान एक अलग देश बन सकता है जिसकी राजधानी ग्वादर या क्वेटा हो सकती है
04:19तीसरा है सिंध प्रांथ जहां सबसे ज्यादा अलप संख्यक रहते हैं
04:23और सिंध को सिंधु नाम का देश बनाने की मांग होती रहती है
04:27इसलिए पाकिस्तान का ये प्रांथ भी विभाजित हो सकता है
04:31और हाली में रक्षा मंतरी राजनात सिंग ने कहा था
04:34कि कोई नहीं जानता कि सिंध भी कल को भारत में शामिल हो जाए
04:39चोथा है पंजाब प्रांथ और ऐसा संभव है कि एक दिन पूरा पाकिस्तान सिर्फ पंजाब प्रांथ तक सीमित रह जाए
04:48और ऐसा क्यूं हो सकता है उसके लिए आज आपको ये आकड़े देखने होंगे
04:53आज पाकिस्तान की आबादी तिरपन प्रतिशत आबादी अकेले इसी पंजाब प्रांथ में रहती है जबकि 23 प्रतिशत आबादी सिंध प्रांथ
05:03में रहती है
05:0417% आबादी खैबर पखतुनवा में रहती है और केवल 6% आबादी बलूचस्तान में रहती है
05:11सुची आधा पाकिस्तान केवल पंजाब में रह रहा है और यही कारण है कि पंजाब प्रांथ का हमेशा से खास
05:18खयाल रखा जाता है
05:19और जो बाकी प्रांथ हैं उनकी अंदेखी होती हैं इन प्रांथों में आजादी के लिए विद्रोख किया जाता है। इन
05:26में भी सबसे ज्यादा विद्रोख बलूचरस्तान में होता है जिसकी पाकिस्तान के कुल खेतर फल में 44 प्रतिशत की हिस्सेदारी
05:34है। इसका मतलब य
05:45बलूचनेता मीरियार बलूच का दावा है कि उनके प्रांथ के 85 प्रतिशत इलाकों पर पाकिस्तान का नियंतरन खत्म हो गया
05:52है। और उन्होंने बलूचिस्तान की आजादी की घोशना कर दी है। अगर बलूचिस्तान एक अलग देश बन जाता है तो
06:00क्षेतर फल के मामले
06:01में ये जर्मनी से भी बड़ा देश होगा। पाकिस्तान में उर्जा संकट पैदा हो जाएगा क्योंकि पाकिस्तान की 40 प्रतिशत
06:09गैस, कोईले और बिजली का उत्पादन अकेले इसी प्रांथ में होता है। इसी बलूचिस्तान में चीन का भी काफी कुछ
06:17दाव पर लगा
06:18हुआ है। चाइना पाकिस्तान एकोनोमिक कॉरिडोर जिसे सीपाक भी कहते हैं वो पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ही बन रहा है।
06:26और पाकिस्तान का ग्वादर पोर्ट भी बलूचिस्तान प्रांथ में है जिसे पाकिस्तान ने चीन की एक कंपनी को 40 साल
06:33की लीज पर दे
06:47पालने की जो डील की है उसमें सबसे ज्यादा ओयल रिजर्व और दुरलब खनिज बलूचिस्तान में ही हो सकते हैं
06:53ऐसे में अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान के हाथ से निकला तो ये इस सदी का सबसे बड़ा विभाजन माना जाएगा ऐसा
07:01विभाजन जिसमें शायद बलू
07:16सस्ती बिजली, सस्ते अनाज और नौकरियों को लेकर जन विद्रोह भरका हुआ है वहां के मुसल्मान भी यही कह रहे
07:22हैं कि उन्हें पाकिस्तान से मुक्ति चाहिए बस सिती ये है कि फिल्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर ने पाकिस्तानी रेंजर्स
07:31के 8000 अतरिक जवानों क
07:33प्यो जेके में तैनात कर दिया है दूसरी तरफ गिल्गिट बल्टिस्तान की विधान सभा ने एक सयूक प्रिस्ताव पारित किया
07:39है जिसमें पाकिस्तान की सरकार्ट से ये मांग हुई है कि गिल्गिट बल्टिस्तान को एक प्रांत का दर्जा दिया जाए
07:45और ये सब कु�
08:01लोग इसी पाकिस्तान के अलग अलग प्रांतों में उसे आजादी मांग रहें और इसे ये भी पता चलता है कि
08:0723 मार्च 1940 को जो मुहम्मद अली जिन्ना ने धर्म के आधार पर भारत के बंटवारे को स्थाई समस्या का
08:14समाधान बताया वो सही नहीं था और पाकिस्तान के ये ह
08:32उसे लिझादी कर से साथने लोग देशत कारत नहीं है ये इस दद्धी के वारस है अच्छी के पाड़ुता है
08:47जिन्तान के बतन हैं
08:52जिन्टन और उसकी अभाज़ता है
09:20पाकिस्तान में आजाजादी के साथ आटे का सवाल भी गुंजा
09:23कुछ वक्त पहले पाकिस्तान के पंजाब राज्य के खाद्य विभाग ने बिना किसी लिखित आदेश के गेहूं की आपूर्ती और
09:31ट्रांस्पूर्ट पर्मिट को ब्लॉक कर दिया था
09:33और इसके बाद हालात ऐसे बिगड़े कि अब पाकिस्तान में लगभग 45 बड़ी आटा मिले पूरी तरह बंद होने के
09:40कगार पर आ गई है
09:42पाकिस्तान फ्लोर मिल्स असोसियेशन ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही गेहूं की आपूर्ती बहाल नहीं की गई
09:50तो इसलामाबाद, रावलपिंडी, मरी और कोटली जैसे इलाकों में आटे की भारी किल्लत हो सकती है
09:57अगर ऐसा हुआ तो ये पहली बार नहीं होगा
09:59पाकिस्तान में ये परंपरा बन गई है
10:01कि वहां हर छे महिने में आटे के लिए लंबी-लंबी लाइने लगती है
10:04और गेहूं का ऐसा संकट भी तब पैदा होता है जब पाकिस्तान में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार होती है
10:11कई बार ये सवाल पुछा जाता है कि जब पाकिस्तान में गेहूं का इतना उत्पादन होता है
10:16तो पाकिस्तान में आटे के लिए लोगों को तरसना क्यों पड़ता है? इसके पीछे एक विचित्र सा कारण है।
10:22विचित्र हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान में इस आटे से अक्सर रष्टाचार की रोटियां सेकी जाती है
10:30पाकिस्तान में शायद ही कोई राजनीतिक पार्टी ऐसी होगी जिसके पास वहाँ आटे की मिलना हो
10:35नवाज शरीफ, अभी जो प्रधान मंत्री है शैबाज शरीफ, बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान के बड़े-बड़े मंत्री, अलग-अलग प्रांतों के
10:44मुख्य मंत्री
10:46वहाँ आटे की मिलों पर इन सब ने कबजा किया हुआ है
10:49और आरोप लगता है कि यही राजनीतिक परिवार आटे का एक संकट पैदा करते हैं, और दूसरा, वहाँ सरकार आटे
11:01की जरूरी खरीद कभी पूरी ही नहीं कर पाती
11:04जिसके कारण बड़े-बड़े दुकानदार और प्रभावशाली लोग आटे की जमा खोरी कर लेते हैं
11:10और जब आटे की किल्नत पैदा होती है तो यही आटा काला बाजार में उचे दामों पर बेचा जाता है
11:17और कई बार ये भी आरोप लगते हैं कि पाकिस्तान की सरकार जान बूज कर आटे का संकट पैदा करती
11:23है
11:25अंग्रेजी में सिधानत को manufactured scarcity भी कहते हैं
11:29इसका मतलब होता है किसी चीज की कमी को जान बूज कर बनाएं रखना या उसका प्रबंधन इस तरह करना
11:35कि लोग लगातार उसी समस्या में उलजे रहें
11:38ऐसा इसलिए भी किया जाता है ताकि रोजमर्रा की जरूरतों में लोग इसकदर उलज जाएं कि बाखी बड़े मुद्धों पर
11:44सवाल न पूछे
11:46ये तरकीब कई देशों में अपनाई जाती है लेकिन पाकिस्तान इसमें अवल रहता है और यही कारण है कि पाकिस्तान
11:52के लोग फिर से पूछ रहे हैं आटा कहां मिलेगा
12:08आटा डीलर से मताज़क होल सेल मारकेट में 20 किलोग्राम फाइनाटे का 13,000 रुपे में फरुख दो रहा है
12:21इसमें पूरे मुल्ट में जो रुटी 14 रुपे में मिल रहे हैं और जो नान थे हैं वो 30-35
12:27रुपे में लोगों को मेंट रहे हैं
12:36अच्छा कि में मिलता है 11,000 रुपे और दूसरी तरफ क्यू द्रया सिंक राउस करो वो तदरा सो हो
12:42जाता है
12:50कराची में 20 किलो आटाव तक्रीबन 18,000 रुपे में मिलता था इस वक वो तक्रीबन 39,000 रुपे में
12:56मिल रहा है
13:05अब आपको ये बताते हैं कि अमेरिका इरान के नागरिक धाचों को निशाना क्यूं बना रहा है
13:12साल 2022 याद करिये रूस और यूक्रेन का युद्ध चल रहा था
13:16तब अमेरिका पहला ऐसा देश था जिसने यूक्रेन के पावर ग्रेड बांधों पुलों और उर्जा धाचों पर हमले करने के
13:23लिए
13:23रूस की सेना की आलोचना की थी
13:26अमेरिका ने शब्द शख कहा था
13:28रूस अंतराश्रिय नियमों का उलंगन कर रहा है उसे रोका जाना चाहिए
13:33इसी युद्ध के बाद रूस के राश्च्रोपती व्लादिमेर पुतिन के खिलाफ
13:37इंटरनाशनल क्रिमिनल कोर्ट ने अरेस्ट वार्डन जारी किया
13:40लेकिन अब 2022 से 4 साल आगे 2026 में आईए
13:45जो अमेरिका युक्रेन के नागिक धांचों पर रूसी हमले को अपराध बता रहा था
13:50वही अमेरिका पिछले 5 दिनों से लगातार इरान के पावर ग्रेज, पुल और उर्जा धांचों को निशाना बना रहा है
13:59जिन कानूनों का पालन अमेरिका पूरी दुनिया से कराना चाहता है
14:04उन्ही कानून का पालन वो खुद क्यों नहीं करता
14:06आरूप है कि कल रात अमेरिका ने दक्षणी एरान के हॉर्मोजगन प्रांट में पाँच पुलों पर हमले किये
14:13जिन में कुल आठ लोग मारे गए इस युद में इतनी मौतें अपरेल महीने के बाद हुई है
14:19और इसके बाद इस युद ने और भी खतरनाक रूप ले लिया है
15:09अगर अमेरिका का लक्ष इरानी सेना और उसकी मिसाईल ख्रांट में पाद लिया है
15:21इसके पीछे अमेरिका का सबसे बड़ा तर्क यह है कि इन जगों का इस्तमाल डूल यूज होता है
15:26डूल यूज यानि कि जो पुल सड़कें पावर प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अभी इरान में है
15:31वहाँ उसकी सेना छिपी हुई है और इसी लिए छिपी हुई है क्योंकि किसी भी युद में नागरिक धाचों को
15:37बहुत आसानी से निशाना नहीं बनाया जाता है
15:39इसी कारण ये नागरिक धाचे सुरक्षित माने जाते हैं और कई बार वहाँ युद लड़ने वाली सेना ये शरण ले
15:45लेती है
15:46अमेरिका कारूप है कि इरान की सेना भी यही कर रही है और वो इसके पीछे दक्षणी इरान का उदाहरण
15:51देता है
15:53दक्षणी इरान का मतलब उस इलाखे से है जो स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज के किनारे पर मौझूद है
15:57अमेरिका कारूप है कि इन ही इलाकों से इरान हॉर्मूज को नियंत्रित करता है
16:02और इस नियंत्रण को कमजोर करने के लिए वो सैन्य ठिकानों में बदले इन सभी नागरिक ठिकानों को नश्ट कर
16:10रहा है
16:10अब ये दलील अमेरिका की है जिससे इरान साफ इंकार करता है
16:15इरान कहता है कि अमेरिका उस पर बाचीत का दबाव बनाने के लिए इन नागरिक धांचों को निशाना बना रहा
16:21है
16:21और ये बात राश्चुपटी ट्रम्प ने खुद भी कही थी
16:24उन्होंने एक इंट्रव्यू में इसी हफते कहा कि अगर इरान बाचीत के लिए तैयार नहीं हुआ
16:29तो अमेरिका उसके पावटलांस और पुलों पर हमले करेगा और इरान का रोप है कि यही हो रहा है अभी
16:34इन हमलों के पीछे एक ठियोरी और चल रही है जिसका जिकर अल जजजीरा ने अपनी रिपोर्ट में किया
16:39इसमें कहा गया कि अमेरिका ऐसी उमीद कर रहा है कि अगर नागरिक धांचों पर हमला होने से इरान में
16:46आर्थिक परिशानी बढ़ेगी
16:47तो वहां के लोग रोजमर्रा की संकट में सरकार के खिलाफ बागी हो जाएंगे
16:52जनता में असंतोश बढ़ेगा जनता युद्ध को रोक कर बाचीप करने के लिए इरान की सरकार पर दबाओ बनाएगी
16:58आलकि ये सिर्फ एक अनुमान है ऐसा होगा या नहीं कोई नहीं कह सकता
17:03इस पूरी खबर में तीन बातें बहुत महत्वपूर्ण है
17:07पहली बात अगर नागरिक धांचों पर हमला अंतराश्य कानूनों का उलंगन है तो अमेरिका इनहीं क्यों नहीं मानता
17:15दूसरा अगर अमेरिका के मताबिक इरान की सेना इन नागरिक धांचों को अपनी धाल बना रही है तो ऐसी स्थिती
17:23में फिर क्या होना चाहिए
17:25ये सवाल पिछले साल इस्रेल ने भी पूछा था जब गाजा की मस्जिदों और अस्पतालों में हमास के आतंकी छिपे
17:32थे
17:45यहां भी आतंकीयों ने मस्जिद बनाई हुई थी और मस्जिद को अपनी धाल बनाया था इससे यही सवाल उठता है
17:50कि अगर ऐसी स्थिती पैदा हो जाए तो क्या किया जाए
17:54हालकि यहां फिर यह सपश्ट करना चाहते हैं कि नागरिक धांचों को इरान की सेना द्वारा धाल बनाने के आरोख
18:01अमेरिका के हैं और इरान ने इन्हें गलत और बेबुनियाद बताया है
18:06इरान यही कह रहा है कि अमेरिका अपने अपराद को छिपाने के लिए जूठे दावे गड़ रहा है
18:13इस युद्ध के बीच दो और ऐसी खबरे आई जो अमेरिका और खासकर राश्ट्रोपती डॉनल्ड ट्रम्प को ज़रूर चिंतित करेंगी
18:20इनमें पहली खबर यह है कि दुनिया के बड़े देश अब अमेरिका से ज्यादा चीन पर भरोसा कर रहे हैं
18:27यह रिपोर्ट अमेरिका के ही मशूर थिंक टैंक प्यूर रिसर्च ने प्रकाश्ट की है
18:32और इसके लिए राश्ट्रोपती ट्रम्प को वज़े बताया है
18:50और चीन को 32 प्रतिशत लोगों ने सकरात्मक माना था
18:54लेकिन अब ये कहानी पूरी तरह पलट गई है
18:57अब इन 20 देशों में 36 प्रतिशत लोग अमेरिका के लिए सकरात्मक राय रखते हैं
19:03जबकि चीन के लिए यही आंकड़ा 46 प्रतिशत है
19:06हालकि इसमें भी एक क्याच है
19:08दुनिया की ज्यादा देशों में चीन के मुकाबले अमेरिका पर भरोसा कम हो रहा है
19:13लेकिन भारत अब भी चीन के मुकाबले अमेरिका को ही विश्वसनिया पानता है
19:17भारत में 45% लोगों ने अमेरिका की प्रति विश्वास जताया जबकि चीन के समर्थन में सिर्फ 23% लोग
19:24ही नज़र आए
19:25अगर राश्टुपती ट्रम्प की बात करें तो भारत में 49% लोग उनका समर्थन करते हैं जबकि राश्टुपती शी जिनपिंग
19:32में विश्वास दिखाने वाले 25% लोग है
19:35इससे भी तिलचस्प बात यह है कि अमेरिका की राश्रुपती ट्रम्प आजकल पाकिस्तान की तारीफ करते नहीं ठकते
19:42लेकिन ये रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान की 83 प्रतिशत लोग शी जिनपिंग को विश्वसनिय मानते हैं
19:49ट्रम्प का समर्थन केवल 12 प्रतिशत लोग वहाँ पर करते हैं इसे ये भी पता चलता है कि पाकिस्तान में
19:56अमेरिका की राश्रुपती ट्रम्प को नापसंद करने वाले ज्यादा है और शायद ऐसा इसलिए भी है क्योंकि एरान युद्ध के
20:02बाद दुनिया की मुसलिम आ�
20:19अपरेटर रहे गेब्रिल पेरेज विवादों में घिर गए हैं आरोप है कि उन्होंने ट्रम्प के कई भाशनों की अंदरुनी जानकारी
20:26का इस्तमाल करते हुए ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट पर जुआ खेला और इससे एक लाख डॉलर से ज्यादा की कमाई की
20:35यानि राश्ट्रपती अमेरिका के जो है डॉनल्ड ट्रम्प वो जो टेली प्रॉम्टर मशीन में देखकर जो भाशन पढ़ते हैं वो
20:45मशीन इनके द्वाराग चलाई जाती थी और इसके कारण गेब्रियल परेज को पता हुता था कि ट्रम्प आज क्या कहने
20:52वाले है इसी
20:53चीज का फाइदा उठाकर उन्होंने ओनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट में जुवा खेला और ये दाओ लगाया कि आज ट्रम्प क्या कहेंगे
21:01और इस जुए के साहरे उन्होंने भारतिये रूपियों में लगभग एक करोड कुपक कमा लिये
21:07इन आरूपों के बाद गेब्रियल परेज को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया गया लेकिन यहां ये भी सोचिए
21:13अमेरिका में ये हो क्या रहा है
21:16खैर आगे बढ़ते हैं आपको भारत की पहली हाइडरुजिन ट्रेन की कहानी बताते हैं कहानी इसलिए क्यूंकि अगर हमने आपको
21:23यह बताया कि भारत को उसकी पहली हाइडरुजिन ट्रेन मिल गई है और प्रधानमंत्री मोधी ने उसका उधगाटन कर दिया
21:29है तो शाय�
21:42पीपल्स कार बनाई जाए इसके लिए 1971 में मारूती लिमिटेड नाम की एक कंपनी बनाई गए और बाद में इसके
21:49लाइसेंस और जमीन आवंटन को लेकर खूब विवाद हुए
21:52नतीजा ये निकला कि साल बीटते गए भारत खुद से अपनी पहली पीपल्स कार नहीं बना पाया
21:57इसके लिए हमें जापान की सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को अपना साज़ेदार चुनना पड़ा
22:02और इसके बाद विदेशी तकनीक और सहयोग से 1983 में मारूती 800 कार लॉंच की गए
22:09ये कहानी उस दौर की थी जब हमारे लिए खुद कोई चीज बनाना असान नहीं था
22:14और हम विदेशी तकनीक और सहयोग पर निर्भर रहते थे
22:17अब साल 1983 से आज के भारत में लोटते हैं और इस hydrogen train की बात करते हैं
22:25जब भारत ने पहली बार ये तैय किया कि हमारे देश में भी hydrogen train होनी चाहिए
22:29तब हर बार की तरह पहला विकल्प यही था कि हम इस ट्रेन को दूसरे देशों से खरीद ले
22:36इसके पीछे एक कारण ये भी था कि hydrogen train का concept बहुत ज्यादा पुराना नहीं था
22:41सिर्फ 10 साल पहले 2016 में दुनिया की पहली hydrogen train की को एक प्रदर्शनी में पेश किया गया
22:48दो साल बाद 2018 में जर्मनी दुनिया का पहला ऐसा देश बना जिसने hydrogen train का संचालन शुरू किया और
22:55डीजल ट्रेनों को
22:57का इन्हें विकल्प बनाया इसके बाद France, Italy, चीन और जपान में पाइलिट प्रोजेक्ट या सीमत स्तर पर ऐसी hydrogen
23:05train चलाए गई और यह क्लब केवल इनहीं देशों तक सीमत रहा अब भारत अगर पुराने तरीकों से सोचता तो
23:12हम अपनी पहली hydrogen train चलाने के लिए इनमसे किस
23:27रेलवे ने hydrogen for heritage कारेक्रम के तहत इस पर योजना की शुरुआत की, 2022-23 में पहली बार घोशना
23:33की गई कि भारतिय रेलवे अपने network पर hydrogen trains को विक्सित करेगा ताकि भविश्य में rail network का carbon
23:40उतसर्जन कम किया जा सके, यह बात बहुत ज्यादा पुरानी नहीं थी, सिर्फ चार सा
23:50सालों में देश का पहला hydrogen train set तयार हो चुका है, और जानते हैं यह महत्वपूर्ण क्यों है, आठ
23:57साल पहले जर्मनी ने जो दुनिया की पहली hydrogen train चलाई, वो 742 करोड रुपे की थी, अगर हम उस
24:04train को खरीदने जाते तो शायद उसमें काफी वक्त लग जाता और पैसा भी ख
24:20के मुकाबले हमने 630 करोड रुपे कम खर्च किये और न सिर्फ बचत की हमने, बलकि इस train को अपने
24:27लोगों के हिसाब से बनाया, दुनिया के ज्यादतर देशों में hydrogen train ने केवल 2-4 कोच की हैं और
24:35सीमत यात्रियों के लिए बनाई गई है, जबकि भारत की पहली hydrogen train 10 कोच की ह
24:40और इसमें लगबग 2600 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी, यानि भारत ने सिर्फ hydrogen train नहीं बनाई बलकि
24:48इसे अपने लोगों के हिसाब से कस्टमाइज किया और कोई भी देश ऐसे ही तो आगे बढ़ता है, आज प्रधान
24:55बंतरी मोधी ने जिस hydrogen train को हरी जंडी दिख
25:08और इससे हम परियावरण को भी बचा पाएंगे
25:57यह पहली ऐसी ट्रेंड है, जो hydrogen fuel पर चलेगी और इस साथ ट्रेंड के अगर खासत की बात करें
26:04तो इसमें
26:05दस डबे हैं, आठ ट्रेल कार हैं, दो इंजन हैं और यह तो इंजन हैं, वो पूरे तरह सा hydrogen
26:11fuel के उपर काम करते हैं
26:13इसमें एक chemical reaction होता है जो hydrogen, oxygen और एक membrane की मिलने के बाद बनता है
26:18और इस chemical reaction से बिजली का उच्छपादन होता है और उसी बिजली से यह train चलती है
26:24जीन से सोनीपत के बीच में यह train चलने जा रही है, जिसकी maximum speed 130 km परती घंटा है
26:43यह पहली ऐसी train है, जो सबसे clean fuel पर चलने वाली है, जो hydrogen का इस्तेमाल करके इस train
26:51को चलाया जाता है
26:52इसमें सिर्फ दो चीज़े निकलती है, अगर बाइप्रोडक्स की बात करें, वो है water, vapor और heat
26:58इसके अलावा किसी पे तरह का कोई pollutionist रहें से नहीं होता है, और cleanest mode of transportation में यह
27:04train शुमार हो जाती है
27:07अब यहाँ इस पदलाव को भी देखिए कि भारत अब कच्छे तेल और natural gas के ऐसे विकल्प तैयार कर
27:13रहा है, जो उसकी ऊर्जा निर्भरता को भी कम करेंगे
27:16और जो green economy को भी मजबूत करेंगे, जैसे आज पेट्रोल में ethanol को मिलाया जा रहा है, जो गन्ने
27:23धान और मक्के से बनता है
27:24डीजल में isobutanol मिलाने का प्रस्ताव है, जो कम कार्बन उचसरजन करता है, गाडियों को भी electric mobility पर शिफ्ट
27:32किया जा रहा है, जिसमें गाडियां भी अब electric आ रही है
27:35और बिजली में भी nuclear power और solar energy को विकल पनाये गया है, जिसे कोईला कम जलाना पड़े
27:42आखिर में खेती में भी biofuel को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आप ये समझ पाएंगे कि भारत green
27:48economy बनने के लिए तयार है
27:50और ये ऐसे बदलाव हैं जो आज से 10 साल बाद भारत को काफी हद तक बदल कर रख देंगे
27:56हालनकि यहां हम इस बात को जोड़ना चाहते हैं कि पेट्रोल में इथनॉल को मिलाने से परियावरण को लेकर कई
28:02फाइदे हैं
28:03लेकिन इसी के साथ इथनॉल को लेकर लोगों की भी कई चिंताएं हैं जिन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं
28:10आगे बढ़ते हैं आपको ये बताते हैं कि कोई व्यक्ति कट्टर पंथी बन सकता है या नहीं इसका सटी का
28:17नुमान कैसे लगाया जा सकता है
28:19ये सवाल इसलिए पूछ रहे हैं हम क्योंकि CPM के राज्य सभासांसर जॉन ब्रिटास ने गुजरात पुलीस के आंटी राडिकलाइजेशन
28:28सेल की एक S.O.P को लेकर सवाल उठाएं
28:31S.O.P का मतलब वो कुछ संकेत जिनकी मदद से ये पता लगाया जा सके कि कौन व्यक्ति कट्टर
28:39पंथ की तरफ जा रहा है
28:41जैसे गुजरात के आंटी राडिकलाइजेशन सेल की इस S.O.P में कुछ ऐसे व्यवहार या संकेत बताए गए हैं
28:48जिन पर पुलिस को नजर रखने को कहा गया है
28:51इन में लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति अचानक लंबी दाढ़ी रखने लगे नकाब पहन कर रहे रोज मर्रा की
28:57बाक्चीत में अर्भी भाशा का ज्यादा इस्तमाल करे धार्मिक कारणों से नौकरी छोड़ दे बार-बार मस्जिद या मदर से
29:03जाए विदेश शी या सं�
29:05संदिग्द ओनलाइन कॉंटेंट देखे, एन क्रिप्टेड अप्स का इस्तमाल करे, कटर पंथी संगठनों के सोशल मीडिया अकाउंट या कॉंटेंट को
29:13फॉलो करे और संदिग्द लेंदेन या क्रिप्टो करनसी का इस्तमाल करे, तो उस व्यक्ति पर नजर रखी जानी
29:31उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री को पत्र लेकर कहा है कि केवल दाड़ी रखना, नकाब पहनना या अर्बी भाषा के शब्द
29:38बोलना किसी को कट्टर पंथी नहीं बनाता, और इससे एक खास समुदाय के लोगों की धार्मिक पहचान के आधार पर
29:45प्रोफाइलिंग
29:46हो सकती है जो समविधान के खिलाफ है जबकि गुजरात सरकार और पुलिस का पक्ष ये है कि इन एसोपीज
29:53का उदेश्य किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है और ये केवल आशंकित कट्टर पंथी गतविधियों की शुरुआती
30:02पहचान के लिए दिशा न
30:15पिलाकर ही आगे की जाच की जाएगी ये सवाल सुरक्षा और खुफिया एजंसियों के लिए हमेशा से रहा है कि
30:22वो कट्टर पंथ की तरफ जाने वाले संदिग्धूं की पहचान कैसे करें जब वो ऐसे लोगों के लिए एक प्रोफाइलिंग
30:40करती है या उनके व्यवहार
30:45की तरफ जाते हैं वो किसी न किसी धर्म से ही होते हैं उनके कट्टर पंथ का संकेत उनके व्यवहार
30:50से पता चलता है यही कारण है कि पुलिस और एजंसिया ऐसे संकेतों को अपने लिए मददगार मानती है और
30:57ये भी पूछती है कि अगर उन्हें धार्मिक कट्टर वाद �
31:00तो वो बिना ऐसे लोगों की प्रोफाइलिंग के कैसे काम करें और ये चुनौती सिर्फ भारती एजंसियों के सामने नहीं
31:06है यूरोपीन यूनियन ने भी ऐसी एसोपी बनाई है जिसे किसी व्यक्ति की धार्मिक प्रोफाइलिंग हो सकती है और वहाँ
31:13है इस पर विवाद
31:15हुआ है लेकिन दुनिया भर की खुफिया और सुरक्षा एजंसिया यही सवाल पूछती है कि जब कटरवाद धर्म के आधार
31:22पर फैलता है तो वो इसकी एसोपी कैसे बनाई है जब इस एसोपी को लेकर इतना विवाद है तभी गुजरात
31:31से एक ऐसी खबर आई है जिसमें
31:33कुछ संदिग्द आतंकी न सिर्फ बम बना रहे थे बलकि उनका बमों में विसपोट करके उनका परीक्षन भी कर रहे
31:40थे जाच में सामने आया है कि मुख्यारोपी अमीन शेरा अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन और स्थानिया बाजार से
31:50गन पाउडर और दूसरी च
32:02कैसे किया जाता है इस मामले में बिलाल नाम के आरूपी को एहमदाबाद से गिर्फतार किया गया जबकि कुछ अन्या
32:10आरूपीयों को अलग-अलग मदर्सू से हिरास्त में लिया गया
32:16पूछताच में ये भी सामने आया है कि करीब तीन साल पहले बिलाल ने अमीन को एक टेन ड्राइव दी
32:22थी
32:35और उसमें जैशे मुहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के भाशन और कट्टर पंथी वीडियो मौजूद थे
32:41जांच एजनसी का कहना है कि अभी एक ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है कि आरूपियों को किसी आतंकी संगठन
32:46से सीधे धमाका करने का आदेश मिला था
32:49आरूप है कि वो अपने स्तर पर बम बनाने और उसका परीक्षन करने की कोशिश कर रहे थे
32:54इनमें भी जांच की सबसे बड़ी कड़ी पाटन जिले के जमिया अब्दुल हसन वक्फ मदर्से तक पहुँच गई है
33:01जांच एजनसीयों का दावा है कि गिरफतार आरूपियों से पूछताच में पता चला है
33:05कि इसी मदर्से में बम बनाने की प्रक्टिस की जाते थी
33:08और आरूप है कि पास की नदी के किनारे जाकर छोटे-छोटे विस्पोर्ट करके उनका परीक्षन भी किया जाता था
33:35कि देख सकते हैं से इसी मदरेशा से जो पांच आरूपियों उसमें से कूछ आतंकी है जो इसी मदरेशा से
33:41वह अभ्यास कर रहे थे
33:44संदीक्तों को गिरपतर करने के बाद जास एंसेंसी दावा किया है कि आरूपी प्रत्यबंदीत संग्ठीन जैस ए मोहमद की विचार
33:51दरा का प्रचार प्रसार कर रहे थे
33:52और गुजरात में उसका नेटवर्ट खड़ा करने की कोशिस में भी जूड़े थे
33:59प्रसा ये भी हुआ के खेतों में पर उसका परिक्षन बे हुआ किया था एटीएस के अनुसार उन्होंने कई बार
34:06परिक्षन करने की कोशिस की थी लेकिन वे सफल नहीं हुए थे
34:20अगर हमारा बच्चा को शुरुवार है और देश के खिलाब काम करने जाता है
34:25है तो हम बहुत दुखी है उसके काम के साथ हम नहीं रहे है इन आट आरोपियों का जब इंट्रोकेशन
34:37किया गया और इनके घर पे जब सर्चेज की गई तो इसके अंदर हमें जैशे मुहमत के फ्लैग मुलाना मसूद
34:44अजर की किताबें और इन आरोपियों के द्वारा जो
34:47मसूद अजर को लिखे के खत थे वो सब मिले साथ साथ में टेरर फंडिन के लिए इनके पास जो
34:52पैसा आया था उसमें से भी एक लाग तीस जार की रिकावरी की गई
34:56इन लोगों के डिटेल्ड इंट्रोगेशन में इनके फोन के उपर से बहुत सारे पाकिस्तानी कनेक्शन्स मिले इन लोगों की जो
35:03टास्किंग की जारी थी गाड़ी पर्चेस करना एक घर के आउट्सकर्स में लेना इन सब के बारे में भी जो
35:08तथे हैं वो डूरिंग इन्
35:25लेकिन जानते हैं इस मैच से पहले पूरी दुनिया में और खास कर मुसलिम देशों के मीडिया और सोशल मीडिया
35:30पर क्या चर्चा हो रही है चर्चा ये हो रही है कि आजिंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी इसरेल का समर्थन
35:35करते हैं और इसलिए मुसलमानों को फुटबॉ
35:49जाने जाने वाले मेसी ने अपनी पूरे करियर में बहुत कम मौकों पर राजनी तिक बयान दिये हैं लेकिन पिछले
35:55कुछ वर्षों में मेसी का नाम कई बार इसरेल यहूदी समुदाय और जियोनिजम से जुड़े विवादों में खीचा गया कुछ
36:02इसरेल विरोधी समु
36:14पूरी है कि लियोनेल मेसी यहूदी नहीं है वो क्याथलिक इसाई है और वो अपने गोल का जशन अकसर आस्मान
36:22की ओर देखकर मनाते हैं जो उनकी दिवंगत दादी सेलिया के प्रती शद्धा का प्रतीक मना जाता है हालनकि फिर
36:28भी उन्हें इसरेल से जोड़ा जाता है औ
36:44इसमें दुनिया भर के यहूदी खिलाडी हिस्सा लेते हैं इसके बाद 2013 में बारसलोना फुटबॉल क्लब के साथ मैसी इसरेल
36:51के दौरे पर गए थे इस दौरान उन्होंने जिरूसलम स्थित वेस्टन वॉल का दौरा किया और ये दौरा इसरेली और
36:58फिलिस्तिनी बच्च
37:11की लेकिन इनहीं तस्वीरों को लेकर बाद में मैसी को कुछ लोग इसरेल का एजन्ट बताने लगे
37:182014 में पूप फ्रांसिस की पहल पर रोम में एक मैच फॉर पीस आयोजित किया गया था इसका उदेश था
37:25इसरेल और फिलिस्तीन के बीच शांती का संदेश देना
37:29मैसी ने इस पहल का समर्थन किया था हलाकि चोट के कारण मैच नहीं खेल पाए जिससे उनकी मंशा पर
37:34फिर सवाल उठाए गया
37:36और सवाल उठाने का कारण ये था कि इस मुकाबले में दुनिया के कई बड़े खिलाडी शामिल हुए थे लेकिन
37:41मैसी इसमें नहीं आये थे
37:432016 में भी मैसी एक विवाद में तब फंस गए जब उन्होंने अपने फुटबॉल जूपते एक चारिटी के लिए दान
37:50किये
37:51मिस्र में कुछ लोगों ने इसका विरूद किया और उन पर ये आरूप लगाया कि वो इस्रेल समर्थक है
37:58मिस्र फुटबॉल फेडरेशन के एक अधिकारी ने भी मैसी की आलूचना की
38:02हालंकि इस पूरे विवाद में एक गलत दावा भी सामने आया कि मैसी यहूदी है
38:08सचाई यही है कि मैसी काथलिक एसाई है यहूदी नहीं है और ये कई रेपोर्ट्स में लिखा गया है
38:14लेकिन फिर भी लिएनल मेसी को इस्रेल और यहूदी बता कर उनके खिलाफ दुनिया में एक कैमपेंड चल रहा है
38:20और ज्यादातर मुसलिम देश स्पेन का समर्थन कर रहा है
38:23और ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि स्पेन के फुटबॉल खिलाडी लामिन यमाल फिलिस्तीन का समर्थन करते हैं
38:30और मैच के दौरान पहले मैदान पर फिलिस्तीन का जंडा भी लहरा चुके है
38:36यानि कहानी अब ये हो गई है कि आजन्टीना और स्पेन के फाइनल मैच को इसरेल बनाम फिलिस्तीन के लड़ाई
38:41का केंदर बना दिया गया है
38:42और इसमें भी लियोनेल मैसी को लेकर खुब जूट फैलाय जा रहे है
39:30अब आपको क्रिकेट की दुनिया से एक बेहत दुखत खबर के बारे में बताएंगे
39:34जो एक युग के अंत की तरह है
39:37दुनिया के सबसे महान ओल राउंडर में से एक सरगाफील सोबर्ज
39:41जहने लोग ग्यारी सोबर्ज के नाम से जानते हैं
39:44उनका 89 साल की उम्र में निधन हो गया
39:47क्रिकेट के इतिहास में कई महान खिलाड़ी हुए
39:50लेकिन सरग्यारी सोबर्ज जैसा कोई दूसरा नहीं हुआ
39:52वो बाइहाथ से विसफोटक बल्लेबाजी करते थे
39:55बाइहाथ से ही तेज गेंबाजी करते थे
39:58और जब जरूरत होती तो स्पिन गेंबाजी से भी बल्लेबाजों को
40:01चक्मा दे देते थे
40:02यानि वो बाटिंग भी करते थे तेज गेंद बाजी भी और स्पिन गेंदे भी फेकते थे
40:07फील्डिंग में भी उनका कोई सानी नहीं था
40:091954 से 1974 के बीच वेस्ट इंडीज के इस जाबाज ने
40:13ट्रिकेट के मैदान पर अपनी ऐसी बाज़ाहत कायम की जिसे देखकर
40:17और खुद सर डॉन ब्राडमन ने उन्हें दुनिया का सबसे संपूर्ण क्रिकेटर बताया था
40:23ग्यारी सोबर्स के नाम रिकॉर्ड्स की वो लंबी फेहरिस्थ है जो सदियों तक याद रखी जाएगी
40:30सबसे पहले एक ओवर में छे छक्के लगाने का रिकॉर्ड्स ग्यारी सोबर्स के ही नाम है
40:35ऐसा उन्होंने फर्स क्लास क्रिकेट में किया था
40:371958 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने नाबाद 365 रनों की पारी खेली थी
40:43जो 36 सालों तक टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा
40:49जिसे बाद में ब्राइन लारा ने तोड़ा
40:5193 टेस्ट मैचों में 8000 से ज्यादा रन और 235 विकेट
40:57ये आंकडे उनकी बेमिसाल काबिलियत की गवाही देते है
41:06अब क्रिकेट फैंस के लिए ICC ने एक ऐसी ख़बर दी है
41:09जिसने पूरे खेल का समीकरण बदल कर रख दिया है
41:12अगर आप सोचते हैं कि वर्लकप में ग्रूप स्टेज में 2-4 मैच जीत कर
41:15कोई भी टीम आसानी से आगे निकल जाएगी
41:17तो अब ऐसा नहीं होने वाला
41:20ICC ने वन डे वर्लकप 2027 और T20 वर्लकप 2028 के फॉर्माट में कई बड़े बदलाव किये हैं
41:28जिसकी वज़े से अब हर एक मैच करो या मरो जैसा होगा
41:31जहां छोटी टीमों को बड़ा मौका मिला है तो बड़ी टीमों के लिए खत्रा बढ़ गया
41:36सबसे पहले बात करते हैं 50 ओवर के मैच की यानि वन डे वर्लकप 2027 की जो साउथ आफ्रिका जिंबाब्वे
41:43और नमीबिया में खेला जाना है
41:44इसका गणित और फॉर्माट आसान भाषा में समझते हैं
41:49अगले साल 4 अक्तूबर से 21 नवंबर तक खेले जाने वाले इस वर्लकप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी
41:56ये 14 टीमें आपस में 54 मैचे खेलेंगी
42:00पहले राउंड में सबसे नीचे की रांकिंग वाली 3 टीमों के बीच त्रिकोणिया मुकाबला होगा
42:06जिन में से सिर्फ एक टीम आगे जा पाएगी
42:09दूसरे राउंड में टॉप की रांकिंग वाली 11 टीमों
42:13और पिछले राउंड से आने वाली एक टीम को मिलाकर 12 टीम होंगी ये 6-6 के दो ग्रूप इसमें
42:21बटेंगी और तीसरे राउंड में पिछले दोनों ग्रूप की 3-3 टीम में पहुचेंगी और दोनों ग्रूप की बाकी 6
42:29टीम में से एक और बेस टीम अगले राउंड में पह�
42:39अगला राउंड सूपर सेवन का होगा जिसमें से सभी टीमें एक दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी इनमें से टॉप चार
42:48टीमें सेमी फाइनल में पहुंचेंगी जहां से फाइनल और फिर विजेता तै होगा
42:53यानि पहले जो टीमें एक ग्रूप स्टेज खेल कर सीधे आगे बढ़ जाती थी अब उन्हें सूपर सेवन के चक्र
42:58व्यू से गुजरना होगा जहां हर मैच टॉर्नमेंट की दिशाद तै करेगा
43:04असली सस्पंस और रोमांच आइसीसी ने फटाफट क्रिकेट यानि T20 वर्लकप में डाला है
43:09अस्ट्रेलिया और न्यूजिलेंड में होने वाली दोहजार अठाइस की T20 वर्लकप से सूपर एट का दौर हत्म हो रहा है
43:15और उसकी जगें एंट्री हो रही है सूपर टेन और एलिमिनेटर की
43:202024 और 26 के वर्लकप के फॉर्माट में पाँच पाँच टीमों के चार ग्रूप होते थे
43:26जिन में से दो-दो टीमें सूपर एट में जाती थी
43:31फिर सेमी फाइनल और फाइनल का सफर तय होता था
43:34लेकिन अब 2028 के T20 वर्लकप में चार-चार टीमों के पाँच ग्रूप बनाए जाएंगे
43:40हर ग्रूप में से दो टीमें अगले राउंड में जाएंगी
43:44यानि कुल दस टीमें अगले राउंड में होगी
43:47इन दस टीमों को पाँच-पाँच के दो ग्रूपस में माटा जाएगा
43:51यहीं सबसे बड़ा ट्विस्ट है
43:53दोनों ग्रूपस में टॉक पर रहने वाली एक-एक टीम सीथे सेमी फाइनल में एंट्री लेगी
43:58जबकि दोनों ग्रूपस में दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाली टीमें एलिमिनेटर राउंड में जाएंगी
44:03इन में से जीतने वाली दोनों टीमें सेमी फाइनल में पहुंच जाएंगी जहां से आगे का सफरता होगा
44:10ये फॉर्माट फैंस को भले ही रुमांचक लग रहा हूँ लेकिन तमाम एक्सपर्ट कुछ गंभीर आरोप लगा रहे हैं
44:15उनका कहना ये है कि भारत और पाकिस्तान के बीट ज्यादा मैच कराने के लिए ये किया जा रहा है
44:20ये बात जग जाहिर है ये ICC के रेविन्यू का 70-80 प्रतिशत भारतिया बाजार यानि ब्रोड्कास्टिंग राइट्स एड्स स्पोंसर्ज
44:28से आता है
44:30एक भारत-पाकिस्तान मैच की विवर्शिप और विज्यापंदरें किसी भी दूसरे मैच की तुलना में 5-10 गुना तक अधिक
44:38होती है
44:39इसलिए जब भी ICC कोई नया फॉर्माट लाती है तो उस पर कमर्शिल अजेंडा और भारत-पाकिस्तान को ज्यादा से
44:47ज्यादा भिडाने के आरोप लगते हैं
44:50अगर हम T20 World Cup 2028 के नय फॉर्माट को देखी तो ये आरोप काफी हद तक सही महसूस होंगे
44:56आपको
44:57इस फॉर्माट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बड़ी टीमें टॉर्मेंट में ज्यादा समय तक टिकी रहें जिससे
45:03व्यूवर्शिप बनी रहें
45:05नए फॉर्माट में चार-चार टीमों के पांच ग्रूप बनाय जा रहे हैं
45:09इसका मतलब कि शुरुवाती दौर में टीमें केवल तीन-तीन मैच खेलेंगी
45:13इस फॉर्माट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रूप स्टेज के बाद सूपर 10 होगा
45:18ICC की हमेशा यह कोशिश रहती है कि भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रूप में रखा जाए
45:232007 के वंडे वर्ल कप्स जैसे फॉर्माट में अगर भारत या पाकिस्तान जैसे टीम शुरुवाती एक या दो मैच हार
45:30कर बाहर हो गई थी
45:31तो ब्रॉड कास्टर्स को करूरों का नुकसान हुआ था
45:34नए सूपर टैन और एलिमिनेटर वाले फॉर्माट में बड़ी टीमों को वापसी का दूसरा मौका मिलता है
45:40अगर भारत या पाकिस्तान अपनी ग्रूप में टॉप नहीं कर पाते तो भी वो दूसरे या तीसरे नंबर पर रहकर
45:47इलिमिनेटर के जरिये समी फानल में पहुँच सकते हैं
45:50यानि ब्रॉड्कास्टर्स के लिए उनके मैचों की संख्या सुरक्षित रहती है
45:54हालिकि इसके सकरात्मक पहलू भी हैं जिसे भी नकारा नहीं जा सकता
45:58दरसल ICC ने दो बड़े लक्ष रखे हैं
46:01पहला अमेरिका, निपाल और स्कॉटलंड जैसी इमर्जिन टीमों को
46:06दूसरे दौर में ज्यादा मैच खेलने का मौका मिले
46:09दूसरा बड़ी टीमें ग्रूप स्टेज में हलके मैच खेल कर
46:13आसानी से क्वालिफाइन न कर पाएं बल पहले कई बार
46:17ग्रूप स्टेज के आखरी मैच बेवतलब हो जाते थे
46:19क्योंकि टॉप टीमें पहले ही क्वालिफाइ कर चुकी होती थी
46:22नए फॉर्माट में हर एक मैच का महत्वर रहेगा
46:24क्योंकि सीधे सेमी फाइनल में जाने के लिए
46:26ग्रूप में नंबर वन बरना जरूरी होगा
46:29इसलिए आप ग्रूप स्टेज का पहला मैच हो
46:31या सूपर टेन का आखरी मुकाबला
46:33रूमाच और दबाव 100% रहेगा
46:37यह रोप सही है कि
46:39फॉर्माट को इस तरह से लचीला बनाये गया है
46:41ताकि भारत और पाकिस्तान जैसी बड़ी और अधिक रविन्यू देने वाली टीमे
46:44ग्रूप स्टेज में एक आद उलट फेर का शिकार होकर
46:47टॉर्मेंट से जल्दी बाहर न हो
46:49ICCA से रूमाच बढ़ाने
46:51क्रिकेट को ग्लोबल बनाने
46:52इसका नाम देती है
46:54लेकिन परदे के पीछे
46:55ब्रॉडकास्टर्स का अर्बो डॉलर का निवेश
46:57इस बात को सुनिश्चित करवाता है
46:59कि टॉर्मेंट का फॉर्माट ऐसा हो
47:01जो दर्शकों को आखरी हफते तक
47:03टीवी स्क्रीन से बांध कर रख सके
47:09आज आपको क्रिकेट से जुड़ी
47:10एक और जरूरी खबर दिखाते है
47:12जिससे शायद क्रिकेट फैंस
47:14निराश हो सकते हैं
47:15चर्चा है कि रविवार को लॉड्स के अतिहासिक
47:17मैदान पर क्रिकेट इतिहास के
47:19एक सुनहरे अध्याय का अंत होने जा रहा है
47:22दावा किया जा रहा है कि टीम इंडिया के
47:24पूर्व कप्तान और दिगगत सलामी
47:26बल्लेबाज रोहिट शर्मा
47:27अपना आखरी वंडे मुकाबला खेलने उतर सकते हैं
47:31इस वक्त भार्थी क्रिकेट में
47:32बड़े बदलाव की आहट है
47:33सुत्रों के अनुसार
47:34बीसी सियाई की सिलेक्शन कमिटी
47:36और कोच गौतम कमभीर ने
47:382027 वंडे वर्ल्ल कप के
47:40रोड मैप को लेकर रोहिट शर्मा से चर्चा की है
47:43सिलेक्टर्स ने साफ कर दिया है
47:45कि वो भविश्य की ओर देख रहे हैं
47:47और यशस्वी जैस्पाल जैसे युवा बल्लेबाजूं को आगे
47:50मौका देना चाहते है
47:51ऐसे में इंग्लिंड के खिलाफ
47:53लॉड्स में होने वाला तीसरा वंडे मैच
47:55रोहिट शर्मा के अंतराश्रे करियर का
47:58विदाई मुकाबला हो सकता है
48:01सन्यास की इन अटकलों को तब और हवा मिल गई
48:03जब खबर आई कि रोहिट शर्मा के माता पिता लंदन पहुंचे
48:07बताया जा रहा है कि सेलेक्टर्स के साथ हुई बाचीत के बाद
48:09खुद रोहिट ने अपने माता पिता के लिए
48:12ये विशेश विवस्था की है
48:14ताकि वो लॉट्स के अतिहासिक मैदान पर उनके इस संभावित विदाई मैच के गवाह बन सके
48:20दरसल रोहिट शर्मा टी-20 और टेस्ट फॉर्माट को पहले ही अलविदा कह चुके हैं
48:24और इंग्लिंड का ये दौरा उनके लिए अभी तक कुछ खास नहीं रहा है
48:27हला कि तीन दोहरे शतकों के साथ 33 वंडे शतक लगा चुके इस महान के लाड़ी की विदाई को
48:33फैंस यादगार बनते देखना चाहते हैं
48:36अब देखना ये है कि इनटकलों में कितनी सचाई
48:40और अब सुबह उठकर जिस टूथपेस्ट से आप अपने बच्चे को ब्रश कराते हैं
48:44क्या वो वाकई टूथपेस्ट है
48:47रसोई में जिस नमक को आप देश का नमक कहकर चखते हैं
48:50क्या वो वाकई नमक ही है
48:52एक वक्त था जब लोग सिर्फ खुली चीजों में मिलावट से डरते थे
48:56सोचते थे कि दूद खुला है तो पानी मिला होगा
48:59हल्दी, मिर्ज, जीरा जैसे खुले मसाले हैं
49:02तो कुछ न कुछ मिला होगा
49:04मिठाई है तो मावा नकली हो सकता है
49:06इस वज़े से लोगों ने ब्रैंड्स का रुख किया
49:10ताकि उनके साथ एक जिम्मेदारी और भरोसा जुड़ा रहे
49:14चमचमाते रापर्स, बड़े-बड़े विग्यापन और भरोसे का वो नाम
49:18जिसके लिए हम अपनी जेब से और महनी कीमत चुकाते हैं
49:22लेकिन आज वो भरोसा भी तूट चुका है
49:24क्योंकि देश में मिलावट का नहीं ब्रैंडेड धोखे का दौर चल रहा है
49:28जहां सिर्फ मिलावट नहीं हो रही बलकि नामी कमपनी की पाकिंग में
49:33नकली माल की बिक्री हो रही है
49:35कुछ हाल की घटनाएं आपको बताते हैं
49:37जब नाम और पाकिंग तो नामी कमपनी की थी
49:40लेकिन बस माल नकली था
49:43शुरुवात करते हैं सबसे सस्ते और सबसे जरूरी स्वाद नमक से
49:47पुणे में पुलिस ने जब छापा मारा तो हैरान रहते
49:51देश के एक भरोसे मन ब्रैंड के पाकिट में नकली और घटिया नमक धडलने से पैक हो रहा था
49:56रैपर वही, फॉन्ट यानि लिखने का तरीका वही, चमक वही
50:00लेकिन अंदर जो भी भरा था, वो कम से कम टाटा का नमक नहीं था
50:05पुलिस ने भारी मात्रा में नमक, पाकिंग सामगरी, मशीने बरामद की
50:09ये गोदाम एक बड़े बिजनसमैन का था और तमाम इलाकों में इस नमक की सप्लाई हो रही थी
50:15बात इतनी नहीं है, कुछ दिन पहले गुजरात के कच में मशूर कोल्गेट टूथपेस्ट बनानी की अवैद फैक्टरी सील की
50:22गई
50:22दिल्ली में ब्रैंडेड टूथपेस्ट के नाम पर खतरनाक केमिकल्स को ट्यूब में भरा जा रहा था
50:28राजिस्थान के उदैपूर में सरस और अमूल ब्रैंड की पाकिंग में नकली घी का काला धंदा चल रहा था
50:35दिल्ली और घाजियाबाद में लिव 52, कलेवाम और जीरो डॉल जैसी दवाईयों की पाकिंग में चौक और स्टार्च भरा जा
50:43रहा था
50:44शातित दिमाग, ठग और लालच के सौधागरों ने जान लिया है कि हिंदुस्तान का आम आदमी आखें बंद करके ब्रैंड
50:50पर भरुसा करता है
50:51इसलिए उन्होंने सामान नहीं बदला, हूब भू वही राप पर वही रंग वही पाकेजिंग चुरा लिए
50:56आज धोखा खुली बोडी में नहीं बिक रहा, धोखा ब्रैंडड पैकेट में सील होकर आपके घर आ रहा है
51:03अब आप खुद से पूछिए आप किस पर भरुसा करेंगे, जब आपकी आखें जिसे सच समझ कर खरीद रही है,
51:09उस सबसे बड़ा जूट है
51:12ब्लाक और वाइट में आज के लिए इतना ही